Sunday, September 5, 2010

लवगुरु, भाग-३०

डोली सिर्फ हाँ-हूँ कर रही थी , उसकी आँखों में नींद थी. मुंशीजी ने अपनी तरफ से खूब प्रयास किया था, फॉर प्ले में काफी समय भी लिया , मगर इस सबके बावजूद वे उसको पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाए थे . यह अलग बात है कि डोली ने उनको इस बात का ज़रा भी एहसास नहीं होने दिया था . उनके सामने तो वह यही दर्शा रही थी कि मुंशीजी बहुत ताकतवर हैं और उसे सम्पूर्ण सुख दे सकते हैं. मुंशीजी के दिमाग में यह बात थी कि भले ही डोली संतुष्टि के भाव दिखा रही है मगर असलियत कुछ और ही है.विषय को आगे बढाते हुए मुंशीजी बोले-

- अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करके और साथी के भटकाव के लिए खुद को जिम्मेदार मानकर खुद को सजा मत दें। अपनी रोष, आहत होने की और अनिश्चय की विभिन्न भावनाओं को स्वीकार करना सीखें। अपने खाने-पीने, बाहर जाने, सोने-जागने की दिनचर्या को सामान्य बनाए रखें। किसी मित्र को बुलाएं या अपनी पसंदीदा पुरानी जगह पर जाएं।
अपनी भावनाओं को काबू में रखते हुए अपने साथी से बात करें कि इस शादीशुदा जीवन में गलती कहां पर हुई। यदि वह आपको दोषी ठहराए तो तुरंत उग्र प्रतिक्रिया न करें क्योंकि अधिकांश धोखेबाज लोग जानबूझकर उल्टे-सीधे आरोप लगाते हैं लेकिन समझदार समस्याओं पर सोचने की कोशिश करते हैं और अर्थ निकालते हैं चाहे वे सही हों या नहीं।
यदि आपके बच्चे हैं तो उनके प्रति ईमानदार बनें क्योंकि आप अपनी भावनाओं को उनसे छिपा नहीं सकते। बच्चे हमारी उम्मीदों से अधिक संवेदनशील और समझदार होते हैं और समझ जाते हैं कि कुछ गलत हुआ है। उनको ज़्यादा विवरण मत बताएं न और ही उनपर ऐसा कोई प्रभाव डालें या ऐसा वादा करें जो आप निभा न सकें।
परिस्थिति से बेहतर निबटने के लिए उपचार कराएं या प्रोफेशनल काउंसिलिंग की मदद लें और निष्पक्ष नजरिया कायम करें। ऐसे किसी संकट के बाद के तनाव का सामना प्रोफेशनल की मदद से भी किया जा सकता है।
यदि आपने सम्बन्ध समाप्त करने का फैसला कर लिया है तो अपने फैसले पर कायम रहें। अपने भविष्य को लेकर आशावादी और व्यावहारिक नज़रिया अपनाएं। अपनी निजी जरूरतों जैसे रूपया-पैसा, मकान और यदि बच्चे हों, तो उन पर भी ध्यान देना शुरू करें। इसे भूलकर अपनी जिंदगी से बाहर निकाल देना ही आपके लिए बेहतर साबित होगा।मेरे ख़याल से बेवफाओं को बुलाने का इससे अच्छा कोई तरीका नहीं है . तुम्हारा क्या सोचना है ?
डोली- आपने मेरे, बदन , माइंड और सूल तीनों को संतुष्ट कर दिया है , इससे लगता है जैसे मैं स्वर्ग की सैर कर रही हूँ. ना चाहते हुए भी मुझे नींद के झोटे से आ रहे हैं . आपने प्रहार भी बहुत जोर -जोर से किये हैं न .
मुंशीजी- कोई बात नहीं, तो फिर आराम से सो जाइए न. कोई दिक्कत नहीं है. कल की बुकिंग भी करा ही चुका हूँ. सुबह होंने का इन्तजार नहीं करूँगा. अभी और इसी वक्त काउंटर पर पेमेंट जमा करा दूँगा . तुम्हारी बक्शीश भी नहीं भूला हूँ . वो भी जमा कर दूँगा .
डोली- आप भी , क्या बात करते हैं. मुझे भला पैसों की क्या जरूरत है और अगर पडी भी तो आप हैं , मांग लूंगी . आपसे कैसे शर्म , किसी हया ? अब तो आपने मेरा हरेक अंग देख लिया है, उसका इस्तेमाल भी कर लिया है . तब आपसे कैसे झिझक ? मेरी सबसे बड़ी टिप्स यही है कि आपका प्यार मुझे मिला. इतना सामान मुझे मिला. आप जान छिडकते हैं मुझ पर. मैं जानती हूँ, आप मुझे सदा खुश रखेंगे.
मुंशीजी- हाँ, बहुत प्यार हो गया है तुमसे. यह रूहानी रिश्ता है. इसका शरीर से कम और आत्मा से ज्यादा रिश्ता है
डोली- आप नहीं समझ सकते , आपने आज मुझे क्या दिया है ? यह सुख स्शाब्दों में बयान नहीं किया जा सकता .
मुंशीजी मन ही मन लवगुरु को धन्यवाद देने लगे , उन्होंने ही तो समझाया था कि -
-आप उसकी जांघों के बीच अपना खास अंग रगड़ें, फिर उसके विशेष क्षेत्र में रगड़े, और अंत में यौवन द्वार में रगड़ें. फिर इसे धीरे – धीरे अंदर बाहर करें. और तब तक गहराई में प्रवेश न करें जब तक कि वह आपको जोर देकर अंदर डालने को न कहे.
इसके अलावा भी कई तरीके हैं. और कई तरीके आपके द्वारा मजाकिया तौर पर प्रयुक्त भी किये जा सकते हैं. हर युगल लगभग तौर पर यह जानता है कि क्या उसके लिये आनंददायी है और क्या नहीं. पर अनुभव बताता है कि कई लोग उत्तेजना के तरीके ढूढ़ते हैं, लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप स्वयं परीक्षण करके निश्चित करें कि क्या आपके लिए बेहतर रहेगा साथ ही यह खोजें कि किसमें आपको ज्यादा आनंद मिलेगा. कई बार व्यक्ति विशेष पर यहां बताई गई बातें लागू नहीं होती, क्योंकि उत्तेजना के लिये कई कारक जिम्मेदार होते हैं जिनमें समय, स्थान , शारीरिक संरचना और पार्टनर की रुचि आदि शामिल है.
आप अपने पार्टनर को कई अन्य तरीकों से उत्तेजित कर सकते हैं . जिनमें आप उसके पेट पीठ को रगड़ते हुए नीचे आएं, उसे उत्तेजित करने उसके निचले हिस्से औरउस भाग को रगड़ सकते हैं, अपना पांव उसकी जांघों के बीच रखकर उसके संवेदनशील क्षेत्र को रगड़कर भी उत्तेजित कर सकते हैं. आप उसे अपनी जांघों के उपर बैठा कर घुड़सवारी का मजा दिलाते हुए उसके निचले क्षेत्र को अपने शरीर की सहायता से उत्तेजित कर सकते हैं. . इससे आपको ज्यादा आनंद आएगा.






फोटो

उदय नारायण का नया एल्बम रिलीज

मुसक पे बैठे गणराज
प्रसिद्द प्ले बैक सिंगर उदय नारायण का नया एल्बम 'मुसक पे बैठे गणराज ' रिलीज हुआ है . इसके निर्माता राज चंदेलिया हैं और संगीत दिया है अनिल हजारिया ने. उदय नारायण का कहना है कि इस गणेशोत्सव में इस एल्बम के गीत गणेश भक्तों को जरूर पसंद आयेंगे. मुंबई संध्या कार्यालय में एक भेंट के दौरान उन्होंने निर्माता राज चंदेलिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सच्चे संगीत प्रेमी हैं और उनको अच्छी खासी समझ है, वे कलाकारों से अच्छा काम निकलवाना जानते हैं . उन्होंने अनिल हजारिया को संगीत के क्षेत्र का उभरता हुआ सितारा बताया और उनके साथ बार -बार काम करने की इच्छा प्रकट की. उदय नारायण ने कहा कि अनिल हजारिया ने बहुत बेहतरीन धुनें तैयार की हैं. इसके गीत भी बहुत सरल भाषा में लिखे गए हैं. इसके बाद उदय नारायण की हिन्दी फिल्म 'मेरे मितवा' के संगीत रिलीज होने वाला है . ज्ञात हो कि उदय नारायण ने मुंबई के गंदर्भ महा विद्यालय से संगीत विशारद की शिक्षा प्राप्त की है. फिलहाल भोजपुरी की ५० से अधिक तथा हिन्दी १५ से अधिक फिल्मों में आवाज दे चूके हैं ५० से अधिक हिन्दी और भोजपुरी वीडियो एल्बम में गा चुके हैं , हाल ही में दर्द एल्बम डिजीटल फोर्मेट रिलीज हो चूका है . उनकी भोजपुरी भाषा में रिलीज फिल्मे इस प्रकार हैं- १, गंगा , २,सजनवा साथ निभईह ,३,करनी के फल, ४,आज न त कल , ,५,गाँव की गंगा, ६, दह्केला जियरा हमार , ७, मान जा न बतिया हमार , ८, वैरी भईल सजना हमार , ९, हमार मदर इंडिया , १०, जानकी आदि .

Friday, September 3, 2010

लवगुरु, भाग-२८

डोली- बहुत पहुंचे हुए हैं लवगुरु, तभी तो यह छोटा सा शहर भी अब अन्तर राष्ट्रीय स्तर पर फेमस हो चूका है .
मुंशीजी- हाँ, मैं भी उनसे मिलकर अपने जीवन में काफी चेंज महसूस कर रहा हूँ , तुमसे मिलकर उन सभी बातों को प्रयोग करने की कोशिश कर रहा हूँ , उन्होंने भी बताया था कि कई बार लोगों को लगता है अब चुंबन में क्‍या रखा है? इसी लिए वो इसकी गहराई समझ नहीं पाते। चुंबन के समय सबसे अहम होता है कि हम अपने पार्टनर को किस तरह पकड़े हुए हैं। या फिर चुंबन के समय सामने वाले की प्रतिक्रिया क्‍या होती है। होठ से होंठ मिलाकर चुंबन का असीम अनुभव प्राप्‍त करने के लिए आप अपने पार्टनर को अपनी बाहों में भर लें। उसे जरा भी ढीला न छोड़ें। साथ ही किस के दौरान सबसे पहले पार्टनर के बालों में अपने हाथ ले जाएं, वहां से पीठ पर और फिर कमर तक सहलाते हुए ले जाएं।
इससे आपकी पार्टनर आपके काफी करीब महसूस करेगी। बेहतर होगा कि लिप किस के दौरान चेहरे के किसी अन्‍य भाग पर किस मत करें। उससे सेक्‍स अनुभव कम होता है। लिप किस भी पंद्रह मिनट से ज्‍यादा नहीं होन चाहिए, वरना उबाऊ हो सकता है।
होठों के बाद दूसरा टार्गेट गर्दन के पीछे का हिस्‍सा होना चाहिए। उससे महिलाओं को बेहतरीन अनुभूति होती है। धीरे-धीरे गर्दन के चारों ओर और फिर कंधे पर। अच्‍छा होगा यदि आप सबसे अंत में गाल पर किस करें। किस के दौरान अगर अपने पार्टनर की छाती पर और फिर कमर के हिस्‍से पर मसाज करते हैं, तो संभोग के लिए उत्‍तेजना बढ़ती है।
मुंशीजी- तब तो महिलाओं पर भी यही बात लागू होती होगी ?
लवगुरु- हाँ , बिलकुल. काम क्रीडा के दौरान चुंबन उन महिलाओं के लिए सहायक साबित होता है, जिन्‍हें चरम सीमा तक पहुंचने में काफी देर लगती है।
सबसे पहले निडर बनना होगा। आप अपने पार्टनर को यह अहसास दिलाना पड़ता है कि हम चाहते क्या है ,
अपने पार्टनर के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा समय बिताएं और उसके सामने अपने प्‍यार का इज़हार करें।
जब आपको लगने लगे कि वो आपकी ओर आकर्षित हो रही है, तो उसे अपनी बाहों में भरने की कोशिश करें। या फिर खुद लिपट जाएं।
जब पार्टनर हमारे करीब आए, तो प्‍यार में जरा भी कंजूसी नहीं करनी चाहिए । यदि हमको उसकी कोई बात अच्‍छी लगती है, तो तारीफ जरूर करनी चाहहिये
यदि पार्टनर काम क्रीडा की शुरुआत नहीं करता है, या फिर वो किसी बात से परेशान है, तो उससे ऐसी बातें करें, कि वो अपनी सारी परेशानियां भूल कर आपके करीब आ जाए।
पार्टनर को फोर प्रणय मौका दें। चुंबन व धीरे-धीरे मसाज से उसे पूरी तरह आगोश में ले लें।
.इस बात का इंतजार मत करें करें वो काम क्रीडा की शुरुआत करे। यदि हम शुरुआत करेंगे , तो उसे और भी ज्‍यादा अच्‍छा लगेगा।
मुंशीजी- तो गुरुवार काम क्रीडा के दौरान कंडोम भी जरूरी होता है ?
लवगुरु- क्रीडा के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल प्‍यार को कई गुना बढ़ा देता है , इससे सुरक्षा भी बनी रहती है. अनचाहा गर्भ ही नहीं , अगर दोनों में से किसी साठी को किसी तरह का कोई यौन रोग है तो उससे बचने के लिए भी कंडोम काम करता है. अगर अच्छा कंडोम होगा तो वह आनंद बढाने में भी मददगार हो जाता है.
डोली का बदन आग की भट्टी की तरह दहक रहा था. मुंशीजी उस तपिश को अच्छी तरह से जान रहे थे, मगर लवगुरु की हिदायत के मुताबिक़ वे डोली को पहले अच्छी तरह से 'तैयार ' कर लेना चाहते थे . वे प्लानिंग के तहत सब कुछ कर रहे थे. डोली भी भलीभांति जानती थी , मगर उसका अनुमान था कि मुंशीजी एक बार की प्रणय क्रीडा में ही चारों खाने चित्त हो जायेंगे और उनके सिर से इश्क का भूत उतर जाएगा . इसलिए वह जल्दी से खुश करके फिर आराम से नींद लेना चाहती थी, वह पिछले दो दिन और रातों से ठीक तरह से सो नहीं पाई थी. कई धनी ग्राहक जों मिल गए थे , और अपने ग्राहकों को वह देवता की तरह मानती थी, उनको हर तरह से संतुष्ट करना चाहती थी.
आखिरकार मुंशीजी का पुरूष जाग उठा. लवगुरु की बातें याद आते ही उन्हें कंडोम का ध्यान आ गया था. इसके लिए वे वेटर को बुलाने के लिए घंटी बजाने हे वाले थे कि उनकी उलझन को डोली ने तुरंत पहचान लिया और उन्हें एक अदद कंडोम पेश किया. अब वे सुहागरात मनाने के लिए तैयार थे.











Thursday, September 2, 2010

लवगुरु , भाग-२७

डोली- आपको लवगुरु ने किस करने की कोई खास कला नहीं सिखाई ,मैंने कहीं पढ़ा था कि सम्पूर्ण सेक्स के लिए चुम्बन सबसे ज्यादा अहम है .
मुंशीजी - हाँ सिखाया था न. कहा था कि चुंबन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभदायक है और यह उम्र बढ़ाने में मददगार साबित होता है कि जो लोग मिलने पर एक-दूसरे से हाथ मिलाकर अभिवादन करते हैं,उनके मध्‍य चुंबन लेकर अभिवादन का आदान-प्रदान करने वालों की अपेक्षा बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं का संक्रमण अधिक होता है।संक्रमण के मामले में हाथ् सबसे अधिक खतरनाक हैं,क्‍योंकि हाथ के द्वारा ही अन्‍य जगह से व्‍यक्ति के शरीर पर और व्‍यक्ति से व्‍यक्ति से बीच सबसे ज्‍यादा संक्रमण होता है। सामान्‍यत: अभिवादन हाथ मिलाकर किया जाता है लेकिन ऐसा करने से एक व्‍यक्ति के कीटाणु दूसरे व्‍यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। कीटाणुओं का यह आदान-प्रदान व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य और उम्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। लोग एक-दूसरे से मिलने पर चुंबन लेने के बजाय हाथ मिलाने को अधिक प्राथमिकता देते हैं क्‍योंकि चुंबन से उन्‍हें असहजता महसूस होती है। लेकिन ऐसा करके वह अनेक बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। चुंबन लेने से होनेवाले संक्रमण के अलग-अलग प्रभावों को देखने के बाद निकाला गया।
प्यार का इजहार करने के लिए चुंबन से बढ़कर शायद ही कोई दूसरा माध्यम हो। एक प्यार भरा चुंबन प्रेमी या प्रेमिका को दिन भर की तमाम उलझनों से मुक्त करके एक प्यार भरे संसार में ले जा सकता है।

प्यार का इजहार करने के लिए चुंबन से बढ़कर शायद ही कोई दूसरा माध्यम हो। एक प्यार भरा चुंबन प्रेमी या प्रेमिका को दिन भर की तमाम उलझनों से मुक्त करके एक प्यार भरे संसार में ले जा सकता है।

इस किस का अर्थ दो होठों के साधारण मिलन से है। यह किस होठों को ब्रुश के समान स्पर्श करके या हल्का दबाकर किया जाता है। इस किस के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत नहीं होती। अपने लवर को चारों तरफ से चूमकर इस किस को अंजाम दिया जाता है।

अपनी आंखों की बरौनी से प्रेमी के होठों, आंखों के बाल, गाल और गर्दन के स्पर्श को बटरफ्लाई किस कहते हैं।
इस प्रकार का किस को पूरी गर्मजोशी के साथ किया जाता है। जब आप अपने प्रेमी को पूरी आत्मीयता से किस करें तो अपने होठों को धीर से हटा लें और लार की कुछ बूंदे प्रेम से उनके मुख में टपका दें।तब देखें आनंद ही आनंद नजर आएगा , और फ्रेंच किस में अपनी जीभ अपने प्रेमी के मुख की कोमल त्वचा में डालकर उसे चारों ओर घुमाया जाता है। मुख से मुख मिलाकर फ्रेंच किस किया जाता है।

जब आप अपने प्रेमी को कुछ उत्तेजना भरा संदेश देना चाहें तो यह किस अपनाया जाता है। इसमें चाकलेट, फल या बर्फ का टुकड़ा अपने होठों से दबाकर अपने प्रेमी के होठों का स्पर्श किया जाता है। स्पर्श के बाद अपनी जीभ के सहारे दबाया गया टुकड़ा अपने प्रेमी के मुख में डाल दिया जाता है.
डोली- वाह -वाह क्या बात है , क्या गुरु जी को विदेशी तरीके भी आते हैं ?
मुंशीजी- मैंने भी उनसे यही सवाल किया था , तो बोले प्यार प्यार होता है . उसमे क्या देसी और क्या विदेशी ?लवगुरु कहते थे कि सेक्स में संतुष्टि का स्थान महत्वपूर्ण है . उन्होंने मुझसे सवाल किया था कि
-अगर आपको अपने पाटर्नर के साथ सेक्स संतुष्टि नहीं मिल रही है तो क्या आप उसे प्यार करना ही छोड़ देंगे? क्या बात इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि आप दूसरी शादी कर लेंगे? अगर कुछ दिनों बाद आपको दूसरी शादी से भी संतुष्टि न मिले तो फिर आप क्या करेंगे? जीवन के ऐसे दोराहे पर खड़े होकर आप क्या करेंगे?
डोली- तब क्या जवाब दिया आपने ?
मुंशीजी- मैं चुप रहा तब वे बोले कि एक सीधी-साधी शादीशुदा जिंदगी बिताने के लिए आज कितने तौर-तरीके सामने आने लगे हैं। लव मैरिज, लिव इन रिलेशनशिप, कॉन्ट्रेक्ट मैरिज, न्यूक्लियर फैमिली और न जाने क्या- क्या? नए जमाने के इन टाइटल्स से कई तरह की परेशनियां भी सामने आने लगी हैं। खासतौर पर उन शादीशुदा जोडों के सामने, जिनकी शादी को महज एक-दो साल ही हुए हैं। उच्‍च शिक्षा से जन्मी फैसले लेने की ताकत का इस्तेमाल अपने मन मुताबिक करना इनके लिए सहज होता है।

यदि किसी पुरूष पर तनाव इतना अधिक हावी हो चुका है कि वह आत्महत्या करने की ठान चुका है तो इसका कारण है प्यार और सेक्स, जिसके बीच वह बैलेंस रखना चाहता है।

Wednesday, September 1, 2010

लवगुरु , भाग-२६

मुंशीजी- अरे बाबा , अभी किसने कहा सेक्स स्टोरी सुनाने के लिए ? तुम्हीने न , तभी तो सुना रहा हूँ . यह सब सीखने के लिए तो मैं इतनी दूर से चलकर तुम्हारे शहर में आया हुआ हूँ, अगर तुम्हारे इस शहर के लवगुरु किसी शहर में आ जाएँ तो यकीन मानो , करोड़ों कमाएंगे , मगर अच्छी बात ये है कि ये कमाने के लिए नहीं बल्कि मानव जाति की भलाई के लिए लव टिप्स देते हैं. मुझे उन्होंने कहा था कि यह सच है कि अंतरंग क्षणों के दौरान और उससे ठीक पहले वाले पल आपको एक दूसरे के बेहद करीब ला देते हैं और आप दोनों के अंदर एक दूसरे के प्रति प्रेम की भावना काफी बढ जाती है. परंतु यह भी उतना ही सच है कि उन खास अंतरंग क्षणों के बाद का समय भी उतना ही रोमांटिक हो सकता है बल्कि पहले से अधिक भी! अंतरंग संबंध बनाने के बाद के क्षण काफी महत्वपूर्ण होते हैं और युगल इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं.

सेक्स के बाद क्या? यह एक महत्वपूर्ण सवाल है परंतु जवाब सरल है. अधिकतर युगलों का जवाब होता है अच्छी नींद. या फिर रोजमर्रा के काम, ऑफिस, मित्रों के घर जाना या फिर टीवी देखना. परंतु यदि इससे थोड़ा हटकर सोचा जाए तो रोमांस के पलों को आगे बढाया जा सकता है और आपसी संबंधों को भी नई ऊँचाईयाँ दी जा सकती है.इससे आपसी प्यार भी बढ़ता है और अपनत्व भी.
डोली- बात सही है , मजा आ रहा है . सिर्फ दस मिनिट तक मैं अपने जज्बातों को काबू में रख सकती हूँ.
मुंशीजी- अब तो यह जीवन भर का मेल है . सिर्फ आज रात का मामला नहीं है. जब तक सांस चलेंगी तब तक प्रेम रस का स्वाद लेते -देते रहेंगे . लवगुरु का कहना था कि सेक्स के ठीक पहले संगीत सूना चाहिए यदि आपको संगीत पसंद है तो भी अथवा नहीं है तो भी. अंतरंग पलों के बाद आप दोनों साथ-साथ कोई रोमांटिक मधुर गाना सुन सकते हैं. अपने आईपोड या मोबाइल पर संगीत सुनें. इस तरह से बिना बात किए भी आप एक दूसरे को अपने करीब महसूस करेंगे.
सेक्स के बाद गर्दन और पीठ की हल्की मालिश करें. सेक्स के दौरान ऑक्सिटोसिन और प्रोलेक्टिन हार्मोन उत्सर्जित होते हैं जो आपके बीच के प्यार को बढाते हैं. वही हार्मोन हल्की मालिश से भी उत्सर्जित होते हैं. इसलिए सेक्स के बाद हल्की मालिश करने से आप अपने "प्रेम के क्षणों" को बढा सकते हैं.

छुट्टी के दिन 'अंतरंग क्षणों' का आनंद लेने के बाद आप केंडल लाइट हल्का डिनर ले सकते हैं. केंडल लाइट डिनर वैसे फोरप्ले से पहले रोमांस का माहौल बनाने का एक उपयुक्त जरिया माना जाता है, परंतु वह सेक्स के बाद के रोमांस को भी बढा सकता है.

यकीन मानिए यह भी काफी रोमांटिक लग सकता है. अंतरंग पलों के बाद एक दूसरे की सहायता करना या कपड़े पहनाना भी रोमांस को बढा सकता है.

उन खास पलों का आनंद लेने के बाद एक दूसरे के साथ साथ थोड़ी देर बात अवश्य करें. सम्भव हो तो बाल्कनी में जाएँ और ठंडी हवा का आनंद लें. यह निर्भर करता है कि आपके घर के आसपास का पर्यावरण कैसा है परंतु इस नैसर्गिक क्रिया के बाद प्रकृति के समीप जाने का अहसास काफी सुखद होता है.
एक दूसरे के साथ स्नान करना बेहतरीन फोरप्ले माना जाता है परंतु यह सेक्स के बाद के रोमांटिक पलों को बढाने में भी मददगार साबित हो सकता है. हल्के शावर के साथ पानी की बुंदों को और उनके स्पर्श को महसूस करें.
डोली- तब ठीक है. तब तो हम भी शावर का आनंद लेंगे .
मुन्शीजी- जरूर , मगर सुहागरात मनाने के बाद. तुम मानो या ना मनो मगर मैं आज और अभी तुमको अपनी जीवनसाथी स्वीकार करता हूँ.
डोली- आप बहुत बेहतरीन इंसान हैं , मुझ जैसी नाचीज को अभी आप इतना प्यार और सम्मान दे रहे हैं , मैं इस बात को कभी नहीं भूल सकती , मैंने सूना था कि जहां में ऐसे लोग ज्यादा हैं, जों दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं .
मुंशीजी - लेकिन तुम कोई गैर तो नहीं हो , जान हो मेरी. तुम्हारे प्यार की खुशबु में साँसों में बस चुकी है. तुम मेरी रग -रग में शामिल हो चुकी हो. तुम्हें कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है और कैसे तुम्हारा शोषण किया जा सकता है.
डोली- इस बात को मैं कभी नहीं भुला सकती कि इतने कम समय में भी आपने मुझे इतना अपनत्व प्रदान किया है जैसे कि हम लोग जन्म -जन्म से एक दुसरे को जानते हों.
मुंशीजी- यह सच है डोली . सच्ची बात यही है कि हम लोग कई जन्मों से एक दुसरे से प्रेम करते हैं , पिछले किसी जन्म में हमारा मिलन अधूरा रह गया होगा, आज यह अधूरा मिलन पूरा हो रहा है .

Tuesday, August 31, 2010

लवगुरु -२५

मुंशीजी- वैरी गुड . मैं भी बताना चाहूँगा कि यहाँ पर मेरा आने का जों मकसद है, वह सेक्स ज्ञान ही है . यहाँ के लवगुरु तो देश भर में प्रसिद्द हैं, उन्हीके पास आया हूँ. आपको भी कुछ सिखा सकता हूँ .
डोली- स्वागत है , कहिये न , मुझे रोमांस और सेक्स की बातें अच्छी बातें लगती हैं.
मुंशीजी - उन्होंने कहा था कि अगर आपको अपने पार्टनर के साथ सेक्‍स करने की भूख का अहसास नहीं होता है,या फिर क्‍या आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी पार्टनर में सेक्‍स के प्रति भूख जागृत नहीं होती? इन सवालों का उत्‍तर आप स्‍वयं बेहतर समझ सकते हैं। और यदि आपको लगता है कि ऐसा ही आपके साथ हो रहा है तो सही समय है जब आप चेत जाएं और इसके प्रति नजरिया बदलें। आप कुछ कदम उठाकर इससे बच सकते हैं और अपनी सेक्‍स लाइफ को बेहतर बना सकते हैं।
दरअसल ऐसी स्थिति कई कारणों से आती है। इसमें बच्‍चा पैदा होना, गहरा तनाव होना, लड़ाई-झगड़े, किसी प्रिय की मृत्‍यु हो जाना, आदि के कारण सेक्‍स के प्रति रुझान घट जाता है। ऐसे में सेक्‍स के प्रति भूख मर जाती है। यही नहीं संभोग करने पर भी चरम आनंद नहीं मिल पाता है। ऐसे में आप अपनी पार्टनर को सेक्‍स के लिए प्रेरित करने के अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं।
सबसे पहला आकर्षण करीब आने से बढ़ता है। ऐसे में अपनी पार्टनर के करीब जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह साफ और सुंदर दिख रहे हैं। क्‍योंकि आपके चेहरे के एक्‍सप्रेशन ही उसे आपकी ओर आकर्षित करेंगे, जिससे उसके अंदर सेक्‍स की भूख जागेगी।
पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ अलग-अलग स्थितियां होती हैं। पुरुष अपनी स्‍त्री पार्टनर के आकर्षण से आकर्षित हो जाता है, जबकि महिलाओं के लिए सेक्‍स से पहले भावनात्‍मक रूप से करीब आना जरूरी होता है। जबतक आप भावनात्‍मक रूप से करीब नहीं जाएगे, तब तक वो आपके करीब नहीं आएगी। हालांकि दोनों के लिए प्रेम भरी बातें काफी महत्‍व रखती हैं।
तनाव की स्थिति में भी यदि आपकी पार्टनर आपके करीब आ जाती है, तो ऐसी बातें करें, जिससे उसका तनाव कम हो सके। यदि वो दु:खी है तो उसका दु:ख कम करने की कोशिश करें। यहां पर आपके मुंह से निकले शब्‍द काफी अहम होते हैं, क्‍योंकि बातों ही बातों में आपको अपने पार्टनर का रुख सेक्‍स की ओर करना है।
अच्‍छा होगा यदि आप ऐसे समय में अपने पिछली रातों के अनुभवों को रखते हुए अपनी पार्टनर को बाहों में भर लें। फिर धीरे-धीरे उसके सौम्‍य व कोमल शरीर के अंगों की तारीफ करें। धीरे-धीरे उन अंगों को भी स्‍पर्श करें, जिनकी आप तारीफ कर रहे हैं। यहां पर आप किसी फिल्‍म के सेक्‍सी सीन की बात भी कर सकते हैं।
ऐसी बातें बिलकुल न करें, जिससे आपकी पार्टनर दोबारा अपनी पिछली बातों को याद कर दु:खी या तनाव में आ जाए। आमतौर पर संभोग के दौरान स्त्रियों को चरम आनंद तक पहुंचने में काफी समय लगता है। पुरुषों के लिए अच्‍छा होगा, यदि उन्‍हें चरम
इन बातों से आपको यह अहसास हो ही गया होगा कि सेक्‍स का अंतिम चरण संभोग ही नहीं होता। एक दूसरे को पूरी तरह संतुष्‍ट रखने से ही आपसी प्‍यार बढ़ता है। संयम रखने या फिर एक लंबे अंतराल के बाद संबंध बनाने की सलाह देना उस हद तक कारगर सिद्ध नहीं हुई है जितनी की इससे अपेक्षा की जा रही थी।

किशोरों को अगर सिर्फ संयम के बजाय गर्भनिरोधक उपायों या अनचाहे गर्भ को रोकने के संबंध में जानकारी दी जाए तो वह ज्यादा लाभदायक होगा।

यौन शिक्षा कम उम्र में गर्भधारण करने की प्रक्रिया को काफी हद तक कम कर सकती है। उपायों के बारे में जानकारी देने से किशोरों में यौन क्रियाओं या फिर यौन संक्रामक बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
डोली- अब सिर्फ बातें ही करते रहोगे या कुछ करके भी दिखाना है. आपके दिल में जों अरमान हैं उन सबको पूरा कर डालो . मैं भी तो तरस रही हूँ.
मुंशीजी- इसी आमंत्रण का इन्तजार था मुझे .
डोली आप भी न, बिलकुल वो हैं.

Monday, August 30, 2010

मुंशीजी - वाह , तुरंत दान और महा कल्याण वाला फार्मूला अपना . कभी हमें भी मिलवाइए अपनी उस गुरु से जों इतने अच्छे आइडिया सुनाती है.
डोली- आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे आपका कोई गुरु न हो , मेरा मतलब काम गुरु से है . अगर नहीं भी हो तो अपना कुछ अनुभव सुनाइये न. आज की रात तो हमको कामुक बातों में ही गुजारनी है.
मुंशीजी -मेरे पास कुछ कहास बातें नहीं है सूना है कि आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में अगर पति-पत्नी दोनों कामकाजी हों तो एक-दूसरे के साथ बैठने और बातचीत के लिए भी समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर पड़ता है उनकी सेक्स लाइफ पर। लंबे समय तक सेक्स के प्रति उदासीनता धीरे-धीरे वैवाहिक जीवन पर असर डालने लगती है। नतीजा होता है आपसी कड़वाहट और रिश्तों में तनाव।
कॉरपोरेट कल्चर के बीच काम करने वालों की रोजमर्रा की जिंदगी में इतनी जिम्मेदारियां और तनाव होते हैं कि बेडरूम तक पहुंचते-पहुंचते वे बिल्कुल निचुड़ चुके होते हैं। एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले विनय और उनकी साफ्टवेयर इंजीनियर पत्नी गौरी भी इसे स्वीकार करते हैं। गौरी कहती हैं: मैं महसूस करती हूं कि पहले की तरह अब हम सेक्स के लिए समय नहीं निकाल पाते। अक्सर युवा सोचते हैं कि थोड़ा सेटल हो जाएं उसके बाद से इस भागदौड़ भरी जिंदगी को थोड़ा कंट्रोल में लाएंगे।
हालांकि जानकारों का मानना है कि अक्सर लेट थर्टीज़ में स्थितियां सुधरने लगती हैं। दंपति शुरुआती जिंदगी के मुकाबले थोड़ा निश्चिंत हो जाते हैं। इसका उनकी सेक्स लाइफ पर सकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा महानगरों में रहने वाले दंपति अब पहले के मुकाबले ज्यादा जागरुक हो गए हैं। इंटरनेट, सेटेलाइट चैनल और समाज में सेक्स को लेकर आए खुलेपन ने उनकी सोच बदली है। खास तौर पर स्त्रियां यह स्वीकारने लगी हैं कि सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है।
यह सच है कि तनाव और थकान का पति-पत्नी के यौन जीवन पर बुरा असर पड़ता है, मगर वहीं यह भी सच है कि सेक्स ही आपके जीवन में पैदा होने वाले दबावों और परेशानियों से जूझने का टॉनिक भी बनता है। हाल ही में हुए शोध तो यहां तक बताते हैं कि नियमित सेक्स रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है। जो पति-पत्नी सप्ताह में तीन बार तक सेक्स संबंध बनाते हैं वे अपनी उम्र से कम दिखते हैं। यह सिरदर्द, संधिवात और संक्रामक रोगों से भी बचाता है।
सेक्सोलॉजिस्ट कहते हैं कि सेक्स करना जॉगिंग से कहीं बेहतर व्यायाम है। सेक्स के दौरान मस्तिष्क के कुछ बेहद खास हिस्सों में रक्त का संचार बढ़ता है। इससे मस्तिष्क शांत होता है और यह थकान और तनाव को खत्म करता है। इससे बदन में हाइड़्रोलिक्स केमिकल का संचार होता है और आपकी त्वचा में स्निग्धता आती है।
सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं सेक्स का असर आपसी रिश्तों पर भी पड़ता है। यह पति-पत्नी को एक-दूसरे के करीब लाने में भी मदद करता है। उनके पास आपस में एक-दूसरे से कहने लिए बहुत कुछ होता है। वे अपने-आप पर ध्यान देने लगते हैं। पहले के मुकाबले वे ज्यादा चुस्त और स्मार्ट नजर आते हैं। पति-पत्नी के बीच आपसी मधुरता का असर उनके सामाजिक रिश्तों पर भी पड़ता है। उनका चमकता चेहरा उनके जीवन की खुशहाली को दर्शाता है।
डोली- मेरे ख़याल से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए ऐसा सेक्स जरूरी है जिसे दोनों पार्टनर एंज्वाय करें। इसके लिए जरूरी है कि इसे एक मशीनी क्रिया में बदलने की बजाय दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जाए। इसमें फोरप्ले और कल्पनाशीलता की अहम भूमिका होती है। दरअसल यही आपको तनाव से मुक्त करता है और एक-दूसरे के करीब लाता है। सेक्स के दौरान सिर्फ एक-दूसरे के अंगों को सहलाकर और चूमकर शिथिलता दूर की जा सकती है। आपस में मधुर बातें, ओरल सेक्स या हस्तमैथुन के जरिए रुटीन की सेक्स लाइफ को ज्यादा स्पाइसी बनाया जा सकता है। इसलिए व्यस्तता भरी जिंदगी में भी सेक्स से मुंह न मोड़ें यह आपके जीवन को ज्यादा ऊर्जा से भरा और स्वस्थ बनाता है. अब आप समझ गए होंगे कि मैं क्यों आपसे आपका अनुभव सुनाने की जिद कर रही थी. कुछ लोग शराब के नशे में आते हैं और कमरे में अपनी अकेली पत्नी या महिला पार्टनर को देखते ही उस पर भूखे भेडिये की तरह टूट पड़ते हैं. बेचारी पार्टनर विरोध नहीं कर पाती . मगर जब तक वह तैयार होती है तब तक तो उसका मर्द पुरुष अपना कम निकालने के बाद खर्राटे भर रहा होता है. वह बेचारी खून के आंसू रो रही होती है. उसके अरमान छलनी हो जाते हैं . जज्बात तड़प उठते हैं . वह अपने आपको छली हुई महसूस करती है . उसे लगता है जैसे वह मात्र एक उपभोग की वस्तु है . उसे सिर्फ भोग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है . धीरे -धीरे उसका मन सेक्स से विमुख होने लगता है . अब आप पूछेंगे कि मुझे यह सब कैसे मालूम हैं , तो मेरा जवाब होगा कि सब कुछ गुरु से सीखा है .