अब तुम बिन कैसे जिया जाएगा ? भगवान् ने तुम्हें मेरे पास इसीलिए भेजा है ताकि हम दोनों एक साथ मिलकर रह सकें... जब तक ऊपर वाले की मर्ज़ी नहीं होती , तब तक इंसान कुछ नहीं कर सकता...
सलीम- बहुत सही... तुमने बिल्कुल ठीक पहचाना है... यहाँ हर काम मालिक की रजामंदी से ही होता है... पत्ता- पत्ता उसका मोहताज है... हमारी हर साँस उसीकी देन है... सबका मालिक एक है... वो तो हमने यहाँ आकर अलग-अलग धर्म या जातियाँ बना डाली हैं...
आशा- इस दुनिया के हिसाब से भले ही तुम्हारा मज़हब दूसरा है, मगर मैं इस बात को नहीं मानती... मुझे तो तुम अपने जैसे ही लगते हो...
सलीम- मुझे भी तुम अपनी बिछुडी हुई प्रेमिका नज़र आती हो... मानो, तुम पहले किसी जन्म में मुझसे जुदा हो गयी हों...
आशा- मेरा जिस्म झुलस रहा है... तन-मन तरस रहा है....
सलीम- फिक्र ना करो, मैं तुम्हारी समस्या अच्छी तरह से जान गया हूँ... इसका समाधान इसी प्रकार होगा, जैसे वो काला हवसी फ़िल्म में कर रहा है...
आशा- ना बाबा... ऐसा ना करो, ये गज़ब कभी मत करना ... मेरे प्राण निकल जायेंगे... मर जाउंगी मैं...
सलीम- ऐसा तुम्हें सिर्फ़ लगता है... होगा कुछ नहीं... मस्ती तो तभी आएगी, जब कुछ अलग होगा...
आशा की आँखें हैरत से सिकुड़ती चली गयीं... वह अश्लील फ़िल्म देखने में मस्त थी...एक काला हवसी नाबालिग़ लड़की की यौवन पंखुडियों को बुरी तरह से मसल रहा था... उसका हावी होने का अंदाज़ बेहद भयानक था... एक बार तो आशा का दिल भी चाहा की वह भी उसके जैसा खेल खेल ले , मगर कुछ सोचकर वह चुप हो गयी... सलीम उसके जिस्म को चूम रहा था... जब उसका हाथ आशा की जाँघों पर फिसलता तो वह आह भरके रह जाया करती थी... सलीम की उँगलियाँ धीरे-धीरे उसके यौवन द्वार पर हरकत करने लगीं तो आशा बहुत आह भरने लगी... सलीम ने पूछा-
-अब तो आनंद आने लगा होगा ना ?
आशा-नहीं... बिल्कुल नहीं... अब तो पहले से भी ज्यादा बेचैनी होने लगी है...यूँ लगता है जैसे की मेरे शरीर में किसी ने बम फिट कर दिया है... अब यह बम फटने के कगार पर है...
सलीम - प्यार का यह खेल ऐसा होता है की इसमें पहले बदन को तकलीफ देनी ही पड़ती है... बाद में जो सुख मिलता है वह हमेशा याद रखने लायक होता है...
सलीम को अब महसूस लगा था की आशा कामूत्तेजना के शिखर पर बैठ चुकी है... मंजिल पर पहुचाये बिना उसे चैन आने वाला नहीं था...उसने शरबत का एक गिलास आशा को पीने के लिए दे दिया... यह वही शरबत था जो सलीम ने उसको ट्रेन में पिला दिया था... उस शरबत में कामोत्तेजना बढ़ाने वाला तथा नशीला पदार्थ मिला हुआ था.
Saturday, August 23, 2008
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