Sunday, March 6, 2011
अमृता - मेरी भाभी कल रात उस अधेड के साथ जिस्मानी सम्बन्ध क्यों बना रही थी ?
पूजन- इसमें दो बातें हो सकती हैं, एक तो ये की तुम्हारी भाभी तुम्हारे भाई से संतुष्ट नहीं हो रही होगी . जिस जोश और सुख की चाहत भाभी को होगी, उस पर तुम्हारे भाई खरे नहीं उतर रहे होंगे .
या फिर दूसरा एक कारण ये भी हो सकता है की तुम्हारे भाई भद्र पुरुष होंगे मगर भाभी को बिस्तर पर ज्यादा रंगीनियाँ पसंद होंगी , ज्यादा से मतलब ये है की जिस प्रकार से तुमने उस व्यक्ति को भाभी के यौवन
द्वार को चाटते हुए देखा, उसी साफ़ होता है की तुम्हारे भाई से भी वह इसी तरह की उम्मीद रखती होगी, उम्मीद पूरी न होने पर उसने अपने पूर्व प्रेमी को बुला लिया होगा.
अमृता- तुम लव गुरु हो या सेक्स गुरु ? या फिर किसी और तरह के गुरु हो ? हम यहाँ पर कामसूत्र का ज्ञान लेने नहीं आये हैं बल्कि कविता कैसे लिखी जाती है यह सीखने के वास्ते आये हैं .
पूजन- गुरु का काम होता है ज्ञान बांटना , मैं भी वही कर रहा हूँ. अगर तुम्हें कविता , गीत या गज़ल सीखना था तो फिर उसकी ही चर्चा करना चाहिए थी. मगर ऐसा नहीं है. तुम कुछ और ही पूछ रही हो .
तुम कुछ और ही बता रही हो. इस वक्त तुम्हें अपनी नई कविता सुनानी चाहिए तो उसकी जगह पर तुम अपनी भाभी की रंगीन रातों का जिक्र कर रही हो. तुम खुद स्वीकार करती हो की जब तुम्हारी भाभी
अपने आशिक के साथ रंगरेलियां मना सकती है और ऐसे समय तुम भी गर्म हो सकती हो तो मैं गर्म क्यों नहीं हो सकता ? और मै इस तरह से क्यों नहीं सोच सकता की अब भी तुम गर्म हो रही होंगी .
अगर मेरी बात सच है तो आओ मेरी बांहों में समा जाओ और अपने जिस्म की प्यास बुझालो.
अमृता- यह फिल्म नहीं असली जिनदगी है, अभी -अभी हम मिले हैं. बातचीत हुई है और आप अभी से चाहती हैं की हम दो जिस्म एक जान हो जाएँ .
पूजन- मैं अपने लिए नहीं बल्कि तुम्हारी इच्छा पूरी करने के लिए ऐसा चाहता हूँ, मेरी कोशिश है की तुम्हें परेशानी न उठानी पड़े. तुम्हारी बातों से लगता है की तुम्हें जिस्मानी भूख सता रही है.
अमृता- बात बनाना तो कोई आपसे सीखे . अगर आप उस वक्त वहाँ पर मौजूद होते तब पता चलता की अपने आप पर संयम कैसे रखा जाता है ?
पूजन- वो कैसे भला , अब बीच में टोकूंगा नहीं , बता दीजिए. पूरी कहानी बतलाइये . जब तुमने देखा की वह व्यक्ति भाभी के यौवन द्वार को चूम रहा है तो तुम्हें कैसा महसूस हुआ ?
अमृता- थोड़ी देर के बाद उसने अपना मुंह वहाँ से हटाया तो भाभी ने उसके होठों से अपने होठ सटा दिए और अपनी जीभ उसकी जीभ के अंदर डाल दी. मैंने एक बार फिर ऐसा महसूस किया जैसे किसीने मेरे
शरीर के अन्द्रूने हिस्से में बम फिट कर दिए हों और कोई उसमे विस्फोट करना चाह रहा हो.
पूजन- वाकई , बेहद कामोत्तेजक सीन था.उन लोगों को किसीका डर नहीं था ?
अमृता- वह व्यक्ति बोल तो रहा था की दरवाजा बंद कर डालो , वरना कोई देख सकता है मगर वह नहीं मानी , बोली-
-छोडो मेरी जान , ऐसी कोई बात नहीं है. लड़की सो रही है. जब वह सोती है तो घोड़े बेचकर सोती है.
आशिक- उसे लड़की कहती हो, मैंने नजर मारकर देखा तो उसके सीने पर भी पहाडियां दिखने लगी हैं. आराम से सुहागरात मनाने लायक हो गयी अहि.
भाभी- चुप करो यार, पहले मेरी ही पूर्ती डाल दो, उसके बाद किसी और का ख्याल करना.
आशिक- एक अबर अपनी नांद के साथ भी मौज मस्ती कारों न, अभी तक नया माल नजर आता है, क्या अनछुआ है >_?
भाभी- हाँ, अनछुई भी है और नक् चिढी भी, तुम उसकी नाद में मत लगो. जों करना है मेरे साथ करो और सुबह होने से पहले ही चलते-फिरते नजर आओ .
आशिक - दरअसल, उसे देखकर मन बहक गया है, अगर तुम उसे मना लाओ तो मजा आ जाए . जों चाहोगी वही दूंगा . मुंह मागा इनाम .
भाभी- मैं उसे कैसे मना सकती हूँ, मानाने के चक्कर में ऐसा होगा की हामारा भी भांडा फूट जाएगा और हम दोनों कहीं के भी नहीं रहेंगे. घरवालों को पता चला तो मेरी खाल में भूसा भर देंगे .
आशिक- कुछ नहीं होगा, तुम डरती बहुत हो. आज तक कुछ हुआ क्या जों अब हो जाएगा.
अमृता- तो फिर कोई रास्ता तो बताओ, चलो मैं तुम्हारी ही बात मान लेती हूँ, अगर मुझे तुम्हारी योजना पसंद आई तो उस पर अमल करने का प्रयास करूंगी .
आशिक- उसे थोड़ी सी शराब पिलादों, उसके विचार बहकने लगेंगे , फिर उसे अपने पास सुलालो और जी भरके शराब पिलादों, इसके बाद तुम कोई अश्लील फिल्म चला देना. जब उसकी भावनाएं भडकने
लगें तो उसकी सहमति से मुझे बुला लेना. मैं थोड़ी ही देर के बाद इस कमरे में आ जाउंगा. इस तारह मजा आ सकता है.
अमृता- रहने दो एयर, कच्चा प्लान है, बात बनेगी नहीं. ऐसा करो, मेरे साथ ही एक बार ज्यादा आनंद ले लों
जयपुर की मालवीय नगर पुलिस ने नीदरलैंड में लता मंगेशकर, नितिन मुकेश समेत अन्य कलाकारों का शो कराने के नाम पर 93 लाख रूपये ठगने के आरोप में एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। सांस्कृतिक शो के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले रवि सैनी और राखी सैनी लम्बे समय से फरार है।
मालवीय नगर पुलिस सूत्रों के अनुसार राधिका सांस्कृतिक सोसायटी के पदाधिकारी रवि सैनी और राखी सैनी ने हालैड निवासी उदय सिंह से श्रीराम मंदिर, हालैंड में लता मंगेशकर, नीतिन मुकेश समेत अन्य कलाकारों का गत सितम्बर में शो करवाने के एवज में 93 लाख रुपये ठग लिए।
उन्होंने बताया कि तय तिथि पर शो नहीं होने पर आयोजक ने दोनों से रुपया वापस लौटाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि उदय सिंह की अभियुक्तों से मुलाकात भी हालैंड में ही हुई थी।
सूत्रों का कहना है कि रवि सैनी और राखी सैनी रूपया लौटाने का झांसा देते रहे। कुछ समय तक आयोजक और अभियुक्तों के बीच ई-मेल से सम्पर्क रहा बाद में यह सम्पर्क भी टूट गया। उन्होंने बताया कि आयोजक उदय सिंह की ओर से रवि सैनी और राखी सैनी के खिलाफ शुक्रवार को रिपोर्ट देने पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि माडल टाउन निवासी रवि सैनी और राखी सैनी घर से फरार हो गए हैं। रवि सैनी और राखी सैनी भाई बहन बताए जाते हैं। घर पर माता पिता के अलावा कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस, देश विदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाने वालों से रवि सैनी और राखी सैनी के बारे में सुराग लगाने में जुटी हुई है। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों के लिए पुलिस दल रवाना किए ह
छोटी बेटी ने मुकदमा दर्ज करवाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में मां और बाकी आरोपियों की घिनौनी करतूत बयान कर दी थी। डीसीपी नार्थ अशोक नरूका ने बताया कि जयलाल मुंशी का रास्ता नाहरगढ़ निवासी आरोपी मां शकुंतला और उसके प्रेमी कोलियान जमवारामगढ़ के कुख्यात बदमाश देवाराम राठौड़ (41) को गिरफ्तार किया है। एसीपी नरपतसिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने शनिवार को रामचंद्रपुरा में दबिश दी और किराए के मकान में रह रहे और लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसीपी नरपत सिंह राठौड़ ने बताया कि देवाराम राठौड़ के खिलाफ मारपीट, अपहरण, दहेज अत्याचार, धोखाधड़ी और यौनशोषण के एक दर्जन मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों का बाप देवाराम राठौड़ लंबे समय से शकुंतला का परिचित था। दो किशोर बेटियों को साथ लेकर शकुंतला देवाराम के साथ भाग गई थी। बाद में देवाराम शकुंतला की दोनों बेटियों को भी बुरी नजर से देखने लगा। बेटियों ने जब देह व्यापार में जाने का विरोध किया तो देवाराम ने अपने साथी बाबूलाल गुर्जर और विश्राम गुर्जर से मिलकर उनके साथ ज्यादती की।
यह शोषण लंबे समय तक चलता रहा। बड़ी बेटी ने मां से शिकायत की तो वो भी आरोपियों का साथ देने लगी। आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर बड़ी बेटी ने 6 मार्च 2010 को फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने मां और उसके प्रेमी देवाराम, बाबूलाल और विश्राम गुर्जर की सारी करतूत लिख दी। घटना वाले दिन शकुंतला ने थाने में जाकर सामान्य मौत का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की तो सारे मामले का भंडाफोड़ हुआ। एफएसएल जांच में भी सुसाइड नोट के लिखावट की तस्दीक हो चुकी है।
छोटी बेटी ने बताई सारी कहानी: आरोपी देवाराम साथी बाबूलाल को हमेशा छोटी लड़की के साथ रखता था, जिससे वह किसी को उनकी करतूत नहीं बता सके। बड़ी बहन ने जिस दिन आत्महत्या की उस दिन छोटी बेटी जमवारामगढ़ में 8वीं की परीक्षा देने गई थी। जब पुलिस ने बयान लिए तो वो फूट पड़ी। मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत हुए बयानों में उसने सारी कहानी बयान कर दी थ
बिहार. पश्चिम चंपारण. बिहार के बगहा जिले के पट्खैली ओपी थाने में एक महिला से साथ पुलिस के दो जवानों द्वारा बीती रात बलात्कार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, थाने में दो पुलिसकर्मियों ने ही उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।
प्राप्त खबर के अनुसार यह महिला उत्तरप्रदेश के कुशीनगर जिले की रहने वाली है। सुनीता देवी (काल्पनिक नाम) नामक यह महिला शादीशुदा है। इसे बगहा के पट्खैली निवासी राधिका देवी के बेटे से इश्क हो गया। इसके बाद राधिका देवी के बेटे ने महिला को भगा ले गया।
महिला के पति राजकिशोर सिंह ने कुशीनगर थाने में इस बाबत प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी प्राथमिकी के आधार पर कल रात पुलिस ने राधिका देवी के आवास पर छापा मारा। वहां, उनका बेटा तो नहीं मिला लेकिन महिला मिल गई। इस महिला को पूछताछ के लिए पुलिस अपने संग थाने ले आई।
पुलिस ने उसे रात भर लॉक अप में रखा। इसी रात होमगार्ड के जवान मुन्ना खान ने एक अन्य के साथ मिलकर महिला के साथ बलात्कार किया। सुबह होते ही महिला ने जोर-जोर से चिल्लाकर दरिंदे पुलिसवालों की कारस्तानी सुनाई।
मामला एसपी अनिल कुमार सिंह तक जा पहुंचा। एसपी ने महिला की मेडिकल जांच के आदेश दिए, जिसके बाद रेप की पुष्टि हो गई। एसपी के आदेश पर दोनों जवानों के खिलाफ उसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई ह
Saturday, March 5, 2011
इसी कारण नींद गायब हो गयी होगी और टीवी देख रही होंगी. मगर मेरा यह अनुमान गलत निकला . क्योंकि इस बार जों आवाज मेरे कानों में पडी यह भाभी की सेक्सी और बहकी हुई आवाज थी . वह कह रही थी-
- तुम्हारे साथ सेक्स का जों आनंद मिलता है वह अपने आपमें में अदभुत है. मेरा पति तो बुद्धू है. वह कुछ नहीं कर पाता. अगर तुम नहीं आते तो मैं तो यहाँ पर शादीशुदा होकर भी कुंवारा जीवन गुजार रही होती .
पूजन- क्या बात कर रही हो ? क्या वह जोर-जोर से बोल रही थी ?
अमृता- हाँ, रात में तो वैसे भी थोड़ी आवाज भी ज्यादा सुनाई देती है. मैं उसकी आवाज को स्पष्ट सुन सकती थी, मैंने ऊपर वाले कमरे में जाने का मन बना लिया. सधे क़दमों से मैं वहाँ तक पहुँच गयी जहाँ भाभी उस व्यक्ति
की बांहों में बिलकुल नग्न अवस्था में पडी हुई थी. वे दोनों नशे में धुत थे और ऐसी अवस्था में थे की जिसे याद करते ही मैं उत्तेजक हो जाती हूँ.
अच्छा , मुझे भी तो बताओ . मैं भी उत्तेजक होना चाहता हूब ताकि तुमने जों आनंद छिप-छिपकर लिया था मैं भी उसे प्राप्त कर सकूं. विस्तारपूर्वक बताओ उस रात तुमने क्या देखा ?
अमृता- बता तो रही हूँ, भाभी बिलकुल नग्न अवस्था में थी, एक व्यक्ति अपनी जीभ से भाभी की जाँघों के बीच में चाट रहा था, मुझे बड़ा बुरा लगा . मै साढ़े क़दमों से ऐसी जगह पर खड़ी हो गयी जहां से सब कुछ साफ़ देख
सकती थी, हांलाकि मै उनमे से किसीको नहीं दिख रही थी. इशक की आग में वे दोनों इस कदर ताप रहे थे की उन्हें दरवाजा बंद करने का भी ध्यान नहीं रहा रहा. उस व्यक्ति ने एक भाभी के यौवन उभारों को भी अपने हाथों से दबा
रखा था. भाभी की सिसकारियाँ निकल रही थीं. वह जोर-जोर से ऐसी आवाजें. निकाल रही थीं जिससे मेरे भी रोंगटे खड़े हो गयी. वासना की जोरदार आंधी चल रही थी. मैंने अपने यौवन की घाटी में उँगलियाँ फिरानी शुरू करदी ,
उन लोगों के साथ-साथ मैं भी कामोत्तेजक हो रही थी. मैंने अपने उभारों को अपने ही हाथों से दबाने लगी मगर उतना सुख नहीं मिल पा राह था. मै बेचैन होने लगी थी. मैं कल्पना करने लगी की वह व्यक्ति भाभी की बजाय
मेरे यौवन की घाटी को चूम रहा है. मैं कामुक हो चुकी थी.
पूजन- तो मुझे याद किया होता. मेरे रहते अगर तुम अपनेइन यौवन उभारों को सहलाओगी तो मेरे ये हाथ फिर क्या करेंगे ?
अमृता- ओह, आप मेरी बेचैनी को समझ नहीं सकते. उस समय मेरे से क्या बीत रही थी ?
पूजन- मेरा ख़याल है की इस वक्त भी तुम कुछ कम बेचैन नहीं हो, यहाँ तक की मेरा हथियार भी कड़क होकर फुँकारने लगा है.
अमृता- अपनी भावनाओं को काबू में रखो गुरु जी. आप मेरे टीचर हैं. आप सिर्फ सिखा सकते हैं, प्रयोग नहीं कर सकते.
पूजन- मैं इस वक्त तुम्हारा साथी , तुम्हारा दोस्त हूँ, इसके सिवाय और कुछ नहीं. एक अच्छा साथी ही किसी दूसरे का दर्द समझ सकता है. तुम्हारी बेचैनी को मैं अच्छी तरह से महसूस कर सकता हूँ . और मेरी क्या इच्छा
है, यह सम्जहने में तुम्हें भी देर नहीं लगेगी. मुझे उम्मीद है की हम दोनों एक दूसरे की तकलीफ को समझने लगे हैं.
अमृता- जी नहीं, अभी नहीं. हमें अभी काफी वक्त लगेगा. इतनी जल्दी कोई कैसे किसीके दिल की बात समझ सकता है ?
पूजन- वो हुनर हमने अपने आप में विकसित कर लिया अमृता, तुम बची हो और हम सिखाने की कोशिश भी कर रहे हैं.
अमृता- मै आपसे कविता के गुर सीखना चाहती हूँ.
पूजन- जब तक दो दिल न मिलें, जों जिस्म न मिलें तब तक शब्दों का मिलना अधूरा ही रहता है.
अमृता- पहले ये बताइये की महिलायें अक्सर अपने से बड़े पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना क्यों पसंद करती हैं ?
पूजन- क्योंकि ज्यादा उम्र के पुरुष अनुभवी होते हैं, उन्हें काम क्रीडा का भी अच्छा खासा ज्ञान होता है. वे अपनी महिला पार्टनर के साथ अच्छा बर्ताव करते हैं और जिम्मेदारी के साथ सम्बन्ध बनाते हैं. जबकि नए लड़के
इसके विपरीत काम करते हैं, नए लड़के अनाड़ी होते हैं और उनके प्यार में गंभीरता कम , छिछोरापन ज्यादा होता है.
अमृता - मेरी भाभी कल रात उस अधेड के साथ जिस्मानी सम्बन्ध क्यों बना रही थी ?
पूजन- इसमें दो बातें हो सकती हैं, एक तो ये की तुम्हारी भाभी तुम्हारे भाई से संतुष्ट नहीं हो रही होगी . जिस जोश और सुख की चाहत भाभी को होगी, उस पर तुम्हारे भाई खरे नहीं उतर रहे होंगे .
या फिर दूसरा एक कारण ये भी हो सकता है की तुम्हारे भाई भद्र पुरुष होंगे मगर भाभी को बिस्तर पर ज्यादा रंगीनियाँ पसंद होंगी , ज्यादा से मतलब ये है की जिस प्रकार से तुमने उस व्यक्ति को भाभी के यौवन
द्वार को चाटते हुए देखा, उसी साफ़ होता है की तुम्हारे भाई से भी वह इसी तरह की उम्मीद रखती होगी, उम्मीद पूरी न होने पर उसने अपने पूर्व प्रेमी को बुला लिया होगा.
अमृता- तुम लव गुरु हो या सेक्स गुरु ? या फिर किसी और तरह के गुरु हो ?
इसी कारण नींद गायब हो गयी होगी और टीवी देख रही होंगी. मगर मेरा यह अनुमान गलत निकला . क्योंकि इस बार जों आवाज मेरे कानों में पडी यह भाभी की सेक्सी और बहकी हुई आवाज थी . वह कह रही थी-
- तुम्हारे साथ सेक्स का जों आनंद मिलता है वह अपने आपमें में अदभुत है. मेरा पति तो बुद्धू है. वह कुछ नहीं कर पाता. अगर तुम नहीं आते तो मैं तो यहाँ पर शादीशुदा होकर भी कुंवारा जीवन गुजार रही होती .
पूजन- क्या बात कर रही हो ? क्या वह जोर-जोर से बोल रही थी ?
अमृता- हाँ, रात में तो वैसे भी थोड़ी आवाज भी ज्यादा सुनाई देती है. मैं उसकी आवाज को स्पष्ट सुन सकती थी, मैंने ऊपर वाले कमरे में जाने का मन बना लिया. सधे क़दमों से मैं वहाँ तक पहुँच गयी जहाँ भाभी उस व्यक्ति
की बांहों में बिलकुल नग्न अवस्था में पडी हुई थी. वे दोनों नशे में धुत थे और ऐसी अवस्था में थे की जिसे याद करते ही मैं उत्तेजक हो जाती हूँ.
अच्छा , मुझे भी तो बताओ . मैं भी उत्तेजक होना चाहता हूब ताकि तुमने जों आनंद छिप-छिपकर लिया था मैं भी उसे प्राप्त कर सकूं. विस्तारपूर्वक बताओ उस रात तुमने क्या देखा ?
अमृता- बता तो रही हूँ, भाभी बिलकुल नग्न अवस्था में थी, एक व्यक्ति अपनी जीभ से भाभी की जाँघों के बीच में चाट रहा था, मुझे बड़ा बुरा लगा . मै साढ़े क़दमों से ऐसी जगह पर खड़ी हो गयी जहां से सब कुछ साफ़ देख
सकती थी, हांलाकि मै उनमे से किसीको नहीं दिख रही थी. इशक की आग में वे दोनों इस कदर ताप रहे थे की उन्हें दरवाजा बंद करने का भी ध्यान नहीं रहा रहा. उस व्यक्ति ने एक भाभी के यौवन उभारों को भी अपने हाथों से दबा
रखा था. भाभी की सिसकारियाँ निकल रही थीं. वह जोर-जोर से ऐसी आवाजें. निकाल रही थीं जिससे मेरे भी रोंगटे खड़े हो गयी. वासना की जोरदार आंधी चल रही थी. मैंने अपने यौवन की घाटी में उँगलियाँ फिरानी शुरू करदी ,
उन लोगों के साथ-साथ मैं भी कामोत्तेजक हो रही थी. मैंने अपने उभारों को अपने ही हाथों से दबाने लगी मगर उतना सुख नहीं मिल पा राह था. मै बेचैन होने लगी थी. मैं कल्पना करने लगी की वह व्यक्ति भाभी की बजाय
मेरे यौवन की घाटी को चूम रहा है. मैं कामुक हो चुकी थी.
पूजन- तो मुझे याद किया होता. मेरे रहते अगर तुम अपनेइन यौवन उभारों को सहलाओगी तो मेरे ये हाथ फिर क्या करेंगे ?
अमृता- ओह, आप मेरी बेचैनी को समझ नहीं सकते. उस समय मेरे से क्या बीत रही थी ?
पूजन- मेरा ख़याल है की इस वक्त भी तुम कुछ कम बेचैन नहीं हो, यहाँ तक की मेरा हथियार भी कड़क होकर फुँकारने लगा है.
अमृता- अपनी भावनाओं को काबू में रखो गुरु जी. आप मेरे टीचर हैं. आप सिर्फ सिखा सकते हैं, प्रयोग नहीं कर सकते.
पूजन- मैं इस वक्त तुम्हारा साथी , तुम्हारा दोस्त हूँ, इसके सिवाय और कुछ नहीं. एक अच्छा साथी ही किसी दूसरे का दर्द समझ सकता है. तुम्हारी बेचैनी को मैं अच्छी तरह से महसूस कर सकता हूँ . और मेरी क्या इच्छा
है, यह सम्जहने में तुम्हें भी देर नहीं लगेगी. मुझे उम्मीद है की हम दोनों एक दूसरे की तकलीफ को समझने लगे हैं.
अमृता- जी नहीं, अभी नहीं. हमें अभी काफी वक्त लगेगा. इतनी जल्दी कोई कैसे किसीके दिल की बात समझ सकता है ?
पूजन- वो हुनर हमने अपने आप में विकसित कर लिया अमृता, तुम बची हो और हम सिखाने की कोशिश भी कर रहे हैं.
अमृता- मै आपसे कविता के गुर सीखना चाहती हूँ.
पूजन- जब तक दो दिल न मिलें, जों जिस्म न मिलें तब तक शब्दों का मिलना अधूरा ही रहता है.
अमृता- पहले ये बताइये की महिलायें अक्सर अपने से बड़े पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना क्यों पसंद करती हैं ?
पूजन- क्योंकि ज्यादा उम्र के पुरुष अनुभवी होते हैं, उन्हें काम क्रीडा का भी अच्छा खासा ज्ञान होता है. वे अपनी महिला पार्टनर के साथ अच्छा बर्ताव करते हैं और जिम्मेदारी के साथ सम्बन्ध बनाते हैं. जबकि नए लड़के
इसके विपरीत काम करते हैं, नए लड़के अनाड़ी होते हैं और उनके प्यार में गंभीरता कम , छिछोरापन ज्यादा होता है.
अमृता - मेरी भाभी कल रात उस अधेड के साथ जिस्मानी सम्बन्ध क्यों बना रही थी ?
पूजन- इसमें दो बातें हो सकती हैं, एक तो ये की तुम्हारी भाभी तुम्हारे भाई से संतुष्ट नहीं हो रही होगी . जिस जोश और सुख की चाहत भाभी को होगी, उस पर तुम्हारे भाई खरे नहीं उतर रहे होंगे .
या फिर दूसरा एक कारण ये भी हो सकता है की तुम्हारे भाई भद्र पुरुष होंगे मगर भाभी को बिस्तर पर ज्यादा रंगीनियाँ पसंद होंगी , ज्यादा से मतलब ये है की जिस प्रकार से तुमने उस व्यक्ति को भाभी के यौवन
द्वार को चाटते हुए देखा, उसी साफ़ होता है की तुम्हारे भाई से भी वह इसी तरह की उम्मीद रखती होगी, उम्मीद पूरी न होने पर उसने अपने पूर्व प्रेमी को बुला लिया होगा.
अमृता- तुम लव गुरु हो या सेक्स गुरु ? या फिर किसी और तरह के गुरु हो ?
Friday, March 4, 2011
पूजन- उन्हें हँसने दो, हमें अपना काम करने दो. मेरे करीब आ जाओ, मेरी बांहों में समा जाओ. प्यार का ऐसा मजा चखाउंगा की सारा डर निकल जाएगा .
पूजन ने झपट्टा मारकर अमृता को अपने बाहुपाश में कास लिया. अमृता का दिल सचमुच धड़क रहा था. उसके सीने के उभार जब ऊपर-नीचे होते तो पूजन की आँखों में वासना की चमक बढ़ जाती थी. उसने
अमृता के उन उभारों पर अपने दोनों हाथ रख दिए और उन्हें आहिस्ता-आहिस्ता दबाने लगा . अमृता की साँसें मानो थम गयीं. उसने अपनी आँखें बंद करलीं और अपने आपको ढीला छोड़ दिया/. उसकी चुप्पी देखकर
पूजन का हौसला और भी बढ़ गया. उसने अमृता के सुख होठों पर अपने होठ रख दिए और उसके मुख में अपनी जीभ घुमाने लगा . अमृता कुंवारी थी, उसने हाल में यौवन कीसीढ़ी पर कदम रखे थे, पूजन के हाथो
का दवाब अपने सीने पर पाकर वह बेहद उत्तेजित होने लगी. उसके मुख से सिकारियां निकलने लगीं, उसे सर्दी में भी गर्मी का एहसास हो रहा था. वह कसमसा रही थी और झूठे ही सही मगर अपने आपको छुडाने
का प्रयास भी कर रही थी. पूजन मुस्करा रहा था . काफी देर के बाद अमृता बोली-
- अब छोड़ भी दीजिए की जान लेने का इरादा है ? मै किस तरह मछली की तरह मचल रही देख नहीं रहे हो क्या ? अगर किसी ने हम दोनों को देख लिया तो पहाड़ टूट पडेगा .
पूजन- जों देखेगा , क्या उसने कभी किसी कली को फूल नहीं बनाया होगा ? क्या उसने कभी भी किसी कली का रस नहीं चूसा होगा. जों मर्द होता है वो तो अपने समय में भंवरा बंटा ही है . और अगर कोई देख भी
लेटा है तो तुम्हें टेंशन लेने की कोई बात नहीं है. ऐसा करो तुम मेरे पास ट्यूशन लगालो. मै तुम्हें अग्रेजी भी पढाता रहूंगा और कविता भी सिखा दूंगा . इसके साथ- साथ असली पाठ प्रेम का होता है, उसे भी सिखा
ही दूंगा. और तुम खुद भी तो वही चाहती हो न , वही सीखने के लिए बेताब हो . सच बोलो अगर झूठ बोलता हूँ तो.
अमृता- मुझे कहने में लाज आती है.
पूजन- अरे दुनिया को तो करने में भी लाज नहीं आती और तुम कहने भर से हिचकिचाती हो . ये क्या कमाल कर रही हो. दुनिया में अपन्ना कुछ नहीं सिवाय मौज मस्ती के . आज अगर कुछ नहीं किया तो बुढापे
में पछताना पडेगा. अच्छा ये बताओ लों अभी तक किसी लड़के के साथ तुम्हारा टांका भिडा है की नहीं ?
अमृता- नहीं, कभी नहीं. वैसे कई लड़के पटाने की कोशिश तो करते हैं, मगर मैं किसीको भाव ही नहीं देती.
पूजन- वैसे तुम्हारे मन में उमंग तो उठ रही हैं, शायद तुम भी इस जावानी के रसगुल्ले को चखना चाहती हो . हाँ या ना कहो सिर्फ.
अमृता= मुझे शर्म आती है , ऐसी बातें करना मुझे अच्छा नहीं लगता .
पूजन- इसका मतलब ये हुआ की अभी तक तुम्हे किसीके साथ भी काम क्रीडा का आनंद नहीं लिया है ?
अमृता- नहीं, कभी किसीसे नहीं . अभी तक मैं पूरी तरह से कुंवारी हूँ , अनछुई हूँ.
पूजन- तो आपने किसीको यह खेल खेलते हुए तो देखा ही होगा ?
अमृता- हाँ, इसी रात की तो बात है, मैंने अपनी भाभी को एक आदमी के साथ सेक्स करते हुए देख लिया था.
पूजन- क्या बात करती हो ? तुम्हारा भाई भी तो हट्टा-कट्टा है, क्या वह तुम्हारी भाभी को संतुष्ट नहीं कर पाता ? उसके रहते तुम्हारी भाभी दूसरे मर्द के साथ सेक्स कैसे कर सकती है ?
अमृता- मैंने अपनी आँखों से एक व्यक्ति को देखा , वह ४५ से कम उम्र का नहीं था. उसने अपने बालों पर काली मेहंदी लगाई हुई थी. तुम्हें तो मालूम ही है, भाई की शादी को अभी एक महीना ही हुआ है . भाई बिजनेस के सिलसिले में
शहर गया हुआ है. मम्मी-पापा एक शादी में गए हैं. बड़े घर में भाभी और मै अकेली ही थी. भाभी अपने कमरे में जल्दी सोने का बहाना करके सो गयी, तो मुझे भी नींद आ गयी . उसने मुझे नीची ही सुला दिया और खुद
ऊपर सोने चली गयी थी. रात के लगभग १२ बजे कुछ खुसर-फुसर सुनाई दी तो मेरी आँख खुल गयी. मैंने भाभी के कमरे से किसी मर्द की आवाज सुनी. पहली बार तो मुझे लगा की भाभी को शायद भैया की याद आ रही होगी
इसी कारण नींद गायब हो गयी होगी और टीवी देख रही होंगी. मगर मेरा यह अनुमान गलत निकला . क्योंकि इस बार जों आवाज मेरे कानों में पडी यह भाभी की सेक्सी और बहकी हुई आवाज थी . वह कह रही थी-
- तुम्हारे साथ सेक्स का जों आनंद मिलता है वह अपने आपमें में अदभुत है. मेरा पति तो बुद्धू है. वह कुछ नहीं कर पाता. अगर तुम नहीं आते तो मैं तो यहाँ पर शादीशुदा होकर भी कुंवारा जीवन गुजार रही होती .
पूजन- क्या बात कर रही हो ? क्या वह जोर-जोर से बोल रही थी ?
अमृता- हाँ, रात में तो वैसे भी थोड़ी आवाज भी ज्यादा सुनाई देती है. मैं उसकी आवाज को स्पष्ट सुन सकती थी, मैंने ऊपर वाले कमरे में जाने का मन बना लिया. सधे क़दमों से मैं वहाँ तक पहुँच गयी जहाँ भाभी उस व्यक्ति
की बांहों में बिलकुल नग्न अवस्था में पडी हुई थी. वे दोनों नशे में धुत थे और ऐसी अवस्था में थे की जिसे याद करते ही मैं उत्तेजक हो जाती हूँ.