Saturday, September 3, 2011

करोड़ों की अफीम के साथ तीन गिरफ्तार


चितौड़गढ़। चितौड़गढ़ में पुलिस ने करोड़ों रूपए के मादक पदार्थ के साथ तीन लोग को गिरफ्तार किया है। जिले की निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने वाहन चैकिंग के दौरान मादक पदार्थ जब्त किया है। बताया जा रहा है कि शनिवार को पुलिस ने ऑपरेशन ब्लैक गोल्ड के तहत कारवाई की है। पुलिस ने इस मामले मेें करीब मे 70 किलो अफीम और 200 ग्राम ब्राउन शुगर पक ड़ा है।

पुुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के रहने वाले तीनों तस्कर आल्टो कार की गैस कीट में अफीम छिपा कर ले जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक एमपी के रास्ते चितौड़ होते हुए प्रदेश में अफीम और ब्राउन शुगर की तस्करी को तेजी से फैलाया जा रहा है। बताया जारहा है कि जिले में अब तक की सबसे बड़ी कारवाई की गई है। पुलिस इस मामले में तीनों तस्करो से पूछताछ कर रही है।
सचिन नहीं होंगे महाराष्ट्र के ब्रांड एंबेस्डर

मुम्बई। महाराष्ट्र सरकार ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को राज्य का ब्रांड एंबेस्डर बनाने की अपनी योजना स्थगित कर दी है। राज्य के पर्यटन मंत्री छगन भुजबल ने आज कहा, "अब यह योजना पूरी तरह स्थगित कर दी गई है। सरकार ने यह भी सोचा है कि हमें सचिन पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। आखिर वे पूरे देश के हैं न कि सिर्फ हमारे राज्य के हैं।"


उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले महाराष्ट्र पर्यटन निगम ने सचिन को एक पत्र लिखकर राज्य का ब्रांड एंबेस्डर बनने के लिए पूछा था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सचिन ने इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया था

प्रशांत भूषप्रशांत भूषन को हो सकती है 15 दिन की जेल, पूरी टीम पर केस का खतरा

नई दिल्‍ली. भारी जन समर्थन के बूते जन लोकपाल बिल पर सरकार को झुका देने वाली टीम अन्‍ना को एक और झटका लगा है। टीम अन्‍ना के सदस्‍य और वरिष्‍ठ वकील प्रशांत भूषण को संसद के विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है। भूषण पर सार्वजनिक रूप से यह कहने का आरोप है कि सांसद पैसे लेकर कानून पास करते हैं। भूषण को 14 सितंबर तक इस नोटिस का जवाब देना है। भूषण ने कहा, ‘मुझे विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है और मैं इसका जवाब दूंगा।’


प्रशांत भूषण के पिता और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने आज कहा कि यह मामला विशेषाधिकार हनन के तहत नहीं आता है। उन्‍होंने कहा, ‘नोटिस का जवाब दिया जाएगा लेकिन यदि सरकार फिर भी कोई कदम उठाती है तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।’

इस तरह का एक नोटिस किरण बेदी को भी मिला है। उन्‍होंने सांसदों के बारे में टिप्‍पणी की थी कि वे मुखौटा ओढ़े रहते हैं और कभी इस तरफ, कभी उस तरफ की बातें करते हैं। अगर ये दोनों विशेषाधिकार हनन का दोषी पाए गए तो इन्‍हें 15 दिनों की जेल भी हो सकती है। बेदी भी नोटिस का जवाब तैयार कर रही हैं।


टीम अन्‍ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी हो रही है। दिल्‍ली पुलिस इसकी तैयारी कर रही है। एफआईआर रामलीला मैदान में अन्‍ना के 12 दिन के अनशन के दौरान कई शर्तें तोड़ने के आरोप में की जा सकती है।

दिल्‍ली पुलिस के सूत्र बताते हैं कि बीते रविवार अन्‍ना का अनशन टूटने के बाद तमाम पुलिस अफसरों की कई बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में यही तय किया गया कि किस आधार पर टीम अन्‍ना के खिलाफ मुकदमा किया जा सकता है। तय हुआ है कि टीम अन्‍ना ने रामलीला मैदान में आंदोलन के लिए जो लिखित हलफनामा दिया था, उसकी चार अहम शर्तों का उल्‍लंघन हुआ है और इसके लिए टीम अन्‍ना को कठघरे में खड़ा किया जा सकता है।
जिन शर्तों के उल्‍लंघन की बात कही जा रही है, उनमें एक तो रात 10 बजे के बाद माइक या लाउडस्‍पीकर का इस्‍तेमाल करना है। समर्थकों को इंडिया गेट पर जमा होने के लिए कहने को भी शर्तों का उल्‍लंघन माना जा रहा है, क्‍योंकि इंडिया गेट पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं ली गई थी। इंडिया गेट पर मशाल जुलूस निकाल कर ट्रैफिक बाधित करने का आरोप भी टीम अन्‍ना पर लगाया जा सकता है। टीम अन्‍ना के आह्वान पर समर्थकों ने पूरे लुटियंस जोन, यहां तक कि प्रधानमंत्री निवास के पास भी धरना दिया था। सूत्र बताते हैं कि दिल्‍ली पुलिस इस मामले में भी कानूनी जानकारों की राय ले रही है।

सूत्र बताते हैं कि अगर कानूनी राय पक्ष में रही, तो कमला नगर पुलिस थाने में टीम अन्‍ना के खिलाफ एफआईआर की जा सकती है। बताया जाता है कि इस पुलिस थाने की ओर से एसीपी ने अनशन के दौरान आयोजकों को आठ चेतावनी भरी चिट्ठी भी भेजी थी। इनमें से किसी भी पत्र का आयोजकों की ओर से जवाब नहीं दिया गया है। इन पत्रों को भी अब दिल्‍ली पुलिस अपना केस मजबूत करने के लिए इस्‍तेमाल कर सकती है।
सूत्र बताते हैं कि रामलीला मैदान में जिन शर्तों का उल्‍लंघन हुआ है, उसकी रिपोर्ट तैयार कर जल्‍द से जल्‍द पुलिस मुख्‍यालय को भेजी जानी है। वहां बड़े अफसर और कानूनी विशेषज्ञों की राय के बाद एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। सुबूत के तौर पर रामलीला मैदान की घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग पेश की जाएगी। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर समाचार चैनलों से भी वीडियो फूटेज उपलब्‍ध कराने के लिए कहा जा सकता है।


क्या है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव
संसद में विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव को अन्य प्रस्तावों और संसद के सामान्य कामकाज पर तरजीह दी जाती है। इस तरह के प्रस्ताव में आम तौर पर बहस की गुंजाइश नहीं होती है। इस प्रस्ताव के तहत सदन का सदस्य नोटिस देकर अध्यक्ष की अनुमति से विशेषाधिकार हनन का मामला उठा सकता है। अगर स्पीकर को लगता है कि सदस्य द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है तो वह इसे स्वीकार कर लेता है। नोटिस को मंजूर किए जाने के बाद स्पीकर इस पर सदन में बहस करा सकता है या फिर इसे विशेषाधिकार समिति को भेज सकता है। विशेषाधिकार समिति जरूरत समझने पर मामले से संबंधित व्यक्ति को तलब कर सकती है और दोष साबित होने पर सज़ा भी सुना सकती है। अगर संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्‍ताव पारित हुआ तो अवमानना के दोषी व्‍यक्ति को 15 दिन जेल की सजा भी हो सकती है।

अन्ना हजारे की जान को ख़तरा , जेड कैटिगरी की सुरक्षा

अहमदनगर।। लोकपाल कानून के लिए दिल्ली में अनशन करने के बाद अपने गांव रालेगण सिद्धि लौट चुके अन्ना हजारे को स्थानीय पुलिस ने जेड कैटिगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। अब 22 पुलिसकर्मी हमेशा उनकी सुरक्षा में हमेशा मुस्तैद रहेंगे। हालांकि, अन्ना हजारे ने इससे इनकार किया था लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और इसमें कोताही नहीं बरती जा सकती है। अन्ना हजारे की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार बेहद चिंतित है। खुफिया विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक अन्ना की जान को खतरा बताया गया है। इसके बाद सरकार ने न सिर्फ उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया बल्कि इसकी तैयारी भी शुरू कर दी। अन्ना शुरू में सुरक्षा लेने को तैयार ही नहीं हुए। लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ मान गए।

शनिवार को दिन भर खुफिया विभाग के अधिकारियों ने रालेगन सिद्धि के तमाम इलाकों का जायजा लिया। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल में जुटे हैं कि अन्ना कहां सोते हैं, सुबह उठकर पहले किस स्कूल में जाते हैं, उनसे मिलने वाले लोग कौन-कौन हैं। दअरसल खुफिया विभाग को मिली एक जानकारी के मुताबिक अन्ना की जान को खतरा है। इसके बाद आनन फानन में अन्ना को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया गया और मुंबई से गुप्तचर विभाग के 12 अधिकारियों को रालेगन सिद्धि भेजा गया। इसके अलावा अहमदनगर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी रालेगन में डेरा डाल चुकी है।

शनिवार सुबह खुफिया विभाग की टीम सबसे पहले यादव बाबा के मंदिर पहुंची, जहां अन्ना हर रोज दो घंटे बिताते हैं। इसके बाद रालेगन सिद्धि स्कूल, संत निरुपा राय स्कूल, पद्मावती मंदिर परिसर, ग्राम पंचायत के दफ्तर समेत कुल 12 जगहों का मुआयना किया जहां अन्ना हर रोज जाते हैं। इसके बाद अहमदनगर के एसपी कृष्ण प्रकाश और एसआईटी के चीफ जांबुलकर ने मिलकर बैठक की। तीन घंटे की इस बैठक के बाद अन्ना को Z श्रेणी की सुरक्षा के बारे में बताया गया

अहमदनगर के एसपी कृष्ण प्रकाश ने अन्ना को जेड कैटिगरी की सुरक्षा देने की पुष्टि करते हुए कहा, 'जनलोकपाल कानून के लिए सफलतापूर्वक आंदोलन चलाने के बाद अन्ना हजारे पूरे देश में मशहूर हो गए हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा जरूरी हो गई है। अन्ना पहले सुरक्षा कवर के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन हम इसमें लापरवाही नहीं बरत सकते हैं। उन्होंने हमारी पेशकश अब स्वीकार कर ली है।'

एसपी ने कहा कि अन्न ने अब हमसे आग्रह किया है कि उनके इर्द-गिर्द जो भी पुलिस वाले रहें, वे सादी वर्दी में रहें। पुलिस ने उनकी इस मांग को मान लिया है। शुक्रवार को अन्ना की सुरक्षा में तैनात जवान सादी वर्दी में ही उनके आसपास दिख रहे थे।

इससे पहले 2007 में भी अन्ना को सरकार की ओर से सुरक्षा दी गई थी लेकिन बाद में उनके आग्रह के बाद इसे वापस ले लिया गया था।

Friday, September 2, 2011

पड़ोसन ने बच्ची की जुबान काटी, सिगरेट से दागा


नोएडा। नोएडा में पड़ोस के शख्स से कहासुनी होने पर एक महिला ने उसकी आठ साल की बेटी का अपहरण कर लिया। इस मासूम बच्ची से घर के काम कराए गए, सिगरेट से दागा गया और उसकी जुबान भी काट दी गई।


इस मासूम का नाम हम आपको नहीं बता सकते। आठ साल की इस मासूम बच्ची ने महीनों नर्क की यातना सही है। दरअसल इसके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से कहासुनी हो गई। फिर क्या था महिला ने बदला लेने के लिए उसकी बेटी का अपहरण कर अपने पहले पति के पास नोएडा के ही सलारपुर में भेज दिया।


उसके पहले पति ने उससे रोजाना घर का काम कराया और सिगरेट से दागा। कहीं वो शोर न मचा दे इस डर से बच्ची की जुबान भी काट दी। पांच महीने तक कैद में रहने के बाद वो किसी तरह पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एकतरफा प्यार में सनकी ने लड़की को जिंदा जलाया

बहराइच। एक तरफा प्यार में एक सनकी आशिक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक नाबालिग लड़की को पेट्रोल छिड़ककर जला दिया। लड़की का कसूर ये था कि उसने उससे शादी करने से इनकार किया था।


बहराइच के सरदपारा गांव की रहने वाली पंद्रह साल की पीड़ित लड़की को आरोपी लड़का अक्सर छेड़ा करता था। इस वजह से लड़की के घरवालों ने उसका स्कूल जाना बंद करा दिया। इसके बाद भी वो अक्सर पीड़ित लड़की के घर के पास दिखाई देता था। शादी करने से इनकार करने पर आरोपी लड़के ने अपने तीन साथियों के साथ लड़की पर पेट्रोल छिड़का और उसे आग के हवाले कर दिया। इस वारदात को उसने तब अंजाम दिया जब वो सो रही थी। अब ये लड़की अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। पुलिस ने तीन दिन तक मामले को दबाए रखा, लेकिन जब मीडिया तक मामला पहुंचा तो तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कांग्रेस नहीं चाहती हार, स्थाई समिति में मनीष तिवारी बरकरार



नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी लोकपाल बिल बनाने के लिए बनी संसद की स्थायी समिति में बने रहेंगे। उन्होंने दो दिन पहले अपना नाम समिति से वापस ले लिया था।

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मनीष तिवारी सहित कांग्रेस के सभी सदस्य स्थायी समिति में बने रहेंगे। स्थायी समिति का कार्यकाल अगस्त में खत्म हो गया। समिति का अब पुनर्गठन होना है। माना जा रहा था कि इसके पीछे पार्टी नेतृत्व का हाथ है और वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर ही मनीष तिवारी ने अपना नाम वापस लिया है। अन्ना हजारे के खिलाफ उनके बयान के चलते देश भर में उनकी जो किरकिरी हुई, उसी से जोड़कर इस कदम को देखा जा रहा था।



लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि स्थायी समिति से नाम वापस लेने का फैसला मनीष तिवारी ने खुद लिया था। पार्टी ये समझती है कि अगर मनीष समिति से बाहर होते हैं तो इसे सरकार की हार माना जाएगा जो वो नहीं चाहता।