Thursday, May 20, 2010

शिंदे के मुताबिक गैस के दाम बढ़ने के चलते बिजली की दरें बढ़ाई जा  रही हैं।

शिंदे के मुताबिक गैस के दाम बढ़ने के चलते बिजली की दरें बढ़ाई जा रही हैं।

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नई दिल्ली। यूपीए सरकार आम आदमी को एक और झटका देने जा रही है। पहले ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों को अब बिजली के लिए भी ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील शिंदे ने कहा है कि बिजली 1 रुपए प्रति यूनिट की दर से महंगी होगी। शिंदे के मुताबिक गैस के दाम बढ़ने के चलते बिजली की दरें बढ़ाई जा रही हैं।

गौरतलब है कि ये वो बिजली है जो नेचुरल गैस से बनती है। देश के कई राज्यों में नेचुरल गैस से बिजली की सप्लाई होती है। यानि अब उन राज्यों के लोगों को बिजली के लिए एक रुपए प्रति यूनिट की दर से ज्यादा देना होगा।

मालूम हो कि देश की तकरीबन 30 फीसदी बिजली सप्लाई नेचुरल गैस से होती है। दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार के कुछ हिस्से और और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में नेचुरल गैस से बिजली की सप्लाई होती है। इसके अलावा देश के कई और राज्य हैं जिनमें थोड़ा बहुत नेचुरल गैस के बिजली का इस्तेमाल होता है। अब इन राज्यों में बिजली के दाम एक रुपए बढ़ जाएंगे। दूसरी ओर जहां पर भी बिजली की सप्लाई कोयले और हाईडिल से होती है वहां बिजली के दामों पर कोई असर नहीं होगा।

Tuesday, May 18, 2010

प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-१०

शिल्पा ने ये बातें इतने जोश में कहीं कि कम्मो के रौंगटे खड़े हो गए. उसने भी उसी अदा में कहा-
- ठीक है मेरी जान , मैन आज से ही गुलामी के बंधन को तोड़ डालती हूँ, अब मैन जीऊँगी भी तुम्हारे लिए और मरुंगी भी तुम्हारे लिए. मैन तुम्हें अपना पति मानती हूँ, यह जानते हुए भी कि तुम लड़की हो, मै लड़की हूँ, तो भी आज से और अभी से मई तुम्हें अपना सब कुछ मानती हूँ, यह स्वीकार करती हूँ कि तुम्हारी पत्नी बनकर रहूंगी , कभी किसी मर्द के साथ बिस्तर पर नहीं जाउंगी . किसी मर्द के जिस्म के साथ मई अपने इस बदन को कभी अपवित्र नहीं होने दूंगी . यह मेरा वादा है . मै मोहब्बत के लिए जीऊँगी , मोहब्बत के लिए मरुंगी और कभी इस बात का मुझे मलाल नहीं होगा. मै और भी लड़कियों को इस बारे में समझाऊँगी , यस मेरा वादा है .
शिल्पा ने नग्न कम्मो को फिर से अपनी बांहों में भर लीया और उसके मुख को चूमने लगी. इस अपनत्व का नशा इतना ज्यादा था कि वे दोनों फिर से जिस्मानी खेल खेलने की कोशिश करने लगीं. दोनों के होठ आपस में मिले थे और दोनों के हाथ एक दूसरी की गोलाइयों को रगड़ने लगे , काम वासना की आंधी जोर -जोर से चल रही थी. आनंद कि कोई सीमा नहीं थी , वे दोनों एक बार फिर से चरम सुख पाने की कोशिश करने लगीं. यह एक ऐसा आनंद था जिसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकती थीं. शिल्पा ने उसे इसका ऐसा चस्का लगाया कि वह अपना सब कुछ भूलकर उसीकी आगोश में समाने के लिए बेताब होने लगी. जब एक दूसरी को चूमते -चूमते उनका जी नहीं भरा तो शिल्पा ने कम्मो को अपनी बांहों में कैद कर लिया और उसको अपनी तरफ खींचने लगी. यह आनंद की ऐसी अनुभूति थी जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. थोडा रूककर कम्मो बोली-
- मैंने तो सोचा भी नहीं था कि इस खेल में इतना मजा आ सकता है , अब तक तो मेरी भी यही सोच थी कि हम सब किसी न किसी रूप में मर्दों के ऊपर ही निर्भर हैं, मगर अब जाना कि ये होता क्या है ? यहाँ तो हम आपस में भी पूरा मजा ले सकती हैं. खूब सुख भोग सकती हैं.
शिल्पा- हाँ कम्मो, बेशक यही हो सकता है . तुम बहुत प्यारी हो , बहुत अच्छी लगती हो , अब मै कभी भी तुम्हारी प्यारी सूरत को भुला नहीं सकती . हमेशा मुझे याद आती रहेगी तुम्हारी ... हर घड़ी , घर पल...अच्छा , ये तो बताओ कि तुम इतनी जल्दी मेरी बात कैसे मान गयी ? मुझेसे मिलकर तुम्हें कैसा लगा ? क्यों इतना प्यार करने लगी मुझे ? खुद मुझे भी आश्चर्य हो रहा है . तुम गाँव से आयी हुई सीधी -सादी लड़की हो . मगर इस वक्त तुम्हारे विचार बहुत डेंजर हो चुके हैं, तुम परिपक्व हो चुकी हो . एकदम परफेक्ट .
कम्मो- क्योंकि तुम्हें देखते ही प्यार आने लगता है . तुम बहुत प्यारी और अच्छी बात करती हो. तुम्हारा हर शब्द सत्य से साक्षात्कार कराता है . मैंने दिल से तुम्हें अपना मान लिया है .
शिल्पा- मै बहुत खुश हूँ कम्मो . अब हम लोग जल्द ही इस होटल को छोड़ देंगे और फिर कोई छोटा सा फ्लेट खरीद कर वहीं पर रहने लगेंगे , वाहन पर खर्चा कम हो जाएगा . कल मै तुम्हारी नौकरी भी लगवाने की कोशिश करूंगी , दोनों मिलकर आराम से घर की किश्त दे सकते हैं . जबकि अकेली मैन घर नहीं खरीद सकती थी, और ना ही तुम. खरीदने को अगर खरीद भी लेती तो इतना हौसला कहाँ से लाती ? क्या करती घर पर ? अब , जबकि तुम हो तो कोई दिक्कत ही नहीं है .
कम्मो- हाँ, सुना है कुदरत का सबसे अनमोल तोहफा प्यार है। यह बाँटने से और बढ़ता है तथा अपनी भीनी-भीनी महक को प्रकृति में चारों ओर बिखेर देता है। यूँ तो प्यार के प्रेम, इश्क, लव रोमांस, चाहत, मोहब्बत जैसे कई प्यारे नाम हैं पर प्यार की खूबसूरती पर इन नामों का कोई असर नहीं होता है। लोग बदल जाते हैं, पर प्यार कभी नहीं बदलता है। यह तो ऐसा संक्रामक रोग है जो देखने से भी फैलता है और कभी भी, कहीं भी, किसी को भी हो सकता है। कुछ लोग कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है। पर प्यार देखकर, समझकर तो किया ही जा सकता है।












Monday, May 17, 2010

प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-९

कम्मो- वोव... तुम तो कमाल हो शिल्पा , तुमने वास्तव में कमाल ही कर दिया . ऐसा वर्णन किया जैसे कि मेरी गर्ल फ्रेंड मेरे सामने हे बैठी हो , और मैन उसके साथ सब कुछ कर रही हूँ. बहुत करीब का ज्ञान है तुम्हें , कैसे ?
शिल्पा- हाँ यार ... जब मैन कहती हूँ तो लोग ऐसा ही कुछ कहते हैं, सब जानते हैं कि ये सब आसान नहीं है मगर मेरे पास कोई आये तो मैन समझाऊँ कि मानव स्वभाव को पहचानना बिलकुल मुश्किल नहीं है. समझो कि यह एक कला है , इस कला को समझे बिना कुछ होने वाला नहीं है. मैन तुम्हें हर बात में ट्रेंड कर दूंगी . एक बार तुम्हें शारीरिक सुख दे ही चुकी हूँ, खून सुख मिला होगा. बताया भी तुमने , मगर अब जो अगली बार सुख दने वाली हूँ , उसे भोगकर तुम उस असीम सुख को शब्दों में बयान नहीं कर सकती. सचमुच , ये मेरा दावा है.
कम्मो- मेरी उत्सुकता को इस तरह मत बढाइये , वरना मैन और भी ज्यादा बेचैन हो जाउंगी, प्लीज , जो कुछ करना वो बिना बताए ही करना. मै अब उस सुख को जल्द से जल्द भोगना चाहती हूँ.आओ न , एक बार और इस समनुदर में खो जाते हैं. मै अब इन्तजार नहीं कर सकती .
शिल्पा- इतनी बेसब्री न बनो मेरी जान कम्मो . जिस्म का सुख बड़े हिसाब से भोगना चाहिए , कुछ दिन तक उस खास लम्हों का इन्तजार करना ही होगा , बाद में हम बात करेंगे. फिलहाल चलो, कहीं घूमकर आते हैं, मूड फ्रेश हो जाएगा . बाथरूम में चलो , मई भी आती हूँ, आज दोनों साथ में स्नान करेंगे . ठीक है .शादी के बारे में मुझसे में एक सहेली ने बहुत खास बात कही थी-मानते आ रहे हैं कि प्यार या शादी एक बंधन है। प्यारा-सा बंधन। अजीब बात है कि बंधन भी प्यारा-सा होता है अर्थात हथकड़ी भी प्यारी-सी होती है। अरे नहीं मेरी जान , ये वो बंधन नहीं, ये जरा अलग किस्म का बंधन होता है।
अच्‍छा तो अब बंधन भी अलग-अलग किस्म के होने लगे हैं। सब बेवकूफ बनाने के काम हैं। हथकड़ियाँ चाहे हाथों में लगी हों या पल्लू में, हथकड़ियाँ चाहे लोहे की हों या सोने की, कंगन जैसी हों या गले में मंगलसूत्र जैसी या न मालूम कैसी-कैसी। खुद लगा ली हो हथकड़ियाँ या किसी के प्यार में पड़कर उसी से कहा कि लगा दो हथकड़ियाँ...प्लीज।
प्रेमी की भावना होती है कि तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं, पर किसी गैर को चाहोगी तो मुश्किल होगी। अबे मजनूँ मियाँ जब वो तुमको ही नहीं चाहती तो टेंशन काहे को लेते हों। प्यार और चाह में फर्क करना सीखो। प्यार स्वतंत्रता का पक्षधर है और चाहत तुम्हारे दिमागी दिवालिएपन की सूचना। जरा प्यार करके तो देखो। थोड़ा-सा प्यार हुआ नहीं कि अधिकार जताने लग जाते हो। जैसे बस अब ये मेरी है। मेरी के लिए जीना भी तो सीखो, मरने की झूठी कसमें मत खाओ।
आमतौर पर पुरुष का चित्त खानाबदोश होता है। घर बनाना या बसाना तो स्त्री ने सिखाया है वरना यूँ ही जिंदगी मारी-मारी फिरती थी। तब समझो इस मनोविज्ञान को कि प्रेमिका की भावना क्या होती होगी। प्रेमिका हर चीज में स्थायित्व ढूँढती है। प्रेमी की हर हरकत पर वह नजर रखती है कि कहीं बदल न जाए सनम।
इसीलिए तोड़ दो वे सारे बंधन जिसमें प्रेम नहीं। निश्चत तौर पर ऐसा कहना बहुत आसान है लेकिन ऐसी सोच सभी की हो जाएगी तो 99 प्रतिशत संबंध टूट जाएँगे। आजकल की लड़कियाँ सोच-समझकर प्रेम करने लगी हैं। पहले तो बगैर सोचे-समझे प्रेम हो जाता था। आँख मिली नहीं ‍कि प्रेम हुआ, पहले का माहौल भी साफ-सुथरा और विश्वास योग्य था, आजकल जिसने बगैर सोचे भरोसा किया तो समझे लॉटरी जैसा काम है खुल गई तो लाख की वरना जिंदगी खाक तो है ही।
अब सवाल यह उठता है कि प्रेम या विवाह क्या बंधन है? ओशो मानते हैं कि यदि प्रेम नहीं है तो फिर बंधन ही होगा, क्योंकि आपस में प्रेम होना अर्थात स्वतंत्रता और आनंद का होना है किंतु यदि झूठ-मूठ का प्रेम है दिखावे का प्रेम है तो फिर वह प्रेम कैसे हो सकता है, महज आकर्षण, चाहत या समझौता। और यह ज्यादा समय तक नहीं चलता, बहुत जल्द धराशायी हो जाता है। यदि धराशायी नहीं होगा तो जिंदगी एक घुटन के सिवाय कुछ नहीं।

Sunday, May 16, 2010

प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-८

शिल्पा ने अचानक स्टाइल चेंज कर दी . वह अपना मुंह कम्मो के पांवों की तरफ ले आयी थी. च्पूमते -चूमते उसके होठ कम्मो के यौवन द्वार तक आ गए , जब उसने वहाँ का स्वाद चखा तो दोनों ही बावली हो उठीं. आह ... आह्ह.... की आवाज जोर -जोर से आने लगीं. कम्मो को अथाह सुख मिल रहा था , शिल्पा भी खुशी से सराबोर हो गए, उसनी चिकोटी काटकर कम्मो को भी हरकत में आने को कहा, और फिर सब कुछ ठीक हो गया. वे दोनों कुछ देर बाद ही एक दूसरी में समा गयीं,यह कम्मो का पहला अनुभव था मगर था बहुत बेहतरीन. इतना ज्यादा कि कम्मो तो काम खत्म होने के कई मनित बाद भी उसीसे लिपटी रही . शिल्पा ने पूछा-
-कैसा लग रहा है कम्मो ? शरीर हल्का हुआ कि नहीं ?
कम्मो- सचमुच स्वर्ग जैसा आनंद मिल रहा है . तुमने हमेशा के लिए मुझे जीत लिया है शिल्पा . बहुत-बहुत मजा आया. आज तक जीवन में मुझे कभी इतना सुख नसीब नहीं हुआ. तुमने तो कमाल कर दिया. जादू जैसा कर दिया .
शिल्पा- अब इतनी तारीफ़ भी मत करो , अभी तो शुरुआत है . कल से द्केहना कैसा मजा आता है. अगर तुम चाहो तो ग्रुप में भी इस आनंद को लूट सकती हो. मैन किसी दिन तुमको कुछ खास लड़कियों से मिलवाउंगी , उनमे से कुछ एयर होस्टेस हैं, कुछ मैनेजर रैंक की हैं, आई ए एस भी हैं और बिजनेस करने वाली भी . छोटा -मोटा नहीं बड़ा बिजनेस करती हैं मगर उन्हें रात को मर्द की नहीं बल्कि अपनी जैसी औरतों की ही तलब होती है .
कम्मो- क्यों , उन्हें क्या कमी हैं ? वे चाहें तो अपने लिए अच्छे -अच्छे लड़के भी नौकरी पर रख सकती हैं , वे चाहें तो कुछ भी कर सकती हैं, तो वे क्यों ऐसा कर रही हैं ?
शिल्पा- इस सुख के समुन्दर में जो एक बार डूब गया समझो डूब गया. फिर वह कभी यहाँ से लौटकर कभी नहीं गया. मेरा दावा है कि आज मुझसे सम्बन्ध बनाने के बाद तुम इन पलों को कभी नहीं भूल पाओगी .अब तुम्हें भी इस तरह कछु लड़कियां तैयार करनी होंगी , जो तुम्हारी गर्लफ्रेंड बनेंगी अगर आप भी अपनी गर्लफ्रेंड के होंठों पर मुस्कान देखना चाहती हैं तो फिर पेशे खिदमत हैं उसके लिए कुछ टिप्स, जिससे आपकी वो खुश हो जाएँगी और उनकी खुशी से बढ़कर आपको और क्या चाहिए? उनसे कहें कि वह खूबसूरत है कभी भी उन्हें हॉट या सेक्सी न कहें। उनका हाथ कुछ सेकंड के लिए जरूर थामें। प्यार से उनके सिर को चूमें नींद से जगाने के लिए उनकी ही रिकॉर्ड आवाज को उन्हें सुनाएँ। उन्हें बराबर यह बात कहते रहें कि आप उन्हें कितना प्यार करते हैं।अगर वह परेशान है तो उन्हें गले लगाकर इस बात का एहसास दिलाएँ कि वह आपके लिए कितना मायने रखती है। उनकी छोटी-छोटी बातों का भी ख्याल रखें, क्योंकि यह प्यार का बहुत जरूरी हिस्सा होता है।
कभी-कभी उनके पसंदीदा गाने भी उन्हें सुनाएँ, चाहे आपकी आवाज कितनी भी खराब क्यों न हो। उनके दोस्तों के सभी कुछ समय बिताएँ।उनके नोट्स आप तैयार कर दें। अपने परिवार के लोगों और दोस्तों से भी उन्हें मिलाएँ, इससे आपके प्रति विश्वास बढ़ेगा।
उनके बालों को प्यार से सहलाएँ, इससे उसे सुकून मिलेगा। कभी-कभी आप उनके साथ मस्ती भरा खेल भी खेलें, जैसे गुदगुदाना, गोद में उठाना, कुश्ती करना।पार्क लेकर घूमने जाएँ और अपने दिल की बातें कहें। हँसाने के लिए जोक्स सुनाएँ।
आधी रात को उनकी खिड़की के नीचे छोटे से पत्थर का टुकड़ा फेंकें और उन्हें बताएँ कि आप उन्हें कितना 'मिस' कर रही हैं। सोते वक्त उनके नीचे गिरते हाथों को अपने हाथों में ले लें।अपने नामों को पेड़ पर लिखकर घेरें। जब वह आप में पूरी तरह खो जाए तो उसे प्यार से चूमें। उन्हें कभी-कभी अपने कंधों पर उठाएँ। उनके लिए फूलों का तोहफा ले जाएँ।
अपने दोस्तों के बीच भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा आप अकेले में करते हैं।उनकी आँखों में देखकर मुस्कराएँ।

Saturday, May 15, 2010

प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-७

कम्मो- ये तो मेरे लिए बिलकुल नेई बात है, लड़के लोग भी लड़कियों से शादी नहीं करना चाहते , वो किस तरह के लड़के होते हैं और और क्या ऐसा कर रहे हैं ? आपने बाते कि कुछ लड़कियां तो लड़कों की गुलामी से हमेशा बचने के लिए ऐसा करना चाहती हैं मगर लड़कों के सामने क्या मजबूरी है ?
शिल्पा- बहुत से लड़के भी ऐसे हैं जो लड़कियों के नखरे बर्दाश्त नहीं करते , नहीं चाहते कि कोई जीवन पर उन पर हुक्म चलाये , या वे जीवन भर इस उलझन में फंसें . इसलिए अपना अलग रास्ता चुन लेते हैं. उन्हें गे कहा जाता है . ऐसे लोग बीवी -बच्चों या परिवार के चक्कर में न पड़कर सिर्फ अपने दुःख -सुख देखते हैं.
कम्मो- कमाल है, आपको तो इतना सब पटा है , मैन इन सबसे बिलकुल अनजान हूँ,
शिल्पा- अनजान हो नहीं, थीं, अब तो मैन तुम्हें सब कुछ सिखा दूंगी , काफी कुछ बता भी दिया है , मैंने इस सब पर बहुत लंबा रिसर्च किया है , उसके बाद जान पाई हूँ और अब उस ज्ञान को तुम सब में बाँट रही हूँ. हमारा एक सामाजिक संगठन है , उसका नाम है- 'नारी शक्ति ' . जो लड़कियां हमसे जुड़ती हैं, हम उनको अपने संगठन का सदस्य बनाते हैं और उन्हें अपने विचारों से अवगत कराते हैं, जब वे सीख जाती हैं तो इस विचारधारा को और भी आगे फैलाती हैं.जैसे आज मै तुम्हें शारीरिक सुख दे रही हूँ, साथ में बात भी कर रही हूँ , और इससे आगे तुम्हें सम्पूर्ण सुख दूंगी , खुद भी सुख भोगुन्गी , इसी तरह मामला आगे चलता रहेगा , तुम्हें भी कुछ लड़कियों को ट्रेंड
करना पड़ेगा ताकि वे बिना मर्दों का सहयोग लिए भी सम्पूर्ण सुख संतुष्टि प्राप्त कर सकें
इसके बाद शिल्पा ने लेस्बियन फिल्म की आवाज और बधादी, अब पूरे कमरे में सुस्कारियां गूंजने लगीं. कम्मो का जिस्म अकड़ने लगा. जाँघों के ऊपर खुजली जैसी होने लगी. शिल्पा खुश थी , वह जान गयी कि कम्मो का बदन अब सुलगने लगा है. वासना की आग उसे तपा रही है , तभी तो वह अंदर ही अंदर खुश थी, वे दोनों ही नग्न थीं, कम्मो का जिस्म बहुए सुन्दर था , शिल्पा तीरीफ करते हुए बोली-
- कम्मो, तुम बहुत सुन्दर हो मेरी जान, और ये जो सीने के पर्वत हैं, लगता है हिमालय की चोटियों से भी ऊंचे हैं, इन्हें देखकर मुंह में पानी आ रहा है , इन्हें होठों से स्पर्श करने का दिल कर रहा है , अगर तुम्हें अच्छा लगे तो मेरे साथ भी तुम ऐसा ही कर सकती हो .
कम्मो- सच शिल्पा, काफी देर से मेरी बड़ी इच्छा हो रही थी , मगर मैंने कुछ कहा इसलिए नहीं क्योंको मुझे हिचक लग रही थी.
शिल्पा- तुम बड़ी भोली हो कम्मो, मेरी जान मुझसे लाज -शर्म किसी , तुम भी मेरे जैसी, मैन भी तुम्हारे जैसी. मेरा यह शरीर अब तुम्हारी अमानत है. जैसे चाहो इसको उपभोग कर सकती हो , जिस्म ही क्यों , ये जान भी तुम्हारी है , पैसा भी तुम्हारा है. मैन क्या करूंगी दौलत का ? तुम्हें किसी बात की चिंता करनी की जरूरत नहीं है बस मौज करो . होटल का किराया चुकाने के लिए , किसी और भी खर्चे के लिए मैन बैठी हूँ.
कम्मो- ऐसे ठीक नहीं रहेगा , आप मेरी भी नौकरी लगवा दीजिए . तब मजा आएगा .
शिल्पा- मैंने तो तुम्हें आज भी बुलाया था लेकिन तुम आई ही नहीं , बताओ मै क्या कर सकती हूँ ?
कम्मो- हाँ बात सही है तुम्हारी . लेकिन मई भी क्या करती , आज रात के बारे में तुमने इतनी तारीफ़ एके थी तुमने कि मुझे लालच आ गया, सोचने लगी कि आज यहाँ का काम कर लूं, तुम खुश हो जाओगे , फिर आराम से रत भर ऐश करेंगे .
शिल्पा- चलो कोई बात नहीं , मजा लो भी और दो भी . अब थोड़ी देर के लिए बातें बंद करते हैं और काम शुरू ..
कम्मो ने शिल्पा की गोलाइयों को पहले तो आहिस्ता से सहलाया , फिर उस पर अपने होठ रख दिए , वह आम की तरह मजे ले रही थी. शिल्पा ने भी वही सब किया मगर बहुत ही कलात्मक तरीके से , कम्मो इतनी खुश हुई कि जोर -जोर से शिल्पा को दबाने लगी . काम वासना का तूफ़ान आने को था. दो युवा लड़कियां अपने -अपने अरमान निकालने की कोशिश में थीं.










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Friday, May 14, 2010

प्यार से प्यारा यार , भाग-६

फिल्म का नाम था -लेस्बियन ... दो प्यार करने वाली युवतियों के अन्तरंग दृश्यों को बेहद ख़ूबसूरती के साथ फिल्माया गया था. कम्मो तो उसे अपलक निहारने लगी . शिल्पा उसके उरोजों को आहिस्ता-अहिस्ता दबाने लगी, उसके मन में आग दहकने लगी थी . शिल्पा का का भी कम बुरा हाल नहीं था . वह थर-थर काँप रही थी , साथ ही पूछने लगी-
-कैसा लग रहा है मेरी जान को ? आनंद आ रहा है या नहीं ? फिल्म भी लाजवाब है न ?तुम्हारे मुह से पानी आने लगा ? मैंने कहा था न बहुत मजा दूंगी तुम्हें , ये तो अभी शुरुआत है , आगे -आगे देखो होता है क्या ? तेल देखो, तेल की धार देखो, मैन इन बेवफा मर्दों से तंग आ चुकी हूँ, बड़ा शोषण करते हैं. संगदिल होते हैं एक नंबर के. कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं. ये ऐसे लोग है जो अपने फायदे के लिए तो तलवे चाटेंगे और काम निकल गया तो पहचानना भी भूल जायेंगे ,हमको गुलाम समझेंगे , जीवन भर गुलामी से बेहतर है कि मैन एक मिनिट ही सही मगर आजाद जिंदगी जिउ , भई, गुलामी का जीवन भी कोई जीवन है. स्वर्ग का चपरासी बन्ने से नर्क का राजा बनना मुझे मंजूर है.
कम्मो- तुम ठीक कहती हो शिल्पा. मेरी आँखें खोल दी हैं तुमने बिलकुल सही कहा. मैन अब तुम्हारे विचारों को ठीक से जानने -समझने लगी हूँ.
शिल्पा - मुझे तुमसे यही उम्मीद थी. जानती थी , जल्द ही सब समझ जाओगी . वादा करो कि तुम कभी किसी मर्द से शादी नहीं करोगी , किसीके प्यार के चक्कर में भी नहीं पडोगी. आजाद पैदा हुई हो और आजाद ही इस दुनिया से जाओगी , वादा करो कि गुलामी की इन जंजीरों को तोड़ डालोगी , अब मर्दों की दादा गीरी हम लोग नहीं चलने देंगे
हां, रही बात सुख की, संतुष्टि की, यकीं मानो उसे मैन पूरा करूंगी , तुम्हें सिखाऊँगी भी . और इसके लिए तडपना भी नहीं पडेगा. अब हमारे ग्रुप में हम जैसी बहुत सी लड़कियां जुड चुकी हैं. जिस खूबसूरत लड़की के साथ रात गुजारना चाहो, गुजार सकती हो. यहाँ दोनों को सामान सुख मिलता है. किसीको हीन भावना का शिकार नहीं होना पड़ता . किसियो किसीके सामने झुकना नहीं पड़ता. सब लोग अपनी मर्जी के मुताबिक़ मजे लूटते हैं.
कम्मो- अच्छा , क्या आप लोगों ने ग्रुप बना रखे हैं ?
शिल्पा- हाँ, बहुत ग्रुप हैं. टेंशन मत लो. हमारे ग्रुप में हर शहर में लड़कियां हैं. जहां जाओगी , तुम्हें मिल जायेंगी. हमारा एक ही मिशन है, मर्दों की गुक्लामी से मुक्ति और मनचाही संतुष्टि. हम अपने हाथ जगन्नाथ बनाने में विश्वाश रखते हैं, ऐसा करना कानूनी गुनाह भी नहीं है. हम ना तो अश्लील हरकतें करते हैं और ना ही किसी की इच्छा के विरुद्ध कुछ किया जाता है. इससे हमें अपने कैरियर बनाने में , उसे ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद मिलती है. हम पूरी तरह से इंडीपेंडेंट हो जाते हैं, हमको किसी तरह का कोई तनाव नहीं होता अगर तुम मेरी पत्नी बननी स्वीकार करती हो तो घर पर हम दोनों मिलकर काम करेंगी, झाडू, चौका -बर्तन, कपडे धोना सब कुछ साथ
मिलकर करेंगे. तो हम दोनों को भी कभी ये एहसास नहीं होगा कि हम् में से कोई एक छोटा है और कोई बड़ा .
कम्मो- यहाँ मैन आपको ज़रा रोकना चाहूंगी , समलैंगिक रिश्तों को अभी तक हमारे समाज में तो जगह नहीं मिली है. सब लोग इसे घटिया और गिरी हुई नजरों से देखते हैं. उसका क्या ?
शिल्पा- उसका क्या कुछ नहीं ... जब कोई हमारी परवाह नहीं करता तो हम किसी की परवाह क्यों करें ?
कम्मो- हाँ, ये भी बात सच है. तब तो इसे कानूनी मान्यता मिली हुई होगी , कि वो भी नहीं ..
शिल्पा - कई बार माननीय अदालत ने सम्लैंग्की संबंधों के पक्ष में दलीलें दी हैं, वैसे भी जो लोग विरोध करते हैं उन्हें भी इस काम को करने में कोताही नहीं होती , सिर्फ लड़कियां ही नहीं, लड़के भी ऐसे कम नहीं जो आपस में ही सम्बन्ध बनाकर खुश है. वे लोग लड़कियों से शादी करना ही नहीं चाहते ..










Thursday, May 13, 2010

कम्मो- लेकिन हम दोनों तो लड़कियां हैं, फिर ये कैसा मिलन ? असली मिलन तो अभी भी बाकी ही रह जाएगा .
शिल्पा- नहीं मेरी जान कम्मो, ऐसा नहीं है , मैन तुम्हें वही तो बताने और समझानी की कोशिश कर रही हूँ कि ऐसा बिलकुल नहीं होगा , जब कुदरत ने हमको लड़कियों के जिस्म में भेजा है तो हमारा फर्ज है कि हम इसे इंजॉय करें, कभी कुदरत को चेलेंज नहीं करना चाहिए . कुदरत चाहती हैं कि हम लोग पिछले किसी जन्म में नहीं मिल पाए तो इस जन्म में मिल जाएँ. इससे कुदरत भी खुश होगी और हमारी अतृप्त आत्माओं को भी सुकून होगा. तृप्ति मिल जायेगी. मैन करूंगी हर कमी को पूरा. तुमको एहसास ही नहीं होगा कि तुम किसी लड़का के साथ नहीं बल्कि लड़की के साथ हमबिस्तर हो रही हो.
कम्मो उसकी बातों को बड़े ध्यानस इ सुन रही थी, यही वजह थी कि उसकी उत्सुकता निरंतर बढ़ती जा रही थी. उसे शिल्पा का प्रस्ताव भी अच्छा लग रहा था , और उसकी बातें भी . हर शब्द से शहद टपक रहा था , वह जानती थी कि लड़के के साथ सम्बन्ध बनाने में जितनी परेशानिया हैं, उससे ज्यादा सम्बन्ध बनाने के बाद की टेंशन होती है, लड़की के साथ ऐसा कोई नुक्सान नहीं होता . वह जानती थी उन दोनों को कोई गलत नजर से देखने वाला भी नहीं है. कोई शक नहीं करेगा , जबकि किसी लड़के के साथ अगर वह अकेली रहती है, एक ही कमरे में सोती है तो कोई भी इंसान उनको गलत निगाहों से देखेगा , बदनाम कर डालेगा. और फिर उस लड़के का भी क्या भरोसा ? बहुत से लड़के पहले तो लड़कियों को अपने जाल में फंसते हैं और जब लड़की उस पर भरोसा करले तो वह उसकी इज्जत लूट लेते हैं और आगे चलकर ब्लेकमेल तक कर डालते हैं. ऐसे कितने ही केस उसने अखबारों में पढ़ रखे थे , तभी तो उसे शिल्पा की बातों में दम नजर आ रहा था . उस समय तो उसने अपनी अति उत्सुकता शिल्पा पर जाहिर नहीं होने दी , मगर बेसब्री से शिल्पा के लौटने का इन्तजार करने लगी, शिल्पा उसे अपनी कंपनी ले जाना चाहती थी ताकि उसे कोई जॉब दिलवाई जा सके मगर कम्मो ने जाने से इनकार कर दिया. अब उसे कोई फ़िक्र भी नहीं थी. शिल्पा ने उसे हर तरह का भरोसा दिला दिया था. खाने का, रहने का और तरह का खर्चा वाहन करने कि इच्छा जताई थी. यहाँ तक कि नौकरी दिलवाने का भी पक्का वादा. इसलिए कम्मो दिन में सो गयी और रात होने का इन्तजार करने लगी . उसने शिल्पा के सभी कपडे पाने हाथों से साफ़ कर दिए थे और होटल के उस कमरे को अपनी तरह से विशेष रूप से साफ़ कर दिया था. उसने कमरे में एयर फ्रेशर भी छिड़क दिया ताकि खुशबु पूरे कमरे में महक सके.
आखिर वही हुआ जिसका उसे अंदाजा था . शिल्पा ने कमरे में जैसे ही कदम रखा उसकी तबियत खुश हो गयी. आते ही उसने कम्मो को अपनी बांहों में पकड़ लिया और उसके होठों को चूमने लगी . कम्मो के बदन में करंट सा दौड़ने लगा. काफी देर तक वह उससे प्यार करती रही फिर उसे एक डीवीडी दिखाते हुए बोली- -
- मैन आज तुम्हारे लिए यह गिफ्ट लाई हूँ. इस डीवीडी को लगाओ , फिर देखना तुम जैसे हवा में उड़ने लगोगी , थोड़ी देर के बाद कब कम्मो उस डीवीडी को चालू करने में कामयाब हो गयी तो सचमुच उसने खुद को हवा में उड़ते हुये पाया. एक लड़की पूरी तरह निर्वस्त्र लेटी हुई थी, फिर एक दूसरी लड़की आई , उसने पहली वाली लड़की के होठों को किस करना शुरू कर दिया, कुछ ही पलों में उन् दोनों ने कामोत्तेजन आहें भरनी शुरू करदीं कम्मो हिल गयी , वह सावधानीपूर्वक बैठ गयी. शिल्पा ने फोन कर होटल के मैनेजर को बता दिया आता कि उन्हें किसी भी हालात में डिस्टर्ब न किया जाए. कम्मो ने शिल्पा की निगाहों में अपनी निगाहें डाल दीन, पलक झपकते ही शिल्पा उसके होठों को अपनी जीभ से चाह्टने लगी. उत्तेजना की जोरदार आंधी चलनी शुरू हो गयी.