Wednesday, September 30, 2009
मीरा भायंदर के मुस्लिम समाज का झुकाव बहुजन समाज पार्टी की तरफ़
फोटो के साथ
Tuesday, September 29, 2009
जीजा जमींदार , भाग-८ एडवांस
ग्राहक बड़ा चालाक था , वह चुम्बन से सीधा सेक्स पर आ गया ।
जीजा जमींदार , भाग-7
जीजा जमींदार , भाग-६
-डेट रेप है क्या है, जो पूर्व नियोजित हो, डेट रेप जिसमें शोषण पूर्व नियोजित होता है ( स्वेच्छिक भी हो सकता है )। जिसकी शुरूआत सामान्य आकर्षण के द्वारा होती है। इस तरह के मामलों से पीडिता का स्वयं की सहमति होती है अपराघी के साथ समय व्यतीत करने की और संभत: उसने अपराघी के साथ एक से ज्यादा बार एकात स्थानों पर मुकालात की होती है। तथापि यह एक देह शोषण ही है एक विश्वासाघात जो काफी समय तक चलने वाले भावनात्मक घाव देता है। आघुनिक युग के डेट रेप कोई अनोखी घटना नहीं है। लडके अपने महिला मित्रों को डेट पर मिलने के लिये बुलाते है तथा वहां उन्हें किसी भी तरह बहला फुसलाकर या ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर उनका देह शोषण करते है। ऎसी घटनाओं में लडकियां लडकों के खिलाफ अघिकांशत: कुछ कर भी नहीं पाती। कुछ महीने पहले घटी एक घटना ने सबको अपनी और आक्रर्षित किया और सोचने पर मजबूर कर दिया। यह घटना एक प्रसिद्ध मेटिकल इंस्टूडट में पढने वाली एक छात्रा की है जिसे उसी के मित्रों ने एक पार्टी में हवस का शिकार बनाया जो उनके साथ पार्टी कर रही थी। पीडिता ने पुलिस में दिये बयान में बताया कि उसकी ड्रिंक में कुछ नशिला पदार्थ मिलाया गया था। लडकियों को इस घटना से सबक लेते हुए अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए। एक अघिकारिक सर्वे के अनुसार ऎसी महिलाए जिनका देह शोषण हुआ है पूर्व परिचित होता है एक मित्र की तरह प्रेमी पूर्व प्रेमी या मित्र के मित्र के रूप में देह शोषण से कैसा बचा जायें - यहा हम बात करेंगे कि आप क्या कर सकते है। जिससे कि डेट रेप की किसी भी संभावना को टाला जा सके . अपने ड्रिंक से संबंघित सावघानियां
एस व्यक्ति से ड्रिंक मत लो जो अजनबी हो आपके लिए और जिस पर ज्यादा विश्वास न किया जा सके।
यदि कोई व्यक्ति आपके लिए ड्रिंक खरीदने का प्रस्ताव देता है तो उसे साथ बार में जाओं और प्राप्त करों।
यह भी जाचं ले कि ड्रिंक केन सील पैक हो यह आपके लिए तुलनात्मक रूप से ज्यदा सुरक्षात्मक होगा। यदि संभव हो तो स्वंय उसे खोले।
किसी भी खुली हुई ड्रिंक को स्वीकार न करें यदि आप किसी मिक्स ड्रिंक ऑर्डर देते है तो नजर रखे जो व्यक्ति ड्रिंक मिक्स कर रहा है। उस पर एल्कोएल और नशीले पदाथों का सेवन जितना हो सके ना करें।
कभी अपनी ड्रिंक को अकेला मत छोडों। किसी के लिए भी कोई अवसर ना छोंडे अपनी ड्रिंक छेडछाड करने के लिये।
यदि आपको बाथरूम में लिये जाना है तो पहले अपनी ड्रिंक को पूरा करें या उसे फेक दे। . अपने मित्रों के साथ पार्टी में हमेशा दोस्त मण्डली के साथ पार्टी को प्राथमिकता देनी चाहिए या एक से अघिक दोस्तों के साथ ही पार्टी में जाना चाहिए। यदि कोई महिला मित्र ज्यादा नशें में प्रतीत होती है तो उसे सुरक्षित स्थान पर ले जायें तथा उसके पेरेंटस को सूचित करें। कई रेप की कोशिशें इस तरह से नाकम की जा चुकी है तथा ऎसे दोस्तों को घन्यवाद दे। - यदि कोई आपका शोषण करने की कोशिश करे तो उससे डरे नहीं निडर होकर उसका विरोघ करें। कई बार उसका इरादा रेप करने का नहीं होता। वह सोचता है कि लडकी अपनी प्रतिष्ठा बचाना चाहती है या फिर वह कोइ गेम खेल रही है। उसे जाने लेने दो कि यह स्वीकार ने योग्य नहीं है यह रेप है तथा यह नियमों को तोडने वाला है। . सार्वजनिक जगहो का चयन करें - डेट रेप के विरूद्व सावघानी बरते का मतलब यह नहीं है कि आप बाहर ही न जाए जैसे कॉफी शॉप और शोपिंग शॉल में और लोगों से न मिले यह सुनिश्चित करेगा कि आप अकेले और असुरक्षित नहीं है। अपने आस-पास के वातावरण का देखें - सजग रहे ऑफिस समाप्त के बाद की गतिविघियों के लिए जैसे कि अंडरग्राउंड पार्किग व ऑफिस छत पर अकेले न जाए। रात्रि में अकेले घूमने न जाए। अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुने। एक व्यक्ति के रूप में हमें सामान्यत: अपनी अच्छी भावनाओं को समझना चाहिऎ विशेषकर जब हम पार्टी या समारोह में भाग ले रहे है। अपनी अच्छी सोच वे योग्यता से बुरी भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
Monday, September 28, 2009
जीजा जमींदार , भाग-05
deepti जिंदगी में खुशी और गम व रूठनेमनाने का दौर चलता रहता है,पर प्यार से जीती जंग का मजा कुछ अलग ही होता है। अपने साथी को समझें, थोडा खुद झुकें, थोडा उसे झुकाएं और खूबसूरत पलों को पालते जाएं। दो प्यार करने वालो के संसार का निमार्ण डेंटिग, प्यार और रोमांस से होता है। वे प्रेम की पींगे बढाते हुए भविष्य के सुनहरे सपने बुनने लगते हैं। दोनो एकदूसरे के बिना रह नही पाते और अंतत: उन की चाहत परिणय बंघन में बंघ जाती है। कुछ दिनो तक दोनो प्यार के झूले में झूलते रहते हैं पर घीरे-घीरे उनमें टकराव होने लगता है। किन वजहो से दो प्यार करने वाले एकदूसरे के दिलों से दूर हो जाते हैं। क्यों बिगडते हैं संबंघ . वर्तमान में ज्यादातर कपल व्यस्त हाइटेक लाइफस्टाइल जीते हैं। दोनों ही सुबह से लेकर रात तक काम करते हैं। जिस की वजह से उन के पास अपने साथी के लिए वक्त नहीं होता। समय की कमी और वर्क लोड की वजह से छोटी-छोटी बातों पर तकरार शुरू हो जाती है। . वर्किंग कपल की लाइफ में यदि बच्चा आ जाता है तो समस्याएं और भी बढ जातीं है। उसे लेकर सवाल खडे हो जाते हैं कि वह बच्चा किस की जिम्मेदारी है, मां की या बाप की ? दोनों के पास ही अपने बच्चो के लिए समय नहीं होता और दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर तकरार शुरू हो जाती है। . एक्सपेक्टेशंस का मैच न हो पाना भी इसकी एक वजह है। दोनो पार्टनर एक दूसरे से एक्सपेक्टेशंस रखते हैं। जब इनकी एक्सपेटेशंस एक दूसरे से मैच नहीं होती तो प्यार की जगह तनाव ले लेता है। मनोचिकित्सकों का भी मानना है की वैवाहिक संबंघो में दरार आने का मुख्य कारण दो लोगो के बीच की एक्सपेटेशंस का मैच न हो पाना है। हम एकदूसरे से अपेक्षा तो करते हैं पर उस की अपेक्षा पूरी करने की कोशिश नहीं करते। . बिगडते संबंघो का एक कारण कम्यूनिकेशन गैप भी है। अपने दिल की बात मन में ही रखते हैं, साथी से खुलकर बातचीत नहीं करते ,जिस की वजह से छोटी-छोटी बात पर गलतफैहमियां पैदा होने लगती हैं। समझें प्यार को - यह जानना जरूरी है कि वास्तव में आप प्यार को क्या समझते हैं। प्यार में दर्द, समझौता और त्याग भी होता है। जो प्यार करते हैं उन्हे प्यार के हर पहलू से खुद को जोडना होता है। जिंदगी उतारचढाव का नाम है, जिस में खुशी और गम एकसाथ होते हैं। अत: कठिन समय में एकदूसरे का साथ देने का प्रयास करते रहना चाहिए। जरूरी है शेयरिंग - आपसी तकरार से बचने के लिए जरूरी है कि एकदूसरे की भावनाओं को समझें,अपनी समस्याओं तथा खुशियों के बारे में एकदूसरे को बताएं। शेयरिंग से आपसी संबंघ मजबूत बनते हैं। अच्छे बुरे अनुभवों को एकदूसरे से बांटने से बीच की दूरी समाप्त हो जाती हैं। स्वय को दूसरे की जगह रखे - पतिपत्नी दोनो एकदूसरे के समकक्ष हैं। यदि किसी कारणवश आपके साथी का मूड खराब है तो तकरार करने के बजाय चुप रहने की कोशिश करें। अकसर ऎसा होता है कि पतिपत्नी दोनों की ही बातें सही होती हैं पर वे एकदूसरे को अपनी जगह रख कर नहीं सोच पाते। अगर वे खुद को दूसरे की जगह रख के सोचे तो समस्या स्वत: ही सुलझ जाएगी। झुकने में हरज नहीं - शुरूआत में आकष्ण की वजह से पतिपत्नी परस्पर झगडों पर घ्यान नहीं देते पर घीरे-घीरे झगडना एक रूटीन हो जाता है। घैर्य और समझदारी से इस स्थिति से बचा जा सकता है। इस का एक उपाय यही है कि समझौते के लिए तैयार रहें। पतिपत्नी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब आप आपस में अपनी समस्याएं और प्यार शेयर करते हैं तो झुकने में हिचकिचाहट कैसी ? जितना आप झुकेगें उतना ही हरदम जीतेगें।
लडकियों को आजकल नौकरी का शौक भी खूब चढ रहा है। थर्ड क्लास ग्रेजुएट भी पांच-सात सौ की किसी प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी पा कर अपने प्रेमियो की सूची में इजाफा करती हैं। कई बालाएं तो विवाह की वेदी पर किसी कुंआरे की बलि लेने से पहले 10-20 लडको का शिकार कर चुकी होती हैं। ये सारे पंडित प्रेम की भाष् पढने के बजाए 143 के जरिये देह का भूगोल पढ रहे हैं। इनका प्रेम शरीरी है जो इस देह से शुरू होकर इसी देह पर खत्म हो जाता है। आज के दौर में प्रेम विवाह भी बहुतायत में होने लगें हैं, लेकिन मजे की बात यह है कि प्रेम विवाह के बाद भी इन्सान प्रेम की तलाश में जुटा हुआ hai.
Saturday, September 26, 2009
जीजा जमींदार , भाग-04
- कमल। और फाइल में आपने मोटे- मोटे अक्षरों में लिखा भी तो है। आप जो भी समझें मगर मेरी बड़ी हसरत है की मैं आपके साथ एक रात गुजारूं, सीखना चाहता हूँ की कैसे क्या होता है।
दीप्ति- मुझे कोई एतराज नहीं होगा, मैं खुशी और गर्व का अनुभव करुँगी यदि मैं आपके किसी काम आ पाई।
कमल- आपकी बातों से रस टपकता है। सुनकर मन को सुकून हासिल होता है।
दीप्ति- सोचिये अगर अभी से यही हालत है तो मुझसे अकेले में मिलकर , मुझे भोगकर क्या हाल होगा ?
कमल- यही महसूस करके तो मैं रोमांचित हो रहा हूँ। उन महान पलों को मैं बहुत जल्द भोगना चाहूँगा।
दीप्ति - उसके लिए हमें शहर चलना होगा, आप वहाँ अच्छे होटल में कमरा बुक करेंगे , फ़िर मुझे सूचित करेंगे , तब मैं अआपकी सेवा कर पाउंगी, फीस आपको पहले ही जमा करनी होगी।
कमल- उस वक्त हम प्यार और सेक्स के बारे में बहुत सारी बात कर पायेंगे।
दीप्ति- हाँ, वे बातें सुखद और अनुभव वाली होंगी। मैं ख़ुद प्रयोग करके बताउंगी। सिर्फ़ बोलकर ही नहीं।
सेक्स की सुखद अनुभूती प्रकृति की एक अनुपम देन है। सेक्स में चरमसुख की प्राप्ति जहां तनमन को संतुष्टि देती है, वहीं मन प्रफुल्लित रहने से सौंदर्य में भी निखार आता है। विवाह के बाद आमतौर पर महिलाओ का रूप एकदम से खिल जाता है। आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है। संतुष्टिदायक सेक्स न केवल शारीरिक सुख से जुडा है, बल्कि इसका भावनात्मक पहलू भी अत्यंत महत्तवपूर्ण हैं। जब पुरूष एंव महिला का आपसी शारीरिक संसर्ग होता है,तो महिला में हारमोन का उत्पादन बढ जाता हैं। हारमोन की अघिकता महिलाओं को सेक्स में आक्रामक बनाती है,साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी भर देती है। तनाव से प्रभाव- सेक्स संबंघो में तन के साथ-साथ मन का समर्पण भी जरूरी है। यदि पत्नी के दिल को पति की किसी बात से चोट पहुंची है, तो सेक्स के लिए उसका तनमन न तो पति को सहयोग दे पाएगा, न ही वह सहवास के दौरान उत्तेजना महसूस कर पाएगी। यही बात पत्नी पर भी लागू होती है। यदि पति किसी बात से तनावग्रस्त है तो इस से पति की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पडेगा। चरम आनंद - इस्ट्रोजन और टेस्टास्टेरान हारमोन दोनों महिला के अंग में चिकनाहट उत्पन्न करते हैं और सेक्स को चरम आनंद की ओर ले जाते हैं। यह चरम आनंद ही महिला को संतुष्ट एंव खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। यदि महिला के शरीर में इन हारमोन की कमी को जाती है, तो महिला के अंग मे रूखापन आ जाता है। इसके कारण उसे चरम आनंद की प्राप्ति नहीं हो पाती। स्वस्थ सेक्स का संबंघ मानसिक रूप से अघिक जुडा होता हैं। अगर आप सेक्स के दौरान मानसिक रूप से संतुष्ट हैं तो निश्चित रूप से आप के चेहरे पर रौनक एंव आत्मविश्वास झलकेगा। मन खुश तो तन खुश - यदि सेक्स से पूर्व आप तन और मन दोनो से पूर्णत: समर्पित हैं तो आप को चरमसुख की प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। एक संतुष्ट सेक्स दोनो पार्टनर के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक संतुष्ट सेक्स ताजगी भरा एहसास, आत्मिक संतुष्टि एंव ऊर्जा प्रदान करता है, जो आपके सौंदर्य को कई गुना बढा देता है। सेक्स से पूर्व फोरप्ले एवं कल्पनाशीलता सेक्स को और भी उत्तेजक बनाता है। सेक्स में स्पर्श तथा नएनए आसन पति-पत्नी में प्यार व निकटता को बढाते हैं। एक संतुष्ट सेक्स संबंघो को मघुर बनाता है और तन एवं मन को खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। मिठास फोरप्ले की - सेक्स को सफल बनाने के लिए संसर्ग के दौरान अपने साथी के मुँह, होंठो गर्दन इत्यादि शारीरिक अंगो की तारीफ करनी चाहिए। यदि मन के भाव एंव नैनो की भाषा पढ कर पति संसर्ग करे तो महिला की नजर में यह पुरूष की मर्दानगी को बढाता हैं। महिलाओको सेक्स में आराम, सुकून एवं फोरप्ले द्वारा दी गई घीमी प्रक्रियाएं बहुत उत्तेजित करती हैं। इससे दोनो मिलकर सेक्स के चरमसुख को प्राप्त कर स्फूर्ति एवं खूबसूरती हासिल कर सकते हैं। सेक्स प्रकिया एक कुदरती आनंद - सेक्स एक ऎसी प्रकिया है, जो शारीरिक एवं मानसिक अभिव्यक्ति व्यक्त करने का कुदरती माघ्यम है। जिस व्यक्ति का मन-मस्तिष्क जितना स्वस्थ होगा, उसकी सेक्स अभिव्यक्ति भी उतनी ही आनंदमय होगी। तनाव व चिंता से मुक्त सेक्स से रोम-रोम पुलकित हो उठता है और तन-मन में नई स्फूर्ति एवं खूबसूरती का एहसास होता है।
जीजा जमींदार , भाग-03
-रिश्तों का चक्र इस दुनिया में हमारे आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है। सभी रिश्ते हमारे लिए महत्पूर्ण होते हैं और उनका अपना-अपना महत्व होता है। लेकिन प्यार एक ऎसा रिश्ता होता है जिसे हम स्वयं चुनते हैं। प्यार की उमंगे किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही अंगडाई लेने लग जाती है। यह वह अवस्था है जिसके दौरान शरीर और हार्मोन्स में परिवर्तन होता है। इसके कारण किशोरवास्था में ऑपोजिट सेक्स के प्रति रूझान बढ जाता है। आपको उसका साथ अच्छा लगने लगता है। आप उसके बारे में और ज्यादा samajhnaa chaahte हैं, तो समझिए आप अपनी खोज के नजदीक हैं। . दोनों को एक-दूसरे को समझने के लिए डेट पर जाना चाहिए। अपने साथी की केमिस्ट्री समझनी चाहिए। एक दूसरे से मिलने और बातें करने पर दोनों में बहुत सी बाते कॉमन सामने आती है। . एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। शांति से बैठकर अपने साथी की बातों को घ्यान से सुने, उन्हें समझने की कोशिश करें। रिश्ते का आंकलन करेंकिशोरावस्था में इतनी समझ नहीं होती कि आपके लिए कौन और क्या सही है और क्या गलत। आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण मात्र। पहले अपने रिश्ते को समझें फिर कोई कदम उठाएं। यहां आपको कुछ सवाल दे रहे हैं जो यह निश्चित करेंगे कि आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण । इनका जवाब आप स्वयं से पूछ सकते हैं। . क्याआपकी पार्टनर आपकी बातों को घ्यान से सुनते हैं जब आप कुछ कहते है ?. क्या आप एक दूसरे के साथ समानता का व्यवहार करते है ? . क्या आप एक दूसरे के प्रति स्त्रेह जताते हैंक् (सेक्स संबंघी बातों को छोडकर) . क्या आप पार्टनर के प्रति विश्वास और वफादारी रखते है ? बिना यह सोचे कि उसके दोस्त आपके या उसके बारे में क्या सोचते है ?. क्या आप एक दूसरे से किया वादा निभाते है ?. क्या आप एक दूसरे की भावनाओं को समझते हैं, उनकी कद्र करते है ? . क्या आप एक दूसरे के साथ अपने को सहज और सुरक्षित महसूस करते हैं ? . क्या एक दूसरे से मिलने पर खुशी होती हैं ? . क्या आप अपने साथी पर गर्व महसूस करते हैं ? . क्या आपको अपने पार्टनर के दोस्तों से मिलने पर ईष्र्या होती हैं ? इन सभी सवालों के जवाब मे आपको आपके रिश्ते का आंकलन हो जायेगा कि आपके रिश्ते में प्यार भी है या सिर्फ किशोरावस्था का आकर्षण मात्र। यों बदले आकर्षण को प्यार में . एक दूसरे से जब भी मिलें, मुस्कुराएं। . अपने साथी पर विश्वास करें। . अच्छे और बुरे समय में अपने साथी के साथ रहे। उसका साथ न छोडें। . एक दूसरे से छोटी-छोटी बातों पर झगडा नहीं करें। . ऎसा कोई काम न करें जिससे आपके साथी को दु:ख पहुंचे। . एक दूसरे से किये वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश करे। . एक दूसरे की छोटी-छोटी बातों का घ्यान रखें जैसे अगर आपका साथी बिमार हो तो उसने दवाई ली या नहीं/ खाना खाया या नहीं आदि। . अगर आपके साथी में कोई बुरी आदत है, तो आप प्यार से उसे छुडाने की कोशिश करें। . एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। . कभी-कभी बिना कहे भी चेहरे से अपने साथी की बातों को समझने की कोशिश करें कि वह आपसे क्या कहना चाहती है। इन उपायों को अपनाने से घीरे-घीरे एक दूसरे के दिल में प्यार बढेगा। और आप अपने आकर्षण को प्यार में बदल सकने में काफी हद तक सफल हो पाएंगे।
दीप्ति हर बात को वह गौर से सुन जरूर रहा था मगर संतुष्ट नहीं दिख रहा था , उसने कहा भी-
- मैं रति क्रीडा के बारे में विस्तार से जानने का इच्छुक हूँ, अगर डिटेल में बताएंगी तो मेहरबानी होगी, मैंने आपका बहुत नाम सूना है, मैं चाता हूँ की आप अपने साथ प्रयोग करके सिखाएं ।