Tuesday, July 26, 2011

एडा। बाबा रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण का कोई अता-पता नहीं है। सीबीआई द्वारा फर्जी तरीके से पासपोर्ट हासिल करने के मामले में बालकृष्ण के खिलाफ लुक ऑउट नोटिस जारी किया गया है। शक जताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वो भूमिगत हो गये हैं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने बालकृष्ण पर फर्जी कागजात के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। सीबीआई ने उनके खिलाफ एक लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। जिसके बाद से बालकृष्ण गायब हैं।

मालूम हो कि सोमवार सुबह बालकृष्ण ने अपनी सुरक्षा में तैनात उत्तराखंड पुलिस के जवान जयेंद्र को साथ ले जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने जयेंद्र को दूसरी गाड़ी से पतंजलि आश्रम पहुंचने को कहा। सुरक्षाकर्मी जयेंद्र पतंजलि आश्रम पहुंचा तो पता चला कि बालकृष्ण वहां नहीं आए। जब शाम तक बालकृष्ण का कुछ पता नहीं चला तो जयेंद्र ने उनके गुम होने की जानकारी पुलिस को दी।

रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण लापता, लुक आउट नोटिस जारी
फुलकवरेज

बालकृष्ण के अलावा सरकारी एजेंसियों ने रामदेव पर भी शिकंजा कस दिया है। हरिद्वार पुलिस रामदेव के गुरू शंकर देव के लापता होने की फाइल एक बार फिर से खोलने जा रही है। मामले की जांच एसआईएस यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन स्क्वॉड से भी करवाई जा सकती है।

IBN7 IBN7 आपका शहर [+] 180 और खबरें पहले किया मां से बलात्कार, अब बेटी के साथ गैंगरेप

हरदोई। उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के संडीला कोतवाली क्षेत्र में लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किये जाने के बाद उसकी हत्या कर दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि संडीला कोतवाली इलाके के बेहसरिया गांव निवासी संतोष ने कल शाम थाने पर तहरीर दी कि उसकी 12 साल की लड़की का संदीप, चन्द्र कुमार और विनोद कुमार ने 24 जुलाई की रात अपहरण कर लिया।


उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने संडीला के जंगल में लड़की के साथ बलात्कार किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। लड़की का शव नग्न अवस्था में बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम में बलात्कार की पुष्टि हो गई है।


आरोपी लड़की की मां के साथ भी बलात्कार कर चुके हैं और हाल ही में जेल से छूटकर आये थे। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

Monday, July 25, 2011

राजा ने पीएम, चिदम्बरम को भी लपेटा

नई दिल्ली। 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जेल में बंद पूर्व संचार मंत्री ए राजा ने प्रधानमंत्री सहित कई और मंत्रियों -नेताओं को भी लपेट में ले लिया है। राजा के बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने पीएम और चिदम्बरम के इस्तीफे की मांग कर डाली है वहीं, केन्द्र सरकार के कई बड़े मंत्रियों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इस्तीफे की मांग को अनुचित करार दिया है। उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ए राजा के बयान पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।


इससे पहले, सोमवार को सीबीआई अदालत में सुनवाई के दौरान राजा ने दोहराया है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। राजा ने कहा कि उन्होंने केवल एनडीए सरकार की नीति का पालन किया। नीलामी करने की बजाए "पहले आओ पहले पाओ"की नीति एनडीए सरकार की थी जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में भी जारी रखा।


पीएम को थी जानकारी
राजा ने कहा स्पेक्ट्रम आवंटन में ऎसा कुछ भी नहीं हुआ जिसके बारे में पीएम की जानकारी नहीं था। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सारे फैसले लिए गए। गृह मंत्री पी चिदम्बरम को भी आरोपों के घेरे में लेते हुए राजा ने कहा कि डी बी रियल्टी के आवंटन को चिदम्बरम ने ही मंजूरी दी थी।

राजा की ओर से उनके वकील ने कहा कि जब चिदम्बरम वित्त मंत्री थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री को इस बात से अवगत करवा दिया था कि विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए किया गया। यह लाइसेंस बेचने की कोई बात नहीं थी।

पहले इस मसले पर पीएम से और बाद में चिदम्बरम से चर्चा हुई। खुद चिदम्बरम ने कहा था कि कार्पोरेट नियमों के मुताबिक शेयर में डायल्यूशन का मतलब 2 जी लाइसेंस की बिक्री नहीं है। जब इक्विटी बेचने का मतलब लाइसेंस बेचना नहीं है तो लाभ कमाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।

राजा ने कहा कि अरूण शौरी ने 26 लाइसेंस बांटे, दयानिधि ने 25 लाइसेंस बांटे और मैंने 122 लाइसेंस बांटे। इस संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता है। किसी भी मंत्री ने नीलामी नहीं की। तो केवल मुझ अकेले से पूछताछ क्यों की जा रही है।



1993 के बाद सभी पूर्व संचार मंत्री जाएं जेल

राजा ने कहा कि यदि पहले आओ पहले पाओ की नीति गलत थी तो 1993 के बाद अब तक के सभी पूर्व संचार मंत्रियों को मेरे साथ जेल में होना चाहिए। विशेष अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान राजा ने यह बात कही। सीबीआई राजा सहित 16 आरोपियों पर आरोप तय कर बहस पहले ही पूरी कर चुकी है।

सीबीआई ने केस की पहली चार्जशीट में राजा और आठ अन्य लोगों को 30 हजार 984 करोड़ के राजस्व नुकसान में आरोपी बनाया था। इसके बाद दूसरी चार्जशीट में डीएमके सांसद कनिमोझी और केलाइग्नर टीवी के सीईओ शरद कुमार का नाम आया। बाद में उन्हें भी जेल भेज दिया गया। ये सभी लोग अदालत के फैसले के इंतजार में तिहाड़ जेल में बंद है।

भाजपा ने साधा पीएम पर निशाना
उधर, राजा के इस बयान के बाद भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जो कुछ राजा ने कहा है भाजपा वो पहले ही कह चुकी है। भाजपा के अनुसार बिना प्रधानमंत्री की जानकारी के इस तरह के फैसले लिए जाना संभव नहीं है।

हालांकि, राजा द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन में एनडीए की नीतियों का पालन किए जाने की बात पर शाहनवाज ने साफ पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अब सच सामने आ रहा है।

चिदम्बरम का आरोपों का इनकार

चिदम्बरम का राजा के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय टूजी स्पैक्ट्रम की नीलामी के पक्ष में था। जबकि राजा के मंत्रालय ने 2001 के रेट के आधार पर ही आवंटन किया। चिदम्बरम ने माना कि पीएम की मौजूदगी में टूजी पर चर्चा जरूर हुई थी लेकिन वह नहीं जो राजा कह रहे हैं। चर्चा विदेशी पार्टनर हासिल करने वाले मामले पर हुई थी बात। स्वान यूनिटेक ने स्पैक्ट्रम नहीं बल्कि नए शेयर बेच कर बनाए नए पार्टनर बनाए। वित्त मंत्रालय ने स्वान यूनिटेक के शेयर इधर-से उधर होने की जांच की थी
मुम्बई । मुम्बई में गत 13 जुलाई को हुए तीन बम विस्फोटों में घायल एक और व्यक्ति ने सोमवार को यहां एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इन विस्फोटों में मरने वालों की संख्या 24 हो गई।





बृहनमुम्बई नगर निगम (बीएमसी) के आपदा नियंत्रण केंद्र ने बताया कि मानकेश्वर विश्वकर्मा (48) की मौत शनिवार को केईएम अस्पताल में हो गई। विश्वकर्मा कारीगर थे और 13 जुलाई की शाम को वह दादर के कबूतरखाना बाजार में प्लाइवुड खरीदने गए थे। इसी दौरान वहां हुए विस्फोट में वह घायल हो गए थे। अस्पातल के एक अधिकारी ने बताया कि विश्वकर्मा को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि मुम्बई के झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए बम विस्फोटों में 131 लोग घायल हो गए थे। कुछ लोगों का इलाज अभी भी शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, तथा कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
मुंबई।। बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कटरीना कैफ का राहुल गांधी का आधा भारतीय कहना बीजेपी को खूब भा रहा है। बीजेपी ने कटरीन के इस बयान को हाथोंहाथ लेते हुए अब उन पर यूपी विधानसभा चुनाव और मुंबई नगरपालिका चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।

टैब्लॉइड ' मिड डे ' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के बीजेपी अध्यक्ष राज के. पुरोहित ने कहा कि पार्टी कोशिश कर रही है कि कटरीना उसके लिए प्रचार करे। उन्होंने कहा कि हम कटरीना का स्वागत करते हैं और हम कोशिश करेंगे कि वह हमारी रैलियों और सभाओं का हिस्सा बन सकें।

पुरोहित ने कहा कि राहुल गांधी पर कटरीना के बयान में कुछ भी गलत नहीं था। वह पहली शख्स हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐसा कहा है। इसलिए हम उनका समर्थन करते हैं।

दरअसल बीजेपी को लगता है कि कटरीना ने अपने बयान के जरिए करोडों भारतीयों की भावना को आवाज दी है।

बीजेपी की उत्तर प्रदेश यूनिट के अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कटरीना ने जो भी कहा वह बिल्कुल सही था। उन्होंने करोड़ों हिंदुस्तानियों की भावना को आवाज दी है। शाही ने कहा कि कटरीना ने अपना बयान वापस नहीं लिया था, बल्कि सिर्फ यह कहा था कि उनकी बात से किसी को दुख पहुंचा है तो उन्हें खेद है।

अगर कटरीना बीजेपी का प्रचार करने से मना कर देती हैं तो भी पार्टी ने दूसरा प्लान तैयार रखा है। पार्टी की योजना है कि कटरीना के फोटो के साथ उनके बयान का इस्तेमाल प्रचार में करेगी।

इस बारे में जब कटरीना के प्रवक्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इन विवादों से दूर रहना चाहती हैं और इससे जुड़े किसी भी मुद्दे पर वह टिप्पणी नहीं देंगी।
आरक्षण" की राह में रोड़ा बनी माया सरकार

लखनऊ। प्रकाश झा को अपनी आगामी मल्टी स्टारर फिल्म आरक्षण के प्रमोशन के लिए उत्तरप्रदेश में सेमीनार आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल सकी।

इस फिल्म में आरक्षण को उखाड़ फेंकने के लिए कॉलेज के प्रिंसीपल सेमीनारों का सहारा लेते दिखाया गया है और इसी तर्ज पर फिल्म का प्रमोशन करने की योजना थी।

इस बारे में प्रकाश झा ने बताया कि पहले तो उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी में सेमीनार करने की अनुमति से इनकार कर दिया गया।
इसके बाद जब उन्होंने सेमीनार के लिए इंदिरा गांधी ऑडीटोरियम को किराए पर लिया तो लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि झा ने खुद सीएम मायावती के लिए एक संदेश भी छोड़ा था कि वे मायावती के लिए फिल्म को देखने के लिए विशेष स्क्रीनिंग की व्यवस्था रख सकते हैं।
"आरक्षण" की राह में रोड़ा बनी माया सरकार

लखनऊ। प्रकाश झा को अपनी आगामी मल्टी स्टारर फिल्म आरक्षण के प्रमोशन के लिए उत्तरप्रदेश में सेमीनार आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल सकी।

इस फिल्म में आरक्षण को उखाड़ फेंकने के लिए कॉलेज के प्रिंसीपल सेमीनारों का सहारा लेते दिखाया गया है और इसी तर्ज पर फिल्म का प्रमोशन करने की योजना थी।

इस बारे में प्रकाश झा ने बताया कि पहले तो उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी में सेमीनार करने की अनुमति से इनकार कर दिया गया।
इसके बाद जब उन्होंने सेमीनार के लिए इंदिरा गांधी ऑडीटोरियम को किराए पर लिया तो लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि झा ने खुद सीएम मायावती के लिए एक संदेश भी छोड़ा था कि वे मायावती के लिए फिल्म को देखने के लिए विशेष स्क्रीनिंग की व्यवस्था रख सकते हैं