Wednesday, March 30, 2011

फोटो एन बी ती
गुडगांव॥ शहर के पॉश एरिया सुशांतलोक एस्टेट में छुट्टी पर आए सेना के जवान नेअपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। सोमवाररात वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर से फरारहो गया। मंगलवार दोपहर पुलिस ने महिला का शवबरामद किया। मृतका के 4 साल के बेटे ने पुलिस कोबताया कि ' पापा ने ममी को गला दबाकर मार डाला' एसीपी डीएलएफ दलबीर सिंह ने बताया किपुलिस ने पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि अवैधसंबंधों के चलते दोनों के बीच तकरार चल रही थी।हत्या भी अवैध संबंधों का परिणाम हो सकती है।

मूलरूप से हरियाणा का नारनौल निवासी 35 वर्षीयहरिप्रकाश सेना में है। वह सुशांत लोक एस्टेट केईडब्यूएस के फ्लैट नंबर 325 में किराए पर रहता है। उसके साथ 4 साल का बेटा और 30 वर्षीय पत्नीमोनिका रहती थी। हरिप्रकाश इन दिनों पंजाब के फिरोजपुर में तैनात है। वह पिछले सप्ताह छुट्टी परघर आया था।

बताया जा रहा है कि सोमवार रात उसका अपनी पत्नी मोनिका से झगड़ा हो गया। पुलिस सूत्रों केमुताबिक पति-पत्नी एक दूसरे पर शक करते थे। कई दिनों से इसी बात को लेकर लड़ाई चल रही थी।सोमवार रात बातचीत बढ़ जाने पर हरिप्रकाश ने अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। इसकेबाद अपने बेटे को लेकर सो गया। मंगलवार सुबह वह दरवाजा खुला छोड़कर फरार हो गया। सुबहबच्चा उठा तो बाहर निकला इसके बाद पड़ोसियों को इसकी जानकारी मिली। उनकी सूचना के बादपुलिस मौके पर पहुंची। मृतका के 4 साल के बेटे ने पुलिस को बताया है कि उसके पिता ने ही उसकीमां की हत्या की है।

करीब 5 साल पहले मोनिका की शादी हरि प्रकाश से हुई थी। मृतका के पिता रामनिवास राजस्थानपुलिस में इंस्पेक्टर हैं। सूचना पाकर मंगलवार शाम वह गुड़गांव पहुंचे। पुलिस ने मृतका के परिजनोंके बयान पर हरि प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टमके लिए सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया।पुलिस बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाएगी

नई दिल्ली. बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2011 के दूसरे सेमीफाइनल पर दुनिया भर के क्रिकेट दीवानों की निगाहें लगी हुई थीं । लेकिन इस मैच पर सट्टेबाजों की भी नज़र थी. । आयकर विभाग के पूर्व कमिश्नर विश्वबंधु गुप्ता ने अपने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम ने भारत में सट्टा बाज़ार नियंत्रित किया. भारत के हाथों पाकिस्तान को मिली करारी हार से दाऊद को दस हजार करोड का घटा हुआ.


गुप्ता का कहना है कि भारत की जीत पर करीब दस हजार करोड़ रुपये का दांव लगा हुआ था. । वहीं, पाकिस्तान की जीत पर पांच हजार करोड़ का सट्टा लगा हुआ था ।पूर्व आईटी कमिश्नर का कहना है, 'चूंकि, भारत की जीत पर बहुत बड़ा सट्टा लग गया और भारत ने यह मैच जीत लिया है तो दाऊद को बड़ी रकम चुकानी पड़ेगी। इसलिए घबराये दाऊद ने कोशिश की थी कि भारत किसी तरह से यह मैच हार जाए। इसके लिए उसने मैच फिक्सिंग की कोशिश भी की थी।


' गुप्ता के आकलन के मुताबिक दाऊद के पास करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। सन 2000 में मैच फिक्सिंग का भंडाफोड़ होने के बाद कई पूर्व क्रिकेटरों के घर पर छापामारी और जांच करने वाले गुप्ता का यह भी कहना है कि भारत की जीत पर पिछले 24 घंटों से दांव लगना बंद हो गया था और पाकिस्तान का भाव बढ़ा दिया गया । ऐसा इसलिए ताकि भारत की जीत की स्थिति में सट्टेबाजी में ज्‍यादा घाटा नहीं उठाना नहीं पड़े।

मैच में फिक्सिंग की आशंका को पाकिस्‍तानी आंतरिक सुरक्षा मंत्री रहमान मलिक के एक बयान से भी हवा मिली थी। उन्‍होंने कहा था कि पाकिस्‍तान सरकार की खिलाडि़यों पर नजर है। मलिक ने पाकिस्‍तानी खिलाडि़यों को आगाह किया था अगर वे फिक्सिंग में शामिल पाए गए तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।



Tuesday, March 29, 2011

कुंवारी सुहागिन - 27
पूजन- हाँ, सिद्धार्थ थियेटर है उधर. उससे आगे एक होटल है.
महिला- बिलकुल सही पहुँच गए, लेकिन आपको उस होटल में नहीं उससे अगले वाले होटल में आना है. उसकी दूसरी मंजिल पर २०३ नंबर का कमरा है. अपने साथ कंडोम मत लाना . यह
वहाँ पर मिल जायेंगे. वहाँ तुम्हें एक निहायत खूबसूरत महिला मिलेगी. वह महिला नकाब पहने हुए होगी . उसके हाथ में गुलाब का फूल होगा. उसका नाम रोशनी है.
पूजन- उस महिला का मैं क्या करूँगा ?
महिला- उसीके साथ तुम्हें सेक्स करना है, जब तक वह सन्तुष नहीं हो जाती तब तक तुम्हें छुट्टी नहीं मिलेगी . समझ रहे हो न . अगर इसमें कोई हील हवाली की तो खैर नहीं है.
पूजन- मैं अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोडूंगा, जिस तरह से मैं नेचुरल सेक्स करता हूँ उसी तरह से करूँगा . किसी प्रकार की शिकायत का मौक़ा नहीं दूंगा , लेकिन शंका और खौफ के साये
में भला किसी अपरिचित के साथ सेक्स कैसे किया जा सकता है ? अगर शारीरिक सुख वसूलना है और सम्पूर्ण सुख सुविधा चाहिए तो उसके लिए महिला और पुरुष में मैत्री भी होनी चाहिए
, जब तक दोस्ती नहीं होगी , एक दूसरे से जान -पहचान नहीं होगी , सफल सेक्स नहीं हो सकता .
महिला- आप तो उस लड़की का चेहरा भी नहीं देख सकते. वह नकाब में रहेगी, तुम्हें देखने की कोशिश भी नहीं करनी है . हाँ, उसका बाकी बदन देख सकते हो. यकीन मानो , बहुत खूबसूरत
है, मैंने उसे देखा है. एक -एक अंग लाजवाब है, उसे पाकर तुम धन्य हो जाओगे, उसकी जवानी का रस पीकर तुम दुनिया की सारी महिलाओं को भूल जाओगे , ये मेरा दावा है. ऐसी करारी
चीज है वो, तुम्हारी परिक्षा इसी बात में है की तुम उसके साथ बिना ज्यादा बात किये, यहाँ तक की चेहरा देखे बिना भी उसके साथ पूरा इंजॉय करो और वह भी तुम्हारी मर्दानगी के सबूत लेकर
मेरे पास तक आये, मैं भी उसे देखकर खुश हो सकूं.
पूजन- उस अनजान लड़की पर इतनी मेहरबानी का कारण सकता हूँ, जानना भी चाहता हूँ.
महिला- सवाल करने की स्थिति में नहीं हैं आप. ध्यान रखिये की इस समय आप मुजरिम हैं, एक ऐसा मुजरिम जिसने अपनी वासना की भूख को शांत करने के लिए एक नाबालिग छात्रा को डराया
, धमकाया , बहकाया और फिर उसके साथ बलात्कार कर उसे लहूलुहान कर दिया . जब वह लड़की भागकर छत पर आ गयी तो आपने उसे नीचे गिराकर मारने की कोशिश भी की ताकि सबूतों को मिटाया
जा सके, ऐसा करके आप क़ानून की नजर से बचना काहहते थे.
पूजन- मैं पहले भी इस सबका खंडन कर चुका हूँ. बता चुका हूँ की मैंने उसकी राजी से सेक्स किया था, मैंने कोई जोर जबरदस्ती नहीं की .
महिला- अमृता के यौवंद्वार पर चोट के निशाँ इस बात के गवाह हैं की तुमने जरूर उसके साथ दुष्कर्म किया है.तुम्हारे कहने से वो राजी से किया गया खेल नहीं हो जाता, समझे मिस्टर कवी.
पूजन- आपसे तो मुझे डर लगने लगा है. आप क़ानून की भाषा बोलती हैं, या तो आप वकील हैं, या फिर लौ कर रही होंगी ?
महिला- मैं कण हूँ, क्या हूँ, कहाँ रहती हूँ, क्या खाती क्या पीती हूँ, इसमें इंटरेस्ट लेना बंद कीजिये, वरना बहुत भारी पडेगा , हाँ कहे देती हूँ.
पूजन- कहीं आप पुलिस में तो नहीं ? मुझे होटल भेजकर रंगे हाथों पकड़ने का इरादा तो नहीं है ?
महिला- तुम मेरा वक्त जाया कर रहे हो. सीधी सी बात को घुमा -फिराकर खींचना चाहते हो. सीधे-सीधे कह क्यों नहीं देते की आपको मेरी बात नहीं माननी है. मैं कर लेती हूँ जों मुझे करना है.
पूजन- अच्छा , समजह गया कहीं तुम किसी चैनल की रिपोर्टर तो नहीं हो ? आजकल चैनल वाले भी एक्सक्लूसिव के चक्कर में इस तारह के चोचले करते रहते हैं.
महिला- ठीक है, मैं फोन रखती हूँ, जब तुम खुद अपनी बर्बादी की कहानी लिखना चाहते हो तो मैं भला तुम्हें रोकने वाली कौन होती हूँ.
पूजन- अगर तुम्हें फोन रखना होता तो अब तक कबकी रख चुकी होतीं, मुझे बर्बाद करने की तमन्ना रखने वाली अब तक चुप नहीं बैठती . उसे जों करना है वह कर गुजरती . तुम्हारे पास मेरा
नंबर भी है, तुम्हें मेरे घर की हर गतिविधि भी मालूम है, इससे साफ जाहिर होता है की तुम यहीं कहीं आसपास की हो और मेरे आसपास में ऐसी कोई नहीं जिसका इतिहास -भूगाल मैं नहीं जानता ,
बहुत जल्दी मैं गिरफ्तार होने वाला नहीं हूँ, तुम्हारे कहने से भी कुछ होने वाला नहीं है. जब तक लड़की खुद बयां नहीं करती की उसके साथ किसने क्या किया है ?
महिला- अगर मैं ये कहूँ की लड़की बयां दे चुकी है, और वह बयां तुम्हारे खिलाफ है तो ?
पूजन - तो साफ़ हो जाता है की फिर कोई तीसरा व्यक्ति जैसे की आप कुछ कर ही नहीं सकते, एक बार उसने बयां दे दिया तो दे दिया. फिर मैं तुम्हारी धौंस क्यों सहूँ. जों होगा सो होगा , लेकिन
ध्यान रखना अरमान तुम्हारे भी जलेंगे . सुख से तुम भी नहीं रह पाओगी.

मोहाली , आज मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल का मुकाबला होने जा रहा है. हांलाकि सेमीफ़ाइनल का यह मैच किसी भी लिहाज़ से फ़ाइनल से कम नहीं है। पूरा देश भारत की जीत के लिए दुआ मांग रहा है। श्रीनगर में सेना के जवान माही की सेना की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। चाहे धर्म कोई भी हो। लोग एकजुट होकर भारत की जीत चाहते हैं। पूरा देश क्रिकेट की खुमारी में डूबा है, तो भला पंजाब कैसे पीछे रह जाता। पंजाब के संगरुर में युवाओं ने भांगड़ा कर भारत की जीत की कामना की।समीक्षकों का भी मानना है की इस मैच में भारत की टीम का पलडा भारी है. भारतीय टीम पाकिस्तानी टीम को हराकर फाइनल में पहुँच सकती है. वैसे खेल में कभी भी कुछ भी हो सकता है. इस मौक़े पर युवाओं ने क्रिकेटरों के पोस्टर अपने हाथ लिए थे। भारत पाकिस्तान मैच का जुनून सिर चढ़कर बोलता है। दो विश्व कप में भारत के लिए खेलने वाले पूर्व विकेट कीपर नयन मोंगिया ने उन दो मैचों के बारे में बताया जब टीम इंडिया ने पाक को पटखनी दी। 1996 और 1999 के मैच के लम्हों को नयन मोंगिया ने याद किया।दूसरी ओर ,भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में होनेवाले सेमीफाइनल मैच पर सट्टा बाजार में जमकर पैसा लगाया जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक इस मैच पर 6 हजार करोड़ का सट्टा लगा है। वहीं मास्टर ब्लास्टर का सौवां शतक भी सटोरियों के लिए पैसा कमाने का बढिया मौका बना है। सेटोरियों ने सचिन के संभावित महाशतक पर 100 करोड़ रूपए का दांव खेला है।


सट्टाबाजार के अनुसार सचिन के शतक पर 4.50 रूपए और उनकी हाफ सेंचुरी पर 1.50 रूपए का भाव लगा है। कुल मिलाकर सचिन के शतक पर 100 करोड़ का दांव खेला गया है। सचिन के अलावा सहवाग पर 60 करोड़, युवराज पर 55 करोड़ और गंभीर पर 50 करोड़ रूपए का सट्टा लगाया गया है।

वहीं मोहाली में खेले जाने वाले महामुकाबले पर करीब 6 हजार करोड़ का सट्टा लगा है। हालांकि टीम इंडिया सटोरियों की पहली पसंद बनी हुई है। सट्टाबाजार में पाकिस्तान की टीम पर 1.58 रूपए और भारत पर 62 पैसे का भाव लगाया गया है।

सटोरियों की मानें तो अगर भारत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करता है तो 265-270 का स्कोर बना पाएगा। लेकिन अगर पाक टॉस जीतकर पहले बैटिंग करता है तो वह 310 से 320 का स्कोर बना लेगा

लखनऊ।। बलरामपुर जिले में अपनी तरह का एक वीभत्स हादसा हुआ। एक गर्भवती महिला का रेप करने की कोशिश में असफल रहने पर रेप करने की कोशिश करने वाले एक आरोपी ने उसकी आंखों में अंगुलियां भोंक दी और मौके से भाग लिया।

हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित महिला और उसके परिवार वाले पूरे मामले को बढ़ा- चढ़ा कर पेश कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में सामने आया रेप का यह चौथा मामला है। रविवार को बदायूं में एक नाबालिग का रेप करने के बाद उसे जिन्दा जला दिया गया था।

बलराम पुर के कल्याण पुर गांव में सोमवार सुबह दो आदमियों ने एक गर्भवती महिला का रेप करने की कोशिश की। महिला के तीखे विरोध और शोर शराबे के बाद दोनों आरोपियों में से एक तो भाग गया लेकिन दूसरे को महिला ने किसी तरह पकड़ लिया। महिला से खुद को छुड़ाने के लिए आरोपी ने अपनी दोनों अंगुलियां महिला की आंख में भोंक दी। महिला की आंखों से खून बहने लगा और वह दर्द से चीख पड़ी। मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी भाग लिया।

बाद में पुलिस के पहुंचने पर महिला को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। सोमवार रात तक उसके स्वास्थ्य के बारे में पता नहीं चल सका है।
कुत्ते का नाम रख दिया "धोनी"

मोहाली। मोहाली पुलिस ने एक स्निफर डॉग का नाम धोनी रखा है। मोहाली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को मोहाली में जब टीम इंडिया मैदान में पाकिस्तान से भिड़ रही होगी, तो "धोनी" स्टेडियम के बाहर चौकसी कर रहा होगा। अधिकारी ने बताया कि धोनी पिछले कुछ दिनों से उनकी स्निफर लैब में है। उससे स्टेडियम की जांच में मदद ली जा रही है।

आखिर इस कुत्ते का नाम धोनी कैसे पड़ा इसके पीछे भी दिलचस्प कहानी है। चार साल पहले जब वह छोटा था , तो उसके कान के पास इन्फेक्शन हो गया था। वह अक्सर अपने बाएं कान को गर्दन से रगड़-रगड़कर खुजाता रहता था। और इस तरह उसका सिर बाईं तरफ ठीक उसी अंदाज में घूमता, जैसे धोनी अक्सर विकेट कीपिंग करते हुए अपनी गर्दन घुमाते हैं। बस उसकी इसी अदा पर उसके कीपर ने उसका नाम धोनी रख दिया
भिवानी। पैसे की भूख एक भाई पर ऐसी सवार हुई कि उसने हैवानियत की सीमा पार कर दिया। संपत्ति को लेकर एक भाई ने अपने बड़े भाई, भाभी और दुधमुंही भतीजी को जिंदा जला दिया। संपत्ति को लेकर रिश्‍तों को तार-तार करने की यह सनसनीखेज वारदात भिवानी जिले के गांव भैणी जाटान में हुई। रविवार की रात छोटे भाई ने भाई-भाभी और डेढ साल की बच्‍ची को जिंदा जला दिया और फरार हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उन्‍हें इलाज के लिये पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गयी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिये भेज दिया है।

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार रविवार को सुरेश, उसकी पत्नी और उसकी डेढ साल की बच्ची वंशिका एक कमरे में सो रहे थे, जबकि घर के दूसरे कमरे में सुरेश का सबसे छोटा भाई सन्नी व उसकी बीवी गीता सो रही थी। सन्‍नी ने देर रात लगभग एक बजे दोनों कमरो के बाहर से ताला लगाकर आग लगा दी। आग देखकर पडोसियो ने कमरो के ताले तोडे, लेकिन जब तक सुरेश के कमरे का ताला तोडा तब तक सुरेश, उसकी पत्नी और बच्ची बुरी तरह झुलस चुके थे।

तीनों को पास ही के अस्पताल में ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड दिया। बताया गया है कि इन तीनों भाईयों में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि संपत्ति के लिए संजय ने इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस फरार सन्‍नी की तलाश कर रही है और मामले की छानबीन कर रही है।

भिवानी. भैणी जाटान में वकील साहब वजीर सिंह गोयत के जिस घर में लोग कभी अपनी दिक्कतें सुलझवाने आते थे, उसी घर में सोमवार को तमाशबीनों की भीड़ लगी थी। हर कोई दंग था कि क्यों एक भाई ने अपने ही अपाहिज भाई, उसकी पत्नी और एक साल की मासूम बेटी को जिंदा जला दिया। भला हो पड़ोसन बिमला गोयत का जिसकी नींद टूटी तो वकील साहब की पत्नी, भाभी और छोटे बेटे और बहू की जान बचा ली गई।


धमाका सुनकर मेरी नींद टूटी तो बाहर वकील साहब का घर जल रहा था


रविवार रात एक बजे होंगे। अचानक धमाके से मेरी आंख खुली। बाहर झांका तो वकील साहब के घर से धुआं निकल रहा था। मैं बिना कुछ सोचे-समझे अपने मकान से निकल आई। पड़ोस के मकान से आग की लपटंे उठती दिख रही थीं। मैं वहां आ गई। मैंने देखा कि अकेले अपने बस की कुछ नहीं है। तो बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू कर दिया।


मुझे एक कमरे से नन्ही और खजानी की आवाज आई। उन्हें बचाना चाहा मगर बाहर से उनके कमरे की कुंडी पर रस्सी बंधी थी। इसे खोलकर उन्हें बाहर निकाला। तभी गांव के कई लोग वहां आ गए। इनमें सुरेंद्र, सतीश, रामकुमार और आजाद सिंह गोयत आदि थे। उन्होंने पहले सन्नी के कमरे का ताला तोड़ने की कोशिश की। वह नहीं टूटा तो कुंडी उखाड़कर उसे पत्नी गीता सहित बाहर निकाला। मगर दूसरी ओर सुरेश के कमरे के बाहर लगी आग बढ़ चुकी थी।


यह देखकर हम सबने पहले आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हम मिलकर आग पर पानी डालने लगे तो वह और भड़कने लगी। इस पर हमने रेत से आग बुझानी शुरू कर दी। जब लपटें कम हुई तो सुरेश के कमरे का ताला तोड़ने का प्रयास किया। वह भी नहीं टूटा तो उसे आरी से काटकर सुरेश, उसकी पत्नी पिंकी और बेटी वंशिका को बाहर निकाला गया। मगर सुरेश और वंशिका पूरी तरह जलने के कारण दम तोड़ चुके थे। हे भगवान! ऐसी अनहोनी कोई किसी को न दिखाए।


हे! भगवान मैंने क्या पाप किए थे


मनैं के बेरा था जिस बेटे नै मैं सब तैं ज्यादा खुवाया करदी वो ए बेटा मेरे दूसरे बेटे की जान ले लेगा। इसतै आच्छा तो भगवान संजय नै मेरी कोख म्हैं ए मार देंदा।


बहू बेटे और पोती की मौत की खबर अम्मा नन्हीं देवी को सोमवार उस समय तक नहीं थी जब तक उनकी लाश को पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। मगर जब तीन लाशों को एक साथ देखा तो नन्ही देवी दहाड़े मारकर रो रही थी। उन्हें समझाने के लिए आए रिश्तेदारों का भी रोकर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने हिम्मत दिखाई और उन्होंने आनन-फानन में सुरेश और उसकी पत्नी का दाह संस्कार किया वहीं उनकी मासूम बेटी को दफनाया।दिन में अम्मा को यहीं बताया गया था कि बच्चे जले जरूर हंै मगर ठीक हो जाएंगे। दोपहर में उन्होंने भास्कर संवाददाता को अपनी कहानी कुछ इस तरह सुनाई :


1995 में वकील साहब (पति) की मौत हो गई। चार साल बाद जेठ जुलकैण सिंह भी चल बसे। जेठानी खजानी देवी भी अपनी इकलौती बेटी संतोष के साथ साथ रहने लगी। हमने अपनी बेटियों की शादी कर दी थी। बड़ा बेटा सुरेश पोलियो के कारण अपाहिज हो गया। वह शादी नहीं कराना चाहता था। यह देखकर 12 साल पहले मंझले संजय की शादी बुढाखेड़ा की सजनी से करा दी। सुरेश ने देवा मुकलान में तीन साल पहले बालाजी ब्रिक्स कंपनी के ईंट भट्ठे में हिस्सा मिलाया। इसके लिए उसने पैतृक जमीन पर करीब साढ़े पांच लाख रुपए का लोन लिया था।


29 मार्च 2009 को सुरेश और छोटे बेटे सन्नी की शादी जींद के गांव धर्मखेड़ी निवासी दरिया सिंह खरब की बेटी पिंकी और गीता से हुई। इसके एक साल बाद नौ जनवरी को सुरेश की पत्नी ने बेटी अंशिका को जन्म दिया। पिछले साल अप्रैल में तीनों भाई अलग हो गए। सुरेश और सन्नी को अलग मकान मिला था। संजय को दो कमरों वाला मकान दिया गया। मगर संजय ने अपने मकान को ताला लगाकर सुरेश और सन्नी के मकान पर बने चौबारे में रहना शुरू कर दिया।


वह धमकाता था-जब तक उसकी जमीन पर लिया लोन नहीं भरा जाएगा वह यहीं रहेगा। सुरेश ने पिछले दिनों लोन के चार लाख रुपए जमा भी करा दिए। बाकी डेढ़ लाख उसने अप्रैल में देने का वादा किया था।मैं हमेशा संजय नै ज्यादा खुवाया प्याया करदी। वो मेरा लाडला था। पर मनैं कोनी बेरा था योए बेटा न्यूं कुणबा घाणी करण की सोचैगा। यह कहकर अम्मा बिलखने लगी।


घर फूकने के लिए दस दिन पहले लाया था मिट्टी का तेल और ताले


भिवानी. लगता है संजय अपने अपाहिज भाई सुरेश, भाभी पिंकी और एक साल की भतीजी अंशिका ही नहीं, घर के बाकी लोगों को भी जिंदा जला देना चाहता था। संजय करीब 10 दिन पहले 40 लीटर केरोसिन खरीद कर लाया था। भाई सुरेश और सन्नी के कमरों के बाहर ताला लगाने के लिए पहले नये ताले भी खरीद लिए थे। अपने दो बच्चों को पिछले हफ्ते ननिहाल भेज आया था। रविवार सुबह बीवी को भी मायके भेज दिया।


रविवार आधी रात में जब सब सो गए तो वह चौबारे से उतरा होगा। एक ओर अपनी मां और ताई के कमरे के दरवाजे को रस्सी से बांधा, तो दूसरी ओर सपरिवार सो रहे भाइयों सुरेश और सन्नी के कमरे के बाहर ताला लगाकर वह चौबारे पर गया होगा। यहां से बिजली फिटिंग वाली जगह से गैस पाइप डालकर छोटे भाई सन्नी के कमरे में गैस छोड़ी।


बाद में नीचे उतर सुरेश के कमरे के दरवाजे नीचे से गैस पाइप डालकर गैस छोड़ी। फिर सुरेश के कमरे में, दरवाजे पर और बरामदे में मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाई होगी। छोटे भाई सन्नी के कमरे में खिड़की नहीं थी इस कारण वह उसके कमरे में केरोसिन नहीं डाल सका। शायद तभी वह खुद भी आग की चपेट में आया तो खेतों की ओर भागा। उसकी चप्पल एक नाली में रह गई। गली में ही मोबाइल गिर गया। उसे जलते हुए भागते गांव के लोगों ने देखा भी था। मगर किसने सोचा था कि यह अपना ही कुनबा जला कर भाग रहा है।


फायर ब्रिगेड के फोन नहीं उठे


लोगों ने हांसी और बवानी खेड़ा फायर ब्रिगेड केंद्रों पर फोन किए थे, मगर फोन नहीं उठे। उन्होंने कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर आ जाती तो शायद एकाध जान बच जाती।


मधुबन से बुलाई फॉरेंसिक टीम


एसपी अश्विन शैणवी ने गांव का दौरा करने के बाद बताया कि पुलिस ने संजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मधुबन से एसएफएल टीम को भी बुलाया है।