Sunday, May 22, 2011

भाग-१९
इसका कारण ये है की वह मानती है की उसने मुझे बचपन से गोद में खिलाया है इसलिए वह मेरे साथ हमबिस्तर नहीं हो सकती . मैंने एक बार उससे कहा था-
- आप इस कुत्ते के साथ क्या सुख ले पाओगी , मैं हूँ न , मेरे साथ भी मजे ले सकती हो .मेरा भी बहुत मन करता है. तुम्हें देखकर मेरा काला नाग सख्त हो जाता है. देखो कैसा फडफडा रहा है. पेंट फाडकर बाहर निकलने के लिए बेताब है.
सलमा- ओह, तब वह क्या बोली ? जैसा की तुमने उसके बारे में बताया है, वह तो तुरंत तैयार हो गयी होगी ?
जुनैब- नहीं यार . उसने साफ़ मना कर दिया. वह बोली -
- नहीं रे जुनैबं . तू अच्छा लड़का है. तेरे साथ मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे तेरी आदत खराब हो जाए . ये काम अच्छे नहीं हैं, इनसे लोगों का जीना हराम हो जाता है. एक बार अगर कम उम्र में किसीको इश्क का चस्का लग गया तो फिर इसे छुडाना मुश्किल हो जाता है.
सलमा- अच्छा,उसने ऐसा बोला क्या ? अगर ऐसा है तो वह तुम्हारे सामने ऐसा कार्य क्यों कर रही थी ? वह भी कुत्ते के साथ . क्या उसे ये सब करने के लिए कोई इंसान नहीं मिला था ?
जुनैब- मैंने भी उससे यही सवाल किया था. तब वह बोली -
- नहीं रे जुनैब . अभी तू सिर्फ देख रहा है, और देख रहा है तो यह मेरी कमी नहीं है. मैंने तो तुम्हें आमंत्रित नहीं किया था कि तुम आओ और मेरा ये खेल देखो. तुम पहले चोरी छिपके देखा करते थे लेकिन एक दिन जब मैंने तुम्हें रंगे हाथों पकड़ लिया तो तुमने वादा किया कि कभी यह बात किसीको नहीं बताओगे, और इसी शर्त पर मैंने तुमको इजाजत भी दे दी कि चलो अगर देखने भर से ही तुम्हारी इच्छा पूरी होती है तो यह काम भी कर लिया जाए . तब से तुम यह सब देखने आते रहे हो.
सलीम- लेकिन यह सब देखकर मेरी भी इच्छा जाग्रत होती है, उसका मैं क्या करू?
- तुम्हें सब्र करना होगा . बड़ा होकर किसी अच्छी लड़की से शादी कर लेना , सब कुछ ठीक हो जाएगा. उसके बाद पूरी ताकत के साथ सेक्स करना, रात -रात भर सुहागरात मनाना , कौन मना करता है ?
सलीम- क्या भरोसा कि मेरी होने वाली मेरे प्रति वफादार होगी, कहीं ऐसा न हो कि वह भी तुम्हारी तरह अपनी जवानी किसी कुत्ते पर लुटाती रहे ?
- तुम मुझ पर इल्जाम लगा रहे हो, मैंने कभी भी मर्दों को इग्नोर नहीं किया और ये भी सुनलो कि तुम मर्दों की नहीं, बच्चों की गिनती में आते हो. समझे ? जो भी अच्छा मर्द मिला तो मैंने उसे कभी निराश नहीं किया. हमेशा यही चाहा है कि सब कुछ ठीक तरह से हो जाए . मैंने पहले अपने पति से सम्पूर्ण संतुष्टि चाही, लेकिन जब वहाँ भी संतुष्टि नहीं मिल पाई तो आखिरकार मैंने बाहर सुख तलाशना शुरू कर दिया. तुमने तो छिप-छिपकर अच्छी तरह से देखा भी है कि एक ही बार में मैंने तीन -तीन हट्टे कट्टे मर्दों को धुल चटाई है. जब मर्द भी मेरी जिस्मानी भूख को शांत नहीं कर आप्टे तो इस कुत्ते के साथ मन बहला लेती हूँ. मेरा एक एनआरआई दोस्त है, उसने यह खास नस्ल का कुत्ता लाकर दिया है. विदेशों में जो तनहा महिलायें होती हैं वे ऐसे ही खास नस्ल के कुत्तों से काम चलाती हैं.
भाग-१९
इसका कारण ये है की वह मानती है की उसने मुझे बचपन से गोद में खिलाया है इसलिए वह मेरे साथ हमबिस्तर नहीं हो सकती . मैंने एक बार उससे कहा था-
- आप इस कुत्ते के साथ क्या सुख ले पाओगी , मैं हूँ न , मेरे साथ भी मजे ले सकती हो .मेरा भी बहुत मन करता है. तुम्हें देखकर मेरा काला नाग सख्त हो जाता है. देखो कैसा फडफडा रहा है. पेंट फाडकर बाहर निकलने के लिए बेताब है.
सलमा- ओह, तब वह क्या बोली ? जैसा की तुमने उसके बारे में बताया है, वह तो तुरंत तैयार हो गयी होगी ?
जुनैब- नहीं यार . उसने साफ़ मना कर दिया. वह बोली -
- नहीं रे जुनैबं . तू अच्छा लड़का है. तेरे साथ मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे तेरी आदत खराब हो जाए . ये काम अच्छे नहीं हैं, इनसे लोगों का जीना हराम हो जाता है. एक बार अगर कम उम्र में किसीको इश्क का चस्का लग गया तो फिर इसे छुडाना मुश्किल हो जाता है.
सलमा- अच्छा,उसने ऐसा बोला क्या ? अगर ऐसा है तो वह तुम्हारे सामने ऐसा कार्य क्यों कर रही थी ? वह भी कुत्ते के साथ . क्या उसे ये सब करने के लिए कोई इंसान नहीं मिला था ?
जुनैब- मैंने भी उससे यही सवाल किया था. तब वह बोली -
- नहीं रे जुनैब . अभी तू सिर्फ देख रहा है, और देख रहा है तो यह मेरी कमी नहीं है. मैंने तो तुम्हें आमंत्रित नहीं किया था कि तुम आओ और मेरा ये खेल देखो. तुम पहले चोरी छिपके देखा करते थे लेकिन एक दिन जब मैंने तुम्हें रंगे हाथों पकड़ लिया तो तुमने वादा किया कि कभी यह बात किसीको नहीं बताओगे, और इसी शर्त पर मैंने तुमको इजाजत भी दे दी कि चलो अगर देखने भर से ही तुम्हारी इच्छा पूरी होती है तो यह काम भी कर लिया जाए . तब से तुम यह सब देखने आते रहे हो.
सलीम- लेकिन यह सब देखकर मेरी भी इच्छा जाग्रत होती है, उसका मैं क्या करू?
- तुम्हें सब्र करना होगा . बड़ा होकर किसी अच्छी लड़की से शादी कर लेना , सब कुछ ठीक हो जाएगा. उसके बाद पूरी ताकत के साथ सेक्स करना, रात -रात भर सुहागरात मनाना , कौन मना करता है ?
सलीम- क्या भरोसा कि मेरी होने वाली मेरे प्रति वफादार होगी, कहीं ऐसा न हो कि वह भी तुम्हारी तरह अपनी जवानी किसी कुत्ते पर लुटाती रहे ?
- तुम मुझ पर इल्जाम लगा रहे हो, मैंने कभी भी मर्दों को इग्नोर नहीं किया और ये भी सुनलो कि तुम मर्दों की नहीं, बच्चों की गिनती में आते हो. समझे ? जो भी अच्छा मर्द मिला तो मैंने उसे कभी निराश नहीं किया. हमेशा यही चाहा है कि सब कुछ ठीक तरह से हो जाए . मैंने पहले अपने पति से सम्पूर्ण संतुष्टि चाही, लेकिन जब वहाँ भी संतुष्टि नहीं मिल पाई तो आखिरकार मैंने बाहर सुख तलाशना शुरू कर दिया. तुमने तो छिप-छिपकर अच्छी तरह से देखा भी है कि एक ही बार में मैंने तीन -तीन हट्टे कट्टे मर्दों को धुल चटाई है. जब मर्द भी मेरी जिस्मानी भूख को शांत नहीं कर आप्टे तो इस कुत्ते के साथ मन बहला लेती हूँ. मेरा एक एनआरआई दोस्त है, उसने यह खास नस्ल का कुत्ता लाकर दिया है. विदेशों में जो तनहा महिलायें होती हैं वे ऐसे ही खास नस्ल के कुत्तों से काम चलाती हैं.


सलीम- क्या बात कर रही हैं, इसका मतलब ये हुआ कि यह शौक सिर्फ आपको ही नहीं है बल्कि और भी ऐसे बहुत से महान लोग हैं जो इस तरह के कुत्तों का सहारा लेते हैं. इसकी कीमत तो बहुत होती होगी .
- हाँ, मंहगे तो होंगे ही. उसका कारण ये है कि इन कुत्तों को विशेष तरह से ट्रेंड किया जाता है. तब जाकर ये सेक्स करने के काबिल बनते हैं. तुम देख रहे हो ,इसका स्वभाव बिलकुल इंसानों जैसा हो गया है. अब इसको आदत भी पड़ गयी है. लेकिन तकलीफ ये है कि इसके साथ सम्बन्ध बनाने के बाद कम से कम एक घंटा तक इन्तजार करना पड़ता है. उतनी देर में अगर कोई आ गाया तो बड़ी तकलीफ हो जाती है. तेरी वजह से मुझे बहुत अफय्दा होता है. अगर कोई आये तो तू उसे पहले से ही वापस कर देता है. कोई न कोई बहाना कर देता है. मेरा हसबेंड तो ऐसे समय आ ही नहीं सकता. वह भाजी की दूकान पर ही बैठा रहता है. उसे मालूम है कि मेरे मौज मस्ती का टाइम हो गया है.
सलीम- तो क्या आप इसके साथ रोजाना सम्बन्ध बानाती हैं.
- नहीं रे पागल है क्या ? ऐसी कोई बात नहीं है. जब मूड हो तभी कर लेती हूँ. अगर मैं रोजाना करती तो तुमको पता नहीं चलता क्या ?
सलीम- नहीं , बिलकुल नहीं. मुझे क्या पाटा चलेगा ? मैं यहाँ पर हमेशा थोड़े ही रहता हूँ.
- हफ्ते में एक या दो बार, बस. इससे ज्यादा कभी नहीं किया . बीच -बीच में तो मर्द ही मिलते रहते हैं. कुछ चुनिन्दा लोगों के साथ ही समबन्ध बनाती हूँ, एड्स का डर लगा रहता है.

Saturday, May 21, 2011

भाग-१८
जुनैब- तुम लड़कियों की तो आदत में ही शक होता है. अरे बाबा, अगर शादी नहीं की तो बरात तो बहुत की हैं. मुझे साथियों ने ये सब बातें बताई हैं. कुछ जानकारी मैंने वेबसाईट से ली है. आजकल नेट इतना आगे बढ़ गया है की जो चाहो वो हाजिर हो जाता है.
सलमा- - और ये शराब पीना किस्से सीखा ? क्या ये भी नेट ने ही सिखाया है ?
जुनैब- तुम्हारा ये लाजवाब हुस्न देखकर पीने की इच्छा जाग्रत हो उठी.और अब तो इस इच्छा ने अब दीवानगी का रूप धारण कर लिया है. मैंने सुना है की शराब पीने के बाद जवानी का मजा लूटने में जो आनंद आता है , वह कल्पना से परे है. अगर सेक्स करना है तो उससे पहले थोड़ी सी पी लेनी चाहिए.
सलमा- वाव, क्या बात है. मगर इस तरह के नायाब आइडिया तुम्हें देता कौन है ? तुम हमेशा से ये कहते आये हो की मैंने ये सुना है, वो सुना है. यहाँ तक की जवानी का आनंद कैसे लूटा जाए, बिस्तर पर पत्नी को कैसे सुखी रखा जाए , ये सब आइडिये भी खूब सीख रखे हैं, ऐसे में सवाल ये उठता है की वो आइडिया देने वाला महान व्यक्ति आखिर है कौन ? मैं भी उसका नाम जानना चाहती हूँ.
जुनैब- तुम चौंक जाओगी . हमारे पडौस में रहने वाली एक भाजी वाली है. उसकी उम्र तीस साल के लगभग है. वह इतनी ज्यादा सेक्सी है की तुम अंदाजा भी नहीं लगा पाओगी . मुझे वही बताती रहती है. उसीने मुझे बिस्तर पर पार्टनर को पटखनी देने के गुर सिखाये हैं.
सलमा- अच्छा जी, फिर तो तुमने भी उसके साथ खूब मजे लुटे होंगे, क्या तुम चूक गए होंगे, जहाँ मौक़ा मिला की चौका लगाने वालों में से हो . क्या मुझे मालूम नहीं है. देख रही हूँ की चिकनी -चुपड़ी बातें करके आखिरकार मुझे अपने जाल में फांस ही लिया . मुझे अपने बिस्तर पर लाकर पटक ही दिया . मैं तो प्यार के नाम से भी डरती थी , लेकिन यह क्या मुझे पागल बना डाला. मुझे ऐसा दीवाना बनाया की मैं कहीं की नहीं रही . तो उस सेक्सी लड़की को कैसे बख्श दोगे जो तुम्हें सेक्स करने के टिप्स सिखाती है.
जुनैब- नहीं यार . वह मुझे सिखाती है, इसका मतलब ये नहीं है की वह भी मेरे साथ हमबिस्तर होती होगी .
सलमा- तुमने तो बताया की वो हद से ज्यादा सेक्सी है ? इतनी की उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती .
जुनैब- हाँ, क्या तुम यकीन करोगी की कोई महिला अपने पति के रहते हुए भी अपने पालतू कुत्ते के साथ जवानी की प्यास बुझाती है. क्या कभी सोच सकते हो की कोई महिला एक ही समय में तीन -तीन मर्दों को संतुष्ट कर सकती है . यह सब कोरी कल्पना भर नहीं है. बल्कि मैंने खुद महसूस किया है की ऐसा होता है . वह खुद करती है. दिखने में इतनी सुन्दर है की खुद सुंदरता भी शरमा जाए. मेहनती इतनी की काम पर डट आजाये तो उसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेवे . इस सबके बावजूद वह सेक्स को भी जबरदस्त इंजॉय करती है.
सलमा- तुम मुझे बहका रही हो, मुझे परेशान करने के उद्देश्य से या फिर यूँ कहें की मुझे और ज्यादा उत्तेजक करने के लिए तुम ऐसे ही ये बातें कह रहे हो, है न ?
जुनैब- तुम तो पहले से ही उत्तेजना के शिखर पर हो. काम वासना की आग में बुरी तरह दाहक रही हो और हर हाल में अब मंजिल पर पहुंचना चाहती हो. बार-बार मेरे काले नाग को देखकर जो मुस्करा रही हो इसे चाट रही हो, चूम रही हो. जोर-जोर से सहला रही हो, इसका साफ़ मतलब यही होता है की तुम मुझसे प्यार का आधार चाहती हो. बहुत देर से जिस उत्तेजना की आग में सुलग रही हो, उसे शांत करना चाहती हो. अगर मैं गलत कहता हूँ तो बोलो. और अगर मेरी बात सच है तो इसे इसे झुठलाती क्यों हो, मान क्यों नहीं जातीं की वास्तब में ऐसा ही होता होगा . मैं अपनी आँखों देखी बात कहता हूँ, सूनी सुनाई नहीं .
सलमा- तुमने उस भाजीवाली को अपनी इन आँखों से कुत्ते के साथ सेक्स करते देखा है ?
जुनैब- हाँ, मैंने देखा है. एक बार नहीं कई बार देखा है. मैंने खुद कई बार कुत्ते को पकड़ने में और उस पर हावी करने में मदद की है. वह मुझ पर भरोसा करती है, मुझसे बहुत स्नेह करती है. इसलिए मुझे हर राज में शामिल करती है, मगर आज तक उसने कभी भी मुझसे सेक्स नहीं किया. इसका कारण ये है की वह मानती है की उसने मुझे बचपन से गोद में खिलाया है इसलिए वह मेरे साथ हमबिस्तर नहीं हो सकती . मैंने एक बार उससे कहा था-
- आप इसे कुत्ते के साथ क्या सुख ले पाओगी , मैं हूँ न , मेरे साथ भी मजे ले सकती हो .मेरा भी बहुत मन करता है. तुम्हें देखकर मेरा काला नाग सख्त हो जाता है. देखो कैसा फडफडा रहा है. पेंट फाडकर बाहर निकलने के लिए बेताब है.

Friday, May 20, 2011

सलमा- आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे की काम क्रीडा में आपने मास्टरी हासिल की हो. लगता है आप भी पहुंचे हुए फ़कीर हैं. पहले भी इन राहों से गुजकर चुके हैं. हो सकता है न जाने कितनी हसीनों के साथ सुहागरात मनाई हो. वरना यह सब जानकारी कैसे हो जाती ?
जुनैब- तुम लड़कियों की तो आदत में ही शक होता है. अरे बाबा, अगर शादी नहीं की तो बरात तो बहुत की हैं. मुझे साथियों ने ये सब बातें बताई हैं. कुछ जानकारी मैंने वेबसाईट से ली है. आजकल नेट इतना आगे बढ़ गया है की जो चाहो वो हाजिर हो जाता है.
सलमा- - और ये शराब पीना किस्से सीखा ? क्या ये भी नेट ने ही सिखाया है ?
जुनैब- तुम्हारा ये लाजवाब हुस्न देखकर पीने की इच्छा जाग्रत हो उठी.
भाग-१७
ताकि इससे छुटकारा मिल सके.
जुनैब- एड्स का इलाज तो इसके बचाव में ही छिपा है. जो कोई बचाव करके बच जाएगा वही होशियार है. अक्सर लोग नशे की हालत में या अत्यधिक उत्तेजना की हालत में बिना सुरक्षा के सेक्स कर लेते हैं. इसके परिणाम जिंदगी भर भुगतने पड़ सकते हैं. सिर्फ उस व्यक्ति का नहीं बल्कि उन दोनों से जुड़े लोगों का जीवन खत्म हो जाता है. जिस-जिसके साथ वे लोग अंतरंग सम्बन्ध बनाते हैं, बहुत जल्द वे अल्लाह को प्यारे हो जाते हैं. क्षण भर के सुख के लिए यह ठीक नहीं होगा कि हमेशा के सुख -चैन को छोड़ दिया जाए .
सलमा- अब हम लोगों के पास सुरक्षा का क्या इंतजाम है, सूना है कि तैराक ही डूब जाते हैं. कहीं ऐसा न हो कि बेवजह हम मारे जाएँ. तुमने इतना डरा दिया है कि अब मेरी तो इच्छा ही कम हो गयी है. ,अच्छा हो कि हम लोग सेक्स से तौबा ही करलें,. इसके अलावा तुम जो चाहो वो करने के लिए तैयार हूँ. मेरे जिस्म पर सिर्फ तुम्हारा अधिकार है. तुम चाहे तो मेरे होठ चूम सकते हो, इन गेंदों से चाहे जैसे खेल सकते हो , बस हद पार मत करो .
जुनैब- तुम्हें डराने के लिए नहीं, बल्कि समझाने के लिए मैंने ये बातें कही हैं. मैं चाहता हूँ कि तुम किसी बात से न करो, यानी के मेरे सिवाय कभी किसीसे शारीरिक सम्बन्ध न बनाओ. इसके लिए मैं तुम्हें ये सब बता रहा हूँ. अनजाने में किसीसे भी गलती हो सकती है. और अगर जीवन भर सिर्फ एक ही साथी के साथ सेक्स किया जाए तो कोई बुरा नहीं है. पति- पत्नी अगर एक दुसरे के ओप्रती वफादार बने रहें तो सबका फायदा है, मेरे कहने का अर्थ ये है कि सेक्स से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि असुरक्षित सेक्स से डरने की जरूरत है. समझी कि नहीं ? अरे ये क्या , इस पैग को कब तक ऐसे ही रखोगी ? खत्म कर जाओ, आज शराब और शबाब की रात है. आज इसे हम ऐसे इंजॉय करेंगे जैसे कि फिर कभी हमें यह रात नसीब नहीं हो पायेगी .
सलमा- जब तक जिंदगी रहेगी तब तक ऐसी रंगीनियाँ रहेंगी . मुझे भरोसा है तुम पर. तुम कभी मुझे दगा नहीं दोगे, कभी मेरा दिल नहीं तोडोगे , कभी मेरे साथ बेवफाई नहीं करोगे .
जुनैब - जब सब कुछ क्लियर हो ही चुका है तो सुहागरात मनाने की तैयारी करें.
सलमा- जी नहीं, आप भी नशे में हैं और मैं भी नशे में हूँ. ऐसे स्थिति में हम जो भी करेंगे , उसे करने का कोई मतलब नहीं होगा . हम लोग जी भरके इंजॉय नहीं कर पायेंगे .
जुनैब- गलत, बल्कि अभी समय है जब हम स्युहाग्रात को बहुत अच्छी तरह से इन्जोप्य कर सकते हैं. इस वक्त हम पर जवानी का नशा सवार है, मोहब्बत का नशा सवार है और साथ में व्हिस्की का नशा भी सवार है. इस नशे में हम जो सुख प्राप्त कर सकते हैं, वह फिर कभी नहीं मिलेगा. आज की रात को मैं हमेशा के लिए यादगार और अमर बना दूंगा . यह मेरी जिंदगी की सबसे नशीली और सुहानी रात होगी . आज मैं इस कायनात के जर्रे-जर्रे को साक्षी मानकर तुम्हें हमेशा के लिए अपना लूंगा . इस रिश्ते का हर तरफ से विरोध होगा , मगर हमें हिम्मत नहीं हारनी . अगर हम ज़रा भी अक्ल से काम लेते हैं तो कोई विरोध भी नहीं कर पायेगा .
सलमा- वो भला कैसे ?
जुनैब- उसके लिए हमें फूंक -फूंककर कदम रखने होंगे. हम कुछ ऐसी प्लानिंग करेंगे की सिर्फ संडे या सेटरडे को ही मिला करेंगे . उस दिन के लिए घरवालों को समझा देंगे की उस रात हमारा किसी खास जगह पर जाना जरूरी है और फिर उन रातों का इस्तेमाल मौज मस्ती के लिए करेंगे . इससे कभी किसीको पता नहीं चल पायेगा और वक्त आने पर हम सबको बता देंगे .
सलमा- इस बीच अगर मैं गर्भवती हो गयी तो क्या होगा ?
जुनैब- सवाल ही नहीं उठता . हम सुरक्षा के खास उपाय करेंगे . जिसके कारण कुछ परेशानी नहीं होगी. अगर सप्ताह में एक बार या दो बार सम्बन्ध बानायेंगे तो शरीर पर भी कोपी दुष्प्रभाव नहीं पडेगा .

Thursday, May 19, 2011

भाग-१६
वासना का तूफ़ान अब जोर-जोर से चलने लगी थी. वे दोनों मुक्ति पाना चाहते थे. जिस्म में जो आग लगी थी, उसे इश्ज्क की फुहारों से बुझाना चाहते थे. दो जिस्म अब एक जान बनने की दिशा में बढ़ रहे थे. वे दोनों ही युवा थे और पहली बार जिस्म का खेल खेलने वाले थे. उन दोनों को इस काम का कोई इल्म नहीं था .इससे पहले अगर काम क्रीडा का खेल खेला होता तो इस सम्बन्ध में अनुभव हो गया होता. लेकिन कहावत है कि ऐसे कामों के स्कूल नहीं होते . और वही हुआ भी था. बिना स्कूल में सीखे भी उन दोनों ने अपना सुख का मार्ग तलाश लिया था. अपने-अपने तरीके से वे दोनों युवा जिस्मानी सुख वसूलने के लिए तैयार थे. जुनैब सलमा के उन्नत वक्षों को चूम रहा था, जब उसकी जीभ सलमा की चोटियों पर स्पर्श करती तो सलमा चिहुंक उठती थी. जब वह ठंडी आह भर्ती तो जुनैब को और भी मजा आने लगता था. वह औए ज्यादा मस्ती के साथ उन पर्वत चोटियों को चूमने लगता . ऐसा करते समय वह बिलकुल दीवाना हो रहा था. उसके एक हाथ में गिलास था, जो कभी -कभी छलक भी जाता था. उसकी हालात्त देखकर सलमा ने कहा-
- पहले यह गिलास तो खाली करदो. फिर आराम से प्यार कर लेना. इससे कपडे खराब हो जायेंगे .
जुनैब- अब तो शराब में भी वो नशा नहीं रहा, जो तुम्हारी इस चढती जवानी में है. अब तो इस यौवन का रस चूमकर ही दम लूंगा. उससे पहले रुकने का मतलब है कि अपने हाथों अपनी जीते हुई बाजी हार जाना. बड़ी मुश्किल से यह मौक़ा मिला है, आज इसे छोड़ने वाला नहीं हूँ. यह मेरा पहला अवसर है जब मैं तुम्हारे साथ बिस्तर पर प्यार का खेल खेल रहा हूँ. मेरे साथ के ज्यादातर लड़के इस खेल को बहुत पहले ही खेल चुके हैं, बस मैं ही सेक्स के स्वाद से वंचित थी. जब वे लोग अपनी महिला दोस्त के साथ बिस्तर की कहानियाँ सुनाते तो मन ही मन मैं कहता कि काश , मुझे भी कोई हसीं लड़की मिल जाए , जिसके साथ मैं सब कुछ शेयर कर सकूं, और देखो ऊपरवाले ने मेरी बात सुन ली. अब मैं बड़े आराम से तुम्हारे साथ प्रेम का आनंद ले रहा हूँ. अगर हमको तरक्की करनी है तो पेट के साथ-साथ पेट के नीचे की भूख को भी शांत करना होगा , और उसका इंतजाम बनही अब हो गया. हम दोनों को खूब मन लगाकर पढाई करनी होगी और छुट्टी वाले दिन हम किसी होटल में आकार ऐश किया करेंगे . इससे हम खुश रह सकते हैं.
सलमा- तुम्हारा कहने का मतलब है कि हफ्ते में एक बार प्यार का सुख लूटा करेंगे , मगर मैं डरने लगी हूँ. मुझे लगता है शायद मैं एक दिन , और एक घंटा भी तुम्हारे बिना नहीं जी पाउंगी . इसका कारण ये है कि मैं भी अब तुमसे प्यार करने लगी हूँ. और तुम्हारे साथ नगन अवस्था में आकार यह महसूस किया है कि तुम सचमुच के जादूगर हो. तुम्हारी उपस्थिति से तन और मन दोनों खुश जाते हैं. अब इस महक की आदत लग जायेगी , जब तु७म बिन नहीं जी पाउंगी , तब क्या होगा ?
जुनैब- कोशिश करने से सब कुछ मिल जाता है. हमको सार्थक प्रयास करने होंगे . यह जानना होगा कि इसीमे हमारी भलाई है कि हम लोग हफ्ते भर तो जी भर्जे पढाई करते रहें और वीकेंड के समय जी भरके प्यार करें, रोप्मांस करें और दिल में जितने भी अरमान हैं, उन सबको पूरे करलें. इससे किसीको पता भी नहीं चलेगा. पता चल भी गया तो किसीको बुरा भी नहीं लगेगा . क्योंकि सब जानते हैं कि इस उम्र में सेक्स एक बहुत बड़ी जरूरत है. इधर -उधर भटकने के बजाय अगर किसी एक साथी के साथ ही सुइरक्षित सम्बन्ध बनाने का मौक़ा मिल जाए तो इससे बड़ी बात और कोई नहीं होगी .
आजकल एड्स नामक बीमारी ने सबका हाल खराब कर दिया है. अगर असुरक्षित सम्बन्ध बना लिए तो एड्स का होना लाजिमी है और जिस किसी को यह रोग लग जाता है, समजह ,लो कि उसका वंश ही मिट जाता है.
सलमा- हाँ, सूना तो है यह खतरनाक रोग है. साइंस इतना आगे पहुँच गया तब भी अभी इसका कोई इंतजाम नहीं हो पाया है ? सरकार को ऐसे रोगों की रोकथाम के लिए प्रयास करने चाहिए . ताकि इससे छुटकारा मिल सके.
जुनैब- एड्स का इलाज तो इसके बचाव में ही छिपा है. जो कोई बचाव करके बच जाएगा वही होशियार है. अक्सर लोग नशे की हालत में या अत्यधिक उत्तेजना की हालत में बिना कंदों में सेक्स कर लेते हैं. इसके परिणाम जिंदगी भर भुगतने पड़ सकते हैं. सिर्फ उस व्यक्ति की नहीं बल्कि उन दोनों से जुड़े लोगों का जीवन खत्म हो जाता है

Wednesday, May 18, 2011

भाग-१५
अब वही हो रहा है न, तुम अपने आपको प्यासी महसूस कर रही हो. तुम्हारे तन और मन दोनों में इस समय जोर की आग लगी हुयी है, मैं तो खुद को रोकने का प्रयास करता हूँ लेकिन तुम मुझमे समाने के लिए बेताब हो. मेरे गुप्तांग को देखने उसे छूने और फिर प्यार करने के लिए भी जी मचल रहा होगा . बोलो मैं सच कहता हूँ या गलत ?
सलमा - तुम अंतर्यामी हो क्या , मन के अंदर जियो जद्दोजहद चलती है वह तुम तक कैसे पहुच जाती है ? इधर मेरे मन में ख़याल आते हैं और उधर तुम पहचान जाते हो. पहचान क्या उसे बोल भी देते हो . सच -सच बताओ ये चक्कर क्या है
जुनैब- बात बस इतनी सी है कि तुम्हें अब मुझसे प्यार हो गया है. मैं तो तुम्हें टूट-टूटकर चाहता ही था, अब तुम भी मुझे उतना ही प्यार करने लगी है, और कहते हैं कि जहां चाह , वहीं राह होती है. यही वजह है कि जब तुम कुछ भी सोचती हो तो मैं अनुमान लगाता हूँ कि अगर स्थान पर मैं होता तो क्या सोचता ? और इस तरह मुझे सही जवाब मिल जाता है.
सलमा- कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारे इश्क में पागल न हो जाऊं, मुझ पर कृपा बनाए रखना . चाहे जो सजा देना लेकिन कभी मुझसे दूर ना जाना, अगर दिल तोडना हो तो अभी से दिल मत लगाना . अगर मुझे जुदाई में तद्पाने की तमन्ना हो तो दूर ही रहना मुझसे . और अगर मेरे बहुत करीब आने की इच्छा है तो ये भी याद रहे कि कभी मुझसे पल भर के लिए दूर जाने के बारे में विचार भी मंत करना. तुम नहीं जानते उस स्थिति में कितना अनर्थ हो जायेघा .
जुनैब- अरे ये तुम क्या कह रही हो और ये आंसू कैसे . तुम रो रही हो ? इस मिलना की सबसे सुन्दर बेला में इस तरह रोना तुम्हें शोभा नहीं देता. ऐसा लगता है जैसे मैंने कोई गलत काम कर दिया है.
सलमा- नहीं, यह तुम्हारी कमी नहीं है. मैं ही अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाई और ये कमबख्त आंसू निकल ही गए. न जाने क्यों मेरा दिल कमजोर होता जा रहा है. जैसे- जैसे मिलन की खास बेला नजदीक आती जा रही है, वैसे -वैसे दहशत भी बढ़ती जा रही है. कुछ अनिष्ट की आशंका हो रही है.
जुनैब- अपने दिल से हर तरह का भरम निकाल दो. सिर्फ प्यार पर ध्यान लगाओ. दिल में अगर इश्क की ज्योत जली है तो उसे बुझने मत दो. मुझ पर भरोसा रखो और भूल जाओ की कहीं कुछ गलत होने वाला है. जिससे प्यार करते हैं, उसके प्रति कभी भी मन में बुरे ख़याल नहीं लाते . नेगेटिव थिंकिंग हमेशा नुक्सान ही पहुंचाती है.
सलमा- मैं बहुत कोशिश करती हूँ लेकिन कर नहीं पाती. बुरे -बुरे ख़याल आ रहे हैं, ऐसा नहीं हुआ तो क्या होगा ? ऐसा हो गया तब क्या होगा ? बस दिल पर और दिमाग पर काबू ही नहीं है.
जुनैब समझ गया, उन दोनों को पिए हुए काफी देर हो चुकी थी. यानी कि अब सर से नशा उतरा चूका था. उसने फ़ौरन दो अलर्ज पैग बनाए और उनमे से एक सलाम के आगे पेश कर दिया . पहले तो सलमा ने इनकार में सर हिलाया , फिर जल्द ही मान गयी और तेजी के साथ शराब को हलक से नीचे उतार लिया . उसे पीने के पांच मिनट बाद उसने अपने जिस्म में कुछ गर्मी सी महसूस की , अब उसका डर न जाने कहाँ खो चुका था. अब वह जुनैब के साथ मस्ती के तैयारी करने लगी. खुद जुनैब भी थोड़ा सा घबरा रहा था मगर जब उसने भी एक लार्ग पैग पी लिया तो घबराहट न जाने कहाँ काफूर हो गयी. अब तक जुनैब ने सलमा के शरीर से सारे कपडे उतार दियी थे. वह खुद भी नग्न हो चुका तहा. सलमा ने जब उसके कहास अंग को देखा तो आँखों में गर्मी सी आ गयी . आँखों में वासना के लाल -लाल डोरे तैरने लगे .सलमा की गोलाइयां बेहद आकर्षक थीं, इतनी ज्यादा आकर्षक कि जुनैब ने ने उनको आहिस्ता-आहिस्ता दबाना शुरू कर दिया . सलमा के बदन में गर्मी का एहसास होने लगा था . जुनैब का गुप्त अंग भी सख्त होकर तनकर खडा हो गया. उसने उसे सलमा के बदन से रगड़ना शुरू कर दिया था. उन दोनों का शरीर अब पूरी तरह से गर्म होने लगा . जुनैब ने सलमा की दोनों गेंदों को बारी- बारी से अपने मुंह में लेकर चूसना जारी रखा . इससे वे दोनों ही काम क्रीडा की मंजिल पर पहुँचने के लिए बेताब होने लगे, वासना का तूफ़ान अब जोर-जोर से चलने लगी थी. वे दोनों मुक्ति पाना चाहते थे. जिस्म में जो आग लगी थी, उसे इश्ज्क की फुहारों से बुझाना चाहते थे. दो जिस्म अब एक जान बनने की दिशा में बढ़ रहे थे. वे दोनों ही युवा थे और पहली बार जिस्म का खेल खेलने वाले थे. उन दोनों मको इस काम का कोई इल्म नहीं था .

Monday, May 16, 2011

भाग-१३
वहाँ पर आराम से बात करेंगे , इतना मजा आएगा कि कभी सोचा भी नहीं होगा. डांस का जितना सुख उठाना था, उठा लिया है.अब इससे आगे के आनंद की बारी है. जब हम दोनों के पास ही मौक़ा है तो उसका सदुपयोग भी करना ही चाहिए .
सलमा- जो चाहिए वो करो , मैं कबी इनकार करती हूँ. लेकिन इतना तो करो कि सब कुछ जल्दी से करो. घर जाने के लिए देर नहीं होनी चाहिए. वैसे भी अभी मूड चढ़ा हुआ. ये शराब का नशा उतरने तक आराम कर लिया जाए तब यहाँ से निकलते हैं. शराब का नशा भी उतर जाएगा और कुछ बातचीत भी हो जायेंगी , ये बताओ, तुम इतने बड़े घर के लड़के हो. तुम्हें कोई वाच नहीं करता. ऐसे बिना बताए तुम कैसे चले आते हो. तुम्हें कोई रोकता-टोकता क्यों नहीं है ?
जुनैब- कैसे जाना कि मुझे कोई रोकता-टोकता नहीं है. सबका ध्यान मुझ पर रहता है, मैं सांसद पिता का इकलौता बेटा जो ठहरा . हाँ ये जरूर है कि सब लोगों का मुझ पर भरोसा है. सब जानते हैं कि मैं कुछ भी गलत काम नहीं करूँगा , इसलिए कोई अडंगा नहीं अडाता . तुम्हारी जानकारी के लिए ये भी बतादूं कि इस होटल के बाहर दो सरकारी और तीन प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड पहरा दे रहे हैं,. वे मेरी सुरक्षा ठीक तरह से करते हैं.
सलमा- अच्छा , तब तो वे ये भी जानते होंगे कि तुम यहाँ पर मेरे साथ हो ?
जुनैब- जी नहीं, मेरे पर्सनल मामले में टाक -झाँक करने की इजाजत उनको बिलकुल नहीं है. उनका काम है मेरी और जो कोई मेरे साथ है, उसकी सुरक्षा करना. अपनी जान पर खेलकर भी इस काम को वे बखूबी अंजाम देते हैं. चलो , अब हम एक बढ़िया सा सुइट बुक करा देते हैं.
सलमा उसका साथ चलने लोअगी. इस वक्त उन दोनों ने एक दुसरे के हाथ थाम रखे थे . सलाम की आदत में काफी बदलाव आ चुका था. अब वह पहले से बदली-बदली सी थी. कुछ देर पहले जो मर्दों के नाम से भी नफरत करने लगी थी अब वही जुनैब का हाथ थामकर चल रही थी. उसको कमरा बुक कराने में भी कोई हर्ज नहीं थी. जुनैब ने एकी पर्ची पर लिखकर कुछ दिया था , उसका तुरंत बाद ही एक एक्जीक्यूटिव उनके पास आ गया और उन्हें अपने साथ तीसरी मंजिल पर ले गया. वहां उनका कमरा बुक हो चुका था. बेहद खूबसूरत कमरा था. कमरे के अंदर ही सारी सुविधाएँ थीं., अगर सलमा जुनैब के साथ नहीं आती तो उसे कभी ऐसा मनमोहक द्रश्य देखने का अवसर नहीं मिलता. एक्जीक्यूटिव उनका आदेश लेकर जा चुका था. सलमा पर शराब की खुमारी छाई हुई थी. एक तो वह पिए हुए थी और दूसरी बात उस पर जवानी का उन्माद छाया तह, सबसे महत्वपूर्ण ये कि इस वक्त वह जुनैब जैसे हेंडसम लड़के के साथ थी, इसलिए उसके कदम बहकने लगे. उसने जुनैब को अपनी बांहों में भर लिया. मुस्कराते हुए जुनैब ने उसके तपते हुए सुर्ख होठ चूम लिए. सलमा को लगा जैसे उसका अस्तित्व हिलने लगा है. उस जादुई स्पर्श ने जुनैब और सलमा के रोम -रोम को रोमांचित कर दिया था. जुनैब ने उत्साहित होकर कहा -
- मेरी बात सच निकली न , मैंने कहा था न कि एक वक्त ऐसा आएगा जब तुम मेरे प्यार को समझोगी और खुद आकार मेरे सीने से लग जायेगी . ऐसा ही हुआ न.
सलमा- अब कभी छोड़ना मत, जब तुम्हारा दामन थाम लिया तो बस थाम लिया .
जुनैब- अगर कोई सर को धड से अलग करदे तब भी मैं तुमसे जुदा होने वाला नहीं हूँ. तुम्हारे साथ जीना है, तुम्हारे साथ मरना है.
सलमा- तुम कितने अच्छे हो जुनैब. जब बोलते हो तो शब्दों से शहद टपकता है.
जुनैब- और तुम तो जादू सा चला देती हो. मन का मोर नाचने लगता है. जी चाहता है की बस तुम्हें देखता ही रहूँ.