इस शेर को वह बार-बार गुनगुनाती थी , अपने अन्दर उतार लेना चाहती थी इन शब्दों के दर्द को। दीप्ति की समझ में यह नहीं आ रहा था की दुनिया इतनी बनावटी क्यों है। यहाँ लोग इतने स्वार्थी क्यों है। उसने इतना उतार चढाव देखा की सब कुछ खोखला नजर आने लगा था। मन का दर्द और भी बढ़ता जा रहा था, इस अकेलेपन को कम करने के लिए उसने किताब लिखनी शुरू करदी, उसने जीवन के प्रत्येक पहलू में काम आने वाले लेख लिखे थे, अब तक वह अपने ग्राहकों को जिन बातों को सिखाती आयी थी, उन्हीं शब्दों को उसे किताब की शक्ल देना था। उसने यही किया भी। अपना तमाम अनुभव उस किताब में लिख दिया दीप्ति ने। वह नियमित रूप से लिखने लगी। उसे इस काम में बहुत संतोष होता था। उसे अपने जीजा की बहुत याद सताती थी, उसके साथ किया प्रणय क्रीडा आंखों के सामने उभर आता था। जब वह जवान थी तो कितने ही लोग उसका दामन थामने के लिए तैयार थे।ये सब पुराने दिनों की बातें थीं। वह सोच ही रही थी की उसको ग्राहक के आने की सूचना मिली। यह एक युवा जोड़ा थी , इनकी शादी अभी-अभी हुई थी। उन्होंने पुछा-
- बेहतर सेक्स लाइफ कैसे जियें?
deepti- अच्छी सेक्स लाइफ के लिए आपका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, इसके लिए महत्वपूर्ण बैलेंस्ड डाइट, थोडी बहुत एक्सरसाइज भरपूर नींद और ज्यादा चाय,कॉफी,सिगरेट या शराब का सेवन न करना। सस्ती सेक्स किताबों, पोर्नोग्राफिक फिल्मों और समाचार पत्रों मे आए दिन कई विज्ञापनों मे विशेष अंग के आकार या लंबाई को बढा-चढाकर एवं कम लंबाई को एक समस्या के रूप में दिखाया जाता है जिससे युवावर्ग भ्रमित हो जाता है और तनावग्रस्त होकर उल्टे-सीघे उपाय करने लगता है ये सब गलत है छोटे आकार से ऑर्गेज्म में कोई फर्क नही पडता, क्योंकि योनि का केवल एक तिहाई भाग ही सेंसिटिव होता है अत: सही सेक्स पोजीशन में छोटा लिंग भी पूरी तरह चरमोत्कर्ष दे सकता है। सेक्स करते समय किसी और पुरूष की कल्पना उत्तेजित करती है और सेक्स का आंनद बढाती है अत: कल्पना करें,इसके लिए मन में किसी तरह का अपराघबोघ न आने दे. इसमें कोई बुराई नही है। यदि पति-पत्नी दोनों वर्किग है, व्यस्त है, रात को देर से आते है, तो उनकी सेक्स लाइफ न के बराबर होती है। ऎसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का आनंद उठाएं। कुछ सालों के बाद सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है, इसलिए एक्सपेरिमेंट करते रहे, अलग-अलग पोजीशन ट्राई करें. कुछ ऎसा जो जिंदगी में रंग भर दे। सेक्स दोनों को शारीरिक ही नही मानसिक रूप से भी करीब लाता है यही जुडाव दांपत्य जीवन की नींव है. खुद का घ्यान रखना, संवरना, खूबसूरत दिखना जरूरी है। बढती उम्र के साथ-साथ सेक्स लाइफ को जीवंत रखना एक चुनौती है. इसके लिए फोरप्ले का समय बढाएं नए तरीके आजमाएं, अपने पुराने दिनों को याद करें, परंतु सेक्स करना बंद ना करें। यदि सेक्स की इच्छा है परंतु आप बहुत थके हुए व तनावग्रस्त महसूस कर रहे है तो डरावनी फिल्म या हॉरर शो देखें या 1 कप कॉफी पीएं, आपका दिल जोरों से घडकने लगेगा इससे शरीर में एड्रीनलीन की मात्रा बढ जाएगी, यही वह केमिकल है, जो सेक्सुअल एक्साइटमेंट (उत्तेजना)पैदा करता है।
उसकी बातों में दम था। वह युवा जोड़ा भी संतुष्ट हो गया। यही खासियत थी दीप्ति की।वह इन बातों को अक्सर बतलाती रहती थी।
Tuesday, October 27, 2009
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