Friday, September 2, 2011

क्रान्ति की इस मशाल को बुझने नहीं देना है. , डॉ . आंबेडकर का सपना अभी अधूरा है

रालेगण सिद्धि. रामलीला मैदान में अनशन तोड़ने के बाद पहली बार अन्‍ना हजारे ने शुक्रवार की शाम अपने समर्थकों को संबोधित किया। उनका भाषण सुनने के लिए यहां शांति निकेतन स्‍कूल प्रांगण में 7 हजार से भी ज्‍यादा लोग जमा हुए और मीडिया के जरिए पूरे देश ने सुना।

अन्‍ना ने अपने भाषण में जहां सरकार पर निशाना साधा, वहीं युवाओं से बदलाव के लिए लड़ाई लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहने के लिए आह्वान किया। अन्‍ना ने बताया कि उन्‍हें जेल में नहाने के लिए पानी तक नहीं दिया गया, लेकिन अंतत: सरकार को सबक मिल गया। अन्ना हजारे ने बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर का भी विशेष रूप से उल्लेख किया . उन्होंने कहा की बाबा साहेब का सपना अभी अधूरा है. भगत सिंह , राजगुरु, सुखदेव , सुभाष चन्द्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की मैंने उनको अपने दिल में बसा लिया है. उन्होंने कहा की जनहित के लिए मरना सौभाग्य होगा .

अन्‍ना हजारे का पूरा भाषण ये रहा:

मैं कई सालों से युवाओं को जागृत करने की कोशिश कर रहा हूं। जागृति की लौ जल चुकी है। युवा शक्ति इसे कभी बुझने न दें। सभी युवाओं से गुजारिश है। यदि युवा मन में ठान ले तो क्‍या कुछ नहीं कर सकता। ‘मैं अन्‍ना हूं’ लिखकर, गांधी टोपी पहनकर अन्‍ना नहीं बना जा सकता है। इसके लिए चरित्र को शुद्ध करना होगा। समर्पण करना होगा। भारत भूमि त्‍याग की भूमि है। हजारों लोगों ने इसके लिए त्‍याग किया है। देश का इतिहास गवाह है कि त्‍याग से आजादी मिली है। युवा वो बीज है जो आने वाले दिनों में बदलाव करेंगे। युवा त्‍याग नहीं करेंगे तो सारी कोशिश बेकार होगी। अन्‍याय को कोई सह रहा है तो वह बड़ी गलती कर रहा है। अन्‍याय के खिलाफ युवाओं को खड़ा होना होगा। यही आप सभी से गुजारिश है। यह भ्रष्‍टाचार मुक्‍त भारत के लिए क्रांति की शुरुआत है। जब तक सपना पूरा नहीं होता यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए। डॉ. बाबा साहब अंबेडकर का संविधान आज अमल में लाया जाता है। अंबेडकर ने कहा था कि अमीर-गरीब का भेद खत्‍म होना चाहिए। क्‍या यह हो रहा है? यह अंतर बढ़ता जा रहा है। देश में आर्थिक विषमता के बाद सामाजिक विषमता भी बड़ा मुद्दा है। रालेगण में गरीब किसान पर कर्ज बढ़ा तो पूरे गांव ने मिलकर उसका कर्ज चुकता किया और उसकी फसल लहलहा उठी। पूरे देश में ऐसी मिसाल कायम होनी चाहिए।
भ्रष्‍टाचार खत्‍म करने के लिए जनलोकपाल बिल की लड़ाई शुरू हो गई है। संसद में यह बिल आना चाहिए और उस पर बहस होनी चाहिए। सरकार ने मेरे आंदोलन पर कई पाबंदियां लगाई। यह आंदोलन को खत्‍म करने की चाल थी। मुझे अनशन के लिए जगह तक नहीं दी गई। सरकार ने हमें धोखा दिया। देश की संसद में झूठ बोलने वाले लोग पहुंच चुके हैं। मेरे अनशन की जगह पर धारा 144 लगा दी गई। दिल्‍ली में जिस घर में रुका था वहां से मुझे गिरफ्तार किया गया। मैंने वजह पूछा तो कोई वजह नहीं बताई गई। मैं बार-बार पूछता रहा कि मेरी क्‍या गलती है। मुझे कहा गया कि मुझे बड़े पुलिस अधिकारी के पास जाना है। फिर मुझे जेल ले गए। लेकिन जेल ले जाने के बाद दो घंटे के बाद ही मुझे छोड़ दिया गया। यह सब सरकार की चाल थी। मैंने जेल से निकलने से इनकार कर दिया। मैं जेल में तीन दिनों तक डीआईजी के कमरे में रहना पड़ा। वहां मुझे नहाने के लिए पानी नहीं मिलता था। यह तो बनिया की दुकान जैसा था।

त्‍याग और सामाजिक मुद्दों के लिए जेल जाना एक अलंकार है। मैंने कहा कि मैं जेल से ही अनशन करुंगा। फिर मुझे रामलीला मैदान का विकल्‍प दिया गया। वहां से मेरी लड़ाई शुरू हुई तो हर तबके ने सहयोग किया। इंकलाब जिंदाबाद... भारत माता की जय... इस आंदोलन में सभी धर्मों के लोगों ने हिस्‍सा लिया। इस देश को बांटने वाले लोगों को जवाब मिल गया होगा। मैं उम्‍मीद करता हूं कि जब जब आवाज दूंगा पूरा देश उठकर खड़ा होगा। भ्रष्‍टाचार की बड़ी वजह सत्‍ता का केंद्रीकरण हो गया है। इसे लोकतंत्र का नाम दिया जा रहा है। लोकतंत्र का असली मतलब है कि लोगों का लोगों के लिए और लोगों के द्वादा चलाया जाने वाला शासन है। लेकिन आज नेताओं का शासन चल रहा है। ग्राम सभा के विकास के लिए आने वाले पैसे पर ग्राम सभा का पूरा अधिकार होना चाहिए। यदि ग्राम सेवक ग्राम सभा से बिना पूछे पैसा खर्च करता है तो उसे तत्‍काल निलंबित करना चाहिए। मैं सत्‍ता के विकेंद्रीकरण के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं। हमारा देश कृषि प्रधान देश है। ‘नाच करे बंदर, माल खाए मदारी’ यह हालत देश के किसानों की हो गई है। किसानों को इस हालत से उबारना होगा।

अन्‍ना के आने से पहले मैदान में स्‍थानीय पुलिस अधीक्षक ने भी अन्‍ना समर्थकों का उत्‍साह बढ़ाया। उन्‍होंने मैदान में मौजूद लोगों से कहा कि वे आपस में एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर भारत माता की जय का नारा लगाएं।

इसके कुछ देर बाद अन्‍ना मंच पर पहुंचे। इससे पहले उन्‍होंने यादव बाबा के दर्शन किए। मंच पर आने के बाद महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से अन्‍ना का स्‍वागत किया। अन्‍ना ने महात्‍मा गांधी और अपनी दिवंगत मां को फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्‍होंने जागृति मशाल में तेल डाला। यह मशाल 15 दिनों से जल रही है।

अन्‍ना हजारे ने शांतिनिकेतन क्रीड़ांगन के मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले भारत माता की जय...., वंदे मातरम..., के नारे लगाए। और उन्‍होंने अपना भाषण खत्‍म भी इसी नारे के साथ किया।

केजरीवाल और कुमार को नोटिस , टीम अन्ना के पीछे पडी सरकार

नई दिल्ली ।। सरकार से पंगा लेना टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल को भी महंगा पड़ सकता है। उन्हें इनकम टैक्स विभाग से एक नोटिस मिल चुका है। इस नोटिस में उन पर न केवल सेवा शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है बल्कि 9 लाख रुपया बकाया बताते हुए उसका भुगतान करने को भी कहा गया है। इस बीच खबर है कि टीम अन्ना के एक और सदस्य कुमार विश्वास को भी इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला है। अन्ना हजारे ने अपनी टीम से धीरज रखने और अपना काम जारी रखने को कहा है।

गौरतलब है कि केजरीवाल आईआरएस (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) के तहत इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत थे। हालांकि 2006 में ही वह इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। विभाग अब भी उन्हें सरकारी अधिकारी मान कर चल रहा है। सरकार के मुताबिक इस्तीफा तभी स्वीकार किया जा सकता है जब सारे बकाये का भुगतान कर दिया जाए।

दिलचस्प बात है कि यह मामला काफी पहले से चल रहा है, लेकिन केजरीवाल को नोटिस तब भिजवाया गया जब अन्ना हजारे जन लोकपाल बिल लाने की मांग को लेकर अनशन का एलान कर चुके और सरकार से टीम अन्ना का आमना-सामना शुरू हो गया। अन्ना का अनशन शुरू होने के एक सप्ताह पहले भेजे गए इस नोटिस में केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन किया। केजरीवाल ने गुरुवार को इस नोटिस का जवाब भेज दिया।

अपने जवाब में केजरीवाल ने आरोप को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने सेवा शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। बकाये संबंधी दावे को भी उन्होंने गलत बताया है। उन्होंने नोटिस के लिए चुने गए वक्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो साल से चुप बैठे रहने के बाद विभाग ने आनन-फानन यह नोटिस भिजवा दिया। गौरतलब है कि इनकम टैक्स विभाग वित्त मंत्रालय के अंतगर्त आता है जो इन दिनों प्रणव मुखर्जी के पास है।

विभाग का आरोप है कि स्टडी लीव के बाद वह कभी काम पर नहीं लौटे। विभाग ने उनसे दो साल की सैलरी (3.50 लाख रुपए ) और उस पर अब तक का ब्याज (4.16 लाख रुपए) लौटाने को कहा है। इसके अलावा केजरीवाल ने 50 हजार रुपए का कंप्यूटर लोन लिया था जिसका सूद सहित बकाया 1 लाख रुपए बताया गया है।

केजरीवाल के मुताबिक उनकी सेवा शर्तें सिर्फ यह कहती हैं कि वह स्टडी लीव के दौरान नौकरी नहीं छोड़ सकते। उन पर जुर्माना तभी लगाया जा सकता है जब वह स्टीड लीव से वापस न लौटें या लौटने से पहले ही इस्तीफा दे दें या रिटायरमेंट ले लें या फिर स्टडी कोर्स पूरा न कर सकें। वह 1 नवंबर 2000 से 31 अक्टूबर 2002 तक स्टडी लीव पर थे और 1 नवंबर 2002 को दोबारा जॉइन किया। 31 अक्टूबर 2005 को उन्होंने तीन साल पूरा कर लिया और इसके तीन महीने बाद फरवरी 2006 में इस्तीफा दिया। 2004 से 06 के बीच वह वेतन रहित छुट्टी पर थे।
कंप्यूटर लोन के बारे में उनका कहना है कि वह अपने बैंक स्टेटमेंट की कॉपी के साथ विभाग को बता चुके थे कि उनके पास पैसा नहीं है और इसलिए विभाग उनकी जीपीएफ रकम में से बकाया काट ले।
आखिर में केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा है, ' मैंने किसी सेवा शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और अगर किया भी है तो विभाग को मेरा बकाया माफ करने का अधिकार है क्योंकि मैं जनहित में कार्य कर रहा हूं। '

कुमार विश्वास को भी भेजा गया नोटिस
इस बीच टीम अन्ना के एक और सदस्य कुमार विश्वास को भी आयकर विभाग का नोटिस भेजा गया है। कुमार विश्वास को भेजे गए नोटिस में उनसे अडवांस में टैक्स डिक्लेअर करने को कहा गया है।
समाचार चैनल जी न्यूज ने कुमार विश्वास के हवाले से यह खबर दी है। कुमार विश्वास ने बताया कि वह जहां काम करते हैं, वहां से उनकी सैलरी पर टैक्स कटता ही है, इसके अलावा कवि सम्मेलनों से जो पैसे मिलते हैं वे चेक के रूप में होते हैं। लिहाजा, वह भी बैंक अकाउंट में जाता है और इनकम टैक्स विभाग को इस सबकी पूरी खबर है। उन्होंने कहा कि ' विभाग खुद मान चुका है कि मेरा ही बकाया है विभाग पर। ऐसे में इस साल आखिरी तारीख बीतने से पहले ही नोटिस भिजवाने का कोई तुक समझ में नहीं आता। '

अन्ना ने कहा, दबाव में न आएं
इस बीच टीम अन्ना के सदस्यों को नोटिस भिजवाए जाने की खबर मिलने के बाद अन्ना हजारे ने अपनी टीम से धीरज रखने और दबाव में न आने को कहा है। मीडियाकर्मियों द्वारा इस बारे में संपर्क किए जाने पर अन्ना ने कहा कि वह चाहते हैं उनके लोग संयम रखें। उन्होंने कहा कि ' धैर्य रखें और अपना काम करते रहें।

माँ बनी डायन , दो लाख की सुपारी कराई बेटे की ह्त्या

पश्चिमी दिल्ली, जागरण संवाददाता : एक महिला माँ से डायन बन गयी . उसने अपने अवैध संबंधों के चलते अपने ही जिगर के टुकड़े की दो लाख में सुपारी देकर ह्त्या करवा डाली . पुलिस की जांच में बहुत बाद में यह खुलासा हो पाया . बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में आने वाले झड़ौदा निवासी मंजीत (20) के सात माह पूर्व लापता होने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मंजीत की मां ने सात माह पूर्व सुपारी देकर अपने बेटे की हत्या करवा दी थी। हत्या के बाद थाने में बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। हालांकि मंजीत ने पुलिस में अपनी मां से जान को खतरे की शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने तब कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब सात माह बात पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किए दो बदमाशों से जब पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल करते हुए मंजीत की पंजाब के संगरूर में हत्या किए जाने का भी खुलासा किया। पुलिस ने इसके बाद जांच कर मंजीत की मां को भी गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि जनवरी 2011 से झड़ौदा निवासी राकेश उर्फ लाली ने अपने बेटे मंजीत के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उस दौरान पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी। गत सोमवार वाहन चोर निरोधक दस्ते (एएटीएस) को सूचना मिली कि अप्रैल माह में छावला इलाके के एक आभूषण व्यापारी से लूटपाट करने वाले दो अभियुक्त झड़ौदा निवासी महेन्द्र और पपरावट निवासी उमेश उर्फ माइकल नजफगढ़-बहादुरगढ़ रोड आने वाले हैं। इस पर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने लूट की बात कबूली। कड़ी पूछताछ के दौरान महेंद्र ने बताया कि उसने अपने ही गांव के मंजीत नामक युवक की भी हत्या की थी। हत्या की सुपारी मंजती की मां ने ही दो लाख रुपये में दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मंजीत की मां राकेश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि राजेश का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। मंजीत को यह बात पसंद नहीं थी। विरोध करने पर उसकी राकेश के साथ झगड़ा होता था। ऐसे में राकेश ने मंजीत की हत्या की साजिश रची। इसी वर्ष जनवरी माह में उसने झड़ौदा निवासी महेन्द्र को दो लाख रुपये में मंजीत की हत्या की सुपारी दी। इसके बाद महेंद्र अपने दोस्त माइकल के साथ मंजीत से मिला और उसे एक लड़की से मिलाने के बहाने संगरूर (पंजाब) ले गया। वहां तीनों ने शराब पी और फिर दोनों ने मिलकर मंजीत की हत्या कर दी।
बता दें कि मंजीत को अपनी मां से जान का खतरा था। उसने दो बार बाबा हरिदास नगर थाने में लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी जान पर खतरा बताया था। बावजूद इसके पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। उसने जान पर खतरा होने की शिकायत देने के दो दिन बाद ही यानि 29 जनवरी को दोनों ने संगरूर (पंजाब) में उसकी हत्या कर दी थी।


नई दिल्ली ,देश में महंगाई बढ़ती जा रही है. गुरूवार को जो आँकड़े आए उसके मुताबिक महंगाई दर दस फीसदी के पार जा चुकी है.

इसका असर मंडियों में भी दिखाई दे रहा है. सब्जियों के दाम आसमान पर हैं. ये हाल बिहार से लेकर गुजरात तक का है.

महंगाई के कारण आम आदमी का बजट तो बिगड़ ही चुका है सब्जी उगाने वाला किसान भी परेशान है क्योंकि उनकी शिकायत है कि फायदा सारा बिचौलिए उठा ले जाते हैं.

पेट्रोलियम पदार्थो सहित रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की ऊंची कीमतों के चलते महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी चेताया है कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल भरे दिन अभी जाने वाले नहीं।

आरबीआई द्वारा हाल ही में जारी की गई 2010-11 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई उच्च स्तर पर बनी रहेगी। मार्च 2012 तक इसके 7 फीसदी पर आने का अनुमान है। इसका मतलब है कि तब तक आम आदमी को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। अपनी सालाना रिपोर्ट में इसका जिक्र करते हुए बैंक ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और कमोडिटी कीमतों में कमी आने के बावजूद उच्च महंगाई दर बरकरार है, जो देश की विकास दर को प्रभावित कर सकती है।

उधर, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) पहले ही साफ कर चुकी है कि अक्टूबर तक डब्ल्यूपीआई (थोक मूल्य सूचकांक) की दर नौ फीसदी के उच्च स्तर पर रहने का अनुमान है। परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन का कहना है कि महंगाई से राहत के लिए आम आदमी को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही (जनवरी 12 से मार्च 12) में गिरावट का रुख बनेगा।

ब्याज दरों की मार
जानकारों के मुताबिक विगत दिनों एसबीआई सहित कुछ अन्य बैंकों द्वारा बढ़ाई गई दरों के कारण आम आदमी पर महंगाई का गहरा प्रभाव पड़ेगा। इससे जहां इन बैंकों के कर्जदारों को अधिक ईएमआई चुकानी होगी, वहीं उनके आवास तथा वाहन ऋण की अवधि भी बढ़ सकती है।

विकसित देश भी त्रस्त
विकासशील देशों के साथ-साथ ब्रिटेन जैसे विकसित देश भी महंगाई से त्रस्त हैं। ब्रिटेन में कपड़े, खाद्य वस्तुएं और पेट्रोल डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे लोगों का बजट गड़बड़ा रहा है। महंगाई ब्रिटिश मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि वे महंगाई के लिए भारत और चीन में बढ़ती खपत को मुख्य कारण मान रहे हैं। यहां महंगाई बढ़ने के पीछे ये कारण हैं-

> पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ना।
> कम दर पर सुलभ ऋण (लोगों के पास खर्च करने के लिए बड़ी मात्रा में पैसा आ जाता है)।
> बायोफ्यूल का ज्यादा उत्पादन। इससे बड़ी मात्रा में उत्पादित खाद्यान्न लोगों तक नहीं पहुंच पाता है, ये गाड़ियों में बायोफ्यूल बनकर जल जाता है।
> अनेक देशों द्वारा खाद्य वस्तुओं के निर्यात पर रोक लगाना। खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी।
नई दिल्ली। अपने मजाकिया लहजे लेकिन तीखे वार और व्यंग्य बाण कसने वाले राजद नेता और सांसद लालू प्रसाद यादव ऐसा कुछ ना कुछ करते रहते हैं जिसके चलते वो खबरों में बनें रहते हैं। शुक्रवार को भी उन्होने ऐसा वाक्या पेश कर दिया जिससे वो सारे न्यूज चैनलों की हेडलाइन्स बन गये । दरअसल हुआ यूं कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को को लोकसभा में खर्राटे भरते हुए देखा गया।

लालू लोकसभा स्पीकर मीराकुमार की ठीक सामने वाली पंक्ति में अपनी सीट पर सोते हुए पाया गया। जिसके बाद मीराकुमार ने लालू की पिछली सीट पर बैठे महाराजगंज से राजद सदस्य उमाशंकर सिंह से लालू को जगाने के लिए कहा। जिसके बाद उमाशंकर सिंह ने लालू की पीठ पर हाथ रखकर उन्हें जगाया। ये घटना तब पेश आयी जब प्रश्नकाल में राष्ट्रीय खनिज नीति से संबंधित प्रश्न पूछे जा रहे थे।

लालू की इस हरकत से पूरे सदन में हंसी के फव्वारे छूट गये। हमेशा सांसदो को बैठ जाइये, बैठ जाइये.. कहने वाली मीरा कुमार ने लालू को देख कर कहा कि उठ जाइये, उठ जाइये। वैसे लालू की ये हरकत बताती है कि हमारे नेता सदन में कितने सजग रहते हैं। और प्रश्नकाल कितना बोरिंग होता

भारतीय क्रिकेटर्स को गधा कहने वाले नासिर पर अजहर भड़के



नई दिल्ली। मैनचेस्टर में खेले गए टी-20 मैच के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन के कमेंट्री करते वक्त भारतीय खिलाड़ियों को गधा कहने पर उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन ने नासिर हुसैन को इस टिप्पणी को लेकर आड़े हाथों लिया है। अजहर ने उनके बयान को अशोभनीय करार दिया।

भारत के पूर्व कप्तान ने नासिर से अपने बयान के लिए तुरंत माफी मांगने को कहा है। अजहर ने नासिर को खुद पर ध्यान देने की सलाह भी दे डाली और कहा कि वे भी मैदान पर कई बार बुरी फील्डिंग करते थे।

भारतीय क्रिकेटर्स को गधा कहने वाले नासिर पर अजहर भड़के

दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी-20 मैच में भारत की फील्डिंग काफी खराब हो रही थी जिसे देखकर नासिर ने टीम इंडिया का अपमान करते हुए कहा कि भारतीय टीम में अगर कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं तो एक-दो गधे भी हैं।

इंग्लैंड दौरे पर ऐसा दूसरी बार हुआ है जब नासिर हुसैन अपनी कमेंट्री की वजह से इस तरह की सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले टेस्ट सीरीज के दौरान भी वो रवि शास्त्री के साथ यूडीआरएस के मसले पर कमेंट्री करते वक्त भिड़ गए थे। उस समय रवि शास्त्री ने भी उनको करारा जवाब दिया था।

अमृतसर - 'गुरू ग्रंथ साहिबां' ची 407 जयंती अमृतसरमध्ये साजरी करण्यात आली. यावेळी एका शीख नागरिकाने 300 मीटर लांबीचे कापड डोक्‍यावर गुंडाळून सर्वांचे लक्ष वेधून घेतले.