जंतर मंतर पर समलैंगिकों ने निकला अनोखा मार्च

नई दिल्ली.राजधानी के जंतर-मंतर पर समलैंगीक रंग विरंगी पोशाके पहने, चेहरों पर मास्क लगाए नाचते -गाते एक दूसरे में प्यार में खोए अनोखे मार्च का आयोजन करते नज़र आए।












दिल को छूने वाली रोमांचक और मर्मस्पर्शी कहानियाँ

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल के जेल सुपरिटेंडेंट एस सी भारद्वाज का तबादला कर दिया गया है। इनपर आरोप है जेल में कलमाड़ी को चाय-नाश्ता कराने का। आरोप ये भी है कि तिहाड़ में बंद दूसरे वीआईपी कैदियों को सुविधा पहुंचाते रहे हैं। गौरतलब कि पिछले दो दिन पहले ट्रायल कोर्ट के जज ब्रजेश गर्ग ने औचर निरीक्षण के दौरान उन्हें कलमाड़ी जेल सुपरिटेंडेंट के कमरे में पाया और कलमाड़ी वहां चाय नाश्ता कर रहे थे।
तिहाड प्रशासन ने रिपोर्ट देखने के बाद जो कार्रवाई की है ये उसी का असर माना जा रहा है। हालांकि तिहाड़ प्रशासन का कहना है कि ये रूटीन ट्रांसफर है जो कि 1 जुलाई से किया जाना था लेकिन जिस तरह से इंस्पेक्टिंग जज की रिपोर्ट आई। बताया गया कि VIP कैदियों को तिहाड़ जेल परिसर में जो सुविधा मिल रही थी उसी को देखते हुए ये पूरा असर माना जा रहा है। इस बात की भी संभावना है कि आने वाले दिनों में तिहाड़ जेल के और भी कर्मचारियों-अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती। है

दरअसल जेलों का न्यायपालिका द्वारा समय समय पर दौरा किया जाता है। बृहस्पतिवार को जब जेल के रूटीन दौरा हुआ तो पाया गया कि जिस तरीके से आम कैदियों को रखा जाता है उस तरीके से सुरेश कलमाडी को नहीं रखा गया था। वो जेलर के कमरे में पाए गए थ। साफ तौर पर इसमें जेल मैन्युअल का उल्लंघन था। यही रिपोंर्ट इंस्पेक्टिंग जज ने डिस्ट्रिक्ट जज को सौंपी है। इसी के आधार पर आने वाले संमय में तिहाड़ जेल के कुछ और कर्मचारियों–अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है
संदीप साहू
भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

तिरुवनंतपुरम। एक मंदिर जिसके तहखानों में है दौलत का अंबार! यकीन न हो तो ध्यान से देखिए, अभी तक लगभग 50000 करोड़ के जेवरात मिले। गिनती अभी भी जारी है। जमीन के नीचे हैं बड़ी-बड़ी गुफाएं और उनमें भरे हैं सिर्फ हीरे, जेवरात। इनमें है अथाह संपति। सोने के 3 मुकुट, रत्न जटित सोने की छड़ें, 18 फुट लंबे 1000 से ज्यादा नैकलेस। इनमें से एक नैकलेस 10 किलो सोने का तो 4 नैकलेस का वजन 2 किलो। 1 लाख से ज्यादा सोने-चांदी के सिक्कों और वो सब जो हम सिर्फ सपने में देखते हैं। ये मंदिर नहीं ये है खजाने का अंबार।
केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम के पद्मनाभ मंदिर में अरबों रुपए का खजाना मिला है। सदियों पुराने इस मंदिर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार ने खुलवाया है। सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय कमेटी के पैनल ने जब मंदिर के गुप्त तहखानों और कमरों को खोला तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। खजाने में बड़ी तादाद में मोती, पन्ना, माणिक, हीरे और सोने का सामान मिला है। खजाना इतना ज्यादा है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट की टीम सिर्फ 30 फीसदी का ही मुआयना कर सकी है।

ये बेशकीमती सामान सैकड़ों साल पुराना होने के वजह से आज की तारीख में इसकी सही कीमत नहीं आंकी जा सकी है। अभी तक गैरसरकारी सूत्रों ने इस खजाने के एक हिस्से की कीमत 50 हजार करोड़ रुपए आंकी है। इतिहासकारों का कहना है कि इस खजाने में त्रावणकोर के महाराजाओं के सोने और हीरे के मुकुट, बेशकीमती जवाहरात मौजूद हैं।
सरकार इस खजाने की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हो गई है। उसने मंदिर के आसपास सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी है और मंदिर की फोटोग्राफी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अब तक खजाने से 50,000 करोड़ रुपये की संपत्ति निकाली जा चुकी है। ये आंकड़ा शुरुआती एस्टीमेट है लेकिन खजाना सवा सौ साल से ज्यादा पुराना है इसलिए इसकी कीमत कई गुना ज्यादा हो सकती है। खबरों के मुताबिक अभी तक खजाने के 5 तहखाने खोले जा चुके हैं और दौलत की सही कीमत आंकने की कोशिशें चल रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट में खजाने की रिपोर्ट जमा करने के बाद ही इस खजाने की सही कीमत का खुलासा किया जाएगा। कोर्ट तब खुद इस खजाने में मिले कीमती सामान की असल कीमत तय कर सकता है। अभी तक जो कीमत लगाई जा रही हैं वो सिर्फ लोगों की अपनी सोच है।
सुप्रीम कोर्ट के पैनल को पहले कमरे में गुरुवार को करीब 20,000 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और जवाहरात मिले थे। ये कमरा पिछले 150 साल से बंद था। तहखाने में सोने के 3 मुकुट मौजूद थे। इतिहासकारों का कहना है कि ये मुकुट त्रावणकोर के राजाओं के थे और उनमें से एक को कुलशेखर पेरुमल पहनते थे। ये मुकुट अंदरूनी लॉकरों से मिले। उनके अलावा बड़ी तादाद में रत्नजटित स्वर्णाभूषण और सोने की छड़ें निकलीं हैं।
कीमती और काफी दु्र्लभ सामान और बेशकीमती जवाहरात इस मंदिर के अलग-अलग कमरों में मिले हैं। खासकर चैंबर ए में जो सामान मिला है वो कई सदी पुराना है।
सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने गुरुवार को कमरे में मिली दौलत के महज 30 फीसदी हिस्से की गिनती की है जिसे प्लास्टिक के 70 बोरों और 7 बक्सों में सहेजकर रखा गया है र अभी खजाना बढ़ता ही जा रहा है। इससे पहले चार दूसरे कमरों से पैनल को सोने और चांदी के बर्तन, मुकुट, सोने के छत्र मिले थे, जिनकी कीमत 5,000 करोड़ रुपए बताई गई है। इनमें पारंपरिक मशालें भी शामिल हैं।
कुल मिलाकर 6 कमरों में से 'ए और 'बी डेढ़ सौ साल से बंद हैं। तिरुअनंतपुरम के निवासियों के मुताबिक 'बी कमरे में भी बेशकीमती खजाना मौजूद है।
जब से हमें सुप्रीम कोर्ट ने इस खजाने का स्टॉक लेने को कहा है, तभी से हम सभी काफी चिंतित हैं। सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है लेकिन अब सरकार इसे और मजबूत बनाने के बारे में विचार कर रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस खजाने की सही कीमत आंकना काफी मुश्किल है क्योंकि ये जितने पुराने होंगे, इनकी कीमत उतनी ही ज्यादा होगी। इन 6 कमरों के अलावा भी कई गुप्त तहखाने अभी मंदिर में बताए गए हैं जो उप देवस्थान के गर्भगृह के नीचे हो सकते हैं। मंदिर परिसर में नरसिंह मूर्ति के दक्षिण के कोने में मौजूद कमरे 'ए में ग्रेनाइट की चट्टानें हटाने पर 367 सेंटीमीटर लंबा, 220 सेमी चौड़ा और 175 सेमी ऊंचा गुप्त कमरा मिला है। वहां जाने के लिए संकरा रास्ता था, जिसमें एक वक्त में एक ही आदमी जा सकता था। उसके अंदर जमीन पर खजाना बिखरा था और दीवारों पर बनाए गए विशेष लॉकरों में भी बेशुमार दौलत मिली है। इन लॉकरों पर सांप और अंग्रेजी अक्षर 'एस की आकृति के निशान भी मिले हैं। डेढ़ सौ साल से ज्यादा वक्त से बंद 'बी कमरे और 'एफ कमरे को भी अब खोला जाएगा। इनमें मिलने वाली संपत्ति के दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएंगे। खजाना मिलने के बाद मंदिर की सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है और यहां फोटोग्राफी की मनाही कर दी गई है श्री पद्मानाभास्वामी (विष्णु) मंदिर के चार में से दो तहखानों को पिछले 130 वर्षों से खोला नहीं गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सात सदस्यों की एक समिति को इनमें दाख़िल होने और वहाँ मौजूद चीज़ों का आकलन करने का आदेश दिया गया था.श्री पद्मानाभास्वामी मंदिर को 16वीं सदी में ट्रैवेनकूर के राजाओं ने बनवाया था
अनाधिकारिक आकलन के मुताबिक पिछले चार दिन के निरीक्षण में पाई गई चीज़ों की कीमत 25 अरब रुपए हो सकती है. लेकिन इतिहासकारों का कहना है कि इन चीज़ों की असल कीमत लगा पाना बहुत ही मुश्किल है.
निरीक्षकों का कहना है कि पूरी सूची तैयार करने में एक हफ़्ता और लगेगा.
मैंने पुलिस प्रमुख को आदेश दिया है कि ये तथ्य सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी जाए और स्थायी तौर पर सुरक्षाकर्मियों को वहाँ तैनात कर दिया जाए
केरल के मुख्यमंत्री ओमन चैंडी
मंदिर का आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चैंडी ने कहा है, "मैंने पुलिस प्रमुख को आदेश दिया है कि ये तथ्य सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी जाए और स्थायी तौर पर सुरक्षाकर्मियों को वहाँ तैनात कर दिया जाए."
इस मंदिर को 16वीं सदी में ट्रैवेनकूर के राजाओं ने बनवाया था और लोकगाथाओं में ज़िक्र है कि मंदिर की दीवारों और तहखानों में राजाओं ने ख़ासे हीरे- ज्वाहरात छिपा दिए थे.
इससे पहले एक स्थानीय वकील सुंदर राजन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सरकार मंदिर पर नियंत्रण कायम करे क्योंकि जिन लोगों का मंदिर पर नियंत्रण है वे मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा नहीं कर सकते क्योंकि मंदिर के पास कोई सुरक्षा बल नहीं है.
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मंदिर को अपने नियंत्रण में लेने को कहा था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फ़ैसले को सही ठहराया था.
भारत की स्वतंत्रता के बाद ट्रैवेंकूर राजघराने के लोग के नेतृत्व में एक ट्रस्ट मंदिर का कामकाज देखती है.
इस राजघराने के वर्तमान उत्तराधिकारी उथ्थरादान थिरूनाल मारथंड वर्मा इस ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं और उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी लेकिन वो ख़ारिज कर दी गई थी

अभिनेत्री से उद्योगपति बनी सुष्मिता सेन एक माह पहले बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान द्वारा बांद्रा में आयोजित पार्टी में दिखाई दी थी , लेकिन पार्टी की खासबात रही सुष्मिता सेन के पूर्व दोस्त और पाकिस्तानी क्रिकेटर वसीम अकरम की मौजूदगी।
जब सुष्मिता से पूछा गया कि उन्होंने वसीम से क्या बातें की तो अभिनेत्री ने कहा कि आपके काम की कोई बात नहीं है। हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि इसके बाद हम जुहू के एक रेस्टारेंट में मिले और कुछ मीठी बातें की, क्योंकि 'मैं वसीम को पसंद करती हूं मगर हर आदमी से मेरा चक्कर नहीं चल सकता', हम सिर्फ अच्छे दोस्त है। मैं अपने हर दोस्त को ब्वॉयफ्रेंड नहीं बना सकती। मैं ये सब इसलिए कह रही हूं, ताकि बाद में लोग किसी तरह का कोई गलत अनुमान न लगाने लगे।
गौरतलब है कि उन्होंने एक मंच से दो लड़कियों को गोद लेने की बात बताई थी और साथ ही घोषणा की थी कि अब वो अपना खुद का बच्च चाहती है। जब सुष्मिता को उनकी ये बात याद दिलाई गई तो उनका कहना था कि मैंने अपना इरादा नहीं बदला है, लेकिन मैं एक सही आदमी की तलाश में हूं। जो पिता बनने की जिम्मेदारी को समझ सके। बच्चे एक प्राकृतिक क्रिया है और मैं इस का अनुभव करना चाहती हूं। मैं जानती हूं कि मेरी जिंदगी की घड़ी बहुत तेजी से चल रही है, लेकिन मेरा मानना है कि एक औरत 42 की उम्र तक मां बन सकती है।
अंत में सुष्मिता ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा कि वह अभी एक स्पा की श्रृंखला लांच करने में व्यस्त है और कभी-कभी कुछ स्क्रिप्ट पर भी नजर डाल लेती है.
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हैदराबाद. आंध्र प्रदेश में चर्च के एक पादरी पर अपनी नौकरानी से रेप और उसकी हत्या करने का आरोप लगा है। पादरी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर नौकरानी को पीटा और उसे आग के हवाले कर दिया। बुरी तरह झुलस चुकी 16 साल की नौकरानी ने गुंटूर के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया है।
पुलिस के मुताबिक आंध्र इवेंजेलिकल लुथरन चर्च से जुड़े अजय बाबू पर आरोप है कि उसने अपने घर काम करने वाली लड़की से शादी का वादा कर उसका यौन शोषण किया। जब लड़की ने शादी करने का दबाव डाला, तो पादरी ने कहा कि वह शादी नहीं कर सकता, क्योंकि वह शादीशुदा है।
पुलिस के मुताबिक इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और बाद में पादरी ने लड़की को आग लगा दी। इस काम में उसकी पत्नी ने भी उसका साथ दिया, जबकि अजय बाबू का कहना है कि लड़की ने खुद ही आग लगा लगाई.
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नई दिल्ली। क्या एक्साइटमेंट या पछतावा दिखाने के लिए कोई ऐसा भी तरीका अपना सकता है या फिर ट्विटर जैसी सोशल साइट पर किसी का इस तरह भड़ास निकालना सही है? हैदराबाद में अमिताभ बच्च्न की नई फिल्म बुड्ढा होगा तेरा बाप का प्रीमियर देखने के बाद रामगोपाल वर्मा ने बिग बी को लेकर कुछ ऐसा ट्वीट कर डाला जो उनके चाहने वालों के न तो निगलते बन रहा है और न ही उगलते।
रामगोपाल वर्मा ने प्रीमियर देखने के बाद ट्विटर पर इंग्लिश में ट्वीट किया, हाल ही में मैंने ‘बुड्ढा होगा ...’ देखी। फिल्म देखने के बाच बच्चन पर गुस्सा आया कि वह इतने बड़े C****** हो सकते हैं और मैं इतना बड़ा L*** हो सकता हूं।

जब उनसे इस बार में बात की गई तो उन का कहना था कि ये मेरा अपना तरीका है। मैंने अमिताभ के साथ पहले भी कई फिल्मों में काम किया है लेकिन इस तरह से (बुड्ढा..) काम न कर पाने के अफसोस ने मुझे ऐसा ट्वीट करने के लिए मजबूर किया।
मालूम हो कि हाल ही में जब अमिताभ ने ऐश्वर्या के प्रेगनेंट होने की खबर को ट्वीट किया था तब भी रामगोपाल वर्मा ने एक अलग ही अंदाज में उन्हें बधाई दी थी। रामू ने बधाई संदेश में ये तक कहा डाला था कि उन्हें प्रेगनेंट अभिनेत्रियों से सख्त नफरत है।
बहरहाल जो भी हो लेकिन रामू के इस कदम की जमकर आलोचना हो रही है। ट्विटर पर कोई उन्हें पियक्कड़ बता रहा है तो कोई पागल। देखतें हैं इस पूरे मुद्दे का केंद्र बिंदु खुद अमिताभ बच्चन इसपर क्या कहते हैं.
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मुंबई।टीवी प्रोड्यूसर नीरज ग्रोवर की हत्याकांड मामले में सत्र अदालत ने कन्नड़ फिल्मों की अभिनेत्री मारिया सुसाइराज को तीन साल की सजा और उसके मंगेतर एमिले जेरोम मैथ्यू को दस साल की सजा सुनाई है। प्रेम त्रिकोण के कारण हुए इस हत्या काण्ड में अदालत ने जेरोम को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है जबकि मारिया को सिर्फ सुबूत मिटाने का आरोपी पाया है।
गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले हुई घटना में मारिया व जेरोम ने मूल रूप से कानपुर निवासी नीरज का कत्ल करने के बाद उसके शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर निकट के जंगल में उन्हें पेट्रोल डालकर जला दिया था। मुंबई पुलिस ने 7 मई, 2008 के इस हत्याकांड में मारिया और जेरोम पर आइपीसी की धारा 302 और 120-बी के अलावा हत्या के सुबूत मिटाने के लिए धारा 201 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया था।
लेकिन, मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष दोनों को हत्या का दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सुबूत नहीं दे सका। अदालत ने जेरोम को धारा 302 के बजाय 304 [1] यानी गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया। मारिया सुसाइराज को तो सिर्फ आइपीसी की धारा 201 के तहत सुबूत मिटाने का ही दोषी माना गया। लिहाजा मारिया को शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया जाएगा क्योंकि इस धारा के तहत सिर्फ तीन साल की सजा का प्रावधान है और मारिया इससे अधिक समय जेल में गुजार चुकी है।
अदालत के फैसले से नाखुश नीरज के पिता अमरनाथ ग्रोवर ने कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने ठीक तरह से मामले की जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील करेगी।
आज क्या कहा मुंबई सत्र न्यायालय ने
न्यायमूर्ति चांदवानी ने नीरज ग्रोवर हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए कहा कि मैथ्यू ने गुस्से में आकर हत्या की। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा की नीरज की हत्या पूर्वनियोजित नहीं थी। अदालत ने कहा, ‘ मैथ्यू ने जिस वक्त मारिया के फ्लैट में प्रवेश किया था। उस समय वह शांत था। इससे साफ होता है कि मैथ्यू का इरादा नीरज की हत्या करना नहीं था।
न्यायमूर्ति चांदवानी ने आईपीसी की हल्की धारा के तहत मैथ्यू और मारिया को दोषी व सजा सुनाने के पक्ष में तर्क दिया है कि यह जाहिर सी बात है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मंगेतर को किसी अजनबी के साथ देखता है, तो वह गुस्से में आकर अपना आपा खो बैठता है।
ध्यान रहे कि अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि 7 मई 2008 को मारिया के मालाड स्थित फ्लैट में पहले मैथ्यू और नीरज के पीट मारपीट हुई और इस दौरान नीरज की हत्या कर दी गई। जिसके बाद मैथ्यू और मारिया ने नीरज की लाश के कई टुकड़े कर सबूत मिटाने के इरादे से मनोर (ठाणे) के जंगल में ले जाकर उसे जला डाला।
महत्वपूर्ण है कि मुंबई सत्र न्यायालय के फैसले को सरकारी वकील आर.वी. केणी और मृतक नीरज ग्रोवर के पिता अमरनाथ ग्रोवर ने निराशाजनक बताया है। वे इस फैसले को ऊपरी अदालत (मुंबई हाईकोर्ट) में चुनौती देने वाले हैं। दरअसल नीरज ग्रोवर हत्याकांड में वे दोनों आरोपियों को मृत्युदंड की सजा दिलाना चाहते हैं। क्योंकि हत्या के बाद लाश को बेहद क्रूरता से टुकड़े-टुकड़े कर सबूत को मिटाने का प्रयास किया गया था
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