
नई दिल्ली. नोट के बदले वोट कांड में आज दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूर्व सपा नेता अमर सिंह से पूछताछ की। पूछताछ करीब सवा तीन घंटे तक चली जिसमें अमर सिंह से पुलिस ने करीब 12 सवालों के जवाब मांगे। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पूछताछ के दौरान अमर सिंह ने संजीव सक्सेना और सुहेल हिंदुस्तानी द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी इस पूरे मामले में कोई भूमिका नहीं है।
क्राइम ब्रांच के अफसरों ने पूछा कि 'संजीव सक्सेना के साथ आपके क्या संबंध हैं? क्या सक्सेना को सांसदों के यहां आपका ड्राइवर लेकर गया था। पुलिस ने यह भी जानना चाहा कि क्या संजीव सक्सेना को आपने ही सांसदों से मिलवाया था? अमर सिंह ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से कहा कि वह संजीव को जानते हैं। वह उनकी किसी एक कंपनी में शायद काम करता है। लेकिन अमर सिंह ने कहा कि वह कभी भी मेरे खास लोगों में शामिल नहीं रहा है और न ही वह संजीव से कभी मिले हैं।
अमर सिंह से एक फोन नंबर को लेकर सवाल पूछा गया। इस नंबर से 22 जुलाई, 2008 को पैसे के लेन-देन को लेकर बात हुई थी। पुलिस यह जानना चाहती थी कि यह फोन नंबर किसका है और किसने इस नंबर से बात की थी। पुलिस ने अमर सिंह से यह भी जानना चाहा है कि क्या पैसों को लेनदेन में इस नंबर का प्रयोग हुआ या इस नंबर का पैसों के लेनदेन में क्या संबंध है?
इसके अलावा अमर सिंह से 10 बैंक खातों के नंबर के बारे में सवाल पूछे गए, जिनसे पैसे निकाले गए थे। अमर सिंह से संसद में लहराए गए नोटों के बारे में पूछा गया कि उनके अकाउंट नंबर क्या थे और वे किस बैंक से निकाले गए थे? इसके जवाब में अमर सिंह ने यही कहा कि उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं मालूम है। अमर सिंह ने यह भी कहा कि यह मामला तीन साल पुराना है, ऐसे में उन्हें बहुत सारी चीजें याद भी नहीं हैं।
सूत्रों ने बताया कि अमर सिंह से एक प्रश्न सांसदों के संबंधों को लेकर था। उनसे पूछा गया कि नोट कांड से सांसदों के क्या संबंध थे? अमर सिंह से उनके ड्राइवर संजय के बारे में भी पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक अमर सिंह ने इस पूरे मामले में अपने को पाक साफ बताया है। अमर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 2008 में विश्वासमत के दौरान बीजेपी के तीन सांसदों का वोट पाने के लिए उन्हें रिश्वत की राशि भेजी थी। सुहेल हिंदुस्तानी ने इससे पहले कहा था कि इस पूरे मामले में अमर सिंह मास्टर माइंड हैं।
सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच के अफसरों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह अमर सिंह को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक अमर सिंह करीब 11 बजे चाणक्यपुरी स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों ने कोई बात नहीं की।
इस बीच, इसी मामले में गिरफ्तार हो चुके सुहेल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना को पांच अगस्त तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने इन दोनों को अदालत में पेश किया। अदालत जाते समय सुहेल ने मीडिया से बात करते हुए 'सत्य मेव जयते' के नारे लगाए और कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
अमर सिंह के खिलाफ सबूत!
उधर, एक टीवी चैनल की खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने संजीव सक्सेना से अमर सिंह के रिश्ते साबित करने के लिए पुख्ता सुबूत जुटा लिए हैं। अमर सिंह यह कहते रहे हैं कि वह संजीव सक्सेना को नहीं जानते हैं। दिल्ली पुलिस ने विश्वास मत के दिन 22 जुलाई, 2008 को संजीव सक्सेना की तरफ से अमर सिंह के घर पर की गई छह टेलीफोन कॉल का ब्योरा निकलवाया है। गौर करने वाली बात है कि 22 जुलाई 2008 को यूपीए 1 की सरकार को संसद में विश्वास मत का सामना करना था।
इसके अलावा पुलिस के हाथ एक चिट्ठी भी लगी है जो अमर सिंह ने अपने आधिकारिक लेटर हेड पर दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े एक कॉलेज के प्रिंसिपल को लिखी थी। इस चिट्ठी में अमर सिंह ने साफ-साफ लिखा है कि संजीव सक्सेना उनके सचिव हैं। पुलिस कॉलेज में पढ़ने वाले संजीव सक्सेना के बेटे से जुड़े अन्य दस्तावेज भी खंगाल रही है ताकि अमर सिंह और संजीव सक्सेना के संबंधों पर और सुबूत इकट्ठा किए जा सकें।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नोट के बदले वोट मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने सुहैल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना को गिरफ्तार कर उन्हें रिमांड पर लिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रह चुके सुहैल हिंदुस्तानी की इस डील में भूमिका बताई जा रही है। संजीव सक्सेना के पूर्व में अमर सिंह से रिश्ते रहे हैं और उसने ही एक करोड़ की रकम बीजेपी सांसद अशोक अर्गल के आवास 4 फिरोजशाह रोड पर पहुंचाई थी। सक्सेना जिस सफेद जिप्सी से बीजेपी सांसद अशोक अर्गल के घर पहुंचा था, वो कार मेसर्स पंकजा आर्ट एंड क्रेडिट के नाम रजिस्टर्ड है जो अमर सिंह की पारिवारिक कंपनी है। इस कंपनी का पता ग्रेटर कैलाश-2, ई-593 है जो अमर सिंह के निजी आवास का पता है। ये वे सारे सबूत हैं जो इस डील में अमर सिंह के रोल को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।