Tuesday, February 22, 2011

बेवफा - ६०
प्रेमिका- क्यों नहीं करेंगे ? भले ही दौलत में तुम्हारी हैसियत उतनी नहीं है, मगर तुम्हारी सेक्स करने की पावर भी तो अदभुत है. इसे तो मै ही जानती हूँ/.
प्रो- अब तुम मजाक कर रही हो.
प्रेमिका- जी नहीं, अब मै प्रेम कर रही हूँ, मुझे मजा आ रहा है और शायद इसीलिए मस्ती सूझ रही है.
प्रो- जिस दिन तुम्हें मुझसे ज्यादा कामशक्ति वाला व्यक्ति मिल जाएगा, मुझे भूल जाओगी और उसीकी बांहों में समा जाओगी.
प्रेमिका- ऐसा नहीं होगा यार. तुमसे तो अभी बहुत मजा लेना बाकी है. देखो मै क्या लेकर आई हूँ , यह सांडा आयल से भी मजबूत तेल है. इसकी मालिस अपने काले नाग पर करवाके देखो. तुम्हारा अंग एक इंच तक तो
अभी बढ़ जाएगा . अब से दोगुना मोटा जाएगा. फिर जब इसको मेरी यौवन घाटी में डालोगे तो स्वर्ग के जैसा मजा आएगा, तुम्हें भी और मुझे भी. यह तेल मैंने बाहर देश से मंगवाया है. मेरी एक सहेली लेकर आई है.
वह तो मुझसे भी ज्यादा सेक्सी है. वह मर्दों के साथ तो सेक्स करती ही है, इसके अलावा अपने एक पालतू कुत्ते से भी मौज लेती है. जब वहाँ आती है तो कूटे को साथ ला नहीं सकती . और सादा मर्द उसकी कामेच्छा
की पूर्ती नहीं कर सकता. इसलिए वह वाइब्रेटर कंडोम, खास अंग को बढाने वाला तेल और सेक्स का समय बढाने वाली दवा लेकर आती है.
प्रो- मुझे यकीन नहीं आता, तेल लगाने से किसीका विशेष अंग कड़क, मोटा , लंबा और संतुष्ट करने वाला कैसे हो सकता है ? तुम बहका तो नहीं रही हो ?
प्रेमिका- नहीं मेरी जान, मैं बिलकुल सच कहती हूँ, तब तो तुम्हें ये भी यकीन नहीं आएगा कि वह अपने कुत्ते के साथ सम्बन्ध बनाती होगी.
प्रो- हाँ, ये सच बात है. मुझे ज़रा भी भरोसा नहीं हो रहा, मै तो इस समय ऐसा फील कर रहा हूँ कि मेरी काम भावनाओं को बढाने के लिए और मुझे जोश दिलाने के लिए तुम ऐसा कह रही हो.
प्रेमिका- नहीं, नहीं मेरे प्यारे प्रोफ़ेसर . मै सत्य कह रही हूँ. वह दुबली -पतली है. बड़ी कंपनी में बड़े पद पर काम करती है मगर क्या कहूँ , उसकी आदत बहुत बिगड गयी है. वह इस मामले में इतनी प्यासी हो चुकी है
कि जल्दी से संतुष्ट ही नहीं हो पाती, उसने एक बार अपनी और अपने कुत्ते कीवीडियो मुझे दिखाई थी, उस वीडियो में साफ़ दिख रहा था कि उसका पालतू कुत्ता उसके साथ सम्बन्ध बना रहा था, कम से कम तीन घंटों तक उसने
यह समबन्ध बनाया और कैमरा सेट करके अपनी फिल्म भी खुद ही बना ली थी. उसका जिस्म पूरा छिल गया , वह इतने समय तक कराहती रही लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी, वह पूरा आनंद लेती रही .
प्रो- इंसानों की कमी हो गयी है क्या जों इस तारह से लोग जानवरों का इस्तेमाल आकर आरहे हैं, यह तो मानवता के खिलाफ है. मौज मस्ती एक हद तक ही अच्छी लगती है. अगर उसे कोई बीमारी हो गयी तो क्या होगा ?
और पूरे चांस हैं ऐसा होने के. आजकल वैसे ही एड्स जैसी गंभीर बीमारियाँ इंसान की नाक में दम किये हुए हैं, इनका कोई पक्का इलाज ही ईजाद नहीं हो पाया है. अगर इस तरह जानवर के साथ असुरक्षित सम्बन्ध बनाए
जाते हैं तो एक नहीं, न जाने घातक बीमारियाँ हमारा स्वागत करेंगी .
प्रेमिका- असुरक्षित यौन सम्बन्ध की बात मैंने कब कही,? जब भी वह शारीरिक सम्बन्ध बानाती है तो कंडोम का इस्तेमाल जरूर करती है. जब उसे कुत्ते के साथ मजा लेना होता है तो महिला कंडोम का सहारा लेती है.
अगर कभी तुम भी उसके साथ मजा लेना चाहो तो भी कंडोम का इस्तेमाल करेगी, वैसे तुम्हें तो तेल लगाने या काम शक्ति बढाने वाली दवा की भी जरूरत नहीं है. तुम तो वैसे ही ताकतवर मर्द हो. तुम्हारा तो काला
नाग भी खूब बड़ा है, इससे तो संतुष्ट हो ही जायेगी . कहो तो मैं उसे बुला लेती हूँ, आजकलयहीं पर आई हुई है. लेकिन उसे पाने के बाद मुझे मत भूल जाना.
प्रो- ये तुम क्या कह रही हो .मै तुमसे प्रेम करता हूँ, तुम्हारी सहेली के साथ शारीरिक सम्बन्ध भला कैसे बना सकता हूँ.
प्रेमिका- क्यों ? आखिर दिक्कत क्या है ? तुम मुझसे प्रेम करते हो तो मेरी सहेली का भी तुम पर कुछ हक बनाता है न . उसके भी कुछ लगते हो कि नहीं . अरे , साली समझकर ही मजा लूट लीजिए
, वैसे भी साली तो आधी घरवाली होती है.
प्रो- सविता , आजकल तुम बड़ी हॉट होती जा रही हो. एकदम सेक्सी.
प्रेमिका- तुम्हें तो इससे खुश होना चाहिए. वैसे भी मैंने कहीं पढ़ा था कि बिस्तर पर पत्नी को वैश्या की तारह निसंकोच होना चाहिए , तभी वह अपने पति को सम्पूर्ण सुख-संतुष्टि दे पायेगी .
प्रो- जिस तरह इलाहाबादी अमरुद की तरह तुम्हारा बदन गदराया हुआ है, उसी तरह तुम्हारी भावनाएं भी गदरा रही है,. मै मादकता के समुन्दर में डूबा ही जा राह हूँ.
सविता- यार के साथ रहोगे तो ऐसे ही मजे उड़ाओगे . तो शाम को अपनी सहेली को बुलाऊ क्या ? डोली नाम है उसका . है भी बिलकुल डोल जैसी ही.
प्रो- उसे बुलाकर क्या करोगी, मै तो तुम्हारे प्रति ही प्रतिबद्ध हूँ.
सविता- उसे एक बार देख तो लों.वह बम का दूसरा नाम है, उसे देखोगे तो रोंगटे खड़े हो जायेंगे .
इंटरनेट जगत में अपना जलवा दिखा चुकी विख्यात सविता भाभी डॉट कॉम पर एक फिल्म बनने जा रही है। इस फिल्म के निर्देशक सी एम जैन है। निर्देशक इस वेबसाइट के नियमित विजिटर रहे हैं और इसी से प्रभावित होकर वह फिल्‍म बना रहे हैं।





अश्‍लीलता परोसने वाली इस वेबसाइट पर भारत सरकार ने बैन लगा दिया था। निर्देशक का कहना है कि यह फिल्‍म अश्‍लील नहीं है। इस फिल्‍म की लीड एक्‍ट्रेस भोजपुरी हिरोइन हीना रहमान है। मार्च में इस फिल्म के रिलीज होने की संभावना है।





सविता भाभी डॉट कॉम पर आधारित इस फिल्म का नाम शीतल भाभी डॉट कॉम होगा। निर्देशक को उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएग

अमेरिका। मौज-मस्ती जरूरी है लेकिन अगर यही जीवन का मकसद बन जाए तो इससे सिर्फ एक व्यक्ति को ही नही बल्कि पूरे समाज को खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऐसी ही दर्दनाक और शर्मनाक घटना घटी दुनिया के सबसे विकसित कहे जाने वाले देश अमेरिका में।

यहां एक मां और पिता ने मिलकर अपनी चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया, उसका वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट पर अपलोड भी कर दिया। इस अपराध के जुर्म में मां को 29 साल और पिता को कम से कम 26 साल की सजा हो सकती है।

अमेरिकी इंटेलीजेंस ऐजेंसी यानि एफ बी आई द्वारा एक घटना की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ। एफ बी आई इस जोड़े का ऐसे व्यक्ति के साथ संबंधों की जांच कर रही थी जिसे एक बच्चे के साथ र्दुव्‍यवहार के लिए 42 साल कैद की सजा हो चुकी थी।

वाशिंगटन के किंग्स कांउटी सुपीरीयर कोर्ट में जज मैरीयन स्पीयरमैन ने बच्चे की 32 वर्षीया मां होली बेस्टन को सजा दी है जबकि उसके 36 वर्षीय पिता ब्रायन बेस्टन की सजा का निर्धारण अभी बाकी है। जबकि बच्चे को वाशिंगटन स्टेट चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विस ने अपने कब्जे में ले लिया ह

कपूरथला. अंतरजातीय प्रेम प्रसंग के चलते अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह की हत्या कर दी गई। पुलिस ने संदीप के चाचा बिकर सिंह के बयान पर लड़की के पिता बलविंद्र सिंह पर हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार बलविंद्र ने अपना अपराध कबूल लिया है। संदीप के शव की तलाश की जा रही है।कहा जा रहा है कि झूठी शान की खातिर पहले संदीप को गोलियां मारी गईं और फिर शव ब्यास नदी में फेंक दिया गया।

गांव चालंदा निवासी संदीप सिंह की मां तरसेम कौर ने 11 फरवरी को पुलिस को सूचित किया कि उनका बेटा ६ फरवरी से लापता है। कई दिन बाद रविवार को संदीप के चाचा बिकर सिंह ने शंका जताई कि संदीप का पड़ोसी गांव लक्खवरिया निवासी बलविंद्र सिंह ने अपहरण किया है। संदीप का बलविंद्र सिंह की बेटी से प्रेम प्रसंग था। संदीप अलग जाति का था। इसलिए बेटी से उनके प्रेम पर बलविंद्र को एतराज था।

पुलिस ने बलविंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उसके गांव लक्ख वरिया में छापा मारा। पुलिस की रेड से पहले ही बलविंद्र परिवार सहित भूमिगत हो गया। बाद में बलविंद्र ने सुल्तानपुर लोधी की अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।


Monday, February 21, 2011

बेवफा - 58
किरण- ओह, ये तो उसने ठीक नहीं किया. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.
प्रो- क्या कहूँ , मैं उसके सामने बहुत रोया, गिडगिडाया मगर वह नहीं पिघली. उसका दिल पत्थर का हो चुका था. उसने मेरी एक न मानी , बाद में पता चला कि उसे दौलत की हवस थी. अपनी जिस्मानी प्यास
बुझाने के लिए उसने मेरे से दोस्ती की थी , और जब उसका स्थाई इंतजाम हो गया तो उसने मुझे ठुकरा दिया.
किरण- तो क्या तुम उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बना चुके थे ?
प्रो- हाँ, कई बार. मैंने बहुत मना किया था, जब वह नहीं मानी तो मैंने उसकी ख्वाहिश पूरी करदी, उसको जिस्मानी सुख दिया. जिस तरह वह चाहती थी , मेरे जिस्म का इस्तेमाल करती थी.उसका जब भी जी चाहा
तभी वह जिस्मानी सुख प्राप्त करती थी. मेरी इच्छा न होते हुए भी मुझे उसके बदन की प्यास बुझानी पड़ती थी. वह इतनी ज्यादा भूखी थी कि अक्सर दिन में भी मेरे कमरे में आ धमकती थी. मै उस समय कमरे
में अकेला ही रहा करता था. वह सुबह -सुबह ही मेरे पास आ गयी . मैंने होटल से उसके और अपने लिए नाश्ता मंगाया , फिर पूछा -
- आज सुबह -सुबह कहाँ बिजली गिराने का इरादा है ? बड़ी खूबसूरत लग रही हो. फोन किया होता , मैं ही चला आता .बड़ा गहरा मेकअप किया हुआ है. वाव हाथों पर मेंहदी भी भी है.
प्रेमिका- रात भर चैन से सो नहीं पाई. रात तुम सिर्फ दो बार ही सेक्स कर पाए थे, अगर एक बार और कर लेते तो मजे से नींद आ जाती, सुबह हुई तो याद आ गई. बड़ा मन कर रहा है प्रोफ़ेसर . चलो न एक बार
काम सुख के समुन्दर में गोते लगा लेते हैं, आपका मूड भी बन जाएगा और मुझे भी तसल्ली हो जायेगी . क्या करूं, तुमसे नजर ही नहीं हटती . दिन को भी तुम और रात को भी तुम ही तुम नजर आती हो.
प्रो- लेकिन , इतनी सुबह ? अभी मजा आएगा ? अभी तो मैंने मुंह भी नहीं धोया .
प्रेमिका- शेर कभी मुंह भी धोते हैं क्या ? चलो , कपडे उतारो और मौज मस्ती के मूड में आ जाओ . चेहरे पर क्या मुर्दाई छाई है ? इसे उतार फेंको मेरी जान.
इसके बाद वह मुझसे लिपट गयी , मेरे होठों को चूमने लगी. मैंने उसकी गोलाइयों को दबाना शुरू कर दिया. एक उंगली उसके यौवंद्वार में भी डाल दी , वह कराहने लगी . उसकी गर्म साँसें जोर-जोर से चल रही थी.
वह कामोत्तेजक आवाजें निकाल रही थी. कुछ देर में मेरा नाग भी फन उठाकर फुँकारने लगा. मुझे करंट सा लगा तो मैंने उसके यौवन द्वार में एक साथ कई उँगलियाँ घुसादी और आगे पीछे करने लगा , वह बोली-
- तुम्हारे मुन्ना को इस्तेमाल करो न, उँगलियों से उतना मजा नहीं आता.
प्रो- तुम्हारा पेट नहीं भरता मेरी जान, अगर तुम्हारी शादी हो गयी तब क्या करोगी ? तुम्हारा पति इतना सेक्सी नहीं मिला तो ?
प्रेमिका- तुम क्या मर जाओगे ? पति बिलकुल नामर्द तो होगा नहीं, कुछ न कुछ ताकत तो वह भी रखता ही होगा. जितना कर पायेगा, उतना ठीक है. रही -सही कसर तुमसे पूरी कर लिया करूंगी .
प्रो- अच्छा, तब क्या इतना आसान होगा मुझसे मिलना ?
प्रेमिका- आसान तो अब भी नहीं है. अब भी तो कितनी मुश्किल से आना पड़ता है. घरवालों को मुझ पर कुछ शक हो गया है, मेरे पीछे जासूस लगा रखे हैं. घर की नौकरानियां ताक-झाँक करती रहती हैं.
प्रो- किसी दिन पकडे गए तो क्या होगा ? यह मेरा छोटा सा कमरा है, अगर वे लोग खोजते-खोजते यहाँ तक आ गए तो कहीं छिप भी नहीं पाओगे . यहाँ तो कोई छिपने का भी जुगाड नहीं है.
प्रेमिका- अभी इतनी हिम्मत किसीमे नहीं है. और अगर बात यहाँ तक पहुच भी गयी तो सीना तानकर कह दूंगी कि मै अपने प्रोफ़ेसर बाबू से प्रेम करती हूँ और जीवन भर इन्हींके साथ रहूंगी .
प्रो- अच्छा जी, अब ये कह रही हो , उस वक्त नहीं कह पाओगी .
प्रेमिका- कौन रोकेगा मुझे कहने के लिए ? मै जमाने से नहीं डरती ?
प्रो- मै ठहरा सामान्य सा प्रोफ़ेसर, तुम्हारा खानदान अरबपति है, वे लोग मुझे बर्दाश्त कर लेगे ?
प्रेमिका- क्यों नहीं करेंगे ? भले ही दौलत में तुम्हारी हैसियत उतनी नहीं है, मगर तुम्हारी सेक्स करने की पावर भी तो अदभुत है. इसे तो मै ही जानती हूँ/.
प्रो- अब तुम मजाक कर रही हो.
प्रेमिका- जी नहीं, अब मै प्रेम कर रही हूँ, मुझे मजा आ रहा है और शायद इसीलिए मस्ती सूझ रही है.
प्रो- जिस दिन तुम्हें मुझसे ज्यादा कामशक्ति वाला व्यक्ति मिल जाएगा, मुझे भूल जाओगी और उसीकी बांहों में समा जाओगी.
प्रेमिका- ऐसा नहीं होगा यार. तुमसे तो अभी बहुत मजा लेना बाकी है.

झांसी। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बलात्कार और उसके बाद हत्या में सोमवार को झांसी के रानीपुर इलाके की एक युवती का नाम भी जुड़ गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक के मऊरानीपुर क्षेत्र की रहने वाली यह युवती कल रात घर में अकेली थी कि पडोस में रहने वाले राहुल नामक व्यक्ति ने पहले उसके साथ बलात्कार किया और बाद में उस पर किरासन तेल छिड़क कर आग लगा दी।

पीडित युवती को झांसी अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां आज उसकी मौत हो गई। वह 80 प्रतिशत तक जल गई थी। पुलिस ने बलात्कारी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ए। सतीश गणेश ने बताया कि युवती के मृत्यु पूर्व बयान ले लिये गये हैं। बतादें कि
उत्‍तर प्रदेश में बलात्‍कार की कोशिश और छेड़छाड़ के दो मामले बढते जा रहे हैं. बलात्‍कार की कोशिश करने वाले युवक ने लड़की को जिंदा जला कर मार डाला जबकि एक अन्‍य घटना में छेड़छाड़ का विरोध करने पर लड़की पर ब्‍लेड से हमला कर जख्‍मी कर दिया गया था।

हाथरस जिले की 21 साल की संगीताको अपनी इज्‍जत बचाने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी थी । पुलिस सूत्रों के मुताबिक संगीता के पड़ोसी कालू लाल ने युवती के साथ दुष्‍कर्म का प्रयास किया जब वह खेतों की तरफ गई। हालांकि लड़की वहां से भागने में कामयाब रही और इसकी शिकायत अपने माता-पिता से की।

हालांकि कालू लाल ने लड़की को धमकी थी लेकिन इसके बावजूद लड़की ने पुलिस से शिकायत की। इससे गुस्‍साया कालू को संगीता के घर में घुस गया और जबरदस्‍ती करते हुए उसे घर से घसीटता हुआ बाहर ले गया। उसने लड़की के‍ शरीर पर किरोसिन तेल छिड़क कर आग लगा दी।

लड़की को तुरंत जिला अस्‍पताल ले जाया गया। बाद में उसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। लेकिन लड़की ने आखिरकार दम तोड़ दिया।

एक ऐसी ही घटना में गाजियाबाद में हापुड़ के मोहल्ला पन्नापुरी में एक छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करना इतना महंगा पड़ा था कि एक मनचले युवक ने उस पर ब्लेड से हमला कर उसे घायल कर दिया।
इस प्रकार महिला उत्पीडन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

Sunday, February 20, 2011

बेवफा - 58
सूरज- मुझे क्या तुमने वहशी समझा है ?
किरण- क्या अपनी बेड पार्टनर को समस्त सुख देने वाले को वहशी कहा जाता है ?
सूरज- जिस तरह की व्याख्या कर रही हो, उससे तो ऐसा ही लगता है.
किरण- जी नहीं, उसे कामदेव कहते हैं, तुम सचमुच कामदेव कहलाने लायक हो.
सूरज- जिस प्रिंस के बारे में बात कर रही हो, क्या वह प्रिंस भी कामशक्ति के मामले में मेरे जैसा नहीं था ? क्या वह तुम्हारी अतृप्त इच्छाओं को तृप्त करने में सक्षम नहीं था ?
किरण- उसका विशेष अंग तो गज़ब का था, तुम्हारे जैसा लंबा और सख्त तो फिर भी नहीं था , मगर वह उतनी काम क्षमता वाला नहीं था. बहुत जल्दी उसका खास अंग नरम हो जाया करता था. उस समय
तो मै नई थी, लेकिन फिर भी मैंने महसूस किया कि वह मेरी काम वासना की पूरी तरह से पूर्ती नहीं कर पाता था. संतुष्ट होने के बाद वह फिर से शराब के नशे में डूब जाया करता था. मुझे ज्यादा पीने की
आदत नहीं थी , लेकिन उस दिन उसने मुझे भी खूब पिलाई. जब मैं उत्तेजित होती तो वह ठंडा हो चुका होता था,
सूरज- जिसके विशेष अंग की लम्बाई कम होती है, क्या वे अपनी महिला पार्टनर को बेड पर संतुष्ट नहीं कर पाते ?आपने इस मामले में कुछ प्रत्यक्ष अनुभव किया है क्या ?
किरण- अच्छा, मेरे अनुभव जानना चाहते हो ? अगर ऐसी बात है तो मै जरूर बताउंगी . एक दिन एक प्रोफ़ेसर ने मुझे रात भर के लिए बुक किया. उनकी उम्र ४५ से ऊपर थी, दिखने में हट्टे-कट्टे थे,. मगर उनका
खास हथियार अपेक्षाकृत छोटा था. शायद इसीलिए वे हीन भावना के शिकार थे , यहाँ तक कि उन्होंने विवाह भी नहीं किया था. काफी देर तक वे झिझकते रहे. जब पैग पर पैग चलते रहे तब जाकर उनकी भय खुली
. थोड़ी देर तक प्यार मोहब्बत की बातें करते रहे. अपनी शादी नहीं करने के फैसले के बारे में बाताते रहे. कुछ लड़कियों की बेवफाई की चर्चा भी की . बोले-
- सबकी बात तो मैं नहीं कर सकता, लेकिन ज्यादातर के मामले में मेरी राय यही है कि ये वफ़ा करके बेवफाई जरूर करती हैं. मुझे तो इनसे नफरत जैसी हो गयी है.
किरण- मैं भी तो औरत हूँ. अगर सभी से नफरत है तो मेरे यहाँ पर मोहब्बत तलाशने कैसे आ गए ?
प्रो- तुम्हारी गिनती सबमे थोड़े ही होती है, तुम तो बड़ी खास हो, सबसे स्पेशल. तुम तो बेचैन दिल का करार हो. हुस्न की देवी हो. तुम्हारी पनाह में दिल को सुकून मिलता है. तुमसे बहारें हैं, खुशियाँ हैं. सब कुछ हैं.
तुम हो तो रंगीनियाँ हैं और अगर तुम नहीं हो उजाला भी अँधेरे की तरह लगता है. तुम किरण नहीं समूचा चाँद हो. तुम जैसे चांद को मै बेवफा कैसे कह सकता हूँ. मैंने सुना है कि तुम अपने हर ग्राहक का खास ख़याल
रखती हो और महीने में सिर्फ एक कस्टमर को ही हेंडल करती हो ?
किरण- हो सकता है ये सब सुनी सुनाई बातें गलत भी हों. इसलिए उसी बात पर भरोसा करो जों देखी हुई हो, भोगी हुई. आज रात मेरे साथ बिताइए, उसके बाद अपनी कोई राय जाहिर कीजिये .
प्रो- लिफाफा देखकर ही मजमून समझ में आ जाता है . तुम्हारी बातें मन को मोहने वाली हैं, तुम्हारी आँखों से मदिरा के प्याले छलक रहे हैं. इस अमृत रस की वर्षा देखकर शक की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती .
किरण- दिखने में जितने भोले हो , उतने ही रंगीन नजर आते हो प्रोफ़ेसर . क्या कोलेज में कोई फुलझड़ी नहीं मिली जों हम लोगों का सहारा लेना पद रहा है.
प्रो- लड़कियां तो बहुत हैं मगर तुम जैसी हसीना कहाँ मिलेगी ? तुम्हारी एक मुस्कान से ही दिल के जख्मों पर मरहम लग जाता है.
किरण- आप भी कुछ कम खूबसूरत नहीं है, जवां मर्द हैं, आप पर भी न जाने कितनी ही जान छिडकती होंगी ?
प्रो- एक थी जिसने पहले तो मुझसे प्यार करने का दावा किया, मेरे मन को लूट लिया और मुझे भी प्यार का पाठ सिकह दिया. पहले मै प्यार के इस चक्कर में पढ़ना नहीं चाहता था लेकिन वह नहीं मानी . उसने
मुझे प्यार करने के लिए मजबूर किया . और जब मै भी प्यार का रोगी बन गया तो उसने मोहब्बत की कसमों को भूलते हुए एक अमीर व्यक्ति से शादी करली.
किरण- ओह, ये तो उसने ठीक नहीं किया. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.
प्रो- क्या कहूँ , मैं उसके सामने बहुत रोया, गिडगिडाया मगर वह नहीं पिघली. उसका दिल पत्थर का हो चुका था. उसने मेरी एक न मानी , बाद में पता चला कि उसे दौलत की हवस थी. अपनी जिस्मानी प्यास
बुझाने के लिए उसने मेरे से दोस्ती की थी , और जब उसका स्थाई इंतजाम हो गया तो उसने मुझे ठुकरा दिया.
किरण- तो क्या तुम उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बना चुके थे ?
प्रो- हाँ, कई बार. मैंने बहुत मना किया था, जब वह नहीं मानी तो मैंने उसकी ख्वाहिश पूरी करदी, उसको जिस्मानी सुख दिया. जिस तरह वह चाहती थी , मेरे जिस्म का इस्तेमाल करती थी.