Sunday, December 27, 2009

मोहब्बत , भाग-६०

स्वीटी- वाव... कितनी प्यारी बात करते हो, कहाँ से सीखीं ये सब बातें ? मुझे लगता है की हर रोज तुम्हारे पास बैठना चाहिए, सुनना चाहिए और समझकर अमल करना चाहिए, तुम हर मामले में गज़ब की क्षमता रखते हो. तुमसे बहुत प्यार हो गया है.

राज- खुद मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल है, रात को नींद हराम और दिन का सुकून गायब. मैंने सोच कर देखा की तुम्हारे बिना लाइफ जीकर देखता हूँ, मगर शायद अब ये सम्भव नहीं रहा. मोहब्बत का जो वायरस मेरे दिलो दिमाग में घुस गया है वह मेरी आत्मा में भी प्रवेश घुस गया है. दीवानगी से छाई है.

स्वीटी- सच ? आह , ये तो मेरे अपने शब्द हैं. मेरी अपनी भावनाएं हैं. मैं खुद ऐसे ही हालातों से दो चार हो रही हूँ, कल हम दोनों शराब के चक्कर में रह गए, पार्टी में ऐसा खुमार चढ़ा की फिर होटल में आँख ही मुंदने लगीं. तब यदि हम इतनी शराब नहीं पीते तो शायद ज्यादा इंजॉय कर पाते.

राज- मैं समझता हूँ की शराब पीना बुरी बात है लेकिन इसे कभी कभी पीना भी बुरा नहीं है , बशर्ते की वह लिमिट मात्रा में हो. सेक्स के बारे में भी अब मैं बहुत कुछ खुल गया हूँ और काफी कुछ नजरिया


भी बदल गया है. तुमसे मिलकर मैंने सोचा की इस छोटी सी जिंदगी में एक ही विचार को लेकर बैठना ठीक नहीं होगा, तभी मैंने अपने विचारों को नए सिरे से एडजस्ट करना शुरू कर दिया, यह एक नया अनुभव है, तुमसे मिलकर बहुत कुछ सीखने को मिला है.

स्वीटी जान गयी की अब राज मौज मस्ती के मूड में है, लोहा गर्म है, हथोड़ा मारने का समय है, उसने रोमांटिक होने के मूड में आने का भीने किया. राज की तरफ निगाहें तिरछी करके अदा से मुस्काते हुए बोली-

-आज बहुत हेंडसम लग रहे हो. मैंने तो अब तक देखा ही नहीं था, चेहरे की तरफ अब ध्यान दिया है. इरादा तो नेक है न ?

राज- ये तो तभी पता चलेगा जब अकेले में कहीं बैठकर बातें करेंगे. तुम बैठो गाड़ी में, एक जगह पर लेकर चलता हूँ, यहाँ मजा नहीं आएगा , यहाँ पर कुछ लोग जान पहचान वाले भी हैं. मैं चाहता हूँ की हम तुम साथ रहें तो कोई और पुछल्ला नहीं हो.

स्वीटी जान गयी की अब राज मौज मस्ती के मूड में है, लोहा गर्म है, हथोड़ा मारने का समय है, उसने रोमांटिक होने के मूड में आने का भीने किया. राज की तरफ निगाहें तिरछी करके अदा से मुस्काते हुए बोली-

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स्वीटी- काश...... ऐसा हो पाटा . मगर इस शहर में ऐसी सुरक्षित जगह मिलेगी ?

राज- हाँ , क्यों नहीं. पहले डिस्को चलेंगे , थोड़ी सी पियेंगे . डांस करेंगे और फिर आराम से बैठकर प्यार मोहब्बत की बातें करेंगे.

स्वीटी- ठीक है . आज गाड़ी खुद ड्राइव करने का ख़याल है क्या ?

राज- जो भी बातें लीक होती हैं उनको ड्राइवर ही करते हैं. दूसरी बात ये है की आजकल ट्रेफिक पुलिस बहुत कड़ी चेकिंग करती है अगर पीकर पकडे गए तो जेल जाना भी पद सकता हैं , इस मजबूरी में ड्राइवर भी रखना पड़ता है. ये सबसे बड़ी उलझन है.

स्वीट-तो क्या आज पीनी की इच्छा को दबाना पड़ेगा ?

राज- नहीं यार , मैंने उसका भी रास्ता निकाल लिया है, थोड़ी सी पियूँगा जिससे की कोई तकलीफ ना हो, भले ही पुलिस ना पकडे मगर अपने हित के लिए भी ज्यादा पीकर गाड़ी चलाना ठीक नहीं है.

स्वीटी खामोश हो गयी , वह उसके बगल वाली सीट पर बिट गयी, राज ने अपना करतब दिखाना शुरू कर दिया , स्वीटी की गोलाइयों पर हाथ फिराते हुए वह उसे गर्म करने प्रयास करने लगा. स्वीटी के दिल में चिंगारियां भडकने लगीं. राज भी उत्तेजित हो रहा था, उसके मन में कामवासना के भाव उमड़ रहे थे, जब तक कोई युवा लड़का किसी लड़की के संपर्क में नहीं आता तभी तक वह अपने आपको रोक पाटा है. वरना एक बार जब वह संपर्क में आया तो सब कुछ फिनिश हो जाता है, इंसान का खुद पर काबू नहीं रह पाटा. वह दीवाना होकर रह जाता है.

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