मुंबई। मुंबई में सोमवार की रात महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने सोते हुए पंडितों और साधुओं पर लाठियों से हमला कर दिया। घटना एक मंदिर परिसर की है। चौकाने वाली खबर यह है कि जिस वक्त यह हमला हुआ उस वक्त मंदिर परिसर से कुछ ही दूरी पर पुलिस की गश्त चल रही थी। मनसे कार्यकर्ताओं के भागने के बाद पुलिस वहां पहुंची और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
ऐसा माना जा रहा है कि अखिल भारती ब्राह्मण सभा द्वारा राज ठाकरे को थप्पड़ मारे जाने पर घोषित किए गए ईनाम की खबर के बाद यह कदम उठाया गया है। इस बार ठाकरे की पार्टी ने सीधे पंडितों और साधुओं पर निशाना साधा है।
मनसे कार्यकर्ताओं के मुताबिक वो मराठियों और राज ठाकरे का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ज्ञात हो की कुछ दिनों पहले दिल्ली में एक ब्राम्हण संगठन के बडबोले पदाधिकारी ने यह एलान कर सनसनी फैला दी थी की राज ठाकरे राष्ट्रद्रोही है और जो कोई राज ठाकरे को थप्पड़ मारेगा उसको एक करोड़ का इनाम दिया जाएगा, समझा जाता है की साधुओं को पीटने का मामला भी उसी का बदला लेने के लिए किया गया हो सकता है ,वैसे इस बयान को किसीने ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। उत्तर भारतीयों ने भी इस बयां को पब्लिसिटी के लिए दिया गया छिछोरा बयान दिया था। रह ठाकरे ने भी इस बयान पर कोई प्रतिक्रया व्यक्त नहीं की थी। हांलाकि अभी तक इस मामले में किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस का कहना है की जब कोई शिकायत दर्ज कराएगा तो उचित कार्रवाई की जायेगी। एक मनसे नेता ने बताया की साधुओं के पीटने वाले लोग मनसे के नहीं थे। फिलहाल साधुओं की पिटाई का मुद्दा भड़कने के आसार दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक दल भी इस पर रोटियां सेक सकते हैं।
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