Monday, July 4, 2011

40 साल बाद अजमेर में दरगाह पर जियारत की अमिताभ बच्चन ने

Source: Bhaskar news | Last Updated 16:39(04/07/11)

40 साल पुराना मन्नत का धागा खोलने के लिए आए हैं दरगाह शरीफ में
अजमेर. जयपुर। सोमवार दोपहर सुपर स्टारअमिताभ बच्चन अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत करने पहुंचे। वे एक 40 साल पुरानी मन्नता का धागा खोलने के लिए गरीब नवाज की दरगाह पर आए हैं।अमिताभ के दरगाह में पहुंचते ही हजारों की भीड़ दरगाह में पहुंच गई। सब लोग बिग बी की एक झलक पाने को बेताब थे। जैसे ही वे दरगाह पहुंचे, उन्हें चारों तरफ से लोगों ने घेर लिया। बड़ी मुश्किल से खादिम उन्हें भीड़ से बचाते हुए दरगाह के भीतर लाए जहां उन्होंने चादर चढ़ाई और जियारत की।अमिताभ बच्चन दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर दरगार शरीफ पहुंचे और दैनिक भास्कर डॉट कॉम ने 12 बजकर 59 मिनट पर यह खबहर ऑनलाइन कर दी।
इससे पहले सुबह साढे सात बजे जयपुर एयरपोर्ट परअमिताभ बच्चन को देखकर उनके फैन्स का मजमा लग गया। दरअसल आज सुबह अमिताभ फ्लाइट से जयपुर पहुंचे और यहां से सड़क मार्ग से अजमेर के लिए रवाना हो गए। लेकिन सुबह सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को देखकर भीड़ लग गई और लोग उनकी फोटोज खींचने लगे। अमिताभ ने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और उनके अभिवादन का जवाब हाथ हिलाकर दिया। अपनी फिल्म बुड्ढा होगा तेरा बाप की सफलता के बाद वे काफी प्रसन्न नजर आ रहे थे।
तकरीबन 40 साल बाद गरीब नवाज की दरगाह पर
सुपरस्टार अमिताभ बच्चन करीब 40 साल बाद अजमेर में गरीब नवाज की दरगाह पर जियारत करने के लिए पहुंचे। ट्विटर पर अपनी एक ट्विट में अमिताभ ने लिखा है कि वे 40 साल पहेल मांगी एक मन्नत का धागा खोलने के लिए गरीब नवाज की दरगाह पर जा रहे हैं। ट्विटर पर उन्होंने यह भी लिखा है कि होने वाले पोते-पोतियों से संबंधित किसी मन्नत का धागा नहीं खोल रहे हैं, आखिर 40 साल पहले वो कैसे पोते पोतियों के बारे में कैसे सोच सकते थे


तलवास (बूंदी)/कोटा.चिंकी और राजू के विवाह समारोह के प्रीतिभोज में चार हजार लोग पंगत में बैठकर भोजन करेंगे। चिंकी तलवास में रहने निरंजन पंचौली की बंदरिया का नाम है और राजू बनेठा गांव में रहने वाले रमेश चंद्र चौहान के बंदर का नाम है। राजस्थान के इन दो गांवों में इस अनूठी शादी की तैयारियां चल रही है।

तीन साल की चिंकी बंदरिया की 6 जुलाई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी होने जा रही है। शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं की मौजूदगी में चिंकी के तेल जुवारे (विनायक स्थापना) की रस्म अदा की गई। इस अनूठे आयोजन के लिए समूचे हाड़ौती संभाग में तलवास वासियों की ओर से 500 से अधिक निमंत्रण-पत्र बांटे जा चुके हैं। चिंकी के कन्यादान और फेरों की रस्म तलवास के उपसरपंच सत्यनारायण सैनी दंपती पूरी करेंगे।

करीब 300 आएंगे बाराती

बंदर पालने वाले चौहान टोंक जिले के गांव बनेठा से करीब 300 बारातियों के साथ 6 जुलाई को तलवास (बूंदी) आएंगे। सबका पूरी रीतिरिवाज से स्वागत किया जाएगा।

चीन में भी हुई थी शादी

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चीन के झियांक प्रांत के एक चिड़िया घर में पूरे रीति रिवाज से बंदर और बंदरिया की शाही शादी कुछ साल पहले आयोजित की गई थी। उस समय दूल्हे वुकांग की उम्र-7 साल जबकि दुल्हन झिआओ की उम्र-6 साल की थी।

पहरावणी का कार्यक्रम भी होगा

चिंकी के विवाह से पहले 6 जुलाई की शाम मंडल एवं पहरावणी यानी कपड़े पहनाने का कार्यक्रम होगा। शाम 6 बजे से प्रीतिभोज शुरू होगा। इसमें करीब चार हजार लोग पंगत में बैठकर खाना खाएंगे


मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा को धमकी दी है। एमएनएस ने मारिया सुसयराज को लेकर वर्मा को धमकी दी है।

एमएनएस ने कहा कि अगर राम गोपाल वर्मा ने मारिया को किसी भी फिल्म में लिया तो एमएनएस अपने स्टाइल में विरोध करेगी। इतना ही नहीं एमएनएस ने कहा कि अगर पुलिस प्रोटेक्शन लेकर मारिया से काम करवाया जाएगा तो जो कार्यक्रम के स्पॉन्सर होंगे उनके प्रोडक्ट को बेचने नहीं दिया जाएगा।

पढ़ें:मारिया को अपनी फिल्म में लेना चाहते हैं रामगोपाल वर्मा

MNS की रामू को धमकी, मारिया को रोल न देना वर्ना...
गौरतलब है कि टेलीविजन कार्यकारी नीरज ग्रोवर की जघन्य हत्या की सच्ची घटना से प्रेरित फिल्मकार रामगोपाल वर्मा का कहना है कि वो अपनी एक फिल्म में कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाईराज को लेना चाहते हैं। मारिया को ग्रोवर हत्याकांड में सबूत नष्ट करने के लिए तीन साल कैद की सजा मिली है।

रामगोपाल ने ट्वीट किया है कि अब जब वह कैद से मुक्त हो जाती हैं तो मैं उन्हें अपनी एक फिल्म में लेना चाहता हूं।

मालूम हो कि पूर्व नौसेना अधिकारी और मारिया के मंगेतर जेरोम मैथ्यू ने ग्रोवर की हत्या कर दी थी। इस अपराध के लिए मैथ्यू को 10 साल जेल की सजा हुई है

नई दिल्ली/रायबरेली.उत्तर प्रदेश में बलात्कार के ताबड़तोड़ मामलों के बाद दिल्ली में भी चलती कार में छेड़छाड़ का आरोप लगा है। जहां एक ओर रायबरेली में रविवार की शाम पांच लड़कों ने एक लड़की के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार किया। वहीं दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी में 17 साल की लड़की के साथ चलती कार में दो घंटे तक छेड़छाड़ की गई और इस दौरान वीडियो भी बनाया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी युवकों ने रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में एक 22 साल की छात्रा को उस वक्‍त अगवा कर लिया जब वह अपनी बहन के साथ कालेज में प्रवेश के लिए प्राथर्ना पत्र जमा करने जा रही थी।
एक पूर्व ब्लाक प्रमुख के बेटे समेत पांच युवकों पर इस लड़की को अगवा करने और इसके बाद बलात्कार का आरोप है। आरोपी इस लड़की को उसके गांव ईश्वरदासपुर के पास बेहोशी की हालत में छोड गये। लड़की के पिता उमाकांत पाण्डे ने इस संबंध में थाने में मामला दर्ज कराया है।
पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस बीच लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि रायबरेली कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र भी है।
उधर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में 17 साल की लड़की को तीन लड़कों ने चलती कार में दो घंटे तक छेड़छाड़ की वीडियो बनाया।
पीड़िता की बहन की ओर से रविवार को दर्ज शिकायत के मुताबिक 27 जून को जब पीड़िता अपनी कोचिंग से लौट रही थी, तभी सब्जी मंडी इलाके से तीन लड़कों ने उसे एक वैन में अगवा कर लिया।
पीड़िता ने कहा, ‘मैं घर लौट रही थी। तभी तीन लड़कों ने मुझे वैन के अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर दिया। दो घंटे बाद उन्होंने मुझे पीरा गढ़ी में मुझे यह धमकी देते हुए छोड़ दिया कि मैं किसी को इस घटना के बारे में न बताऊं।’ लेकिन रविवार को पीड़िता ने इस बात की जानकारी अपनी बहन को दी, जिसके बाद शिकायतर दर्ज कराई गई। पीड़िता के एक रिश्तेदार ने कहा, ‘उसके शरीर पर सिगरेट से जले होने के निशान हैं।’
पुलिस का कहना है कि वे मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज करेंगे।

नई दिल्ली/हैदराबाद. तेलंगाना को लेकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को दिल्ली से लेकर हैदराबाद तक कांग्रेसी सांसदों और विधायकों के इस्तीफे की झड़ी लग गई। दोपहर में आंध्र प्रदेश के तेलंगाना अंचल से आने वाले 12 में से 11 सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केशव राव ने भी इस्तीफा दे दिया है।
वहीं, आंध्र प्रदेश विधानसभा में 87 विधायकों ने अलग तेलंगाना राज्य बनाने की मांग को लेकर सोमवार को इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के 49, टीडीपी के सभी 33 और टीडीपी के चार बागी विधायकों ने आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया। आंध्र प्रदेश में 294 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 50 विधायक हैं। इस्तीफा देने वालों में 11 मंत्री भी हैं। इस्तीफा देने के बाद विधानसभा भवन के पास सभी सांसद अलग तेलंगाना राज्य के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
दिल्ली पहुंचे तेलंगाना क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद के. केशव राव ने कहा, ‘सरकार को तेलंगाना मुद्दे को सुझलाना ही होगा।’
सरकार का रुख
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने तेलंगाना को अलग राज्य बनाए जाने के मसले पर कोई अंतिम राय नहीं बनाई है। उन्होंने तेलंगाना क्षेत्र से आने वाले विधायकों, मंत्रियों और सांसदों से सब्र रखने की अपील की है

नादिया (पश्चिम बंगाल) ।। 12 साल की मंफी से किसी ने कुछ नहीं कहा, लेकिन परिवार में सभी चिंतित थे। उसे पता था कि उसके पिता की आंखों की रोशनी जा रही है और भाई की जिंदगी भी खतरे में है। पिता के लिए आंख और भाई के लिए किडनी का बंदोबस्त करना परिवार के बूते की बात नहीं थी। आखिर उसने एक योजना बनाई जो उसके मुताबिक सभी समस्याओं का हल थी।

वह अपनी जिंदगी खत्म कर देगी। उसकी मौत से दहेज का पैसा तो बचेगा ही, उसके अंग भी पिता और भाई के काम आ जाएंगे। मंफी ने अपनी योजना पर अमल भी कर दिया, लेकिन मौत से पहले मां के नाम लिखा गया उसका खत परिवार वालों को तब मिला जब उसका अंतिम संस्कार हो चुका था।

यह घटना 27 जून को झोरपाड़ा के धंताला में हुई। छठी क्लास की छात्रा मंफी सरकार परिवार की समस्याओं को लेकर काफी परेशान थी। उसके नौवीं में पढ़ने वाले भाई मोनोजीत की एक किडनी खराब हो गई थी और दूसरी भी कमजोर हो रही थी। दिहाडी मजदूर पिता मृदुल सरकार की आंखों की रोशनी कम होती चली जा रही थी।

धंताला पंचायत के प्रधान तापस तरफदार बताते हैं,'परिवार ने लोकल एमएलए से संपर्क किया था। हमने फैसला किया कि उन्हें कुछ पैसा डोनेट करेंगे, लेकिन अचानक यह हादसा हो गया।'

मंफी ने 17 जून की सुबह ही अपनी योजना के बारे में आठवीं में पढ़ने वाली बड़ी बहन मोनिका से बात की थी। लेकिन, मोनिका ने उसकी बात को हंसी में उड़ा दिया और स्कूल चली गई। पिता काम पर थे और मां रीता सरकार चावल लाने गई थी। खुद को अकेला पाकर मंफी ने कीटनाशक पी लिया। उसके बाद वह पिता से मिलने दौड़ी।
जहर की बात पता चलते ही पिता उसे पास के दवाखाने ले गए। वहां से उसे लोकल अस्पताल भेज दिया गया। वहां भी हालत बिगड़ने पर मंफी को अनुलिया हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

मंफी का अंतिम संस्कार किए जाने के अगले दिन पिता मृदुल सरकार को मंफी के बिस्तर पर वह खत मिला जो मंफी ने मां के नाम लिखा था। खत में मंफी ने लिखा था कि उसकी आंखों और किडनी का इस्तेमाल करते हुए पिता और भाई का इलाज करवा लिया जाए। इस खत ने दुखी परिजनों का और बुरा हाल कर दिया। मां सदमे में हैं। पिता मृदुल सरकार रोते हुए कहते हैं,'हम उस छोटी सी बच्ची की भावनाओं को समय रहते समझ नहीं पाए।


नई दिल्ली. पूर्व क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू इस साल रिएलिटी शो 'बिग बॉस सीज़न 5' में हिस्सा ले सकते हैं। बिग बॉस के निर्माताओं ने सिद्धू को 'घर' का हिस्सा बनने के लिए पांच करोड़ रुपये की रकम की पेशकश की है।

सूत्रों के मुताबिक, 'इस बार बिग बॉस के निर्माता सिद्धू को इतनी बड़ी रकम की पेशकश कर रहे हैं, सिद्धू के लिए मना करना बेहद मुश्किल होगा। यह रकम उन्हें शो में सिर्फ पांच हफ्तों तक दूसरे प्रतियोगियों के साथ रुकने के लिए दी जा रही है। निर्माताओं को मालूम है कि सिद्धू का अंदाज दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय है। यही वजह है कि इस बार उन्हें शो में लाने की तैयारी है।' हालांकि, अभी तक सिद्धू ने इस खबर को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कार्यक्रम के निर्माताओं ने अभी से ही कार्यक्रम के हिस्सेदारों के नाम तय करने का काम शुरू कर दिया है। शो अक्टूबर में शुरू होगा। सिद्धू को दो साल पहले बिग बॉस सीज़न 3 में शामिल करने की कोशिश की गई थी। लेकिन टीम इंडिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तब उस पेशकश को ठुकरा दिया था। इसके बाद डिजाइनर रोहित वर्मा को बिग बॉस सीज़न 3 में शामिल किया गया था। गौरतलब है कि सिद्धू इन दिनों एक साथ कई तरह की भूमिकाएं निभा रहे हैं। एक तरफ वे सांसद हैं, वहीं दूसरी ओर वे क्रिकेट मैचों की कमेंट्री भी करते हैं। इसके अलावा वे लॉफ्टर चैलेंज जैसे कॉमेडी शो में जज भी बनते हैं।