Monday, June 27, 2011

भाग-५५
मैं समझता हूँ कि इसमें तुम्हारी कोई कमी नही है. यह सिर्फ एक दुर्घटना है जो किसी के साथ भी हो सकती है. इसमें तुम्हारा कसूर जब होता तब तुम भी इसमें किसी न किसी रूप में इन्वोल्ब होती .
सलमा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ. मैं अपवित्र हो चुकी हूँ. मैं बदनसीब हूँ.
जुनैब- जिस्म तो मर जाता है, मिट जाता है. ये मिट्टी का बना है. असली चीज तो प्यार है. प्यार के बिना इंसान जीवित नहीं रह रह सकता. जब तक दुनिया है तब तक प्यार रहेगा .सब कुछ मिट सकता है सिवाय प्यार के . मैंने भी तुमसे सच्चा प्यार किया है. इस प्यार का जिस्म से कोई मतलब नहीं है. अगर तुम्हारे साथ किसी ने अमानवीय हरकत की है तो ये तुम्हारा नहीं उसका दोष है, इससे तुम्हारा बदन अपवित्र नहीं हुआ बल्कि उस बलात्कारी का जिस्म ही अपवित्र हुआ है, उसकी नीयत तो पहले से ही गंदी थी अब उसकी आत्मा भी गंदी हो गयी है. सूरज की तारफ थूकने वाले का जो हश्र होता है, वही उसका हुआ है. इसमें तुम्हारी क्या कमी है ?
सलमा- जिसने बचपन में मेरे साथ रेप किया था वह भी एक मर्द था और आप भी एक मर्द हैं, मगर दोनों में कितना फर्क है . वो एक शैतान था और तुम एक देवता जैसे हो. आज मालूम हुआ , एक जैसी शक्ल के दिखने वाले लोग भी कितना अलग हो सकते हैं. आपके विचार आसमान से भी ऊंचे हैं. मेरा भी फर्ज बनता है कि मैं भी एक उच्च आदर्श प्रस्तुत करू, ताकि तुम्हारे आदर की पात्र बन सकूं.
जुनैब- काश , तुम मेरे दिल में झाँक पाती, काश तुम समझ पाती कि मैं तुम्हें कितनी मोहब्बा करता हूँ, तुम्हारा कितना सम्मान करता हूँ. सम्मान की शुरुआत ही प्यार से होती है. अगर मन में प्यार नहीं है तो कुछ नहीं है. प्यार पहली सीढी होती है, यहाँ से आगे बढते हुए जाया जाता है. और मैं तो पहले से ही सारी हदें पार कर चुका हूँ. सारे रास्तों को छान बैठा हूँ.
सलमा- मुझे डर लगता है. मेरा कलेजा कांपता है. सोचती हूँ जरूर कोई अनहोनी होने वाली है. क्योंकि अचानक इतनी खुशियाँ एक साथ किसीको नसीब नहीं हो सकतीं,तुम मुझे जीता प्यार डे रहे हो , वह अनमोल है, अतुल्य है. अमर है. मगर मुझे भी कुछ करने का मौक़ा दीजिए , मैं चाहती हूँ कि जिस शरीर को एक पापी भोग चुका हो उससे तुम्हारे पवित्र हाथ का स्पर्श भी नहीं होना चाहिए , वरना मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाउंगी .
जुनैब- तुम ये कैसी बहकी-बहकी बातें कर रही हो ?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आम आदमी ही नहीं मीडिया भी सुरक्षित नहीं है। सीएमओ हत्याकांड और डॉ. सचान की मौत की खबर का पर्दाफाश करने वाले आईबीएन7 संवाददाता शलभमणि त्रिपाठी पर पुलिस अधिकारी ने हमला किया और हजरतगंज ऑफिस से उठा ले गए। जहां लड़की के साथ जोड़कर केस में घसीटने की कोशिश की गई।

आईबीएन7 के पत्रकार पर हमले को लेकर देशभर में निंदा हो रही है। देश की तमाम पार्टियां इसे यूपी सरकार की तानाशाही बता रही है। चाहे कांग्रेस, हो या बीजेपी सभी ने मीडिया पर हमले की निंदा की है। वहीं मायावती ने सूबे में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बैठक की और इस बैठक में अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मीडिया के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीडिया के साथ बदसलूकी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शलभ के मुताबिक पुलिस ने उनके साथ मारपीट और गालीगलौच की। वहीं, रिपोर्ट मनोज राजन त्रिपाठी को पुलिस ने अपराधियों की तरह दौड़ाया। वो अपने आप को बचाने में कामयाब रहे और मौके पर मीडिया कर्मियों को जमा करने में सफल रहे। जिसके बाद पत्रकारों के दबाव में पुलिस अधिकारियों को शलभ को छोड़ना पड़ा। ये अधिकारी हैं हजरतगंज थाने के सीओ अनूप कुमार और एएसपी बी पी अशोक।

दूसरी तरफ लखनऊ में मीडिया पर हुए इस हमले के खिलाफ पत्रकार बीती रात सड़क पर उतर आए। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास के आगे प्रदर्शन किया जिसके बाद दबाव में आकर यूपी सरकार ने दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।





लाल आतंक : मुठभेड़ में पांच जवान शहीद, आठ नक्सली ढेर

कांकेर/जगदलपुर.कांकेर और जगदलपुर में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में बीएसएफ और सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि सात के घायल होने की खबर है।

कांकेर जिला मुख्यालय से करीब सौ किमी दूर कोयलीबेड़ा थाने के सुलंगी गांव के नजदीक रविवार को हुई मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए हैं। घंटेभर चली मुठभेड़ में तीन जवान घायल भी हुए हैं। सुरक्षा बलों ने आठ नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया। मरने वालों में कुछ महिला नक्सली भी हैं।

उधर दंतेवाड़ा के किरंदुल और पालनार के बीच नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस वाहन को उड़ा दिया। घटना में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और चार घायल हैं। घटना रात नौ बजे हुई।
कांकेर में हमला उस वक्त हुआ जब बीएसएफ और डीएफ की संयुक्त टीम सर्चिग पर निकली थी। पुलिस के मुताबिक घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए कोयलीबेड़ा बीएसएफ कैंप लाया गया। बाद में उन्हें वहां से बाहर ले जाने के लिए हेलिकॉप्टर की मांग की गई थी लेकिन मौसम खराब होने कारण हेलिकॉप्टर कैंप तक नहीं पंहुच पाया।

शाम साढ़े पांच बजे घायलों को एंबुलेंस से उपचार के लिए सड़क मार्ग से बाहर भेजा गया। रविवार सुबह कोयलीबेड़ा बेस केंप से सुलंगी को ओर बीएसएफ टीम सर्चिग के लिए निकली थी।

दोपहर 12 बजे कोयलीबेड़ा-अंतागढ़ मार्ग पर सुलंगी गांव के पास घात लगाए नक्सलियों ने हमला बोलते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। सचिर्ंग टीम ने भी मोर्चा लिया। गोलीबारी में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार (दिल्ली) और कांस्टेबल एके ईमोल (असम) शहीद हो गए। बीएसएफ के कांस्टेबल के भागेश्वर, पी धनेकर तथा पंकज कुमार घायल हुए हैं। जवानों के शव को एंटी लैंडमाईन व्हिकल से रायपुर के लिए रवाना किया गया।

बारिश की वजह से मदद में देरी

बेस कैंप में नक्सली हमले की सूचना मिलते ही अलग-अलग दिशाआंे से जवानों को सहायता पहुंचाने के लिए टीम रवाना की गई। क्षेत्र मंे लगातार हो रही बारिश के चलते टीम को घटना स्थल तक पहुंचने परेशानी का सामना करना पड़ा। मुठभेड़ के फौरन बाद हुई सर्चिग में एक नक्सली का शव मिला। साथ ही एक थ्रीनॉटथ्री और दो बम मिले।

नक्सली के शव के साथ बरामद टोपी में स्टार बना हुआ है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है की मृतक नक्सली संगठन का अहम पदाधिकारी है। जवानों ने मुठभेड़ में मारे गए आठ नक्सलियों के शव को साथी नक्सलियों द्वारा उठाकर ले जाते देखने का दावा किया है।

जवाबी कार्रवाई में आठ नक्सली ढेर

"कांकेर में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए है। सर्चिग टीम ने मोर्चा लेते हुए जवाबी कार्रवाई की जिसमे आठ नक्सली के मारे जाने की संभावना है। एक नक्सली का शव बरामद हुआ है।"

राम निवास
एडीजीपी नक्सल आपरेशन

कई इलाकों में रोड काटे, पटरी उखाड़े

माओवादियों ने देशव्यापी काला दिवस के तहत रविवार को बस्तर संभाग के कई हिस्सों में खूब उत्पात मचाया। इस दौरान यातायात और साप्ताहिक बाजार खासा प्रभावित हुए। नक्सलियों ने जगदलपुर से कोंटा जाने वाली सड़क को कई स्थानों पर काट दिया है। बचेली और किरंदुल के बीच माओवादियों ने देर रात पटरी उखाड़ दी और काला दिवस के समर्थन में पर्चे भी फेंके।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक विशाखापट्टनम से किरंदुल रेल लाइन के 442/17 एवं 442/18 किमी के बीच बांई ओर की 13 मीटर लंबी पटरी उखाड़ दी गई। हालांकि रात में मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने से कोई हादसा नहीं हुआ।

माओवादियों ने पटरियों पर हाथ से लिखे करीब ढाई सौ के ज्यादा पर्चे भी फेंके। इनमें बस्तर में सेना की तैनाती और आपरेशन ग्रीन हंट का विरोध किया गया है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे पटरियों की मरम्मत के बाद इस मार्ग पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ।


दंतेवाड़ा से सुकमा और कटेकल्याण जाने वाली सड़क पर कई जगह गड्ढे कर दिए और पेड़ काट कर डाल दिया था। देर शाम पुलिस ने इसकी मरम्मत कर आवागमन बहाल कराया है। सुकमा रोड पर भूसारास घाटी में कुछ स्थानों पर सड़क काट दिए गए हैं। पालनार किरंदुल रोड पर भी जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए हैं। कटेकल्याण मार्ग पर बालूद और चितालूर के बीच भी सड़क काटने और पेड़ काटकर डालने की खबर है।

एनएच 30 पर तोंगपाल थाना क्षेत्र के टाहकवाड़ा और जीरम के बीच दो स्थानों पर सड़क काट तथा पेड़ों को सड़क पर डाल आवागमन बाधित कर दिया गया था। जिससे इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सुबह करीब आठ बजे के करीब पुलिस ने वहां पहुंचे यात्रियों, ग्रामीणों और वाहन चालकों के सहयोग से गड्ढे पाट कर यातायात आरंभ कराया। कूकानार थाना क्षेत्र में करीब 15 स्थानों पर एनएच को काटे जाने की सूचना है। कोंटा इलाके में आंध्रप्रदेश से आने वाली यात्री बसें चिड़मुड़ तक ही चलीं। जगदलपुर से विजयवाड़ा और हैदराबाद की ओर जाने वाली यात्री बसें बंद रहीं।

पैसेंजर स्थगित

विशाखापट्टनम से किरंदुल के बीच चलने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन दूसरे दिन भी जगदलपुर स्टेशन पर स्थगित कर दी गई। अब यह ट्रेन सोमवार सुबह विशाखापटनम के लिए रवाना होगी

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दाऊद के साथी से मुलाकात से खफा छोटा राजन ने उड़वाया डे को!


मुंबई. मुंबई पुलिस ने क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे के हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या के केंद्र में कुख्यात अपराधी छोटा राजन है, जो कि डे के दाऊद इब्राहिम के ब्रिटेन में छुपे बैठे साथी से मुलाकात करने से नाराज था। दाऊद का यह साथी 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का प्रमुख आरोपी भी है।
पुलिस ने छोटा राजन गैंग से जुड़े हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें पूछताछ के लिए 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। ये आरोपी तमिलनाडु के रामेश्वरम, महाराष्ट्र के शोलापुर और मुंबई से गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार डे के राजन से बेहतर संबंध थे। लेकिन डे ने इसी साल 28 अप्रैल से 5 मई के बीच ब्रिटेन की यात्रा की और इसी दौरान वे दाऊद के खास साथी से मिले। माना जा रहा है कि इसके बाद छोटा राजन डे से नाराज हो गया। हालांकि डे की यह मुलाकात उनकी अंडरवर्ल्ड पर लिखी जा रही तीसरी पुस्तक के लिए जानकारियां जुटाने के लिए थी।
पुलिस की साइबर सेल ने हाल ही में डे का ई-मेल एकाउंट ‘कमांडरडे’ का पासवर्ड खोजने में सफलता पाई थी और उसमें मिली जानकारियों ने पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में काफी मदद की। साइबर टीम को इस मेल में डे द्वारा लिखे कुछ आवेदन भी मिले, जो उन्होंने फिलीपींस काउंसलेट को लिखे थे। वे फिलीपींस जाना चाहते थे और माना जाता है कि छोटा राजन इस समय वहीं छुपा हुआ है। चर्चा है कि डे छोटा राजन से मिलकर उसे वास्तविकता बताना चाहते थे, लेकिन राजन काफी नाराज था और उसने ऐसा कोई मौका नहीं दिया।

पांच लाख की राजन ने दी सुपारी

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने वरिष्ठ पत्रकार जेडे की हत्या करवाने के लिए सतीश कालिया नाम के शूटर को 20 दिन पहले फोन किया था और उसे 2 लाख रुपए भी दिए। हत्या में इस्तेमाल होने वाला हथियार नैनीताल से लिया गया। हत्या के बाद छोटा राजन ने हत्यारों को 3 लाख रुपए मुंबई छोड़ने से पहले मुंबई में ही किसी से दिलवाए।

हत्याकांड की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कहा कि हत्या से पहले पांच तारीख को एक बार फिर छोटा राजन ने कालिया को फोन किया था। 7 जून को हत्या के लिए रेकी की गई। सतीश कालिया ही इस मामले में मुख्य अभियुक्त है।

कालिया पर 3 मामले पहले से ही चल रहे हैं, वह खार इलाके का रहने वाला है। सतीश के अलावा अनिल, निलेश, सचिन गायकवाड़, अभिजीत शिंदे, मंगेश अगाउनी भी इस हत्या में शामिल थे

नई दिल्ली।। वरिष्ठ गांधीवादी अन्ना हजारे ने अपने अनशन में योग गुरु बाबा रामदेव के शामिल होने के प्रस्ताव पर कहा है कि इसके लिए उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं। इस साल अप्रैल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे ने मंच पर योग गुरु बाबा रामदेव का स्वागत किया था। अन्ना हजारे ने 16 अगस्त से एक बार फिर अनशन पर बैठने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र में रविवार देर शाम अन्ना हजारे ने कहा, 'बाबा रामदेव ने मेरे साथ अनशन पर बैठने की इच्छा जताई है, लेकिन मैंने उनके सामने कुछ शर्तें रखी हैं। यदि वह शर्तें मानते हैं तो मैं इस बारे में विचार करूंगा।

इस बारे में अन्ना हाजरे के नेतृत्व वाले सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के एक सदस्य ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है , जब अन्ना हजारे ने ऐसा कहा है। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि बाबा रामदेव से कुछ निश्चित मुद्दों पर बातचीत करने के बाद वह अनशन में उनके शामिल होने का स्वागत करेंगे।

सरकारी और सिविल सोसायटी की जॉइंट ड्राफ्टिंग कमिटी में एक मजबूत लोकपाल विधेयक तैयार करने में विफल रहने के कारण अन्ना हजारे ने 16 अगस्त से फिर अनशन करने की घोषणा की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के अभियान का समर्थन करने वाले अन्ना हजारे कुछ मुद्दों पर बाबा के विचारों से सहमत नहीं है.
मुंबई में पत्रकार जे डे की हत्या अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने कर्रवाई है यह दावा किया है मुंबई पुलिस ने। मुंबई पुलिस का कहना है कि सतीश कालिया मेन शूटर था जिसने वारदात को अंजाम दिया है। उसने .32 बोर की पिस्टल से जे डे पर गोलियां चलाई थी।

पुलिस का कहना है कि उसने हत्या में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं सतीश कालिया, अनिल बाघमोड, निलेश, अरूण, डेके सचिन गायकवाड़ अभिजीत शिंदे और मंगेश अगावने। पुलिस ने साथ ही यह भी कहा कि जेडे की हत्या का मकसद अभी तक पता नहीं चल सका है।


महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर आर पाटिल ने जेडे हत्याकांड सुलझने के बाद क्राइम ब्रांच का अभिनंदन किया और पुलिस टीम को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।


इससे पूर्व मुंबई पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था और सेशन कोर्ट में पेशी के बाद इन सभी आरोपियों को चार जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सातों आरोपियों में से तीन को मुंबई, एक को महाराष्ट्र के सोलापुर और तीन को तमिलनाडु के रामेश्वरम से गिरफ्तार किया गया है.
।'

गौरतलब है कि मिड डे के खोजी पत्रकार जे. डे के हत्यारों का सुराग देने वाले को मुंबई पुलिस ने 50 लाख के भारी-भरकम इनाम का ऐलान किया था। मुंबई पुलिस के इतिहास में सुराग देने वालों के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि है।

56 वर्षीय जे डे की 11 जून को पवई इलाके में चार मोटरसाइकिल सवारों ने दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कहा गया था कि जे. डे को काफी नजदीक से पांच गोली मारी गई थी।

हत्या के पीछे छोटा राजन गैंग
अभी तक पुलिस ने औपचारिक तौर पर हत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं किया है। थोड़ी देर में मुंबई पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मामले का खुलासा कर सकती है। लेकिन, गिरफ्तार किए गए लोग छोटा राजन गैंग के लिए काम करते रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में भी इन लोगों ने बताया है कि उन्हें छोटा राजन की ही तरफ से इस हत्या की सुपारी दी गई थी। उन्हें कहा गया था कि यह एक कॉरपोरेट प्रफेशनल है जिसे उन्हें टपकाना है।

क्या रही वजह?
इस खुलासे को अहम इसलिए माना जा रहा है कि एक तो अब तक छोटा राजन भी इस काम के पीछे अपना हाथ होने से इनकार करता रहा है और दूसरे पत्रकार जे डे को छोटा राजन गैंग का ही करीबी माना जाता था। उनकी कई रिपोर्टें दाऊद विरोधी मानी गई थीं। ऐसे में पूछा जा रहा है कि आखिर अपने ही करीबी पत्रकार की हत्या छोटा राजन क्यों करवाएगा?
इसका कोई सीधा और साफ जवाब तो फिलहाल नहीं मिल पा रहा, लेकिन जे डे ने मुंबई में दाऊद के भाई पर हाल में हुए हमले के बाद जिस तरह की आक्रामक रिपोर्टिंग की थी, उससे वह दाऊद गैंग के निशाने पर आ ही गए थे। ऐसे में सूत्रों के मुताबिक छोटा राजन की यह चाल हो सकती है कि ऐसे मौके पर डे की हत्या से दोष दाऊद गैंग पर जाएगा और इसका खामियाजा भी डी गैंग को ही भुगतना पड़ेगा। हालांकि इसके क्या और भी वजहें थी छोटा राजन की जे डे से चिढ़ने की? क्या छोटा राजन के खिलाफ भी कोई अहम जानकारी जे डे के हाथ लग गई थी?

Saturday, June 25, 2011

भाग-५४
सलमा- बात सब ठीक है, मगर मैं आज माफी चाहूंगी . मैं इस अकाम को नहीं कर पाउंगी .
जुनैब- तुम्हें इस बात का भेद बताना पडेगा. मुझे यह बताना होगा कि पहले तुमने हाँ क्यों की और अब ना क्यों कर रही हो.
जब तक इस बात का राज नहीं बताओगी , मैं किसी भी हालत में मानने वाला नहीं हूँ. भले ही मुझे जेल क्यों न जाना पड़े ?
सलमा- बात कुछ ऐसी है जिसे सुनने के बाद तुम मुझसे नफरत करने लगोगे . जितना ज्यादा प्यार कर रहे हो, सुनने के बाद उतनी ही नफरत करने लगोगे. मैं जानती हूँ कि इस तरह की बात सुनने के बाद तुम्हारे अंदर से प्रेम का भूत उतर जाएगा .
जुनैब- ऐसा तो कभी हो ही नहीं सकता. मैंने प्यार किया है कोई मजाक नहीं . चाहे जो हो जाए मैं नहीं बदल सकता , ऐसी कोई भी घटना मुझे विचलित नहीं कर सकती जो तुम्हें परेशान कर रही हो.तुम अपने दिल में किसी तरह का डर मत रखना सलमा- तुम बहुत अच्छी आदमी हो, तुम्हारे पिता भी एक सम्मानित राजनेता हैं. इसलिए मैं नहीं काहह्ती कि मेरी बदनामियों का साया या फिर मेरी काली छाया तुम पर पड़े. तुम मुझसे दूर हो जाओ. अब तक तो मैं स्वार्थ में अंधी हो गयी थी और इसी कारण मैंने तुम्हें अपने अतीत के बारे में कुछ नहीं बताया ,
जुनैब-मुझे कुछ जानने की जरूरत भी नहीं है. मैं तो सिर्फ इतना जानता हूँ , मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ और तुम्हारे बिना जी नहीं सकता . एक पल भी नहीं रह सकता . मेरे प्यार में बहुत ताकत है. इस शक्ति को दुनिया की कोई शक्ति परास्त नहीं कर सकती. आंधी आये तूफ़ान आये , किसी में इतनी हिम्मत नहीं है जो मुझे मोहब्बत की राह से हटा सके.
सलमा- अगर किसी दिन तुम्हें ये पता चल जाये कि जिसे तुम प्यार करते हो, जिस पर जां निसार करते हो , जिसे मोहब्बत की देवी मानते हो , उसके साथ अतीत में बलात्कार हो चुका है, वह अपवित्र हो चुकी है तबी तुम्हारा क्या रिएक्शन होगा ?
जुनैब- तो मैं कहूँगा कि ऐसा संभव ही नहीं है . जिसने कहा है, झूठ कहा है, नेरी चाहने वाली के साथ ऐसा नहीं हो सकता .
सलमा- मगर ऐसा हो चुका है. ये जब की कहानी है , जब मैं बहुत छोटी थी. मुझे ठीक से याद भी नहीं है. बस इतना सा ध्यान है कि जब मैं पेड़ के नीचे खेल रही थी तभी एक रिश्ते का मामा मेरे पास आया और मुझे चोकलेट खिलाने का लालच दिया और मैं झांसे में आ गई . मैं तो इतना जानती ही नहीं थी, बस उसके चक्कर में आ गयी , इसका नतीजा ये निकला कि वह मुझे झाडियों में ले गया . उसने मुझे खाने के लिए जो चोकलेट दी उसे खाते ही मुझे चक्कर आने लगे. कई घंटों के बाद घरवालों को मेरा खून से लथपथ जिस्म मिला. बताते हैं कि मेरे बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी. डॉक्टर ने किसी तरह से मुझे बचा लिया , उसी दिन से मुझे लड़कों से नफरत हो गयी , प्यार से नफरत हो गयी और इतनी ज्यादा हो गयी कि मैंने फिर कभी किसी लड़के की तरफ नहीं देखा . अब तुम समझे कि मैं क्यों तुम्हारी तरफ देखती भी नहीं थी. यह जानकार अब तुम मुझे ठुकराए बिना नहीं रहोगे , मुझ्स्र नफरत किये बिना नहीं रहोगे.
जुनैब -तुम गलती पर हो. ऐसा कभी नहीं हो सकता. मुझे तुमसे कोई भी जुदा नहीं कर सकता . अगर बचपन में तुम्हारे साथ कोई अनहोनी घटना हो गयी है तो मैं समझता हूँ कि इसमें तुम्हारी कोई कमी नही है. यह सिर्फ एक दुर्घटना है जो किसी के साथ भी हो सकती है. इसमें तुम्हारा कसूर जब होता तब तुम भी इसमें किसी न किसी रूप में इन्वोल्ब होती .
सलमा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ. मैं अपवित्र हो चुकी हूँ. मैं बदनसीब हूँ.
जुनैब- जिस्म तो मर जाता है, मिट जाता है. ये मिट्टी का बना है. असली चीज तो प्यार है. प्यार के बिना इंसान जीवित नहीं रह रह सकता. जब तक दुनिया है तब तक प्यार रहेगा .