- मेरे मन में अचानक ये क्या हो गया था ? इश्क का यह भूत बड़ी मुश्किल से उतर पाया है...
शेख- ओह, यह हमारे साथ क्या हो रहा है ? जब मेरी इच्छा होती है तो तुम इनकार करती हो और जब तुम्हारी इच्छा होती है तो मैं दजहीला हो जाता हूँ... हमारे प्यार को परवान चढ़ने से पहले ही किसी की नज़र तो नहीं लग गयी ? अब मैं किस मुह से कहूं की मैं तुम्हे संतुष्ट करने के लिए तैयार हूँ... बड़ी मुश्किल से मैंने अपने मन को मनाया है...डर इस बात का है की कहीं तुम्हें तैयार करने के चक्कर में मैं ख़ुद ही फेल न हो जाऊं...
चंदा- मैं आपकी बात ही मान लेती हूँ... अब जो होगा , वह कल देखा जायेगा...
शेख ने अपना सर पकड़ लिया ... उसको उदास देखकर चंदा ने उसके होठों से अपने होठ सता दिए... शेख के दिलो-दिमाग में एक बार फ़िर काम वासना का ज्वालामुखी भड़क उठा... वह चंदा की गोलाइयों को दबाने लगा... चंदा उसको मना करने के बजाय और उसे सहयोग कर रही थी... शेख पूछ बैठा-
- क्या तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता?
चंदा- नहीं अब तो प्यार आता है... पहले की बात अलग थी... पहले तो दुनिया के हर शख्श से मेरी घिग्गी बंधती थी... मैं यही सोचती थी की दुनिया में सब लोग उसी तरह के होते हैं...
शेख- क्यों ? आख़िर सबसे ऐसी नाराजगी कैसी ? इसके पीछे कोई तो कारण होगा?
चंदा- मेरे माता-पिटा बहुत गरीब हैं ... जब मैं बड़ी हुई तो उनको मेरे विवाह की चिंता सताने लगी... एक दलाल उन दिनोंम हमारे गाँव आया हुआ था... वह कई लोगों की नौकरी लगा चुका था... उसने मेरे घरवालों पर भो डोरे द्दलने शुरू कर दिए... उसने मेरी माँ से कहा की वह मेरी अच्छी नौकरी लगवा देगा...उसने यह भी कहा की उसकी नज़र में अच्छे खानदान के कई लड़के हैं...वह कहीं न कहीं बिना दहेज़ के रिश्ते का जुगाड़ भी लगवा देगा... वैसे मेरे परिजन मुझे काम पर भेजना नहीं चाहते थे लेकिन दलाल की चिकनी चिप्दी बातों में आ गए... वह दलाल मुझे मीठी-मीठी बातों में बहलाकर कोठे पर ले आया... उसने मुझे बेच दिया...
शेख- दुनिया में ऐसे लोगों की कमी नहीं हैं जो मजबूरी का फायदा उठाने से भी नहीं चूकते...अब क्या करोगी?
चंदा- मेरे पास अपने गाँव का कोई फोननंबर नही हैं वरना मैं अपनी कुशलता और अपने साथ हुए हादसे की जानकारी घरवालों को देती...
शेख - ऐसा गज़ब न करना , जानती हो तुम्हारे घरवाले बुरी तरह से डर जायेंगे... इस बात की चर्चा पूरे गाँव में फ़ैल जायेगी ... बैठे-बिठाए बदनाम हो जाना चाहती हो ?
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