मुझे यकीन ही नहीं होता। ऐसा लगता है जैसे मैंने कोई सपना देख लिया है या फिर मैं कोई कहानी सुन रहा हूँ। अक्सर देखा है कि लोग सपनों में ही जीते हैं, उनका हकीकत से कोई लेना -देना नहीं होता । जब सच्चाई सामने आती है तो जमीन पर पड़े दिखाई देते हैं। ऐसा है कि मैं ठहरा गरीब आदमी और मैंने कभी इतने बड़े सपने भी नहीं दखे , मैं तो खुद को इस काबिल भी नहीं समझता । आपने अभी तक ऐसे गरीब आदमी से मुलाक़ात भी नहीं की होगी, कभी किसी से मुलाक़ात भी नहीं होगे ।
रंजाना- ये क्या बहकी-बहकी बातें कर रहे हो ? मुझे लगता है तुम्हें शराब चढ़ गयी है, अगर नशा चढ़ गया है तो सो अजो, तब तुम प्यार -मोहब्बत का सुख न तो ले पाओगे और न ही दे पाओगे। मैंने तो आज तक ऐसे -एस लोगों से मुलाक़ात की है कि तुम कुछ भी नहीं जाओगे। मैं खुद भी तो इसी तरह की थी, मैंने तो ऐसे इन गुजारे हैं कि कभी आप भी नहीं सोच पायेंगे । इंसान कभी भी इस चीज को नहीं देखता कि उसकी जेब में कितना पैसा है बल्कि यह देखता है कि उसका दिल कितना बड़ा है। मैंने तुमसे मोहब्बत की है, मैंने तुम्हें प्यार की नजर से देखा है। मैंने यह नहीं देखा कि तुम्हारी आर्थिक हैसियत क्या है ? अगर ऐसा होता तो अब तक मैं यहाँ पर नहीं बल्कि किसी अच्छी जगह पर होती । मुझे तुम्हारी भोली सूरत न दीवानी बना दिया है। तुम्हारा यह कसा हुआ बदन अच्छे-अच्छे पहलवानों को भी फेल कर रहा है। मैंने तुम जैसे जवान मर्द बहुत कम देखे हैं। मैंने तुम्हें चाहने लगी हूँ, तुम पर जान न्यौछावर करने लगी हूँ। मैं तुम्हें सबसे ज्यादा दौलतवाला मानती हूँ, जिसके पास दिल होता है , उसके पास सब कुछ होता है। मैंने भी बहुत सी दुनिया देखी है , मगर तुमसा नहीं देखा।
रवि- अरे वाह, तुम तो शायरी करने लगी। कुछ ही दिनों में तुम अच्छाखासा लेख लिखने लगोगी, फिर गीत लिखने लगोगी और फिर सबको घायल करने लगोगी , तुम्हारे हुस्न का जलवा इस समय तो परेशानकर ही रहा है, लेकिन बाद में तो जीने भी नहीं दोगी, अभी तक तो कातिल हुस्न का कहर है , बाद में कातिल अदाएं भी जीने नहीं देंगी। आप तो दीवानी हैं या नहीं मगर मैं जरूर आप पर जान छिड़कने लगा हूँ, आप भी इतना तो समझ ही गयी हैं कि मैं फैंकने वाला नहीं हूँ, जो कहता हूँ, दिल की गहराइयों से आवाज निकलती है , उसीको कहता हूँ। मैं आपका बहुत सम्मान करता हूँ। प्यार से आगे की जो स्टेज होती है , वह आदर सम्मान होता होता है। मैं आपको आदर साहित्प्रेम करता हूँ। मैंने कभी ये नहीं सोचा कि दुसरे वाले को तकलीफ दी जाए या उस पर अधिकार पा लिया जाए,मैं तो आपसे प्यार करना चाहता हूँ, आपके लिए उपलब्ध हो जाना चाहता हूँ, यानी कि तुम्हें हासिल नहीं करना चाहता बल्कि खुद तुम्हें हासिल हो जाना चाहता हूँ। मैंने जीवन में पहली बार आपसे प्यार किया है और आख़िरी बार भीआप से प्रेम करूंगा ।
रंजना- मैं कामवासना की आग में जलने वालने लगी हूँ। मुझे शान्ति चाहिए, मुझे तृप्ति चाहिए । मेरे राग-राग से काम ज्वाला भड़क रही है। अगर इसे शांत कर दोगे, तो तुम भी अथाह सुख पाओगे और मुझे भी आनंद आयेगा , मैंने तो अभी तक किसी मर्द के सामने समर्पण नहीं किया। समझिये कि आज हम दोनों सुहागरात मनाने वाले हैं , अब तक मैं अपने लिए ही जी हूँ , अब से मैं आपके लिए जिउंगी ।
रवि- मैं आपके लिए जान भी दे सकता हूँ, एक इशारे पर दुसरे की जान भी ले लूंगा मगर ऐसा नहीं हो सकता कि मैं आपकी इज्जत के साथ खिलवाड़ करुँ, मैं आपके साथ सेक्स नहीं कर सकता.
Thursday, February 9, 2012
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