स्वीटी- नेहीं, नहीं मैं नहीं मान सकती। जरूर आपको सब कुछ मालूम है , मेरे ख़याल से हम लोगों से तो ज्यादा ही मालूम है। यहाँ पर बहुत शोर शराबा है, चलो इसके ऊपर कमरे में बैठकर आराम से बातें करते हैं। अगर हम लोग चाहेंगे तो वेटर वहीं पर सब कुछ सर्व करते रहेंगे।
राज- नहीं यार । अब घर चलना चाहिए। मुझे चढ़ गयी है।
स्वीटी- तुम अब लड़कियों जैसी बात कर रहे हो। जो बात हमें करनी चाहिए, ठीक वही।
राज- अच्छा ठीक है, अब ताना मत मारो चलो चलते हैं, किधर गयी सपना। हम तीनों वहीं पर इंजॉय करेंगे। वहीं पर सेक्स के बारे में मुझे जितना ज्ञान है , उसे बताऊंगा।
स्वीटी और सपना के होठों पर मुस्कान तैरने लगी। वही हो रहा था जिसे वे चाहती थीं, कमरा पहले से ही बुक कराया जा चुका था। सब कुछ सैटिंग से चल रहा था.पूरी योजना के तहत। सपना ने कमरा बंद करते हुए कहा-
- हाँ अब कहो क्या जानते हो सेक्स के बारे में।
राज - कुछ ख़ास नहीं बस यही की
संतुष्टिदायक सेक्स न केवल शारीरिक सुख से जुडा है, बल्कि इसका भावनात्मक पहलू भी अत्यंत महत्तवपूर्ण हैं। जब पुरूष एंव महिला का आपसी शारीरिक संसर्ग होता है,तो महिला में हारमोन का उत्पादन बढ जाता हैं। हारमोन की अघिकता महिलाओं को सेक्स में आक्रामक बनाती है,साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी भर देती है। तनाव से प्रभाव- सेक्स संबंघो में तन के साथ-साथ मन का समर्पण भी जरूरी है। यदि पत्नी के दिल को पति की किसी बात से चोट पहुंची है, तो सेक्स के लिए उसका तनमन न तो पति को सहयोग दे पाएगा, न ही वह सहवास के दौरान उत्तेजना महसूस कर पाएगी। यही बात पत्नी पर भी लागू होती है। यदि पति किसी बात से तनावग्रस्त है तो इस से पति की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पडेगा। इस्ट्रोजन और टेस्टास्टेरान हारमोन दोनों महिला के अंग में चिकनाहट उत्पन्न करते हैं और सेक्स को चरम आनंद की ओर ले जाते हैं। यह चरम आनंद ही महिला को संतुष्ट एंव खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। यदि महिला के शरीर में इन हारमोन की कमी को जाती है, तो महिला के अंग मे रूखापन आ जाता है। इसके कारण उसे चरम आनंद की प्राप्ति नहीं हो पाती। स्वस्थ सेक्स का संबंघ मानसिक रूप से अघिक जुडा होता हैं। अगर आप सेक्स के दौरान मानसिक रूप से संतुष्ट हैं तो निश्चित रूप से आप के चेहरे पर रौनक एंव आत्मविश्वास झलकेगा। यदि सेक्स से पूर्व आप तन और मन दोनो से पूर्णत: समर्पित हैं तो आप को चरमसुख की प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। एक संतुष्ट सेक्स दोनो पार्टनर के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक संतुष्ट सेक्स ताजगी भरा एहसास, आत्मिक संतुष्टि एंव ऊर्जा प्रदान करता है, जो आपके सौंदर्य को कई गुना बढा देता है। सेक्स से पूर्व फोरप्ले एवं कल्पनाशीलता सेक्स को और भी उत्तेजक बनाता है। सेक्स में स्पर्श तथा नएनए आसन पति-पत्नी में प्यार व निकटता को बढाते हैं। एक संतुष्ट सेक्स संबंघो को मघुर बनाता है और तन एवं मन को खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। मिठास फोरप्ले की - सेक्स को सफल बनाने के लिए संसर्ग के दौरान अपने साथी के मुँह, होंठो गर्दन इत्यादि शारीरिक अंगो की तारीफ करनी चाहिए। यदि मन के भाव एंव नैनो की भाषा पढ कर पति संसर्ग करे तो महिला की नजर में यह पुरूष की मर्दानगी को बढाता हैं। महिलाओको सेक्स में आराम, सुकून एवं फोरप्ले द्वारा दी गई घीमी प्रक्रियाएं बहुत उत्तेजित करती हैं। इससे दोनो मिलकर सेक्स के चरमसुख को प्राप्त कर स्फूर्ति एवं खूबसूरती हासिल कर सकते हैं। सेक्स एक ऎसी प्रकिया है, जो शारीरिक एवं मानसिक अभिव्यक्ति व्यक्त करने का कुदरती माघ्यम है। जिस व्यक्ति का मन-मस्तिष्क जितना स्वस्थ होगा, उसकी सेक्स अभिव्यक्ति भी उतनी ही आनंदमय होगी। तनाव व चिंता से मुक्त सेक्स से रोम-रोम पुलकित हो उठता है और तन-मन में नई स्फूर्ति एवं खूबसूरती का एहसास होता है।
सपना - मैंने काहा था न राज छिपा रुस्तम है, पहुंचा हुआ उस्ताद।
स्वीटी- हाँ यार, इतनी जानकारी तो हमको भी नहीं थी। ये तो कमाल हो गया। और कुछ सुनाओ न।
राज- लास्ट में यही की शादी से पहले कभी भी शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनने चाहिए।
Friday, December 11, 2009
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