नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अनशन टल जाने की उम्मीद है। मजबूत लोकपाल की मांग को लेकर 16 अगस्त से जंतर-मंतर पर अनशन की तैयारियों में जुटे अन्ना को दिल्ली पुलिस ने तगड़ा झटका दिया है। दिल्ली पुलिस ने अन्ना को जंतर-मंतर पर बेमियादी अनशन के लिए हरी झंडी देने से इनकार कर दिया है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सदन के आसपास धारा 144 लागू करने के आदेश दिए गए हैं। अन्ना ने बीते अप्रैल में इसी जगह से जन लोकपाल की लड़ाई का शंखनाद किया था। उम्मीद है कि हजारे अनशन की इजाजत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इस बीच, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने टीम अन्ना को चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार किसी के अनशन से नहीं डरती है।
टीम अन्ना ने जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत नहीं मिलने पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि निषेधाज्ञा के बावजूद अन्ना हजारे का शांतिपूर्वक अनशन होगा। उन्होंने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शांतिपूर्वक अनशन के लिए रोकना संविधान की 'हत्या' है। संविधान के तहत देश के नागरिकों को हासिल मूल अधिकारों में भी शांतिपूर्वक सभा करने का प्रावधान है। केजरीवाल ने कहा है, 'यदि सरकार हमें अनशन पर बैठने से रोकती है तो यह संविधान की हत्या है। हम इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं।' बीजेपी ने भी टीम अन्ना को जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत नहीं देने पर सरकार को आड़े हाथ लिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस हर उस शख्स को कुचलने में जुटी है जो भ्रष्टाचार का विरोध करता है।
दिल्ली पुलिस ने अन्ना को जंतर-मंतर पर अनशन से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट के 2009 में दिए गए एक आदेश का हवाला दिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वो कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिल्ली में किसी भी स्थान पर बेमियादी धरना की इजाजत नहीं दे सकती। पुलिस का कहना है कि चूंकि उस वक्त संसद का सत्र चल रहा होगा, ऐसे में किसी को जंतर-मंतर पर पूरा जगह घेरने की इजाजत नहीं दी जा सकती है क्योंकि उस वक्त कई अन्य संगठन भी विरोध प्रदर्शन के लिए वहां जुट सकते हैं।
जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत के लिए टीम अन्ना की ओर से लिखे खत के जवाब में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि टीम अन्ना चाहे तो अनशन स्थल दिल्ली के बाहरी इलाकों में शिफ्ट कर सकती है या फिर एक निश्चित समय-सीमा दे जिस दौरान उन्हें धरना-प्रदर्शन की इजाजत दी जा सके।
इससे पहले सरकार ने लोकपाल बिल के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट को मंजूरी देकर टीम अन्ना को झटका दिया। सरकार के मसौदे में मौजूदा पीएम और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा गया है जबकि टीम अन्ना मौजूदा पीएम को भी लोकपाल के दायरे में रखना चाहती थी। (पूरी खबर पढ़ने के लिए पहली रिलेटेड खबर पर क्लिक करें)
केंद्रीय कैबिनेट ने सरकार के प्रतिनिधियों की तरफ से पेश किए गए ड्राफ्ट को कुछ बदलावों के साथ गुरूवार को हरी झंडी दिखा दी, लेकिन गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना के ड्राफ्ट को दरकिनार कर दिया। कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए बिल को संसद की मंजूरी के लिए 1 अगस्त से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार के एकतरफा फैसले से नाराज अन्ना और उनके समर्थकों ने 9 अगस्त को सरकारी बिल की प्रतियां जलाने का फैसला किया है।
आपकी बात
पहले टीम अन्ना के ड्राफ्ट की अनदेखी और अब जंतर-मंतर पर धरने की राह में रोड़ा। सरकार के इस कदम को आप किस रूप में देखते हैं? क्या सरकार अन्ना के साथ भी वही हश्र करने की फिराक में है, जैसा रामदेव के साथ हुआ था? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर दुनियाभर के पाठकों से शेयर करें।
Friday, July 29, 2011
50 करोड़ हुई सल्लू की फीस !
मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक "दबंग" और "रेडी" जैसी सुपरहिट फिल्म से तहलका मचाने वाले बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने अब अपनी रेट बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार अब सल्लू सिर्फउन्हीं निर्माताओं के लिए अपना दम दिखाएंगे, जिनकी जेब में सलमान भाई को देने के लिए 50 करोड़ रूपए की तगड़ी रकम होगी।
सूत्रों की मानें तो कमाई के मामले में बॉलीवुड के दूसरे "खानों" आमिर, शाहरूख के मुकाबले सलमान काफी आगे निकल चुके हैं। पिछले साल "दबंग" और उसके बाद इस साल रिलीज हुई सलमान की फिल्म "रेडी" ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के लगभग सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन दोनों फिल्मों की जबरदस्त कामयाबी के बाद बॉलीवुड के "वीर" अब हर प्रोड़यूसर की पहली पसंद बन गए हैं। लेकिन सलमान को अपनी फिल्मों में साइन करने की उम्मीद लगाए निर्माताओं को सल्लू मियां ने करारा झटका दिया है।
बताया जा रहा है कि सलमान ने अब अगले प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रूपए मेहनताने के रूप में लेने का फैसला किया है। सलमान के बिजनेस मैनेजर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अभिनेता ने अपनी फीस बढ़ा दी है। वहीं, हाल ही में अपनी फिल्मों के लिए सल्लू को साइन करने वाले दो निर्माताओं का भी कहना है कि सलमान ने अचानक ही अपना रेट बढ़ा दिया है। सूत्रों की मानें तो सलमान ने सिर्फ अपनी फीस ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि फिल्म की हीरोइन और शूटिंग स्पॉट के मामले में भी अपनी पसंद प्रोड्यूसर्स पर थोप रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि रेडी के लिए जहां सलमान ने गजनी गर्ल असीन को लेने का सुझाव दिया था। वहीं, अब वो निर्माताओं पर जरीन खान को उनकी हीरोइन बनाने का दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, फिल्मकार भूषण कुमार का कहना है कि - "सलमान ने भले ही अपनी फीस बढ़ा दी हो, पर वो फिक्स नहीं है।" उन्होंने बताया कि "फिल्म रेडी के समय सलमान ने 40 करोड़ रूपए की डिमांड की थी। लेकिन उस समय फिल्म इंडस्ट्री की स्थिति को देखते व समझते हुए सल्लू ने अपनी फीस 17 करोड़ रूपए तक घटा दी है।"
मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक "दबंग" और "रेडी" जैसी सुपरहिट फिल्म से तहलका मचाने वाले बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने अब अपनी रेट बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार अब सल्लू सिर्फउन्हीं निर्माताओं के लिए अपना दम दिखाएंगे, जिनकी जेब में सलमान भाई को देने के लिए 50 करोड़ रूपए की तगड़ी रकम होगी।
सूत्रों की मानें तो कमाई के मामले में बॉलीवुड के दूसरे "खानों" आमिर, शाहरूख के मुकाबले सलमान काफी आगे निकल चुके हैं। पिछले साल "दबंग" और उसके बाद इस साल रिलीज हुई सलमान की फिल्म "रेडी" ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के लगभग सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन दोनों फिल्मों की जबरदस्त कामयाबी के बाद बॉलीवुड के "वीर" अब हर प्रोड़यूसर की पहली पसंद बन गए हैं। लेकिन सलमान को अपनी फिल्मों में साइन करने की उम्मीद लगाए निर्माताओं को सल्लू मियां ने करारा झटका दिया है।
बताया जा रहा है कि सलमान ने अब अगले प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रूपए मेहनताने के रूप में लेने का फैसला किया है। सलमान के बिजनेस मैनेजर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अभिनेता ने अपनी फीस बढ़ा दी है। वहीं, हाल ही में अपनी फिल्मों के लिए सल्लू को साइन करने वाले दो निर्माताओं का भी कहना है कि सलमान ने अचानक ही अपना रेट बढ़ा दिया है। सूत्रों की मानें तो सलमान ने सिर्फ अपनी फीस ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि फिल्म की हीरोइन और शूटिंग स्पॉट के मामले में भी अपनी पसंद प्रोड्यूसर्स पर थोप रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि रेडी के लिए जहां सलमान ने गजनी गर्ल असीन को लेने का सुझाव दिया था। वहीं, अब वो निर्माताओं पर जरीन खान को उनकी हीरोइन बनाने का दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, फिल्मकार भूषण कुमार का कहना है कि - "सलमान ने भले ही अपनी फीस बढ़ा दी हो, पर वो फिक्स नहीं है।" उन्होंने बताया कि "फिल्म रेडी के समय सलमान ने 40 करोड़ रूपए की डिमांड की थी। लेकिन उस समय फिल्म इंडस्ट्री की स्थिति को देखते व समझते हुए सल्लू ने अपनी फीस 17 करोड़ रूपए तक घटा दी है।"
जमशेदपुर। बेतहाशा बढ़ती महंगाई में भले ही दस रुपये का अब कोई मोल नहीं समझा जाता हो पर इतनी मामूली सी रकम के लिए ही झारखंड में एक युवक द्वारा अपने दोस्त की पीट-पीट कर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है।
पुलिस ने आज बताया कि इस संबंध में मृतक की पत्नी ने कल प्राथमिकी दर्ज कराई। उड़ीसा की सीमा से लगे पश्चिम सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा में हाल में हुए एक फुटबॉल मैच के दौरान स्थानीय निवासी मुकुन हेस्सा और उसके दोस्त सूरज बहादुर के बीच खेल के परिणाम को लेकर दस-दस रुपये की बाजी लगी थी। सूरज ने बाजी जीतने पर मुकुन से पैसे मांगे और आनाकानी करने पर उसकी लात घूसों से बुरी तरह पिटाई कर दी।
मुकुन घर चला गया लेकिन बाद में उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुवा के टाटा स्टील अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 27 जुलाई की रात उसने दम तोड़ दिया। मुकुन की पत्नी राधा ने प्राथमिकी में कहा है कि उसके पति ने और पिटाई के डर से यह बात पहले पुलिस को नहीं बताई थी। पुलिस हत्या का मामला दर्ज करके आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस ने आज बताया कि इस संबंध में मृतक की पत्नी ने कल प्राथमिकी दर्ज कराई। उड़ीसा की सीमा से लगे पश्चिम सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा में हाल में हुए एक फुटबॉल मैच के दौरान स्थानीय निवासी मुकुन हेस्सा और उसके दोस्त सूरज बहादुर के बीच खेल के परिणाम को लेकर दस-दस रुपये की बाजी लगी थी। सूरज ने बाजी जीतने पर मुकुन से पैसे मांगे और आनाकानी करने पर उसकी लात घूसों से बुरी तरह पिटाई कर दी।
मुकुन घर चला गया लेकिन बाद में उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुवा के टाटा स्टील अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 27 जुलाई की रात उसने दम तोड़ दिया। मुकुन की पत्नी राधा ने प्राथमिकी में कहा है कि उसके पति ने और पिटाई के डर से यह बात पहले पुलिस को नहीं बताई थी। पुलिस हत्या का मामला दर्ज करके आरोपी की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली।। पति से अनबन के चलते अलग रह रही 32 साल की एक महिला के साथ गैंग रेप का मामला सामने आया है। महिला अपनी बहन से मिलने गई थी, जहां से लौटते हुए दो सगे भाइयों ने उसे जबरन रोक कर रेप किया।
बाड़ा हिंदू राव इलाके में यह महिला अपनी 13 साल की बेटी के साथ रहती है। पति के साथ मतभेद होने के चलते यह अलग रहने लगी थी। बेटी को घर पर ही छोड़ कर मंगलवार को वह अपनी बहन से मिलने तिमारपुर इलाके में गई हुई थी। लौटते समय वजीराबाद पुल पर दो लोगों ने उसे पकड़ लिया और जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे डरा धमकाकर दोनों शख्स उसे सुनसान इलाके में ले गए और रेप किया।
महिला ने इसकी तिमारपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत की। पुलिस ने बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया। मेडिकल में रेप की पुष्टि के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों को पहचानने में तिमारपुर पुलिस कामयाब हो गई। इनकी पहचान 35 साल के आरिफ और 40 साल के वसीम के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई हैं।
बाड़ा हिंदू राव इलाके में यह महिला अपनी 13 साल की बेटी के साथ रहती है। पति के साथ मतभेद होने के चलते यह अलग रहने लगी थी। बेटी को घर पर ही छोड़ कर मंगलवार को वह अपनी बहन से मिलने तिमारपुर इलाके में गई हुई थी। लौटते समय वजीराबाद पुल पर दो लोगों ने उसे पकड़ लिया और जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे डरा धमकाकर दोनों शख्स उसे सुनसान इलाके में ले गए और रेप किया।
महिला ने इसकी तिमारपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत की। पुलिस ने बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया। मेडिकल में रेप की पुष्टि के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों को पहचानने में तिमारपुर पुलिस कामयाब हो गई। इनकी पहचान 35 साल के आरिफ और 40 साल के वसीम के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई हैं।
इंदौर में तीन हत्या करने वाले सतना पुलिस के रिमांड पर
इंदौर । सतना में एक सराफा व्यापारी और उसकी पत्नी पर गोली चलाने वाले दो आरोपियों को सतना पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर सौंपा है। इंदौर पुलिस की टीम आरोपियों से पूछताछ करने सतना पहुंच गई है।
सतना में चार बदमाशों ने सोमवार को सराफा व्यापारी व उसकी पत्नी पर फायरिंग की थी। इसमें पत्नी की मौत हो गई और पति घायल हो गया। पुलिस ने सरवन शिवहरे व इंद्र सेन को गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार शर्मा और वकील उर्फ रफीक फरार हो गए। उनकी पुलिस तलाश कर रही है।
पाटनीपुरा पर फायर
सतना प्रतिनिधि के अनुसार आरोपियों द्वारा प्रदेश के कई शहरों में लूट के लिए 16 हत्याएं कबूल करने की खबर के बाद जबलपुर, पन्ना, ग्वालियर व इंदौर से सीएसपी अमरेंद्रसिंह की टीम वहां पहुंच गई। इसके अलावा एटीएस और एसटीएफ की टीम के भी वहां पहुंचने की खबर है। आरोपियों ने पूछताछ में डॉक्टर वर्षा वर्मा व कम्पाउंडर राम की हत्या के अलावा ज्वेलर्स के सेल्समैन कुलदीप जैन की हत्या करना भी कबूल किया है। इसके अलावा उन्होंने पाटनीपुरा क्षेत्र में एक व्यक्ति को गोली मारने की बात कबूली है।
परदेशीपुरा पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था और बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। यहां बाइक सवार ने गले में टंगे बैग से रिवाल्वर निकालकर चलाई थी। सरवन सिंह के बारे में यह कहा जा रहा है कि वह लूट के लिए सबसे पहले सामने वाले पर गोली चलाता है। वर्षा वर्मा और कुलदीप हत्याकांड में भी आरोपियों ने सीधे गोली चलाई थी।
हत्याएं अकेले ने की
तीन माह इंदौर में रहा और तीन हत्या व एक हत्या के प्रयास को अकेले ने ही अंजाम दिया। यह कहना है गिरोह के सरगना का। सतना एसपी हरिसिंह यादव ने बताया कि सरवन सिंह ने खुलासा किया कि 18 वारदात में से तीन में केवल उसने अन्य सदस्यों को साथ रखा, बाकी की वारदात अकेले ही की। पहली बार ही वह पकड़ा गया। उसने इंदौर में डॉ. वर्षा वर्मा, सहायक राम और ज्वेलर्स के सेल्समैन कुलदीप जैन की हत्या के अलावा पाटनीपुरा क्षेत्र में एक साइकल सवार को गोली मारना भी कबूल किया है।
सरवन तीन माह तक इंदौर में किराए का मकान लेकर रहा। इसके अलावा अय्याशी करने मुंबई ओर गोवा भी जाता था।
इंदौर । सतना में एक सराफा व्यापारी और उसकी पत्नी पर गोली चलाने वाले दो आरोपियों को सतना पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर सौंपा है। इंदौर पुलिस की टीम आरोपियों से पूछताछ करने सतना पहुंच गई है।
सतना में चार बदमाशों ने सोमवार को सराफा व्यापारी व उसकी पत्नी पर फायरिंग की थी। इसमें पत्नी की मौत हो गई और पति घायल हो गया। पुलिस ने सरवन शिवहरे व इंद्र सेन को गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार शर्मा और वकील उर्फ रफीक फरार हो गए। उनकी पुलिस तलाश कर रही है।
पाटनीपुरा पर फायर
सतना प्रतिनिधि के अनुसार आरोपियों द्वारा प्रदेश के कई शहरों में लूट के लिए 16 हत्याएं कबूल करने की खबर के बाद जबलपुर, पन्ना, ग्वालियर व इंदौर से सीएसपी अमरेंद्रसिंह की टीम वहां पहुंच गई। इसके अलावा एटीएस और एसटीएफ की टीम के भी वहां पहुंचने की खबर है। आरोपियों ने पूछताछ में डॉक्टर वर्षा वर्मा व कम्पाउंडर राम की हत्या के अलावा ज्वेलर्स के सेल्समैन कुलदीप जैन की हत्या करना भी कबूल किया है। इसके अलावा उन्होंने पाटनीपुरा क्षेत्र में एक व्यक्ति को गोली मारने की बात कबूली है।
परदेशीपुरा पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था और बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। यहां बाइक सवार ने गले में टंगे बैग से रिवाल्वर निकालकर चलाई थी। सरवन सिंह के बारे में यह कहा जा रहा है कि वह लूट के लिए सबसे पहले सामने वाले पर गोली चलाता है। वर्षा वर्मा और कुलदीप हत्याकांड में भी आरोपियों ने सीधे गोली चलाई थी।
हत्याएं अकेले ने की
तीन माह इंदौर में रहा और तीन हत्या व एक हत्या के प्रयास को अकेले ने ही अंजाम दिया। यह कहना है गिरोह के सरगना का। सतना एसपी हरिसिंह यादव ने बताया कि सरवन सिंह ने खुलासा किया कि 18 वारदात में से तीन में केवल उसने अन्य सदस्यों को साथ रखा, बाकी की वारदात अकेले ही की। पहली बार ही वह पकड़ा गया। उसने इंदौर में डॉ. वर्षा वर्मा, सहायक राम और ज्वेलर्स के सेल्समैन कुलदीप जैन की हत्या के अलावा पाटनीपुरा क्षेत्र में एक साइकल सवार को गोली मारना भी कबूल किया है।
सरवन तीन माह तक इंदौर में किराए का मकान लेकर रहा। इसके अलावा अय्याशी करने मुंबई ओर गोवा भी जाता था।
Thursday, July 28, 2011
नई दिल्ली. नई दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपनी कुर्सी छोड़ दी है। मीडिया में आ रही अपुष्ट खबरों के मुताबिक येदियुरप्पा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। गडकरी इस समय रायपुर में हैं। गडकरी के देर शाम दिल्ली लौटने पर ही इस खबर की पुष्टि होने की उम्मीद है।
इस खबर से अंदाजा लगाया जा रहा है कि येदियुरप्पा ने आला कमान की उस बात को मान लिया है, जिसमें पार्टी की तरफ से कहा गया था कि पहले वह इस्तीफा दें और फिर उनसे बात होगी। वहीं, मीडिया में इस तरह की खबरें भी आई थीं कि येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे के लिए यह शर्त रख दी थी कि पार्टी उनकी जगह बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद डीवी सदानंद गौड़ा को राज्य की कमान सौंपी जाए। येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ ही बीजेपी के भीतर कर्नाटक में अगले मुख्यमंत्री को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। कर्नाटक में हालात का जायजा लेने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और अरुण जेटली बेंगलुरु जाएंगे।
इससे पहले बुधवार को कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने दक्षिण भारत में भाजपा की पहली और एक मात्र सरकार के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (बीएसवाई) पर खनन घोटाले में शामिल होने के आरोप अपनी रिपोर्ट में लगाए थे। इसके बाद पार्टी उन्हें हटाना चाह रही है, ताकि कांग्रेस का मुंह बंद किया जा सके और उस पर हमला जारी रखा जा सके। लेकिन गुरुवार दोपहर तक बीएसवाई का बगावती तेवर बरकरार रहा। उन्होंने आलाकमान को दो टूक कह दिया था कि विधायक उनके साथ हैं तो वह पद क्यों छोड़ें। हालांकि पार्टी ने अपना रुख कड़ा करते हुए उन्हें हटने के लिए कहकर शुक्रवार को नए नेता का चुनाव कर कर्नाटक का मुख्यमंत्री बदलने का ऐलान कर दिया था।
कांग्रेस ने येदियुरप्पा को हटाए जाने के बीजेपी के फैसले को देर से मजबूरी में उठाया गया कदम बताया है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह फैसला ६ महीने पहले ही लिया जाना चाहिए था। यह देर से आया फैसला है। इतने गंभीर आरोप होने के बाद भी वो सिर्फ इस्तीफा ही मांग रहे है। लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद येदियुरप्पा पर मुकदमा चलना चाहिए। ये भाजपा की दोहरी नीति दिखाता है।
बीएसवाई पर लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट में खनन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने चार साल में सरकारी खजाने को 16000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की चपत लगवाई और करोड़ों रुपये का फायदा अपने सगे-संबंधियों को दिलवाया।
कर्नाटक दक्षिण भारत का पहला राज्य है, जहां भाजपा की सरकार बनी है। इसलिए बीएसवाई को जबरन हटाने से पार्टी की मुश्किल और बढ़ सकती है। लेकिन चार दिन बाद ही संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में भाजपा येदियुरप्पा को हटाए बिना भ्रष्टाचार पर बोलने या कांग्रेस को घेरने का नैतिक अधिकार खो देगी। इसलिए पार्टी में येदियुरप्पा के विकल्प की तलाश पहली प्राथमिकता है।
बीएसवाई के विकल्प के तौर पर कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ईश्वरप्पा, राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष सदानंद गौड़ा, येदियुरप्पा के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले अनंत कुमार, राज्य के पूर्व गृह मंत्री वीएस आचार्य, कानून मंत्री सुरेश कुमार, शोभा करांडलाजे जैसे नाम विचार करने लायक हैं।
इस खबर से अंदाजा लगाया जा रहा है कि येदियुरप्पा ने आला कमान की उस बात को मान लिया है, जिसमें पार्टी की तरफ से कहा गया था कि पहले वह इस्तीफा दें और फिर उनसे बात होगी। वहीं, मीडिया में इस तरह की खबरें भी आई थीं कि येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे के लिए यह शर्त रख दी थी कि पार्टी उनकी जगह बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद डीवी सदानंद गौड़ा को राज्य की कमान सौंपी जाए। येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ ही बीजेपी के भीतर कर्नाटक में अगले मुख्यमंत्री को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। कर्नाटक में हालात का जायजा लेने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और अरुण जेटली बेंगलुरु जाएंगे।
इससे पहले बुधवार को कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने दक्षिण भारत में भाजपा की पहली और एक मात्र सरकार के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (बीएसवाई) पर खनन घोटाले में शामिल होने के आरोप अपनी रिपोर्ट में लगाए थे। इसके बाद पार्टी उन्हें हटाना चाह रही है, ताकि कांग्रेस का मुंह बंद किया जा सके और उस पर हमला जारी रखा जा सके। लेकिन गुरुवार दोपहर तक बीएसवाई का बगावती तेवर बरकरार रहा। उन्होंने आलाकमान को दो टूक कह दिया था कि विधायक उनके साथ हैं तो वह पद क्यों छोड़ें। हालांकि पार्टी ने अपना रुख कड़ा करते हुए उन्हें हटने के लिए कहकर शुक्रवार को नए नेता का चुनाव कर कर्नाटक का मुख्यमंत्री बदलने का ऐलान कर दिया था।
कांग्रेस ने येदियुरप्पा को हटाए जाने के बीजेपी के फैसले को देर से मजबूरी में उठाया गया कदम बताया है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह फैसला ६ महीने पहले ही लिया जाना चाहिए था। यह देर से आया फैसला है। इतने गंभीर आरोप होने के बाद भी वो सिर्फ इस्तीफा ही मांग रहे है। लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद येदियुरप्पा पर मुकदमा चलना चाहिए। ये भाजपा की दोहरी नीति दिखाता है।
बीएसवाई पर लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट में खनन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने चार साल में सरकारी खजाने को 16000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की चपत लगवाई और करोड़ों रुपये का फायदा अपने सगे-संबंधियों को दिलवाया।
कर्नाटक दक्षिण भारत का पहला राज्य है, जहां भाजपा की सरकार बनी है। इसलिए बीएसवाई को जबरन हटाने से पार्टी की मुश्किल और बढ़ सकती है। लेकिन चार दिन बाद ही संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में भाजपा येदियुरप्पा को हटाए बिना भ्रष्टाचार पर बोलने या कांग्रेस को घेरने का नैतिक अधिकार खो देगी। इसलिए पार्टी में येदियुरप्पा के विकल्प की तलाश पहली प्राथमिकता है।
बीएसवाई के विकल्प के तौर पर कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ईश्वरप्पा, राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष सदानंद गौड़ा, येदियुरप्पा के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले अनंत कुमार, राज्य के पूर्व गृह मंत्री वीएस आचार्य, कानून मंत्री सुरेश कुमार, शोभा करांडलाजे जैसे नाम विचार करने लायक हैं।
दलित की जीप से कुचलकर ह्त्या
सतना। मध्य प्रदेश में बुधवार रात एक रसूखदार व्यक्ति ने जीप से एक दलित को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क पर यातायात जाम कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शकारियों से बातचीत कर जाम को समाप्त कराया। पुलिस के अनुसार जसो थाना क्षेत्र के दुरेहा गांव में बबलू चौधरी का भेरू सिंह से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते ही भेरू सिंह ने बुधवार रात बबलू को जीप से रौंद दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क जाम कर दिया। जसो थाने के प्रभारी पी सिंह ने बताया कि जीप की टक्कर से बबलू की मौत हुई है। पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। ज्ञात हो कि दो दिन पहले एक जनजातीय वर्ग की बुजुर्ग महिला को शिवपुरी जिले में एक दबंग व्यक्ति ने अपनी ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क जाम कर दिया। जसो थाने के प्रभारी पी सिंह ने बताया कि जीप की टक्कर से बबलू की मौत हुई है। पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। ज्ञात हो कि दो दिन पहले एक जनजातीय वर्ग की बुजुर्ग महिला को शिवपुरी जिले में एक दबंग व्यक्ति ने अपनी ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
Subscribe to:
Posts (Atom)