Thursday, October 8, 2009
bhag-20 , 14 aktoobar ank ke liye , advance
दीप्ति का दिल बहुत साफ था, उसकी एक बस यही मजबूरी थी की वह अपने जीजा की मोहब्बत में गिरफ्तार थी, वह अपनी बहन का घर भी बरबाद नहीं करना चाहती थी लेकिन साथ ही अपने जीजा के करीब भी रहना चाहती थी, इसी कारण तो उसने उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में अपना सलाहकार सेंटर खोला था और फ़िर उसी को विस्तार देते हुए एक कोचिंग सेंटर भी खोल लिया था। उसने रिश्ते नातों को बहुत करीब से देखा था तभी तो इस बारे में गहराई से जानती थी और अपने स्टूडेंट को भी यही बताती थी। वह हमेशा कहती थी--रिश्तों का चक्र इस दुनिया में हमारे आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है। सभी रिश्ते हमारे लिए महत्पूर्ण होते हैं और उनका अपना-अपना महत्व होता है। लेकिन प्यार एक ऎसा रिश्ता होता है जिसे हम स्वयं चुनते हैं। प्यार की उमंगे किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही अंगडाई लेने लग जाती है। यह वह अवस्था है जिसके दौरान शरीर और हार्मोन्स में परिवर्तन होता है। इसके कारण किशोरवास्था में ऑपोजिट सेक्स के प्रति रूझान बढ जाता है। आपको उसका साथ अच्छा लगने लगता है। आप उसके बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं , तो समझिए आप अपनी खोज के नजदीक हैं। एक-दूसरे को समझें ,। दोनों को एक-दूसरे को समझने के लिए डेट पर जाना चाहिए। . अपने साथी की केमिस्ट्री समझनी चाहिए। एक दूसरे से मिलने और बातें करने पर दोनों में बहुत सी बाते कॉमन सामने आती है। एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। शांति से बैठकर अपने साथी की बातों को घ्यान से सुने, उन्हें समझने की कोशिश करें। रिश्ते का आंकलन करें :- किशोरावस्था में इतनी समझ नहीं होती कि आपके लिए कौन और क्या सही है और क्या गलत। आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण मात्र। पहले अपने रिश्ते को समझें फिर कोई कदम उठाएं। यहां आपको कुछ सवाल दे रहे हैं जो यह निश्चित करेंगे कि आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण । इनका जवाब आप स्वयं से पूछ सकते हैं। क्या आपका पार्टनर आपकी बातों को घ्यान से सुनते हैं जब आप कुछ कहते है ? क्या आप एक दूसरे के साथ समानता का व्यवहार करते है ? क्या आप एक दूसरे के प्रति स्त्रेह जताते हैं।एक दूसरे से जब भी मिलें, मुस्कुराएं। अपने साथी पर विश्वास करें। अच्छे और बुरे समय में अपने साथी के साथ रहे। उसका साथ न छोडें। एक दूसरे से छोटी-छोटी बातों पर झगडा नहीं करें। ऎसाकोई काम न करें जिससे आपके साथी को दु:ख पहुंचे। एक दूसरे से किये वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश करे। एक दूसरे की छोटी-छोटी बातों का घ्यान रखें जैसे अगर आपका साथी बिमार हो तो उसने दवाई ली या नहीं, खाना खाया या नहीं आदि। अगर आपके साथी में कोई बुरी आदत है, तो आप प्यार से उसे छुडाने की कोशिश करें। एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। कभी-कभी बिना कहे भी चेहरे से अपने साथी की बातों को समझने की कोशिश करें कि वह आपसे क्या कहना चाहता है। इन उपायों को अपनाने से घीरे-घीरे एक दूसरे के दिल में प्यार बढेगा। और आप अपने आकर्षण को प्यार में बदल सकने में काफी हद तक सफल हो पाएंगे।
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