- अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करके और साथी के भटकाव के लिए खुद को जिम्मेदार मानकर खुद को सजा मत दें। अपनी रोष, आहत होने की और अनिश्चय की विभिन्न भावनाओं को स्वीकार करना सीखें। अपने खाने-पीने, बाहर जाने, सोने-जागने की दिनचर्या को सामान्य बनाए रखें। किसी मित्र को बुलाएं या अपनी पसंदीदा पुरानी जगह पर जाएं।
अपनी भावनाओं को काबू में रखते हुए अपने साथी से बात करें कि इस शादीशुदा जीवन में गलती कहां पर हुई। यदि वह आपको दोषी ठहराए तो तुरंत उग्र प्रतिक्रिया न करें क्योंकि अधिकांश धोखेबाज लोग जानबूझकर उल्टे-सीधे आरोप लगाते हैं लेकिन समझदार समस्याओं पर सोचने की कोशिश करते हैं और अर्थ निकालते हैं चाहे वे सही हों या नहीं।
यदि आपके बच्चे हैं तो उनके प्रति ईमानदार बनें क्योंकि आप अपनी भावनाओं को उनसे छिपा नहीं सकते। बच्चे हमारी उम्मीदों से अधिक संवेदनशील और समझदार होते हैं और समझ जाते हैं कि कुछ गलत हुआ है। उनको ज़्यादा विवरण मत बताएं न और ही उनपर ऐसा कोई प्रभाव डालें या ऐसा वादा करें जो आप निभा न सकें।
परिस्थिति से बेहतर निबटने के लिए उपचार कराएं या प्रोफेशनल काउंसिलिंग की मदद लें और निष्पक्ष नजरिया कायम करें। ऐसे किसी संकट के बाद के तनाव का सामना प्रोफेशनल की मदद से भी किया जा सकता है।
यदि आपने सम्बन्ध समाप्त करने का फैसला कर लिया है तो अपने फैसले पर कायम रहें। अपने भविष्य को लेकर आशावादी और व्यावहारिक नज़रिया अपनाएं। अपनी निजी जरूरतों जैसे रूपया-पैसा, मकान और यदि बच्चे हों, तो उन पर भी ध्यान देना शुरू करें। इसे भूलकर अपनी जिंदगी से बाहर निकाल देना ही आपके लिए बेहतर साबित होगा।मेरे ख़याल से बेवफाओं को बुलाने का इससे अच्छा कोई तरीका नहीं है . तुम्हारा क्या सोचना है ?
डोली- आपने मेरे, बदन , माइंड और सूल तीनों को संतुष्ट कर दिया है , इससे लगता है जैसे मैं स्वर्ग की सैर कर रही हूँ. ना चाहते हुए भी मुझे नींद के झोटे से आ रहे हैं . आपने प्रहार भी बहुत जोर -जोर से किये हैं न .
मुंशीजी- कोई बात नहीं, तो फिर आराम से सो जाइए न. कोई दिक्कत नहीं है. कल की बुकिंग भी करा ही चुका हूँ. सुबह होंने का इन्तजार नहीं करूँगा. अभी और इसी वक्त काउंटर पर पेमेंट जमा करा दूँगा . तुम्हारी बक्शीश भी नहीं भूला हूँ . वो भी जमा कर दूँगा .
डोली- आप भी , क्या बात करते हैं. मुझे भला पैसों की क्या जरूरत है और अगर पडी भी तो आप हैं , मांग लूंगी . आपसे कैसे शर्म , किसी हया ? अब तो आपने मेरा हरेक अंग देख लिया है, उसका इस्तेमाल भी कर लिया है . तब आपसे कैसे झिझक ? मेरी सबसे बड़ी टिप्स यही है कि आपका प्यार मुझे मिला. इतना सामान मुझे मिला. आप जान छिडकते हैं मुझ पर. मैं जानती हूँ, आप मुझे सदा खुश रखेंगे.
मुंशीजी- हाँ, बहुत प्यार हो गया है तुमसे. यह रूहानी रिश्ता है. इसका शरीर से कम और आत्मा से ज्यादा रिश्ता है
डोली- आप नहीं समझ सकते , आपने आज मुझे क्या दिया है ? यह सुख स्शाब्दों में बयान नहीं किया जा सकता .
मुंशीजी मन ही मन लवगुरु को धन्यवाद देने लगे , उन्होंने ही तो समझाया था कि -
-आप उसकी जांघों के बीच अपना खास अंग रगड़ें, फिर उसके विशेष क्षेत्र में रगड़े, और अंत में यौवन द्वार में रगड़ें. फिर इसे धीरे – धीरे अंदर बाहर करें. और तब तक गहराई में प्रवेश न करें जब तक कि वह आपको जोर देकर अंदर डालने को न कहे.
इसके अलावा भी कई तरीके हैं. और कई तरीके आपके द्वारा मजाकिया तौर पर प्रयुक्त भी किये जा सकते हैं. हर युगल लगभग तौर पर यह जानता है कि क्या उसके लिये आनंददायी है और क्या नहीं. पर अनुभव बताता है कि कई लोग उत्तेजना के तरीके ढूढ़ते हैं, लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप स्वयं परीक्षण करके निश्चित करें कि क्या आपके लिए बेहतर रहेगा साथ ही यह खोजें कि किसमें आपको ज्यादा आनंद मिलेगा. कई बार व्यक्ति विशेष पर यहां बताई गई बातें लागू नहीं होती, क्योंकि उत्तेजना के लिये कई कारक जिम्मेदार होते हैं जिनमें समय, स्थान , शारीरिक संरचना और पार्टनर की रुचि आदि शामिल है.
आप अपने पार्टनर को कई अन्य तरीकों से उत्तेजित कर सकते हैं . जिनमें आप उसके पेट पीठ को रगड़ते हुए नीचे आएं, उसे उत्तेजित करने उसके निचले हिस्से औरउस भाग को रगड़ सकते हैं, अपना पांव उसकी जांघों के बीच रखकर उसके संवेदनशील क्षेत्र को रगड़कर भी उत्तेजित कर सकते हैं. आप उसे अपनी जांघों के उपर बैठा कर घुड़सवारी का मजा दिलाते हुए उसके निचले क्षेत्र को अपने शरीर की सहायता से उत्तेजित कर सकते हैं. . इससे आपको ज्यादा आनंद आएगा.