Thursday, December 24, 2009

मोहब्बत , भाग-57

ठीक तभी राज के जेहन को जोरदार झटका लगा, वह सोचने लगा की अगर आज उसके कदम फिसले तो वह जीवन भर संभाल नहीं पायेगा। उसने अपने आप पर कंट्रोल करना ही बेहतर समझा। उसने मौसम और हनीमून की बातें बतानी शुरू करदीं-
-और प्रेम का बड़ा गहरा संबंध होता है तभी तो सर्दियों की ठिठुरन भरी ठंड व बारिश की रिमझिम फुहारे प्रेमियों को बड़ी लुभाती है। जब-जब भी सावन की झडि़याँ लगती है, तब-तब प्रेमी युगल बारिश की मस्ती में नाचने-गाने को सड़कों पर निकल आते हैं। इसी के साथ ही सर्दियों की ठिठुरन भरी ठंड भी इनके प्रेम की गर्मी से पिघल जाती है और प्रेम के जोश में कई नवविवाहित दंपति व प्रेमी युगल ठंडे प्रदेशों में प्रेम के पलों को तलाशने निकल पड़ते हैं। जिस तरह शादी किसी भी युवा के जीवन का यादगार पल होता है। उसी तरह से हनीमून भी नवविवाहित युगल के लिए अविस्मरणीय पलों का खजाना होता है। यही वो यादगार दिन होते हैं, जब नवदंपति अपने नए दायित्वों का निर्वहन करने के लिए एक-दूसरे को जानने व समझने की शुरूआत करते हैं तथा पति-पत्नी के अपने रिश्ते में प्रेम के रंग भरते है।केवल नवविवाहित दंपति के ही लिए नहीं बल्कि दांपत्य सूत्र में कई सालों से बंधे दंपतियों को भी एकांत के पलों की तलाश रहती है, जिसमें वे अब तक के अपने जीवन में प्रेम के पलों का लेखा-जोखा करते है और एक बार फिर से नई ऊर्जा व प्रेम के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में जुट जाते हैं। एकांत व छेड़छाड़ दोनों ही प्रेमियों की पहली पसंद होती है। एक-दूसरे को जानने की आस व एकांत की तलाश में नवविवाहित युगल सर्द प्रदेशों में अपना डेरा डालते हैं और वहाँ की मीठी यादे व खुशनुमा पलों के साथ अपने नवजीवन की शुरूआत करते हैं। 'हनीमून' शब्द मात्र ही हमें प्रेम का आभास कराता है। जितनी मिठास इस शब्द में है, उतनी ही मिठास नवविवाहित दंपतियों के प्रेम में है। शादी के बाद यह हनीमून का क्रेज ही है, जो दुनियाभर के नवयुगलों को जम्मू-कश्मीर की हसीन वादियों में खीच लाता है। कहते हैं कि जब जिंदगी से बोरियत हो जाएँ, तब फिर से अजनबी बनकर जीवन की शुरूआत करना समझदारी है। मुश्किल से एक-दूसरे के लिए वक्त निकाल पाने वाले दंपति सर्द प्रदेशों में अपने रिश्ते में प्रेम की गर्माहट का संचार करने व अपना सैकेंड हनीमून मनाने यहाँ आते हैं। इन युगलों की ऊर्जा व उत्साह को देखकर तो यही लगता है कि भले ही उम्र के लिहाज से ये बुढ़ापे की ओर अग्रसर है परंतु विचारों से ये अब भी युवा है। तभी को कहते हैं कि दुनिया के हर रिश्ते में प्रेम का वास है, बस जरूरत है तो उस प्रेम को पहचानने की। यदि दंपति जीवन के किसीमोड़ पर भी अपने रिश्ते में छुपे उस प्रेम को पहचान लें तो उनका हर दिन खुशनुमा व हर रात रंगीन होगी। जिंदगी का नाम ही जिंदादिली है। यूँ सुबक-सुबककर जिम्मेदारियों को बोझ बनाकर ढोने वाला व्यक्ति खुश होकर भी कभी खुश नहीं रह सकता है। जिंदगी को यदि खूबसूरत बनाना है तो इसमें प्रेम के रंग भरें। जब भी आपको जिंदगी से बोरियत हो जाए तो एकांत के पलों को तलाशकर अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास करें फिर देखिए सर्द मौसम की इन फिजाओं की तरह आपकी जिंदगी भी रंगीन हो जाएगी।
स्वीटी -यह वक्त हसीं है, इतना ज्यादा हसीं की हर मौसम , हर जगह से ज्यादा महत्वपूर्ण है। अब क्यों मुख मोड़ रहे हैं, यह प्यार का सही अवसर है। इससे अच्छा समय शायद कभी नहीं मिल पायेगा।
राज- पहले हम शादी करेंगे स्वीटी, विधिवत शादी, इसके बाद हनीमून मनाने जायेंगे। जिस मौसम, जिस जगह , जिस प्रदेश और जिस भी देश में कहोगी , मैं चलूँगा। इस वक्त मुझे बहुत नींद आ रही है, शराब के नाशी में भी हूँ, ना तो तुम्हें ही कुछ मजा आएगा और ना ही मुझे। इसलिए क्यों यीमान ख़राब किया जाए।
स्वीटी- तुम भी ना राज........

Wednesday, December 23, 2009

bhag-56

मोहब्बत

भाग-५६

राज- ऐसी कोई बात नहीं यार . अब ज़रा सा टीवी देखें तो कैसा रहेगा . रात में तो एडल्ट प्रोग्राम आते हैं, चलो देखते हैं क्या आ रहा है ?

राज ने टीवी ओं किया तो एक अंग्रेजी चैनल पर महिला एंकर पुरुष एंकर से कह रही थी-

-पुरुषों को लगता है कि वे सेक्स के बारे में सबकुछ जानते हैं। लेकिन यह गलत है क्योंकि कुछ ऐसी बातें हैं जिनके बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं होती है.

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि स्पर्म क सारी मात्रा अंडाणु से निषेचन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते हैं। बल्कि इनमें से कुछ ही अंडाणु से संसर्ग की प्रक्रिया को पूरा कर पाते हैं। एकबार जब स्पर्म स्त्री के विशेष में प्रवेश कर जाते हैं तब वे मौजूद तरल एंजाइम में तैरते रहते हैं। यहीं पर कुछ स्पर्म का संपर्क अंडाणु से होता है और निषेचन की प्रक्रिया पूरी होती है।

तभी उसे पुरुष एंकर ने टोकते हुए कहा -

-ऐसा माना जाता है कि ऑक्सीटासिन का प्रभाव महिलाओं में सेक्स व बच्चों को दूध पिलाने के दौरान पड़ता है। लेकिन पुरुषों में भी यह हार्मोन आपसी संसर्ग के दौरान काफी प्रभाव डालता है।

पुरुषों में सेक्स की इच्छा कम होने का कारण टेस्टोटेरोन की मात्रा ज्यादा होना है।

सेक्स के दौरान हुई मौतों को लेकर भी लोगों में कई तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं। पच्चीस साल पहले सेक्स के दौरान हुई मौत के जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मरने वाला शादीशुदा था व सेक्स के दौरान आसपास के वातावरण से सामंजस्य नहीं बैठा पाया था और अपनी पत्नी के साथ न होकर किसी और के साथ था। जांच में यह बात भी सामने आई कि उसने अल्कोहल के साथ काफी कुछ खाया था।पुरुष महिलाओं के मुकाबले प्यार में जल्दी पड़ते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा जल्दी ही आकर्षक चेहरे के प्रति खिंचे चले जाते हैं। वहीं महिलाएं प्यार को परखने में काफी समय लगाती हैं.

अब बारी थी महिला एंकर की, उसने कहा-

-पुरुष काफी रोमांचक पसंद होते हैं। वे किसी भी काम में रोमांच पसंद करते हैं। वे सेक्स के दौरान भी रोमांचक क्रिया करना चाहते हैं। इसके लिए प्राकृतिक सेक्स के अलावा वे कुछ अलग करना पसंद करते हैं जबकि महिलाएं इन सबको पसंद नहीं करती हैं। पुरुष वे सभी तरीके अपनाना पसंद करते हैं जो सामाजिक व कानूनी रूप से भी मान्य नहीं होता है।

स्वीटी- इन बातों को सुनकर मेरे दिल में गुदगुदी सी होने लगती है। तुम्हें ऐसा कुछ भी महसूस नही होता क्या ?

राज- मेरी मत पूछो, ऐसा लगता है जैसे की सीने से निकालकर ये दिल बाहर आ जाएगा । मन को समझता हूँ तो बहुत उलझन होती है। तुम्हारे जिस्म से लिपटकर मर मिटने को जी चाहता है।

स्वीटी की समझ में यह बात अच्छी तरह से आ गयी की राज इतनी आसानी से कुछ करने वाला नहीं है क्योंकि उसके बदन में गरमी तो आती थी मगर जल्दी ही फ़िर शान्ति हो जाया करती थी। वह जान गयी की सिर्फ़ शब्दों से काम चलने वाला नहीं है। स्वीटी का दिल भी जोर -जोर से धड़कने लगा। वह राज के साथ सोने के लिए बेताब हो रही थी , उसके मन में अब भी प्यार और समर्पण की भावना कम तथा बदले की भावना ज्यादा थी। वह राज को अपने हुस्न के जाल में फंसकर फ़िर जीवन भर के लिए तडपाना चाहती थी। उसके तन में तो वासना की आग लगी ही थी साथ ही दिल में भी जबरदस्त आग लगी थी। वह राज के शरीर से आकर लिपट गयी। और उसके संवेदनशील अंग को चूमने लगी। राज भी गरमी में आ गया। उसने स्वीटी के सुर्ख और नर्म होठों को चूम लिया, स्वीटी बात जिस रास्ते -पर चल पडी थी , उससे जरा भी भटकना नहीं चाहती थी तभी तो उसने राज का एक प्रगाढ़ चुम्बन ले लिया। दोनों के युवा मन भटकने लगे। कामोत्तेजना की तेज आंधी के सामने उन दोनों के जिस्म बहुत कमजोर थे। तूफ़ान इतना भयानक था की उसमे राज का दृढ व्यक्तित्व भी तिनके की तरह ढहने लगा।

Tuesday, December 22, 2009

मोहब्बत ,भाग-55

राज- हाँ, शायद। सच क्या है, यह पता नहीं है। अगर मैं आज शराब के नशे में नहीं होता तो सही और ग़लत का फैसला कर सकता था। मेरी जुबान लडखडा रही है, मन में उथल -पुथल है। भगवान् जाने आज किस दुनिया में आ गया हूँ। हांलाकि यह रोमांचक संसार है। मैं इसे इंजॉय करने की कोशिश कर रहा हूँ।
स्वीटी- जेहन को खुला छोड़ दो। ऐसे सोचने से कुछ फायदा नहीं होगा। दिमाग पर ज्या जोर डालने से नुक्सान ज्यादा होता है और फायदा बहुत कम। तुम मेरे प्रिय हो। मैं नहीं चाहती की तुम्हें कोई तकलीफ हो। मैं सोचती हूँ तुम हमेशा हँसते-खेलते रही, मुस्कराते रहो। मगर इसके लिए तुम्हें खुशियों को स्वीकार भी तो करना होगा।
राज- अब आगे कका प्रोग्राम क्या है ? पीने का कार्यक्रम ख़त्म करें या फ़िर और आगे बढना है ?
स्वीटी- इस रात की कोई सुबह नहीं है राज- जब तक हमारी चेतना काम कर रही है, तब तक मौज मस्ती करेंगे।
राज- ओह यार। बहुत अच्छी बात कहदी , मगर व्हिस्की और है क्या ?
स्वीटी- तुम फ़िक्र मत करो, मेरे पास समूचा समुन्दर भरा हुआ है।मेरे यौवन के इस समुन्दर में एक बार दुबकी लगाकर देखो , ऐसा नशा चढ़ेगा की हमेशा के लिए मदहोश हो जाओगे, उस नशे को उतारना बहुत मुश्किल होगा।
राज- मैं समझ सकता हूँ , जब स्पर्श मात्र से ही मेरे तन -मन में आग लग चुकी है तो आगे की कल्पना अआसानी से की जा सकती है ।
राज का दिल घूम रहा था। एक बार उसने सेक्स के तरीके सिखाने वाली साईट पर अपने जिज्ञाशा भेजी थी , वहां से एक्सपर्ट ने जो उत्तर भेजे , वे उसे याद आने लगे । कहा गया था-
वैसे तो प्रेमालाप करते वक्त किसी तरह का कोई नियम नहीं चलता। प्रेमालाप में लिप्त होने की नियमावली कहीं भी तय नहीं है। लेकिन फिर कुछ अनकहे नियम या यूं कहें कि कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें अपनाया जाए तो प्रेमालाप में काफी हद तक एक-दूसरे की सहभागिता महसूस होती है। डिनर का भरपूर आनंद लेने के बाद टेबल पर एक दूसरे के करीब आने का प्रयास किया जा सकता है। अपनी प्रेमिका की कलाई पर जहां नाड़ी होती है धीरे से किस करें। खाना बनाते वक्त अपनी प्रेमिका को पीछे से गले लगा सकते हैं, साथ ही ऐसी ही स्थिति में रहते हुए उसे अपनी बाहों में भरकर उसकी गर्दन और कंधे पर किस कर सकते हैं। प्रेमालाप के पहले एकसाथ बाथ लेना या कैंडलस जलाना और लाइट म्यूजिक को बजाकर प्रेम को प्रदर्शित कर सकते हैं।अपने पार्टनर के शरीर पर तेल या साबुन की हल्की मालिश करें, जिसकी स्मेल आपकी पसंदीदा हो। उसे अपनी छाती से चिमटकर सोने के लिए आमंत्रित करें और कहें कि आप उसके पास आना चाहते हैं। अपने साथी के हाथ को जैसे भी जिस भी स्थिति में थाम सकते हैं थामने का सिर्फ कोरा प्रयास न करें बल्कि उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ थामें। अपने साथी को प्यार से गले लगाएं और उसकी आंखों में आंखें डालकर एकटक देखें। कुछ ऐसा करने का प्रयास करें जिसकी आपके साथी ने कभी कल्पना ना की हो।स्पाइसी सेक्स के पहले और अपनी सेक्स लाइफ को और ज्यादा बूस्ट देने के लिए ऐसी चंद बातों को अपनाकर आप भरपूर आनंद ले सकते हैं। अपने साथी की उत्तेजना को सही दिशा में ले जाकर ही सेक्स के दौरान उसका सहयोग हासिल कर सकते हैं।
स्वीटी- क्या सोच रहे हो मेरी जान। कहाँ खो गए हो। ऐसा लगता है जैसे की किसी के बारे में सोच र्राहे थे।
राज- नहीं यार। कुछ ख़ास नहीं। एक दिन इंटरनेट पर कामक्रीड़ा की जानकारी माँगी थी, उसमे जो जवाब मिला , वही सोच रहा था,
स्वीटी- वाह। तब तो मुझे भी कोई टिप्स सिखाओ यार। मैं भी अनजान हूँ, जब दोनों ही खिलादे अनाडी हों तो काम कैसे चलेगा ? ऐसे तो सब मामला गुड गोबर हो जाएगा।
राज- इतना अनाडी भी तो नहीं की तुम्हें बिल्कुल ही मजा ना आए। मैं सब कुछ संभाल लूँगा यार।
स्वीटी- सच कहते हो, तब तो मेरे मन का डर निकल गया। अब कोई टेंशन नहीं है। मैं बहुत घबरा गयी थी।
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"ड्राइवर ने की इंदौर आईआईएम प्रोफेसर की हत्या" इंदौर। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) इंदौर के परिसर में महिला प्रोफेसर अमृता पंचोली की हत्या की गुत्थी का मामला आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि ड्राइवर अनिल पटेल ने ही प्रोफेसर का कत्ल किया है। पुलिस को खून के नमूने से मिले सुराग के बाद ड्राइवर पर शक था। हालांकि, हत्या के पीछे क्या मकसद था इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने आज प्रोफेसर पंचोली के ड्राइवर अनिल समेत चार लोगों (एक माली और दो गार्ड) को गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक पुलिस आज शाम होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। पंचोली उदयपुर की रहने वाली थी और उन्होंने उदयपुर की मोहनलाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी से एमबीए व पीएचडी की थी।गौरतलब है कि गत 18 दिसंबर को 32 वर्षीय प्रोफेसर अमृता पंचोली की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव परिसर में ही आवंटित स्टाफ क्वार्टर से मिला था। उसके शरीर पर चाकू के 10 से ज्यादा घाव देखे गए। प्रोफेसर को आईआईएम परिसर के बी-ब्लॉक का क्वार्टर 32 आवंटित था। सुबह करीब 7.30 बजे नौकरानी शारदा काम पर पहुंची तो दरवाजा खुला मिला। कई बार आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर वह अंदर गई। वहां उसने अमृता का शव पड़ा पाया।चाकू के दस वार एसएसपी विपिन माहेश्वरी के अनुसार बेडरूम में अमृता का शव औंधे मुंह पड़ा था और आसपास खून फैला था। हत्यारे ने गले के नीचे से पैर के बीच चाकू के करीब 10 वार किए। अमृता की मौत छाती पर किए गए संगीन वार से हुई। अन्य नाजुक अंगों पर भी चाकू के निशान मिले हैं। बिस्तर के पास से हॉल और दूसरे कमरे तक खून के निशान मिले थे। वारदात के दौरान आरोपी के पैरों में भी खून लग गया था, इसलिए वह जहां भी गया, पैरों के निशान बन गए। प्रो. अमृता के क्वार्टर का मेन गेट और पीछे गेट अंदर से बंद पाया गया। केवल साइड वाला गेट ही खुला था। क्वार्टर के अंदर भी जबर्दस्ती प्रवेश के सबूत नहीं मिले हैं। इससे हत्यारे के परिचित होने की आशंका जताई जा रही है। अमृता नाइट गाउन में थी। पुलिस का अनुमान है कि हत्यारे और अमृता के बीच विवाद हुआ होगा और उसने प्रोफेसर पर चाकू से हमला कर दिया। आधी रात के बाद कत्लप्राथमिक साक्ष्यों के मुताबिक हत्या रात 12 बजे के बाद की गई है। सुबह 9 बजे वहां पहुंचे अफसरों का निष्कर्ष था कि हत्या 6 से 9 घंटे पहले यानी रात 12 बजे बाद हुई है। रात 10.30 बजे ही प्रो. अमृता की पिता से फोन पर बात हुई थी।
danik bhaskarमनसे का कहर, साधुओं को लाठियों से पीटा
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मुंबई। मुंबई में सोमवार की रात महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने सोते हुए पंडितों और साधुओं पर लाठियों से हमला कर दिया। घटना एक मंदिर परिसर की है। चौकाने वाली खबर यह है कि जिस वक्‍त यह हमला हुआ उस वक्‍त मंदिर परिसर से कुछ ही दूरी पर पुलिस की गश्‍त चल रही थी। मनसे कार्यकर्ताओं के भागने के बाद पुलिस वहां पहुंची और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

ऐसा माना जा रहा है कि अखिल भारती ब्राह्मण सभा द्वारा राज ठाकरे को थप्‍पड़ मारे जाने पर घोषित किए गए ईनाम की खबर के बाद यह कदम उठाया गया है। इस बार ठाकरे की पार्टी ने सीधे पंडितों और साधुओं पर निशाना साधा है।

मनसे कार्यकर्ताओं के मुताबिक वो मराठियों और राज ठाकरे का अपमान बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।

ज्ञात हो की कुछ दिनों पहले दिल्ली में एक ब्राम्हण संगठन के बडबोले पदाधिकारी ने यह एलान कर सनसनी फैला दी थी की राज ठाकरे राष्ट्रद्रोही है और जो कोई राज ठाकरे को थप्पड़ मारेगा उसको एक करोड़ का इनाम दिया जाएगा, समझा जाता है की साधुओं को पीटने का मामला भी उसी का बदला लेने के लिए किया गया हो सकता है ,वैसे इस बयान को किसीने ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। उत्तर भारतीयों ने भी इस बयां को पब्लिसिटी के लिए दिया गया छिछोरा बयान दिया था। रह ठाकरे ने भी इस बयान पर कोई प्रतिक्रया व्यक्त नहीं की थी। हांलाकि अभी तक इस मामले में किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस का कहना है की जब कोई शिकायत दर्ज कराएगा तो उचित कार्रवाई की जायेगी। एक मनसे नेता ने बताया की साधुओं के पीटने वाले लोग मनसे के नहीं थे। फिलहाल साधुओं की पिटाई का मुद्दा भड़कने के आसार दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक दल भी इस पर रोटियां सेक सकते हैं।

Monday, December 21, 2009

मोहब्बत , भाग-54

जी चाहता था की राज को अपने दिल की गहराइयों में बसाले। राज का मजबूत जिस्म उसे बहुत रोमांचित कर रहा था। स्वीटी की तरह राज भी कम उत्तेजित नहीं था। वह तो बस भूखे भेदिये की तरह उस पर टूट पढ़ना चाह रहा था लेकिन नैतिकता की चाह उसे परेशान किए जा रही थी। वह सोचता था की अगर उसने अपनी तरफ़ से पहल की और उनके बीच सम्बन्ध बन गए तो स्वीटी भविष्य में उसको बदनाम न करदे। इसीलिए तो वह अपनी भावनाओं को जब्त किए हुए था। लेकिन इश्क के जोर को भला कोई रोक पाया है क्या , जब दो युवा मन अकेले में मिलते हैं तो उनके गुनाहगार होने की गुंजाइश बहुत बढ़ जाती है। राज अपने आपको रोके हुए था और स्वीटी उसकी कामोत्तेजना को भड़काने का कोई मौका चूकना नहीं चाहती थी। तभी तो वह कह रही थी-
- मेरी जान। तुम बहुत कमाल हो। तुम्हारे सामने तो जों अब्राहम को बोदी भी कुछ नहीं होगी।
राज- अरे नहीं यार, कहाँ जों और कहाँ मैं। वह बहुत बड़ा स्टार है। यह तो छोटा मुंह बड़ी बात हो जायेगी ।
स्वीटी- क्यों, होगी बड़ी बात। वह कैमरे के सामने ही तो ऐसा दिखता है, अगर तुम परदे पर आ जाओ तो छुट्टी हो जायेगी सबकी। देखते रह जांयगे लोग। ऐसी सेहत हर किसीको नसीब नहीं हो पाती।
राज- ऐसी कोई बात नहीं, तुम मुझसे प्रेम करती हो इसलिए ऐसी बात कह रही हो। यह तुम्हारा स्नेह और सम्मान ही है, वरना कहाँ इतनी बड़ी सेलिब्रिटी और कहाँ मैं मामूली सा आदमी। वैसे मैंने यह भी महसूस किया की हर आदमी हर काम नहीं कर सकता, मुझे लगता है की अलग -अलग इंसान एक विशेष काम के लिए ही बने होते हैं, खासकर मैं अपनी बात कर रहा हूँ।
स्वीटी=- मैं दूसरी तरह से सोचती हूँ राज। मेरे ख़याल से दुनिया की हर चीज हमसे छोटी है और हमारे लिए उपलब्ध हो सकती है। उसको हमारे उपयोग के लिए ही बनाया गया है। हम यदि चाहें तो कुछ भी कर सकते हैं। कोशिश की जाए तो कुछ भी सम्भव हो सकता है।
राज- हाँ यार ये तो है, मगर उसके लिए इच्छा भी तो होनी चाहिए , इच्छाशक्ति तो बाद की कहानी है।
स्वीटी- ये अलग बात है, तुम्हें देखकर किसी लड़की ने तुम्हें कभी प्रपोज नहीं किया क्या ?
राज- नहीं । कभी किसी ने नहीं। मुझे कोई प्रपोज क्यों करेगी। क्या देश में लड़कों का अकाल पड़ गया है।

स्वीटी- तुम जैसे हेंडसम लड़के को कोई प्रपोज ना करे बड़ा अजीब लगता है। शायद ये इसलिए हो सकता है की लड़कियां चाहकर भी इस मामले में पहल नहीं कर पातीं, वे सोचती हैं की शर्म औरतों का गहना होती है।
राज- हाँ, यही कारण हो सकता है, दूसरा ये भी हो सकता है की मुझसे ज्यादा सुंदर और ताकतवर लड़के हर गली में दर्जनों की तादाद में मौजूद हैं। वो उन्हें प्रपोज क्यों नहीं करें।
स्वीटी- यह तुम्हारा बड़प्पन है मेरी जान। इसी अदा पर तो मरने का जी चाहता है। जीचाह्ता है की इसी तरह जीवन का अंत हो जाए। तुम्हारे बांहों में दम निकले इससे बड़ी और सुखद बात मेरे लिए और क्या हो सकती है ?
राज- तुम ख़ुद बहुत खूबसूरत और जहीन हो , इसलिए मेरे प्रति तुम्हारे ऐसे भाव हैं।
स्वीटी- आह राज... यह मुझे क्या हो रहा है ? मेरे दिल में टूट -फूट सी होने लगी है, देखो ना कैसे अंगडाइयां आ रही है। कुछ तो गड़बड़ है। तुम्हारे स्पर्श में जादू है।
राज- जादूगरनी तो तुम हो। मेरी क्या हालत हो रही है , मैं कैसे बताऊँ ?
स्वीटी- बताओ ना राज। अगर तुम ही नहीं कहोगे और मुझसे नहीं कहोगे तो किस्से कहोगे ।
राज- लगता है मैं पागल हो जाउंगा। मेरे ऊपर दीवानगी का नशा छाया है। मुझे कोई गुनाह हो गया तो ?
स्वीटी- जिसे तुम गुनाह समझ रहे हो, शायद वह प्यार है।


Bhaskarविजयवाडा. हफ्ते भर से आमरण-अनशन कर रहे विजयवाडा के कांग्रेस सांसद लगदापति राजगोपाल रविवार से सरकारी अस्पताल से इलाज के दौरान बेहद नाटकीय अंदाज में कहीं गायब हो गए हैं।

आधिकारिक सूत्नों ने कहा कि राजगोपाल अपने हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लिए अस्पताल से केन्द्रीय डायग्नोस्टिक ब्लाक की तरफ निकले और अपने वकील पी गोवाथम रेड्डी के साथ गाड़ी संख्या एपी-१६ ए एच-6789 में सवार हो कर अस्पताल से निकल गए। वह गाड़ी पहले से ही वहां मौजूद थी।

गौरतलब है कि लगभग 300 पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए थे, लेकिन वह उन सभी को चकमा देते हुए अस्पातल से कहां चले गए, इसकी जानकारी फिलहाल किसी के पास नहीं है।

अस्पताल के बाहर भारी तादाद में मौजूद मीडियाकर्मी भी इस घटना से हतप्रभ रह गए। कोई कुछ समझ पाता कि इससे पहले राजगोपाल का वाहन बेहद तेज गति से अस्पातल के बाहर निकल गया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्काल ही उनके वाहन को पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। इस घटना के बाद से शहर के सभी थानों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।