कम्मो- ये तो मेरे लिए बिलकुल नेई बात है, लड़के लोग भी लड़कियों से शादी नहीं करना चाहते , वो किस तरह के लड़के होते हैं और और क्या ऐसा कर रहे हैं ? आपने बाते कि कुछ लड़कियां तो लड़कों की गुलामी से हमेशा बचने के लिए ऐसा करना चाहती हैं मगर लड़कों के सामने क्या मजबूरी है ?
शिल्पा- बहुत से लड़के भी ऐसे हैं जो लड़कियों के नखरे बर्दाश्त नहीं करते , नहीं चाहते कि कोई जीवन पर उन पर हुक्म चलाये , या वे जीवन भर इस उलझन में फंसें . इसलिए अपना अलग रास्ता चुन लेते हैं. उन्हें गे कहा जाता है . ऐसे लोग बीवी -बच्चों या परिवार के चक्कर में न पड़कर सिर्फ अपने दुःख -सुख देखते हैं.
कम्मो- कमाल है, आपको तो इतना सब पटा है , मैन इन सबसे बिलकुल अनजान हूँ,
शिल्पा- अनजान हो नहीं, थीं, अब तो मैन तुम्हें सब कुछ सिखा दूंगी , काफी कुछ बता भी दिया है , मैंने इस सब पर बहुत लंबा रिसर्च किया है , उसके बाद जान पाई हूँ और अब उस ज्ञान को तुम सब में बाँट रही हूँ. हमारा एक सामाजिक संगठन है , उसका नाम है- 'नारी शक्ति ' . जो लड़कियां हमसे जुड़ती हैं, हम उनको अपने संगठन का सदस्य बनाते हैं और उन्हें अपने विचारों से अवगत कराते हैं, जब वे सीख जाती हैं तो इस विचारधारा को और भी आगे फैलाती हैं.जैसे आज मै तुम्हें शारीरिक सुख दे रही हूँ, साथ में बात भी कर रही हूँ , और इससे आगे तुम्हें सम्पूर्ण सुख दूंगी , खुद भी सुख भोगुन्गी , इसी तरह मामला आगे चलता रहेगा , तुम्हें भी कुछ लड़कियों को ट्रेंड
करना पड़ेगा ताकि वे बिना मर्दों का सहयोग लिए भी सम्पूर्ण सुख संतुष्टि प्राप्त कर सकें
इसके बाद शिल्पा ने लेस्बियन फिल्म की आवाज और बधादी, अब पूरे कमरे में सुस्कारियां गूंजने लगीं. कम्मो का जिस्म अकड़ने लगा. जाँघों के ऊपर खुजली जैसी होने लगी. शिल्पा खुश थी , वह जान गयी कि कम्मो का बदन अब सुलगने लगा है. वासना की आग उसे तपा रही है , तभी तो वह अंदर ही अंदर खुश थी, वे दोनों ही नग्न थीं, कम्मो का जिस्म बहुए सुन्दर था , शिल्पा तीरीफ करते हुए बोली-
- कम्मो, तुम बहुत सुन्दर हो मेरी जान, और ये जो सीने के पर्वत हैं, लगता है हिमालय की चोटियों से भी ऊंचे हैं, इन्हें देखकर मुंह में पानी आ रहा है , इन्हें होठों से स्पर्श करने का दिल कर रहा है , अगर तुम्हें अच्छा लगे तो मेरे साथ भी तुम ऐसा ही कर सकती हो .
कम्मो- सच शिल्पा, काफी देर से मेरी बड़ी इच्छा हो रही थी , मगर मैंने कुछ कहा इसलिए नहीं क्योंको मुझे हिचक लग रही थी.
शिल्पा- तुम बड़ी भोली हो कम्मो, मेरी जान मुझसे लाज -शर्म किसी , तुम भी मेरे जैसी, मैन भी तुम्हारे जैसी. मेरा यह शरीर अब तुम्हारी अमानत है. जैसे चाहो इसको उपभोग कर सकती हो , जिस्म ही क्यों , ये जान भी तुम्हारी है , पैसा भी तुम्हारा है. मैन क्या करूंगी दौलत का ? तुम्हें किसी बात की चिंता करनी की जरूरत नहीं है बस मौज करो . होटल का किराया चुकाने के लिए , किसी और भी खर्चे के लिए मैन बैठी हूँ.
कम्मो- ऐसे ठीक नहीं रहेगा , आप मेरी भी नौकरी लगवा दीजिए . तब मजा आएगा .
शिल्पा- मैंने तो तुम्हें आज भी बुलाया था लेकिन तुम आई ही नहीं , बताओ मै क्या कर सकती हूँ ?
कम्मो- हाँ बात सही है तुम्हारी . लेकिन मई भी क्या करती , आज रात के बारे में तुमने इतनी तारीफ़ एके थी तुमने कि मुझे लालच आ गया, सोचने लगी कि आज यहाँ का काम कर लूं, तुम खुश हो जाओगे , फिर आराम से रत भर ऐश करेंगे .
शिल्पा- चलो कोई बात नहीं , मजा लो भी और दो भी . अब थोड़ी देर के लिए बातें बंद करते हैं और काम शुरू ..
कम्मो ने शिल्पा की गोलाइयों को पहले तो आहिस्ता से सहलाया , फिर उस पर अपने होठ रख दिए , वह आम की तरह मजे ले रही थी. शिल्पा ने भी वही सब किया मगर बहुत ही कलात्मक तरीके से , कम्मो इतनी खुश हुई कि जोर -जोर से शिल्पा को दबाने लगी . काम वासना का तूफ़ान आने को था. दो युवा लड़कियां अपने -अपने अरमान निकालने की कोशिश में थीं.
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