बिजली- ये मर्द लोग भी न, बड़े स्वार्थी होंतेहैं... अपने मतलब के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं और जब मतलब निकल गया तो ;पहचानते भी नहीं...
सलीम - ये तुम्हें किसी ने ग़लत जानकारी दी है...
बिजली- तुम बातें तो बहुत अच्छी करते हो... आज तुम्हारा दम भी देख ही लेती हूँ...
सलीम- तुम्हारी कोठा मालकिन भी मुझे अब तक याद करती है... इसीसे तुम मेरे दम का अनुमान लगा सकती हो... अपने मुह से अपनी तारीफ क्या करूँ, सब बातें तुम्हें आशा ने भी सुना ही दी हैं...
उसकी बहकी -बहकी बातें सुकर बिजली मन ही मन कुढ़ रही थी... वह चाहती थी की सलीम उससे शारीरिक सम्बन्ध न बनाए, लेकिन यह बात वह अपनी तरफ़ से कहना नहीं चाहती थी...उसकी इच्छा थी की सलीम ख़ुद ही इनकार कर दे ...वह जानती थी की जैसेही सलीम उसके साथ हम बिस्तर होगा, वैसे ही वह ऐड्स का शिकार हो जायेगा... बिजली बेहद खूबसूरत थी लेकिन ऐड्स ग्रस्त थी... आशा ने अपना बद्ला लेने के लिए यह साजिस रची थी... इस काम के लिए बिजली को अच्छी -खासी रकम भी मिलती थी... सलीम इस सबसे बेखबर था... वह अपने पूरे कपड़े उतार कर बैठ गया... उसने बिजली को पूरी तरह से निर्वस्त्र कर दिया... वह मुस्कराने लगी... आशा तो पहले ही उन दोनों को ऐसी दवा पिला चुकी थी, जिसे पीकर वे दोनों कामोत्तेजना की आग में झुलसने लगे थे.... सलीम जल्दी के मूड में नहीं था इसके बावजूद वह अपने मन पर काबू नहीं रख पा रहा था... उसको यह समझ कर हैरत हुई की उसका अपने आप से पूरी तरह से नियंत्रण हट चुका था... बिजली ने उसको अपने ऊपर खींच लिया... सलीम बोली-
- कंडोम कहाँ है ? निकालिए...
बिजली- उसकी क्या जरुरत है... मुझे वह अच्छा नहीं लगता... बड़ी गिल -गीली सी लगती है...
सलीम- बिना कंडोम के यह सब करना ठीक नहीं होता...
बिजली- इसमें हर्ज भी क्या है ... एक बार कर लेते हैं ... बाद में लगा लेंगे ...
सलीम थोडी देर तक तो तर्क देते रहा , मगर बिजली की जिद के आगे झुक गया... उसने सोचा की आशा के मुताबिक अभी एक ही ग्राहक ने उसकी नथ उतारी है... उस समय तो कंडोम लगाया ही होगा... फ़िर अब इसकी क्या जरुरत है... और फ़िर एक बार से क्या होता है ? उसकी इसी सोच के कारण वह बिजली के झांसे आ गया... अगले ही पल वे दोनों एक दूसरे में समाने लगे ... बिजली चीख रही थी... सलीम बड़ी बेदर्दी के साथ हावी हो रहा था... वह चाहता था की जितने हो सकें उतने जोर-जोर से प्रहार किए जाएँ ताकि बिजली उसकी मर्दानगी की कायल हो सके...उसने बिजली से पूछा-
- अब कैसा लग रहा है ?
बिजली - बहुत दुःख हो रहा है ...
सलीम- बस थोडी देर रुको, जितना दुःख हो रहा है , उससे कई गुना सुख मिल जाएगा...अगर मुझसे मेरे मन की बात जानो तो मैं बहुत खुश हूँ... सचमुच, कंडोम से इतना मज़ा नहीं आता...
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