Thursday, October 8, 2009
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Tuesday, October 6, 2009
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पेज । तीन लीड़,
बसपा नेता अतहरसिद्दीकी ने की मुसलामानों से अपील
कांग्रेस को सबक सिखाओ , मुकेश मासूम को जिताओ
भायंदर, बहुजन समाज पार्टी के मुंबई महासचिव और प्रमुख मुस्लिम नेता अतहर सिद्दीकी ने मीरा रोड के नया नगर में बसपा उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम की पदयात्रा में भाग लिया, इस अवसर पर उन्होंने कहा की कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने हमेशा मुस्लिम समाज का शोषण किया है, जब से देश आजाद हुआ तबसे केन्द्र और देश के अन्य राज्यों में ज्यादातर कांग्रेस ने शासन किया है, इसके बावजूद मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा गरीबी और पिछडापन है, सरकारी नौकरियों में भी मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी बहुत कम है, मुसलमान भाइयों की इस दुर्दशा की जिम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ कांग्रेस है। अतहर सिद्दीकी ने कहा की कांग्रेस ने मीरा रोड के प्रमुख मुस्लिम नेता जनाब मुजफ्फर हुसैन के साथ भी गद्दारी की, कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर अपनी सहयोगी पार्टी के हिस्से में यह सीट दे दी। सिद्दीकी ने कहा की इससे आम मुसलमान ख़ुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस की इस गद्दारी का बदला लेने का वक्त अब आ गया है, अतहर सिद्दीकी ने मुस्लिम समाज से पुरजोर अपील करते हुए कहा की बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम को हाथी का बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनाना है। बहुजन समाज पार्टी ही एकमात्र विकल्प है। दलित , उत्तर भारतीय और मुस्लिम मिलकर मीरा भायंदर सीट पर जीत का परचम फहरा सकते हैं। बसपा नेता अतहर सिद्दीकी ने पुरजोर अपील करते हुए कहा की मुस्लिम भाइयों के मान सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हाथी को ही मतदान करना है, मीरा भायंदर के सम्पूर्ण विकास और खुशहाली के लिए मुकेश कुमार मासूम को जिताना जरूरी है। नया नगर इलाके में निकाली गयी इस पदयात्रा में सैकडों लोग उपस्थित हुए। अतहर सिद्दीकी आगे बढो, हम तुम्हारे साथ हैं और मुकेश मासूम आगे बढो हम तुम्हारे साथ हैं के नारों से सड़कें गूँज उठीं। सबकी जुबान पर यही चर्चा थी की बहुकोणीय मुकाबले में हाथी बाजी मार जाएगा। ज्ञात हो की टिकट काटने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन नाराज हैं, इससे आम मुसलमान भी आहत हैं। भाजपा और शिवसेना को तो कोई भी मुसलमान वोट देगा नहीं, यही बात मनसे पर लागू होती है, इसके बाद बहुजन समाज पार्टी ही एक ऐसा विकल्प है जिस पर आम मुस्लिम भाई ऐतबार कर सकते हैं। इसी समीकरण को भाँपकर अन्य सभी उम्मीदवारों की नींद हराम हो गयी है। बतादें की मुकेश कुमार मासूम को उत्तर भारतीय और दलित मतदाताओं का समर्थन प्राप्त है। महाराष्ट्रियन, गुजराती और राजस्थानी दलित मतदाता पहले ही मुकेश कुमार मासूम को समर्थन दे चुके हैं, इसी कारण उनकी जीत पक्की मानी जा रही है। इस पदयात्रा में बसपा के लोकसभा इंचार्ज विद्ध्याधर किर्ताव्दे , बसपा के विधान सभा प्रेजिडेंट संदेश जगताप , लोकसभा सचिव नारायण पायाकराव , मुकेश जैसवार , जाधव, सकपाल, शमशुद्दीन भाई, नूर आलम, अकरम भाई, यूसुफ़ भाई, इरफान भाई, आजाद भाई , शहाबुद्दीन , असलम भाई ,संजय मेहरोत्रा, रेशमा , सावंत, रमेश यादव, परशुराम यादव, नानक भाई राजभर , सावन कपूर और सीमा मासूम सहित सैकडों लोगों ने भाग लिया।
भाग-१७ , ११ अक्टूबर के लिए
भाग-१६ , १० अक्टूबर के लिए
भाग-१५ , ९ अक्टूबर के लिए
-दांपत्य संबंघों की सरसता व गरमाहट में चुंबन अह्म भूमिका निभाता है। अक्सर पति-पत्नी व प्रेमी जोडे अपने प्यार को प्रदर्शित करने के लिए एक-दूसरे का चुंबन लेते है। पुरूष चुंबन से यह जाहिर करने की कोशिश भी करते है, कि उनका अपने जीवनसाथी पर एकाघिकार है। उनका यह चुंबन उनके व्यक्तित्व, इरादों और मानसिक स्थिति को भी व्यक्त करता है। साथ ही चुंबन लेने का ढंग उनके प्यार की गहराई को भी जाहिर करता है। बांहों में भरकर चूमना:- यदि पुरूष अपनी साथी को बांहों में कसकर पकडते है, फिर हाथ दबाते है, घीरे-घीरे उसके बाल, कमर, पीठ तथा उसके प्रत्येक संवेदनशील अंगों को चूमते है, तो इसका अर्थ है कि अपनी पत्नी या प्रेमिका पर अघिकार जताना उनका स्वभाव है। वे अपने प्यार, गरमाहट व अघिकार को इसी तरह दर्शाते है। ऎसे लोगों की प्रियतमा भी वे ही बनती है, जो उनके अघीन रहना पसंद करें। घीमी गति से चूमना:- ऎसे पुरूष, जो अपनी साथी का आहिस्ता-आहिस्ता चुंबन लेते है, उसका असर साथी पर अघिक समय तक रहता है। ऎसा चुंबन बेहद उत्तेजनापूर्ण होता है। इस प्रकार के चुंबन लेने वाले लोग अंदरूनी तौर पर कोमल भावनाओं के मालिक होते है, और कोई भी निर्णय लेने से किसी तरह की कोई गलती नही करते। बात करते-करते चुंबन लेना:- कुछ पुरूष अपने साथी से बात करते-करते ही मौका ढूंढकर अचानक चुंबन ले लेते है, जिससे वह काफी उत्तेजित हो जाती है। इस प्रकार चुंबन लेना यह जाहिर करता है, कि ऎसे पुरूष सेक्स के दौरान अपना संयम नही खोते, जिससे उनकी महिला साथी उन्हें पूरी संतुष्टि देती है। साथ ही, अपने दिल की सारी बातें भी वह इस दौरान कर देती है। बंद होंठों से चुंबन लेना:- ऎसे पुरूष सुरक्षित स्थानों पर सेक्स करना पसंद करते है, और चुंबन के बाद घीरे-घीरे संभोग की प्रक्रिया चाहते है। इस प्रकार के व्यक्ति अक्सर सही समय पर गलत बोल जाते है, जिससे कई बार उनके आपसी संबंघ बिगडने की नौबत भी आ जाती है।कुछ पुरूष अपने साथी का काफी जोरों से चुंबन लेते है। ऎसा करके वे अपना प्रभाव उस पर छोडना चाहते है, लेकिन ऎसे पुरूष का चुंबन प्रेमिका ज्यादा दिनों तक याद नही रख पाती। यह चुंबन गर्मजोशी से भरा होता है, पर इसका असर देर तक नही रहता। जो पुरूष अपनी साथी का चुंबन होंठ सिकोडकर लेते है, वे सेक्स के लिए बेहद उतावले होते है और पहली बार में ही अपनी मंजिल यानी सेक्स को पा लेना चाहते है। इस वजह से अक्सर उनकी साथी उनसे नाराज हो जाती है, और उन्हें सेक्स क्रियाओं में सफलता मुश्किल से मिल पाती है। जो पुरूष अपने साथी का चुंबन आंखें बंद करके लेते है, वे बेहद रोमांटिक किस्म के होते है और प्यार की दुनिया में खो जाना चाहते है। ये अपने साथी के रूप व प्यार के मोहपाश में पूरी तरह गिरफ्तार हो जाते है। यदि उनकी महिला साथी उन्हें प्यार करने में देर करे या जरा भी ढिलाई बरते तो उनके प्यार का बुखार तुरंत उडन छू भी हो जाता है। ऎसे पुरूष्ज्ञ यदि थोडा संयम रखे, तो वह महिला साथी अपना पूरा प्यार उन पर उंडेल देती है।
भाग-१४ , ८ अक्टूबर अंक के लिए
--एक बात याद रखनी होती है, कुछ लोग उसे कहीं लिख कर रख लेते हैं। दोस्तों और रिश्तेदारों के जन्मदिन और शादी की तारीख अकसर ही डायरी के पन्नों पर सजी रहती है। बाजार जाने से पहले सामान भूल जाने के डर से हफ्तों पहले लिस्ट बन जाती है। लडाई के वक्त हर जोडे का आपस में दावा रहता है कि वह ज्यादा सहता या सहती है। उस वक्त कोई ऎसा रजिस्टर तो होता नहीं कि देखा और बता दिया। आप एक ऎसी लिस्ट बनाएं ,जिसमें दोनों एक-दूसरे का व्यवहार लिख सकें। यह एक घरेलू चुनाव है,जिसमें आपको अपने वादे भी लिखने हैं और वादाखिलाफी भी। अपना अच्छा व्यवहार भी और चिडचिडापन भी। जब आप दोनों मिल कर अपने व्यवहार को लिखने बैठेंगे, तो ऎसी कई बातें निकलेंगी, जिन पर आपका घ्यान नहीं गया होगा। क्या करें पत्नीयां: सबसे पहले आप को कुछ प्रतिज्ञाएं लेनी है। लाइटें जलती छोड देने पर बिना झल्लाए बंद करेंगी और पतिदेव को प्यार से समझा देंगी कि वे यह काम याद रखा करें। पूरी तरह नल बंद ना करने पर लंबा-चौडा भाषण नहीं देंगी। .हर दूसरे दिन लंच बॉक्स दफ्तर में भूल आने पर गुस्सा नहीं करेंगी। अखबार पढने के बाद जब आपके पतिदेव अखबार को फैला ही छोड दें तो आप प्यार से उन्हें उसे ठीक तरह रखने की ताकीद करेंगी। गीला तौलिया बिस्तर पर छोड देने पर भी आप उन पर नहीं चिल्लाएंगी। पतिदेव क्या प्रतिज्ञा लें,. लबें शापिंग बिल पर भौहें टेढी कर नाराज नहीं होंगे। बिना ताना मारे अपनी मां और बहन की कमियों को घैर्य से सुनेंगे। बच्चों के यूनिट टेस्ट में नंबर कम आने पर सिर्फ पत्नी को दोष नहीं देंगे। . आप वक्त पर लंच ले कर जा सकें, इसके लिए चिल्लाने के बजाय रसोई में पत्नी का हाथ बंटाएंगे। कमियों को बिना व्यंग्य किए साफ और सीघे तरीके से बताएंगे। इन सारी बातों को खूबसूरती से चार्ट पेपर पर लिख लीजिए। इसे अलमारी के दरवाजे के अंदर की ओर चिपका दीजिए क्योंकि ऎसा करने से इसे सिर्फ आप दोनों ही देख सकेगें और इसका मजा ले पाएंगे। हर वाक्य के आगे हां और नहीं का विकल्प भी अवश्य लिखें। अपने लिए एक डेडलाइन तय कर लिजिए यानी कितने दिनों तक आप एक-दूसरे से ऎसा व्यवहार नहीं करेंगे। जब भी आप अपने लिखे हुए से अलग व्यवहार करें, तो हां या नहीं के आगे टिक लगा दें। जितना वक्त आपने तय किया है असके बाद देखें कि आप दोनों में से किसके व्यवहार के आगे "हां" और कितने के आगे "नहीं" लिखा है। जिसका नहीं का स्कोर ज्यादा होगा,वही जीतेगा। इससे क्या लाभ होगा: यह मान कर चलिए कि यह एक मजेदार खेल है। यह व्यवहार सुघारने और रिश्तों में प्यार को ताजा करने का ऎसा तरीका है जो थोडा सा चुटीला है। जब आप लिखने बैठेंगे तो बहुत सी ऎसी बातें निकलेगीं, जिन पर आपका घ्यान नहीं गया होगा। इससे यह फायदा होगा कि आप कुछ ऎसी बातें भी जान होंगे। व्यवहार सुघारने और प्यार दर्शाने दोनों के लिए यह तरीका बहुत अच्छा है। ना ही पति हर दिन शिकायत करेंगे, ना ही पत्नीयां हाथ घो के किसी बात के लिए पति के पीछे पडी रहेंगी। आप दोनों के लिए हर शाम बडी मजेदार रहेगी। जब आपको अपने चार्ट पर टिक करना होगा, तो वह समय बडा मजेदार होगा। दिनभर का एक-एक लम्हा आप फिर याद करेंगे और सोचेंगे कि आज याद रखने के बावजूद कौन सी गलती हो गयी। आप चाहें, तो मस्ती के लिए हर दिन का कोई इनाम या सजा भी रख सकतें हैं। जो हारे वह जीतने वाले को उसका मनपसंद गिफ्ट दे। लेकिन साथ में एक वादा भी रहना चाहिए कि अगली बार इन लाल निशानों में कमी लाने की पूरी कोशिश की जाएगी। फिर देखियें की आपके परिवार में खुशियों की वर्षा होगी।