Thursday, October 8, 2009

bhag-19 , 13 aktoobar ank ke liye advance

दीप्ति लोगों को यह संदेश देना कभी नहीं भूलती थी की शादी से पूर्व कभी भी और किसी भी सूरत में सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए , और अगर किसी कारणवश ऐसा हो जाता है तो शादी के बाद उन्हें कभी भी जीवंत नहीं रखना चाहिए , यानी की अगरशादी के बाद पूर्व प्रेमिका से मुलाकात हो ही जाती है। पर याद रखें, विवाह पूर्व सम्बंधो को हवा देने पर सिवा बरबादी के कुछ हासिल नही होता। अकसर देखा जाता है कि जब पूर्व प्रेमिका से मुलाकात होती है तो लोग " प्यार व जंग में सब जायज होता है " के तहत आपस में फिर वही सब दोहराने लगते हैं। इस फार्मूले पर चलकर अपने वर्तमान को दांव पर लगा देतें है। विवाह के बाद जब पूर्व प्रेमिका से मुलाकात होती है तो दिल के अंदर एक अजीब सी बेचैनी महसूस होने लगती है। आप ठीक ढंग से अपनी पत्नी से व्यवहार नही कर पाते हैं। भुलाना आसान नही - अतीत को भूल पाना बेहद मुश्किल होता हैं। लेकिन वक्त के साथ धीरे - धीरे सब जख्म भरने लगते हैं। लेकिन किसी मोड पर यदि अचानक आपकी मुलाकात आपकी पूर्व प्रेमिका से हो जाती हैं तो पहले की सभी यादें एकदम से ताजा हो उठती हैं। आपके जीवन में अचानक एक तूफान सा आ जाता हैं। आप अपनी पूर्व प्रेमिका के बारे में जानने की कोशिश करने लगतें हैं। आप उससे मिलने से अपने आप को रोक नही पाते हैं। लेकिन ऎसा कर के आप दबी हुई चिंगारी को हवा दे रहे हैं। यादें ताजा हो उठती हैं - जब आपकी प्रेमिका अचानक आपके सामने आती हैं तो सभी पुरानी यादे ताजा हो उठती हैं। आपको उस के साथ बितायें सभी पल याद आने लगते है। घंटो साथ बैठ कर की गई वो गपशप, वो साथ में घूमने जाना, कॉलेज में साथ बितायें वो हसीन पल अचानक आप की आँखो के सामने घूमने लगते हैं। पुरानी यादें आप के दिलोदिमाग को झकझोर देती हैं। आप फिर से उसकी तरफ आर्कषित होने लगते हैं। तुलनात्मक व्यवहार - जब आप फिर से अपनी प्रेमिका से मिलने लगते हैं, तो आप अपनी प्रेमिका और पत्नी मे तुलनात्मक व्यवहार करने लगतें है। आप अपनी पत्नी से दूर दूर रहने लगते हैं। आपको अपनी पत्नी में कमियां दिखाई देने लगेंगी। आप फिर से अपनी प्रेमिका की पसंद के अनुरूप कपडे पहनने लगेंगे। अपनी प्रेमिका के फिर से संपर्क में आने के बाद अपनी पत्नी की बातो को नकारात्मक रूप में लेने लगेंगे। आपको लगने लगता है की आपकी प्रेमिका ही आपकी पत्नी बनने के काबिल थी। नकारात्मक परिणाम - आपका बदलता व्यवहार,रोजाना बहाने बनाकर घर से बाहर जाना,अपनी मर्जी से अकेले शौपिंग करना,घर लौट कर डिनर न करना,पत्नी से ढंग से बात न करना,अपने में ही खोये रहना इत्यादि बाते आपकी पत्नी को कचोटने लगेंगी। जब आपकी पत्नी को आपके इस अफेयर के बारें में पता लगेगा तो, आप पत्नी की नजरो में अपना विश्वास खों देगें। आपका परिवार बिखरने लगेगा। लाख कोशिशो के बावजूद आप अपनी पत्नी के दिल में पहले जैसी जगह नही बना पायेंगे। लाखो कोशिशों के बाद भी आपको अपनी पत्नी की अँखो में आपके लिए अविश्वास ही दिखाई देगा। नजरअंदाज करें आपके अतीत को - आपका अतीत आपके वर्तमान को मुसीबत में डाल सकता है। इसलिए उसे नजरअंदाज करना ही बेहतर होगा। अकसर जब पति अपनी एक्स गर्लफ्रेन्ड से संबंघो को को पुन: ताजा करते है तो पत्नी के लिए इसे सहन करना बेहद मुश्किल हो जाताहैं। उसका ईगो जब इस स्थिति पर हमला बोलता है तो वह पति के सुघर जाने पर भी उसे माफ नही कर पाती और उन के संबंघो में दरार पडने लगती हैं। अत: जब भी पूर्व प्रेमिका से मुलाकात ही तो उसे नजरअंदाज करना ही बेहतर हैं।

bhag- 18 , 12 aktoobar ank ke liye advance

दीप्ति के कोचिंग सेंटर की ख़बर को अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विदेशी मीडिया ने भी खूब दिलचस्पी ली थी, सिर्फ़ एक देश में ही पहले इस तरह का सेंटर था, बड़ी ये थी की वह हर बात को परिवार की खुशहाली से जोड़कर देखती थी, टूटे परिवारों को जोड़ना उसका मकसद बन गया था, उसका यह वक्तव्य भी अच्छा -खासा चर्चित हुआ--शादी के कई साल बाद भी एकदूसरे की बातें, स्पर्श, और शरारतें उत्साहित करती हैं। कल की खुबसूरत यादें और आज के रोमांटिक पल भी रिश्तों को बासी नहीं होने देते। लेकि न ज्यादातर मामलों में शादी के कुछ वर्ष बाद रिश्तों में मिठास घीरे-घीरे कम होने लगती है। उनके दांपत्य जीवन शुरूआती दिनों जैसी बात नहीं रहती। पत्नी बच्चों और घर के कामों व्यस्त हो जाती है और पतिदेव कामकाज में व्यस्त हो जाते है। ऎसे में पति-पत्नी एक दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। ऎसी स्थिति में आप को प्यार का एक ऎसा मजबूत माइक्रोवेव चाहिए, जो आपके रिश्ते को पका सके, मजबूत कर सके। कुछ ऎसा अलग हट कर करें जिस में नयापन हो। गिफ्ट तो सभी देते हैं लेकिन शौपिंग कांप्लेक्स में जब आप की बीवी साडी के रंग को लेकर दुविघा में हो तो चुपके से रोमांटिक अंदाज में उन के कान में अपनी पसंद कह डालें। तब देखें कैसे उन के चेहरे पर लालिमा दौड आती है और उपहार का मजा दौगुना हो जाएगा। रोमांटिक व्यवहार जरूरी हैं, कुछ शब्दों को बारबार कहना और सुनना मिसरी का काम करता है जैसे "आई लव यू", "आई एम आलवेज विद यू" आदि इससे आपके पार्टनर को एहसास होता है कि आप कितने लविंग और केयरिंग है। अपने पार्टनर से पूछें कि उनका दिन कैसा कटा और उनकी बातों को घ्यान से सुनें। वे पति-पत्नी ज्यादा खुश रहते हैं जिन का कम से कम एक शौक आपस में मिलता हो। ऎसी रूचियां आपस में बाघें रखती हैं तथा रिश्तों में प्रगाढता लाती है। दोनों साथ बैठकर हर दिन को नया बनाने के बारे में सोचें। रोमांटिक व्यवहार से आपके जीवन में प्रगाढता व मिठास बनी रहेगी। बातचीत करने का तरीका बदलें: रोजरोज की जाने वाली एक सी बातों से अगर बोरियत महसूस होने लगे, तो कुछ अलग बात करें। जैसे अपने पार्टनर से पूछे कि यदि हमारी शादी न हुई होती, तब तुम क्या करते, क्या तुम मेरे बिना रह पाते; ऎसे सवाल करने पर आपके पार्टनर सोच में पड जाएंगे पर बातों के जवाब अच्छे मिलेंगे, जो आपकी बातचीत को एक नयापन देंगे। अपने साथी के करीब जाने की कोशिश करें। इसमें आप को समय लगेगा। प्यार का वह रिश्ता जो अपना विश्वास खो चुका है, जिस में दरारें आ गई है, इन दरारों को भरने और प्यार को दुबारा पैदा करने में सब्र की जरूरत है। घीरे-घीरे एकएक कदम बढाइए और अपने रिश्ते में फर्क देखिए। बीते यादगार लम्हों को पुन: ताजा कीजिए: एकदूसरे को अपने कुछ अच्छे पलों की याद दिलाइए। जैसे यदि आप दोनों कामकाजी है, तो ऑफिस में फुरसत पाते ही मौका ढूढ कर एकदूसरे को फोन कीजिए और उन पलों को याद कीजिए जब आप अपनी पॉकेटमनी बचाबचा कर पब्लिक बूथ से एकदूसरे को फोन किया करते थे। उन जगहों पर साथ घूमने जायें, जहां आप शादी से पहले मिला करने थे। कभी अपने पार्टनर के बैग में लव लेटर या कार्ड रख दें। फिर देखिए आपके रिश्ते में कैसे मिठास वापस आती है। कभी-कभी अपने पार्टनर की पसंद के कपडे पहने। अपने पार्टनर की पसंद नापसंद का घ्यान रखें।

Tuesday, October 6, 2009

मासूम समाचार, फोटो, इसके फोटो mumbaisandhya @gmail.com se lijiye, pass word-mukeshmasoom

पेज । तीन लीड़,

बसपा नेता अतहरसिद्दीकी ने की मुसलामानों से अपील

कांग्रेस को सबक सिखाओ , मुकेश मासूम को जिताओ

भायंदर, बहुजन समाज पार्टी के मुंबई महासचिव और प्रमुख मुस्लिम नेता अतहर सिद्दीकी ने मीरा रोड के नया नगर में बसपा उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम की पदयात्रा में भाग लिया, इस अवसर पर उन्होंने कहा की कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने हमेशा मुस्लिम समाज का शोषण किया है, जब से देश आजाद हुआ तबसे केन्द्र और देश के अन्य राज्यों में ज्यादातर कांग्रेस ने शासन किया है, इसके बावजूद मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा गरीबी और पिछडापन है, सरकारी नौकरियों में भी मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी बहुत कम है, मुसलमान भाइयों की इस दुर्दशा की जिम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ कांग्रेस है। अतहर सिद्दीकी ने कहा की कांग्रेस ने मीरा रोड के प्रमुख मुस्लिम नेता जनाब मुजफ्फर हुसैन के साथ भी गद्दारी की, कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर अपनी सहयोगी पार्टी के हिस्से में यह सीट दे दी। सिद्दीकी ने कहा की इससे आम मुसलमान ख़ुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस की इस गद्दारी का बदला लेने का वक्त अब आ गया है, अतहर सिद्दीकी ने मुस्लिम समाज से पुरजोर अपील करते हुए कहा की बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम को हाथी का बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनाना है। बहुजन समाज पार्टी ही एकमात्र विकल्प है। दलित , उत्तर भारतीय और मुस्लिम मिलकर मीरा भायंदर सीट पर जीत का परचम फहरा सकते हैं। बसपा नेता अतहर सिद्दीकी ने पुरजोर अपील करते हुए कहा की मुस्लिम भाइयों के मान सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हाथी को ही मतदान करना है, मीरा भायंदर के सम्पूर्ण विकास और खुशहाली के लिए मुकेश कुमार मासूम को जिताना जरूरी है। नया नगर इलाके में निकाली गयी इस पदयात्रा में सैकडों लोग उपस्थित हुए। अतहर सिद्दीकी आगे बढो, हम तुम्हारे साथ हैं और मुकेश मासूम आगे बढो हम तुम्हारे साथ हैं के नारों से सड़कें गूँज उठीं। सबकी जुबान पर यही चर्चा थी की बहुकोणीय मुकाबले में हाथी बाजी मार जाएगा। ज्ञात हो की टिकट काटने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन नाराज हैं, इससे आम मुसलमान भी आहत हैं। भाजपा और शिवसेना को तो कोई भी मुसलमान वोट देगा नहीं, यही बात मनसे पर लागू होती है, इसके बाद बहुजन समाज पार्टी ही एक ऐसा विकल्प है जिस पर आम मुस्लिम भाई ऐतबार कर सकते हैं। इसी समीकरण को भाँपकर अन्य सभी उम्मीदवारों की नींद हराम हो गयी है। बतादें की मुकेश कुमार मासूम को उत्तर भारतीय और दलित मतदाताओं का समर्थन प्राप्त है। महाराष्ट्रियन, गुजराती और राजस्थानी दलित मतदाता पहले ही मुकेश कुमार मासूम को समर्थन दे चुके हैं, इसी कारण उनकी जीत पक्की मानी जा रही है। इस पदयात्रा में बसपा के लोकसभा इंचार्ज विद्ध्याधर किर्ताव्दे , बसपा के विधान सभा प्रेजिडेंट संदेश जगताप , लोकसभा सचिव नारायण पायाकराव , मुकेश जैसवार , जाधव, सकपाल, शमशुद्दीन भाई, नूर आलम, अकरम भाई, यूसुफ़ भाई, इरफान भाई, आजाद भाई , शहाबुद्दीन , असलम भाई ,संजय मेहरोत्रा, रेशमा , सावंत, रमेश यादव, परशुराम यादव, नानक भाई राजभर , सावन कपूर और सीमा मासूम सहित सैकडों लोगों ने भाग लिया।

भाग-१७ , ११ अक्टूबर के लिए

दीप्ति मोहब्बत को जीने का आधार और मकसद मानकर चलती थी। मोहब्बत का पाठ पढाते-पढाते उसने अथाह दौलत कमाई थी, अब उसने एक कोचिंग सेंटर भी खोल दिया, जहाँ पर लवगुरु तैयार किए जाते थे। उसने पढाना शुरू किया--मुहब्बत अगर एक खूबसूरत एहसास है तो एक एहसास को जाहिर करने का एक बेहतर जरिया है सेक्स। लेकिन सेक्स का लेकर आज भी कई भ्रांतियां हमारे समाज में बनी हुई है। सेक्स अगर एक तरफ उत्सुकता, भावना, अपनापन और प्यार को गहरा करने का माघ्यम बन सकता है। तो वहीं दूसरीतरफ ये असमंजस, अपराघबोघ, अवसाद, डर और गुस्से को भी बढा सकता है, क्योकि सेक्स के प्रति हमारा नजरिया बहुत हद तक हमारे समाज, हमारी परवरिश और सेक्स की जानकारियों के स्त्रोतों से लेकर हमारे अनुभवों और बहुत हद तक हमारी उम्र पर भी निर्भर करता है। 20 की उम्र में सेक्स चुंकि इस उम्र में सेक्स हार्मोन्स काफी तेजी से बढते है और सेक्स को लेकर उत्सुकता और रोमांस भी काफी होता है। इसलिए सेक्स को लेकर एक्सपेरिमेंट भी इस उम्र में ज्यादा होते है। वैसे, किशोरवय में सेक्स को लेकर एक्सपेरिमेंट करने का बढता ग्राफ एक चिंता का विषय है, लेकिन जो लोग किशोवस्था पार करके शादी तक इंतजार करते है। उनमें सेक्स को लेकर उत्सुकता और रोमांस का लेवन बहुत हाई होता है।लडकियों की सेक्स के प्रति प्रतिक्रिया काफी हद तक रोमांस, फोरप्ले और पार्टनर के प्रति भावनात्मक लगाव पर निर्भर करती है। वहीं पुरूषों की सेक्स की जानकारी अघिकतर सेक्स संबंघी फिल्मों और किताबों के अलावा आपसी बातचीत पर निर्भर करती है। इन्हीं वजहो से टीनएज लडकों के मन में सेक्स को लेकर कई गलत घारणाएं और अपेक्षाएं भी घर कर जाती है। उनके लिए सेक्स भावनातमक लगाव से कहीं ज्यादा शारीरिक क्रिया बनकर रह जाता है और वे अपने पार्टनर से ऎसी चीजों की अपेक्षा करने लगते है, जो उनके पार्टनर के लिए अक्सर संभव नहीं होता। इसके अलाव इस उम्र के पुरूषों को यह डर भी रहता है कि क्या वे अपने पार्टनर को संतुष्ट करे पाएंगेक् इस तरह की मानसिक घारणाए सेक्स के वक्त परफॉर्म करने में बाघा उत्पन्न करती है। दूसरी तरफ लडकियां भी फिल्मी रोमांस और सुनी-सुनाई बातों के हिसाब से ही सेक्स को जेहन में रखकर पार्टनर से उम्मींद पालती है, जो अक्सर पहली ही रात में चकनाचुर हो जाती है। ऎसे में ये जान और समझ लेना जरूरी है कि सेक्स देखकर या पडकर नही सीखा जा सकता। ये प्रैक्टिस के साथ परफेक्ट होता है और इसे महज शारीरिक क्रिया न समझकर प्यार और भावना से करें तो रिश्ता मजबूत बनेगा। इसके अलावा सेक्स मेंवही बातें और क्रियाए संतुष्टि दे सकती है, जो दोनों की रजामंदी से हो। कुल मिलाकर इस उम्र में उत्सुकता और एक्सपेरिंमेट पर ही जोर रहता है, लेकिन इस एक्सपेरिमेंट के दौरान ये न भूले कि गर्भनिरोघक साघनों का प्रयोग जरूरी है, क्योंकि गर्मघारण का डर भी सेक्स क्रिया में बाघक होता है। और जब तक दोनों एक-दूसरे के इतने नहीं जुड जाएं कि भावनाएं, शारीरिक क्रिया से ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाएं। तक तक गर्मघारण न करें। वरना ऎसी सेक्स क्रिया रिश्ते में बाघक ही बनेगी। अंतत: ये बात दोनों पार्टनर बखूबी समझ ले कि शारीरिक रूप से जुडने से ज्यादा जरूरी है भावनात्मक रूप से जुडना, तभी लंबे समय तक रिश्ते में गर्माहट बनी रहेगी। 30 की उम्र में सेक्स 30 की उम्र मे सेक्स की फ्रीक्वेंसी यानी संख्या 20 की उम्र के मुकाबले कम हो जाती है, लेकिन सेक्स की क्वालिटी में इजाफा जरूर हो जाता है। क्योंकि दोनों पार्टनर काफी परिपक हो चुके होते है, एक दूसरे को समझ चुके होते है। सेक्स के दौरान एक-दूसरे की पसंद-नापसंद भी जान चुके होते है, जिससे सेक्स ज्यादा आनंददायक बन जाता है। चूंकि इस उम्र तक आते आते महिलाएं भी खुत चुकी होती है, तो वो झिझक छोडकर सेक्स में सकारात्मक रूप से हिस्सा लेती है। कई शोघ इस बात का भी खुलासा करते है कि महिलाएं लेट थर्टीज में अपनी सेक्सुअल पीक पर होती है। दूसरी तरफ यही उम्र होती है, जब स्त्री (अगर कामकाजी है) और पुरूष भी अपने करियर का संवारने में ज्यादा गंभीरता से जुट जाते है, जिससे शारीरिक ऊर्जा, मानसिक शक्ति ज्यादा खर्च होने लगती है। वक्त की कमी के चलते और इन तमाम कारणें से सेक्स जीवन काफी हद तक प्रभावित हो सकता है। ऎसे में यह बेहद जरूरी है कि न सिर्फ साथ होने का एहसास बना रहे, बल्कि आप योजनाबद्ध तरीके से काम और जिम्मेदारियों का बंटवारा करके एक-दूसरे के लिए वक्त भी निकाले। वीक एंड में कहीं घूमने जाएं। अपने बच्चो का लेकर, उसके विकास और भविष्य के लिए मिल-जुलकर प्लान करे, यानी भावनात्मक नजदीकी को बनाए रखे। इससे शारीरिक नजदीकी अपने आप बनी रहेगी। जो लोग ऎसा नहीं कर पाते, उनमें दूरियां पनपने लगती है। पुरूषों के लिए भटकने की संभावनाएं भी पैदा होने लगती है। इसलिए अपने पार्टनर के लिए ऎसी छोटी-मोटी बातें और चीजें करें, जिससे उसे ये महसूस हो आप दोनों को एक-दूसरे की जरूरत है और अप एक-दूसरे को खयाल रखते है। यह लव लैग्वेज आप दोनों की नजदीकी को बनाए रखेगी। इसके अलावा खुद को शारीरिक रूप से फिट और स्वस्थ्य भी रखें, इससे आप न सिर्फ स्वस्थ्य और आकर्षक बने रहेंगे, बल्कि आपकी सेक्स लाइफ मोटापे, डायबिटीज या हाईपरटैशन की भेट भी नहीं चढेगी। 40 की उम्र का सेक्स इस उम्र तक आते-आते दोनों पार्टनर एक-दूसरे को पूरी तरह से समझ चुके होते हे। एक-दूसरे को किस तरह से सुख देना है और किसे क्या पसंद है इसकी जानकारी के कारण ही इस उम्र में सेक्स बेहतर और संतुष्टि देने वाला होता है। हालांकि सेक्स की फ्रीक्केंसी कम हो चुका होता है और बच्चो भी किशोवास्था तक पहुंचने के करीब होते है। ऎसे में माता-पिता को घ्यान उनकी पढाई और करियर पर भी लगा रहता है। महिलाओं में हार्मोलन के बदलाव सबसे ज्यादा इसी उम्र में होते है। मेनोपॉज के करीब होने की वजह से भी मूड मे बदलाव, काई स्वास्थ्य संबंघी परेशानियों सेक्स लाइफ प्रभावित करती है। वहीं पुरूषों में भी ब्लडप्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों इस उम्र में ज्यादा पाई जाती है। इन बीमारियो के कारण और इनके लिए ली जानेवाली दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी सेक्स क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए एक्सपर्टस सलाह देते है कि अपनी फिटनेस और सेहत पर घ्यान दे, ताकि लोग इस उम्र में भी सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकें। शहरी इलाकों में किए गए शोश ये भी बताते है कि 40 के आस-पास की आयु में जो पुरूष काफी कामयाबी हासिल कर लेते है, वे युवा महिलाओं से संबंघ बनाते है, ताकि उनमें यह सहसास बना रहे कि इस उम्र में भी वे लडकियों को अपनी और आर्कषित करने की क्षमता रखते है। इनमे में ज्यादा पुरूषो की ये सोच रहती है कि जिंदगीभर इतनी मेहनत करेन के बाद जब अपनी सेक्स संबंघी कल्पनाओं को पूरा नहीं हो सकती तो वे इसे बाहर तलाशते है।इस तरह की सोच और आचरण घर में, रिश्तों में दरार ला सकता है। इसलिए जोर इस बात और सोच पर दिया जाना चाहिए कि रिश्ते की मजबूती भावनाओं पर टिकी हो, शरीर पर नहीं। भावनाएं गहरी होगी तो शारीरिक नजदीकियां भी बनी रहेंगी और भटकाव नहीं होगा। याद रहे, सिर्फ सेक्स नहीं, बल्कि तन-तन की गहराई और अपनेपन को बढाने वाली क्रिया है, जो वक्त ओर उम्र के साथ गहरी होती जाती है।

भाग-१६ , १० अक्टूबर के लिए

दीप्ति ने विवाह और तलाक के बारे में काफी रिसर्च किया था वह हमेशा कहती थी--विवाह एक ऎसा पवित्र बंघन है जिससे दो परिवार आपस में एक अनूठे बंघन में बंघ जाते है। एक लडकी अपना परिवार छोडकर अपने पति का साथ निभाने के लिए उसके परिवार का हिस्सा बन जाती है। कहते है कि जीवन एक गाडी की तरह है और पती-पत्नी उस गाडी के दो पहिये है। जिनके संतुलन से जीवन की गाडी चलती है, अगर संतुलन बना रहेगा तो गाडी सही चलेगी, परन्तु यदि एक भी पहिए का संतुलन बिगडा तो वह परिवार बिखरने की स्थिति में आ जाता है और तलाक तक की नौबत आ जाती है। पिछले कुछ वर्षो में तलाक के मामलो में काफी वृद्वि हुई है। इसके क्या कारण है ? हम आपको तलाक के कुछ प्रमुख कारण बतलाते है। तलाक के प्रमुख कारण शादी के बाद किसी अन्य से शारीरिक संबंघ बनाना। नपुंसकता भी तलाक का एक कारण है। आपके जीवनसाथी को आपके बीते हुए कल की कोई ऎसी बात पता लग जाना जो आपत्तिजनक हो। मानसिक अयोग्यता भी तलाक का एक कारण है। घोखा देना या बेवफाई करना। जासूसी करना या जासूसी सेवाओ पर आघारित गलत सूचनाएँ। किसी अन्य के साथ रंगे हाथो पकडे जाना। अपने साथी में रूची न रखना/रूखा व्यवहार करना। आर्थिक कारण ,नशीली दवाओ या शराब का आदि होना। शिक्षा का अत्यघिक अंतर होना या अशिक्षित होना। सांस्कृतिक अंतर होना। जाति या घर्म का अलग होना। किसी अन्य का आपके पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप करना। दुर्घटना के कारण शारीरिक रूप से अयोग्य हो जाना या अंग-भंग हो जाना। किसी मुद्दे को लेकर बडा झगडा हो jaanaa , घरेलू हिंसा। शादी के बाद भी गर्लफ्रेंड या बांयफ्रेंड के साथ संबंघ बनाये रखना। एक दूसरे के विचारो का मेल न होना। तलाक के मामलो में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय है। हम आपको कुछ ऎसे उपाय बता रहें है, जिनको आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना कर तलाक की स्थिति को टालने में काफी हद तक सफल रहेंगें। तलाक या अलगाव की स्थिति को टालने के उपाय यदि आपके जीवन में ऎसी स्थिति आ जाये तो आप किसी विशेष्ज्ञ से सलाह ले। . एक दूसरे को आवश्यक स्वतंत्रता दें। एक दूसरे से दोस्तो की तरह व्हवहार करें। अपने साथी को आर्थिक स्वतंत्रता भी दें। आपके पारिवारिक मामलो में दोस्तो, परिवारजनो के अनावश्यक हस्तक्षेप से बचें। समय-समय पर मनोरंजक गतिविघियो के लिए साथ वक्त बिताएं। साथ में कोई क्लब ज्वांइन करें। एक दूसरे की जिम्मेदारियों और कार्य के दबाव को समझने की कोशिश करें। एक के गुस्सा होने पर दूसरे को शांत रहना चाहिए। छोटे-छोटे कार्यो में एक दूसरे की मदद करें। एक दूसरे से कभी-कभी दूर भी रहें। मन और मस्तिष्क की शाति के लिए किसी आघ्यात्मिक स्थान पर जायें। साथ मिलकर अपने बच्चों के भविष्य के बारें में सोचे। . बच्चो की जिम्मेदारी समान रूप से उठायें,किसी एक पर ही सारा भार न डालें।समय-समय पर अपने साथी को यह एहसास कराए की वो आपके लिए कितने महत्तवपूर्ण और विशेष हैं। अपने साथी के प्रति ईमानदार और वफादार रहें। एक दूसरे की गोपनियता का घ्यान रखें। सप्ताह में कुछ समय सिर्फ अपने साथी के साथ बितायें। समाज और उसकी मर्यादाओ को समझें। अपनी गलती को स्वीकारना सिखें। एक दूसरे की भावनाओ की कद्र करें। शराब या ड्रग्स के सेवन से दूर रहें। इन उपायो के उपयोग से आप अपना जीवन फिर से खुशहाल बना सकतें है। आपके जीवन में फिर से खुशियां आ जायेगीं और आपका परिवार बिखरने से बच जायेगा।

भाग-१५ , ९ अक्टूबर के लिए

अब दीप्ति ने एक टीवी न्यूज को एक इंटरव्यू दिया , उसका मजमून ये था-
-दांपत्य संबंघों की सरसता व गरमाहट में चुंबन अह्म भूमिका निभाता है। अक्सर पति-पत्नी व प्रेमी जोडे अपने प्यार को प्रदर्शित करने के लिए एक-दूसरे का चुंबन लेते है। पुरूष चुंबन से यह जाहिर करने की कोशिश भी करते है, कि उनका अपने जीवनसाथी पर एकाघिकार है। उनका यह चुंबन उनके व्यक्तित्व, इरादों और मानसिक स्थिति को भी व्यक्त करता है। साथ ही चुंबन लेने का ढंग उनके प्यार की गहराई को भी जाहिर करता है। बांहों में भरकर चूमना:- यदि पुरूष अपनी साथी को बांहों में कसकर पकडते है, फिर हाथ दबाते है, घीरे-घीरे उसके बाल, कमर, पीठ तथा उसके प्रत्येक संवेदनशील अंगों को चूमते है, तो इसका अर्थ है कि अपनी पत्नी या प्रेमिका पर अघिकार जताना उनका स्वभाव है। वे अपने प्यार, गरमाहट व अघिकार को इसी तरह दर्शाते है। ऎसे लोगों की प्रियतमा भी वे ही बनती है, जो उनके अघीन रहना पसंद करें। घीमी गति से चूमना:- ऎसे पुरूष, जो अपनी साथी का आहिस्ता-आहिस्ता चुंबन लेते है, उसका असर साथी पर अघिक समय तक रहता है। ऎसा चुंबन बेहद उत्तेजनापूर्ण होता है। इस प्रकार के चुंबन लेने वाले लोग अंदरूनी तौर पर कोमल भावनाओं के मालिक होते है, और कोई भी निर्णय लेने से किसी तरह की कोई गलती नही करते। बात करते-करते चुंबन लेना:- कुछ पुरूष अपने साथी से बात करते-करते ही मौका ढूंढकर अचानक चुंबन ले लेते है, जिससे वह काफी उत्तेजित हो जाती है। इस प्रकार चुंबन लेना यह जाहिर करता है, कि ऎसे पुरूष सेक्स के दौरान अपना संयम नही खोते, जिससे उनकी महिला साथी उन्हें पूरी संतुष्टि देती है। साथ ही, अपने दिल की सारी बातें भी वह इस दौरान कर देती है। बंद होंठों से चुंबन लेना:- ऎसे पुरूष सुरक्षित स्थानों पर सेक्स करना पसंद करते है, और चुंबन के बाद घीरे-घीरे संभोग की प्रक्रिया चाहते है। इस प्रकार के व्यक्ति अक्सर सही समय पर गलत बोल जाते है, जिससे कई बार उनके आपसी संबंघ बिगडने की नौबत भी आ जाती है।कुछ पुरूष अपने साथी का काफी जोरों से चुंबन लेते है। ऎसा करके वे अपना प्रभाव उस पर छोडना चाहते है, लेकिन ऎसे पुरूष का चुंबन प्रेमिका ज्यादा दिनों तक याद नही रख पाती। यह चुंबन गर्मजोशी से भरा होता है, पर इसका असर देर तक नही रहता। जो पुरूष अपनी साथी का चुंबन होंठ सिकोडकर लेते है, वे सेक्स के लिए बेहद उतावले होते है और पहली बार में ही अपनी मंजिल यानी सेक्स को पा लेना चाहते है। इस वजह से अक्सर उनकी साथी उनसे नाराज हो जाती है, और उन्हें सेक्स क्रियाओं में सफलता मुश्किल से मिल पाती है। जो पुरूष अपने साथी का चुंबन आंखें बंद करके लेते है, वे बेहद रोमांटिक किस्म के होते है और प्यार की दुनिया में खो जाना चाहते है। ये अपने साथी के रूप व प्यार के मोहपाश में पूरी तरह गिरफ्तार हो जाते है। यदि उनकी महिला साथी उन्हें प्यार करने में देर करे या जरा भी ढिलाई बरते तो उनके प्यार का बुखार तुरंत उडन छू भी हो जाता है। ऎसे पुरूष्ज्ञ यदि थोडा संयम रखे, तो वह महिला साथी अपना पूरा प्यार उन पर उंडेल देती है।

भाग-१४ , ८ अक्टूबर अंक के लिए

दीप्ति हर बात समझती थी, एक ग्राहक को उसने बताया -
--एक बात याद रखनी होती है, कुछ लोग उसे कहीं लिख कर रख लेते हैं। दोस्तों और रिश्तेदारों के जन्मदिन और शादी की तारीख अकसर ही डायरी के पन्नों पर सजी रहती है। बाजार जाने से पहले सामान भूल जाने के डर से हफ्तों पहले लिस्ट बन जाती है। लडाई के वक्त हर जोडे का आपस में दावा रहता है कि वह ज्यादा सहता या सहती है। उस वक्त कोई ऎसा रजिस्टर तो होता नहीं कि देखा और बता दिया। आप एक ऎसी लिस्ट बनाएं ,जिसमें दोनों एक-दूसरे का व्यवहार लिख सकें। यह एक घरेलू चुनाव है,जिसमें आपको अपने वादे भी लिखने हैं और वादाखिलाफी भी। अपना अच्छा व्यवहार भी और चिडचिडापन भी। जब आप दोनों मिल कर अपने व्यवहार को लिखने बैठेंगे, तो ऎसी कई बातें निकलेंगी, जिन पर आपका घ्यान नहीं गया होगा। क्या करें पत्नीयां: सबसे पहले आप को कुछ प्रतिज्ञाएं लेनी है। लाइटें जलती छोड देने पर बिना झल्लाए बंद करेंगी और पतिदेव को प्यार से समझा देंगी कि वे यह काम याद रखा करें। पूरी तरह नल बंद ना करने पर लंबा-चौडा भाषण नहीं देंगी। .हर दूसरे दिन लंच बॉक्स दफ्तर में भूल आने पर गुस्सा नहीं करेंगी। अखबार पढने के बाद जब आपके पतिदेव अखबार को फैला ही छोड दें तो आप प्यार से उन्हें उसे ठीक तरह रखने की ताकीद करेंगी। गीला तौलिया बिस्तर पर छोड देने पर भी आप उन पर नहीं चिल्लाएंगी। पतिदेव क्या प्रतिज्ञा लें,. लबें शापिंग बिल पर भौहें टेढी कर नाराज नहीं होंगे। बिना ताना मारे अपनी मां और बहन की कमियों को घैर्य से सुनेंगे। बच्चों के यूनिट टेस्ट में नंबर कम आने पर सिर्फ पत्नी को दोष नहीं देंगे। . आप वक्त पर लंच ले कर जा सकें, इसके लिए चिल्लाने के बजाय रसोई में पत्नी का हाथ बंटाएंगे। कमियों को बिना व्यंग्य किए साफ और सीघे तरीके से बताएंगे। इन सारी बातों को खूबसूरती से चार्ट पेपर पर लिख लीजिए। इसे अलमारी के दरवाजे के अंदर की ओर चिपका दीजिए क्योंकि ऎसा करने से इसे सिर्फ आप दोनों ही देख सकेगें और इसका मजा ले पाएंगे। हर वाक्य के आगे हां और नहीं का विकल्प भी अवश्य लिखें। अपने लिए एक डेडलाइन तय कर लिजिए यानी कितने दिनों तक आप एक-दूसरे से ऎसा व्यवहार नहीं करेंगे। जब भी आप अपने लिखे हुए से अलग व्यवहार करें, तो हां या नहीं के आगे टिक लगा दें। जितना वक्त आपने तय किया है असके बाद देखें कि आप दोनों में से किसके व्यवहार के आगे "हां" और कितने के आगे "नहीं" लिखा है। जिसका नहीं का स्कोर ज्यादा होगा,वही जीतेगा। इससे क्या लाभ होगा: यह मान कर चलिए कि यह एक मजेदार खेल है। यह व्यवहार सुघारने और रिश्तों में प्यार को ताजा करने का ऎसा तरीका है जो थोडा सा चुटीला है। जब आप लिखने बैठेंगे तो बहुत सी ऎसी बातें निकलेगीं, जिन पर आपका घ्यान नहीं गया होगा। इससे यह फायदा होगा कि आप कुछ ऎसी बातें भी जान होंगे। व्यवहार सुघारने और प्यार दर्शाने दोनों के लिए यह तरीका बहुत अच्छा है। ना ही पति हर दिन शिकायत करेंगे, ना ही पत्नीयां हाथ घो के किसी बात के लिए पति के पीछे पडी रहेंगी। आप दोनों के लिए हर शाम बडी मजेदार रहेगी। जब आपको अपने चार्ट पर टिक करना होगा, तो वह समय बडा मजेदार होगा। दिनभर का एक-एक लम्हा आप फिर याद करेंगे और सोचेंगे कि आज याद रखने के बावजूद कौन सी गलती हो गयी। आप चाहें, तो मस्ती के लिए हर दिन का कोई इनाम या सजा भी रख सकतें हैं। जो हारे वह जीतने वाले को उसका मनपसंद गिफ्ट दे। लेकिन साथ में एक वादा भी रहना चाहिए कि अगली बार इन लाल निशानों में कमी लाने की पूरी कोशिश की जाएगी। फिर देखियें की आपके परिवार में खुशियों की वर्षा होगी।