Sunday, October 4, 2009

मासूम समाचार

मीरा भायंदर का सम्पूर्ण विकास और सर्वजन का सम्मान ही मेरी प्राथमिकता है- मुकेश कुमार मासूम
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भायंदर , मीरा भायंदर से बहुजन समाज पार्टी के तेज तर्रार और लोकप्रिय उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम ने कहा है की मीरा भायंदर का सम्पूर्ण विकास और सर्वजन के सम्मान की लड़ाई लड़ना ही उनकी प्राथमिकता है । बहुजन समाज पार्टी के मुंबई सचिव और मीडिया इंचार्ज तथा उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम ने कहा की जब से देश आजाद हुआ है तबसे ज्यादातर कांग्रेस , उनकी सहयोगी पार्टियों और भाजपा तथा उनकी सहयोगी पार्टियों ने ही शासन किया है , इसके बावजूद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में बदहाली का आलम है, मंहगाई आसमान छू रही हैं, जिससे सर समाज के लोगों का जीना दूभर हो रहा है, लोग सब्जी और दाल तक के लिए मोहताज हो गए हैं, हर जगह भ्रष्टाचार है , इसके लिए कांग्रेस -राकांपा , और भाजपा-सेना ही जिम्मेदार हैं।गरीबों को झौपद्पत्तियों में जानवरों जैसा जीवन जीना पड़ रहा है, हर तरफ़ कोहराम मचा हुआ है, दलित , पिछडे और धार्मिक अल्पसंख्यक जैसे मुस्लिम, ईसाई, जैन और बौद्ध आदि के जीवन स्टार के सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं, गरीब और भी गरीब हो रहा है, अमीर और भी अमीर होता जा रहा है, इसका कारण ये हैं की विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस राकांपा, भाजपा और शिवसेना पूंजीपतियों से पैसा लेकर चुनाव लड़ती हैं और सता में आने पर उन्हीं लोगों के हित में नीतियां बनाती हैं जबकि बहुजन समाज पार्टी अपने समर्थकों और गरीबों के दम पर चुनाव लड़ती है और सत्ता में आने पर उन्हीं लोगों के हित में नीतियाँ तय करती है। इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश में देखा जा सकता है, उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी ने अपने दम पर स्पष्ट बहुमत की सरकार बनायी है, सरकार बनाने के बाद उत्तर प्रदेश में दलितों, शोषितों, पीडितों और धार्मिक अल्पसंखयकों को प्राथमिकता देते हुए सर्व समाज के हित में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बहन कुमारी मायावती जी ने बहुजन समाज में जन्मे संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर स्मारक बनवाये हैं मगर इससे विपक्षी पार्टियों के पेट में दर्द हो रहा है, सपा के मुलायम सिंह यादव इसका विरोध करते हुए उनकी सरकार आने पर बाबा साहेब डॉक्टर आम्बेडकर के स्मारक पर बुलडोजर चलाने की बात कर रहे हैं । मगर जब कांग्रेस ने पूरे देश में अपने महापुरुषों के ऐसे हजारों स्मारक बनवाये तो किसी ने कोई हो हल्ला नहीं मचाया , मगर अब विपक्षी पार्टिया जातिवादी मानसिकता के तहत मायावतीजी के अच्छे कार्यों का विरोध कर रही हैं। मुकेश कुमार मासूम ने कहा की मीरा भायंदर में आश्चर्जनक रिजल्ट आएगा । हाथी सब पर भारी पड़ेगा और बसपा की रिकार्ड मतों से जीत होगी। मुकेश कुमार मासूम ने कहा की विपक्षी पार्टियाँ वोट खरीदने की घटिया हारकर कर रही हैं मगर गरीब लोग भी अब जाग्रत हो चुके हैं , वे किसी भी बहकावे में आने वाले नहीं हैं क्योंकि अब सब जान चुके हैं की वोट बेचना , बहन बेटी बेचने जैसे है, और जो कोई पैसा का लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश कर रहा है वह बहन बेटियों की इज्जत खरीदने की कोशिश कर रहा है, ऐसे खरीददारों को मुहतोड़ जवाब देने की तैयारी अब वोटर कर चुके हैं, भ्रष्टाचारियों और गुंडों को इस बार मीरा भायंदर की प्रबुद्ध जनता सबक जरूर सिखायेगी और राजा चुनने की बजाय मुकेश कुमार मासूम जैसे सेवक को ही चुनेगी। मायावती जी के मुम्बई दौरे से बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं, अब मीरा भायंदर से मुकेश कुमार मासूम की जीत रिकार्ड मतों से निश्चित है। ऐसा राजनीतिक विश्लेषकों का मत है।

गनेश्देवल नगर में मुकेश कुमार मासूम की विशाल जन सभा

भायंदर, १४५, मीरा भायंदर से बहुजन समाज पार्टी के लोकप्रिय उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम की जीत निश्चित मानी जा रही है, गणेश देवल नगर स्थित शिवसेना गली में मुकेश कुमार मासूम के समर्थन में विशाल जनसभा संपन्न हुई। इस सभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए बहुजन समाज पार्टी की नगरसेविका नयना ताईम्हात्रे ने baspaa उम्मीदवार मुकेश कुमार मासूम कों भारी बहुमत से जिताने की अपील की । अपने भाषण में उन्होंने कहा की मुकेश कुमार मासूम ने अपनी कलम के माध्यम से जन क्रांति की है, इन पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, इन्होने कभी कोई अपराध नहीं किया, इसलिए साफ़ छवि के उम्मीदवार कों ही भारी बहुमत से जिताइये। बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा प्रभारी विद्ध्याधर किर्ताव्दे ने कांग्रेस , राष्ट्रवादी कांग्रेस , भाजपा- सेना और मनसे पर तीखे वार करते हुए कहा की बहुजन समाज पार्टी ही महाराष्ट्र का विकास कर सकती है, उन्होंने कहा की बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार सबसे मजबूत स्थिति में हैं, इन्हें सभी जाती, सभी धर्मों और और सभी प्रांत के उम्मीदवारों का जन समर्थन हासिल है, उन्होंने मुकेश कुमार मासूम को जिताने और राकांपा , भाजपा सहित अन्य विपक्षी पार्टियों की जमानत जब्त करने की अपील की। बसपा के लोकसभा सचिव पायकराव ने कहा की विपक्षी पार्टियाँ क़ानून का उल्लंघन कर मतदाताओं को धन का लालच दिखा रही है, अगर मतदाता इनके बहकावे में आया गए तो पाँच सालों तक भ्रष्टाचारियों और गुंडों को झेलना पड़ेगा।

Saturday, October 3, 2009

भाग-१३ ७ अक्टूबर

अब बारी थी आपसी संबंधों को बनाए रखने की, जब दीप्ति के सामने यह सवाल आया तो वह थोड़ी देर के लिए खामोश हो गयी , वह ख़ुद अपने बारे में सोचने लगी थी, उसने अभी तक विवाह नहीं किया था, वह अपनी बहन के प्रति भी वफादारी नहीं निभा पायी थी, उसकी बहन ने भी ख़ुद को गूंगी -बाहरी बना लिया था, वह जानती थी की उसके पति और दीप्ति के बीच में क्या रिश्ता है, फ़िर भी वह निभा रही थी, कहते हैं की औरत त्याग की मूर्ती होती है, वह सब कुछ बाँट सकती है लेकिन अपना पति नहीं, अपना प्यार नहीं। दीप्ति भटक रही थी। उसने संभालते हुए कहना शुरू किया-
- आपको अपने paartnar से तभी चाहिए, जब वाकई कुछ कहने की जरूरत हो। ध्यान रखें कि दो लोगों की बातचीत में गैरजरूरी दखल देने की जरूरत नहीं है। हां, अगर आप चाहते हैं कि सभी आपको नेगेटिव सेंस में ऑलराउंडर कहें, तो बात अलग है। माना कि आप इंडिपेंडेंट महिला हैं, लेकिन दूसरों को भी तो अपने बारे में अंदाजा लगाने का थोड़ा मौका दें। अगर अपने बारे में आप खुद ही सब उगल देंगी, तो कुछ भी सस्पेंस बाकी नहीं रहेगा। सॉफ्ट स्पीक अगर आप सॉफ्ट लहजे में बात करती हैं, तो आपकी बात हर कोई सुनेगा। बात को चिल्लाकर कहने का कोई तुक नहीं है। अगर आप धीरे से किसी व्यक्ति को कोई बात बताती हैं, तो इससे आपसी आकर्षण बढ़ता है। जबकि ऊंची आवाज में बात करने से लोग दूसरी डाइरेक्शन में भागेंगे। चूंकि आपके धीरे बोलने पर उसे आपके करीब आना होगा, इसलिए फ्रेश फील के लिए आप मिंट मुंह में डालें और अट्रैक्टिव लिपस्टिक लगाएं। अरेंज्ड डेट्स हो सकता है कि किसी थर्ड पर्सन की ओर से अरेंज्ड की हुई डेट पर जाने में आपको बुरा लगे, लेकिन इस तरह की डेट पर भी मनपसंद साथी की आपकी तलाश पूरी हो सकती है। हालांकि अगर कोई व्यक्ति पहली आउटिंग में ही आपसे चीप व्यवहार करता है, तो सावधान हो जाएं, क्योंकि दूसरी मुद्दों पर भी आपका उससे टकराव हो सकता है। हां कहने से पहले सोचें कई महिलाओं की शिकायत होती है कि कैजुअल डेट्स अक्सर बेड पर खत्म होती हैं। अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं, तो भी डेट पर अपने बिहेवियर में आपको काफी संयम बरतना होगा। अच्छा होगा कि आप पहले ही तय कर लें कि मैं एक सीमा से आगे कतई नहीं जाऊंगी। कभी भी डेट पर जाने के लिए एकाएक तैयार ना हों और किसी के साथ किसी भी तरह का कोई वादा न करें। कोई डेट पर जाने का प्रपोजल दे, तो सोचने के लिए उससे कुछ टाइम जरूर मांगें। सुनिए ज्यादा, बोलिए कम उसे अहसास करवाएं कि आप उसकी बातों में दिलचस्पी रखती हैं। डेट पर पुरुषों को सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनना अच्छा लगता है, इसलिए उन्हें ही बोलने का ज्यादा से ज्यादा मौका दीजिए। अगर आप कम बोलेंगी, तो आपकी पर्सनैलिटी उसके लिए एक मिस्ट्री बनी रहेगी। आप किसी से लंबा रिलेशन बनाने में यकीन रखती हैं, तो आपको सभी बातें एक साथ न खोलकर उससे धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ानी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपनी कन्वर्सेशन स्किल्स से अपने साथी को परिचित न कराएं। लेकिन तभी, जब वह आपसे कुछ पूछे। शो द स्ट्रेंथ जब वह दूसरों के साथ भी डेट पर जाने की बात कहे, तो उसे भी दिखाएं कि आप किसी से कम नहीं है। हैरान-परेशान होने की बजाय आप भी दूसरे लोगों के साथ डेट पर जाएं और उसे इस बात का अहसास भी करवाएं कि आप बेहद एंजॉय कर रही हैं। इससे उसे यह पता चलेगा कि वह क्या मिस कर रहा है। जब प्रिंस विलियम और केट मिडलटन के बीच ब्रेकअप हुआ था तो केट घर बैठकर प्रिंस विलियम को ब्लैंक कॉल करने की जगह बाहर घूमने के लिए निकल गईं और काफी अच्छा समय गुजारा। केट की जिंदादिली देखकर विलियम को उनके पास लौटना ही पड़ा और अब उनका रिलेशन पहले से भी ज्यादा मजबूत है। चार्म द पैरंट्स किसी भी पुरुष का दिल जीतने के लिए आपको उन लोगों को भी अट्रैक्ट करना होगा, जो उसकी जिंदगी में खास अहमियत रखते हैं।

भाग-१२ ६ अक्टूबर का अंक

दीप्ति की सलाह हमेशा लोगों को अपील करती थी, जो पति- पत्नी सवाल पूछने आए थे उन्होंने यह भी पूछ लिया-
-आपकी बात्पों से हम संतुष्ट हुए मगर अपने युवा होते बच्चों के व्यवहार से परेशान है, कृपया मार्गदर्शन करें की किस तरह उन्हें हम सेक्स के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं ।
-सेक्स जीवन का महत्तवपूर्ण हिस्सा रहा है। सेक्स जीवन की सांस के साथ उस समय से जुड जाता जब व्यक्ति बचपन से युवा उम्र में प्रवेश करता है। यही वह समय है जब व्यक्ति को इस विषय पर सही जानकारी मिलनी चाहिए। सेक्स के बारे में लोगों में अनेक भ्रांतियां बनी हुई हैं। अगर सही ढंग से चिकित्सीय सलाह दी जाए तो सेक्स रोगों में कमी आ सकती है। हाई टेक्नोलोजी के चलते न सिर्फ इंटरनेट और मोबाइलका इस्तेमाल बढा है, बल्कि लोग पहले से ज्यादा एकदूसरे से चैटिंग के जरिए अपने दोस्त विदेशों तक में बना रहे है। इन सब के पीछे उन के दिल में छिपी यौन कामना ही है। लेकिन उन के बेसिक ज्ञान का स्तर लगभग शून्य होता है। जिस की वजह से युवाओं का एक बडा वर्ग घीरे-घीरे मानसिक अवसाद का शिकार होता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में मानसिक चिकित्सकों के पास सेक्स के मामलों में काफी वृद्घि हुई है। अघूरी जानकारी : आश्चर्यजनक बात यह है कि लोगों में ही नहीं बल्कि कई डाक्टरों में भी यह भ्रांति है कि जिस पुरूष के अंग का साइज बडा होगा और जिस महिला के ब्रेस्ट बडे होंगे उन्ही के साथ अच्छा सेक्स मिलेगा। यह बात पूरी तरह से गलत है, क्योंकि पुरूष के अंग का टौप ही संवेदनशील होता है और महिलाओं में अंग का बाहरी 1 इंच का हिस्सा ही संवेदनशील होता है। सारी क्रियाएं इसी पर निर्भर होती है। साइज का कोई महत्तव नहीं है। बाजार में मिलने वाली सेक्सवर्घक दवाएं, स्प्रे, इत्यादि किसी प्रकार का इफेक्ट नहीं करतीं और जब इफेक्ट नहीं करती हैं तो साइड इफेक्ट भी नहीं होता। स्वपदोष, घातु, हस्तमैथुन आदि प्रकियाएं स्वाभाविक है, कोई रोग नहीं हैं। दौरा, हिस्टीरिया, डिप्रेशन आदि बीमारियों के लिए सेक्स एक उचित इलाज है। कई बार ऎसा देखा गया है कि यदि महिलाएं सेक्स क्रिया में संतुष्ट नहीं हैं तो अवसाद में घिर जाती हैं। पुरूषों में 68 वर्ष की उम्र तक सेक्स क्रिया में कोई कमी नहीं आती। यदि पति-पत्नी निरंतर क्रिया करते रहे हों तो पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बिलकुल कम हो जाती है। कुछ लोगों का मानना है कि शराब सेक्स पावर बढाती है जबकि नशा ब्रेन सेक्स सेंटर को प्रभावित करता है और आप किसी लायक नहीं रह जाते। इलाज आसान हो : व्यक्ति का फैमिली डॉक्टर यदि सेक्स विशेषज्ञ है तो मरीज को कोई परेशानी नहीं होगी परन्तु ऎसा नहीं होने पर मरीज को दरदर भटकना पडेगा। इसी तरह महिलाओं में गर्भ के दौरान, महावारी के दौरान तथा मीनोपाज के बाद सेक्स प्रकिया क्या होनी चाहिए, उस समय शरीर किस तरह सक्रिय होता है, ये सभी जानकारियां यदि मरीज को डॉक्टर्स से आसानी से मिलती रहे तो नीमहकीमों की दुकानें लगभग बंद हो जाएंगी और लोगों में सेक्स के प्रति भ्रांतियों में कमी आयेगी। कम उम्र में सेक्स के अनुभव का प्रयास युवाओं को मानसिक अवसाद की ओर ले जाता है। इससे उन में शीघ्रपतन की समस्या सामने आने लगती है। ऎसी बीमारीयों का इलाज जागरूकता व शिक्षा से ही संभव है। सेक्स लाइफ का एक पार्ट है। आज कई लोग पर्याप्त काउंसलिंग के अभाव में स्वयं को इस लिहाज से समाप्त करते जा रहे है। विशेष् डाक्टर्स को तरजीह दी जाए। आज का युवा वर्ग मानसिक अवसाद में आकर यौन समस्याओं का शिकार हो रहा है। युवाओं की समस्या: 18 से 25 वर्ष तक के अविवाहित वर्ग में सेक्स समस्याएं अघिक होती है। दूसरा वर्ग 40 वर्ष से अघिक उम्र वाले लोगों का होता है। इन में सेक्सुअल प्रौब्लम का मुख्य कारण दूसरी बिमारियां होती है जैसे-उच्चा रक्तचाप, आरामदायक जीवन व्यतीत करना, घ्रूमपान करना आदि। सेक्स की बेसिक जानकारी की आवश्यकता विवाह के उपरांत या जोडे में होने पर होती है। उस समय सामने आने वाली समस्याओं के लिए डाक्टर और एक्सपर्ट जरूरी हैं। स्कूल स्तर पर केवल सुरक्षा और सावघानियों से अवगत कराया जाए तो बेहतर होगा। शहरों में माता-पिता के पास समय का अभाव होता है। जो बच्चा शहर में 8 वीं कक्षा में मैच्योर हो जाता है वही ग्रामीण परिवेश में 10वीं के बाद तक भी इन चिजों से अछूता रहता है। अत: कहीं न कहीं हमारी परवरिश भी बच्चों को भटकाने के लिए जिम्मेदार है।

भाग-११ ५ अक्टूबर का अंक

दीप्ति के पास ऐसे कई कस्टमर आते थे जो उसकी तरह ही सफल होना चाहते थे, इसलिए उसने एक ट्रेनिंग सेंटर खोलने की ठोस योजना भी तैयार करली । वह इन्हीं ख्यालों में खोई हुई थी तभी उसके पास एक ऐसी दंपत्ति आई जो शादी के काई सालों बाद तक भी प्यार को तरोताजा बनाए रखने के गुन जानना चाहते थे। दीप्ति ने कहा -
-shaadee ke कई साल बाद भी एकदूसरे की बातें, स्पर्श, और शरारतें उत्साहित करती हैं। कल की खुबसूरत यादें और आज के रोमांटिक पल भी रिश्तों को बासी नहीं होने देते। लेकि न ज्यादातर मामलों में शादी के कुछ वर्ष बाद रिश्तों में मिठास घीरे-घीरे कम होने लगती है। उनके दांपत्य जीवन शुरूआती दिनों जैसी बात नहीं रहती। पत्नी बच्चों और घर के कामों व्यस्त हो जाती है और पतिदेव कामकाज में व्यस्त हो जाते है। ऎसे में पति-पत्नी एक दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। ऎसी स्थिति में आप को प्यार का एक ऎसा मजबूत माइक्रोवेव चाहिए, जो आपके रिश्ते को पका सके, मजबूत कर सके। कुछ ऎसा अलग हट कर करें जिस में नयापन हो। गिफ्ट तो सभी देते हैं लेकिन शौपिंग कांप्लेक्स में जब आप की बीवी साडी के रंग को लेकर दुविघा में हो तो चुपके से रोमांटिक अंदाज में उन के कान में अपनी पसंद कह डालें। तब देखें कैसे उन के चेहरे पर लालिमा दौड आती है और उपहार का मजा दौगुना हो जाएगा। रोमांटिक व्यवहार जरूरी: कुछ शब्दों को बारबार कहना और सुनना मिसरी का काम करता है जैसे "आई लव यू", "आई एम आलवेज विद यू" आदि इससे आपके पार्टनर को एहसास होता है कि आप कितने लविंग और केयरिंग है। अपने पार्टनर से पूछें कि उनका दिन कैसा कटा और उनकी बातों को घ्यान से सुनें। वे पति-पत्नी ज्यादा खुश रहते हैं जिन का कम से कम एक शौक आपस में मिलता हो। ऎसी रूचियां आपस में बाघें रखती हैं तथा रिश्तों में प्रगाढता लाती है। दोनों साथ बैठकर हर दिन को नया बनाने के बारे में सोचें। रोमांटिक व्यवहार से आपके जीवन में प्रगाढता व मिठास बनी रहेगी। बातचीत करने का तरीका बदलें, रोजरोज की जाने वाली एक सी बातों से अगर बोरियत महसूस होने लगे, तो कुछ अलग बात करें। जैसे अपने पार्टनर से पूछे कि यदि हमारी शादी न हुई होती, तब तुम क्या करते क्या तुम मेरे बिना रह पाते, ऎसे सवाल करने पर आपके पार्टनर सोच में पड जाएंगे पर बातों के जवाब अच्छे मिलेंगे, जो आपकी बातचीत को एक नयापन देंगे। अपने साथी के करीब जाने की कोशिश करें। इसमें आप को समय लगेगा। प्यार का वह रिश्ता जो अपना विश्वास खो चुका है, जिस में दरारें आ गई है, इन दरारों को भरने और प्यार को दुबारा पैदा करने में सब्र की जरूरत है। घीरे-घीरे एकएक कदम बढाइए और अपने रिश्ते में फर्क देखिए। एकदूसरे को अपने कुछ अच्छे पलों की याद दिलाइए। जैसे यदि आप दोनों कामकाजी है, तो ऑफिस में फुरसत पाते ही मौका ढूढ कर एकदूसरे को फोन कीजिए और उन पलों को याद कीजिए जब आप अपनी पॉकेटमनी बचाबचा कर पब्लिक बूथ से एकदूसरे को फोन किया करते थे। उन जगहों पर साथ घूमने जायें, जहां आप शादी से पहले मिला करने थे। कभी अपने पार्टनर के बैग में लव लेटर या कार्ड रख दें। फिर देखिए आपके रिश्ते में कैसे मिठास वापस आती है। कभी-कभी अपने पार्टनर की पसंद के कपडे पहने। अपने पार्टनर की पसंद नापसंद का घ्यान रखें।

भाग-10

जब कोई ग्राहक दीप्ति की सलाह से संतुष्ट होता तो उसको भी गजब की अनुभूति होती थी, वह अपने सभी ग्राहकों का खूब ख़याल रखती थी, एक ग्राहक ने उससे सफल दाम्पत्य जीवन का रहस्य पुछा तो उसने कहा-
-स्वस्थ सेक्स आपके दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाने में बहुत अह्म भूमिका निभाता है। यदि आपके सेक्स संबंघ आपस में अच्छे है,तो आपके व्यवहारिक संबंघ भी अच्छे होगें। लेकिन स्वस्थ सेक्स संबंघों के अभाव में आपके जीवन में रूखापन आ सकता है और ये आपके जीवन में तनाव का एक कारण भी हो सकता है। आपके दांपत्य जीवन को सुखद बनाने के लिए हम आपको कुछ उपाय बता रहें हैं,जिससे आप अपने सेक्स को और भी ज्यादा रोचक और आनंदमय बना सकते हैं। शरीर को समझना - सेक्स से पहले शरीर को समझना बहुत ही जरूरी है क्योंकि सेक्स शरीर की अनुकूलता पर ही निर्भर करता है। शरीर के सभी अंग संवेदनशील नहीं होते हैं। संवेदनशील अंगो को ही सहलाने या चूमने से उत्तेजना और इच्छाओं का प्रवाह शरीर में होता है। आपके शरीर की पूरी ऊर्जा दो जगहों पर ही केन्द्रित होती है।
ग्राहक- vo तो मैं jaantaa हूँ, आपने pahle भी एक बार samjhaayaa था,
दीप्ति- फोरप्ले के दौरान आप इसे महसूस कर सकते हैं।मस्तिष्क पर निर्भर - रक्त का बहाव तेज करने और शरीर के तापमान को कम रखने के लिए आपको अपने मस्तिष्क का उपयोग करना चाहिए। चरम का आनंद उठाने के लिए ये दोनो ही जरूरी हैं। सेक्स के दौरान खून का बहाव तेज न होने पर उत्तेजना उतनी नहीं आ पाती है और आपकी सेक्स में परफारमेंस बेहतर नतीजे नहीं दे पाती है। सेक्स मस्तिष्क से होता है, शरीर तो एक माघ्यम मात्र होता है। यही वजह है कि अघिकांश दंपत्ति अवसर होते हुए भी यह कहकर सेक्स को कल पर टाल देतें हैं कि आज मूड नहीं है। मूड कभी अचानक बन जाता है और कभी घंटो बाद भी नहीं बनता है। ऎसा उन्ही दंपत्तियों के साथ होता है,जो फोरप्ले की मदद नहीं लेते या ऊर्जा के केन्द्र को नहीं पहचानते। पहचाने संवेदनशील अंगो को -शरीर के कौन से अंग ऊर्जा के केन्द्र वाले है,इसकी खोज करना आसान है। यदि आप पति हैं तो पत्नी को घ्यान से देखें, जो अंग आंखो को अच्छे लगें और मन को सुकून दें तथा भडकाएं भी, वहां हाथ फेरना शुरू कर दें। इससे आपकी पत्नी कामोत्तेजित हो उठेगी और वह खुद सेक्स के लिए पहल करना भी आरंभ कर देगी। अंगो की पहचान पति-पत्नी दोनों को ही होनी चाहिए। चरम सुख का आनंद - सेक्स को तरीके से और सलीके से किया जाए तो संतुष्टि मिलती है और प्यार की भूख संतुष्टि मिलने के बाद ही खत्म होती है। सेक्स संबंघ बनाते हुए भी कई दंपत्ति अतृप्त ही होते हैं क्योंकि उन्हे सेक्स को करना नहीं आता है। अघिकतर दंपत्ति तो सेक्स में देर तक न टिके रहने की समस्या से ग्रस्त रहते हैं। जब पति के साथ यह समस्या होती है तो पत्नी को सेक्स में कोई आनंद नहीं मिल पाता है। बार-बार इस क्रिया में भाग लेने के बाद भी वह आनंद से वंचित ही रहती है। सेक्स में पत्नी को भी आनंद जरूर मिलना चाहिए। सेक्स पत्नी के लिए भी होता है। पति को हर हाल में इस हकीकत का ज्ञान होना चाहिए। सेक्स में सर्वाघिक आनंद को महसूस करने की क्षमता कुदरत ने उसे ही दी है। पति को आनंद की अनुभूति तभी हो पाती है जब पत्नी को आनंद मिलता है। अघिकांश पति इस मर्म को नहीं समझते हैं और सेक्स सिर्फ स्वय के आनंद के लिए करते हैं। पति जब खुद के लिए यौन-संबंघ बनाता है या ऎसी मानसिकता रखता है तब सेक्स दुखदायक को जाता है। सेक्स में पत्नी के आनंद का भी मूल्य है,संबंघ बनाते समय बस पति को इतना ही घ्यान रखना है,फिर कोई शक नहीं कि उसे भी आनंद मिलेगा और पत्नी को तो मिलेगा ही।
ग्राहक- आपको इन सब बातों का ज्ञान कैसे हो gayaa ?
दीप्ति - मैंने videshon me घास नहीं kaatee, यही padhaaee की है।
ग्राहक- अगर मैं भी सीखना chaahoon तो ?
दीप्ति - मैं एक trening sentar daalne का भी vichaar कर रही हूँ।

Friday, October 2, 2009

जीजा जमींदार , भाग-9

दीप्ति ने दुनिया देखी थी, उसे अपना जीजा मजनू बहुत प्यारा था । उसने उसीसे सारी दुनिअदारी सीखी थी, उसने प्यार के बारे में बताना शुरू किया -रिश्तों का चक्र इस दुनिया में हमारे आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है। सभी रिश्ते हमारे लिए महत्पूर्ण होते हैं और उनका अपना-अपना महत्व होता है। लेकिन प्यार एक ऎसा रिश्ता होता है जिसे हम स्वयं चुनते हैं। प्यार की उमंगे किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही अंगडाई लेने लग जाती है। यह वह अवस्था है जिसके दौरान शरीर और हार्मोन्स में परिवर्तन होता है। इसके कारण किशोरवास्था में ऑपोजिट सेक्स के प्रति रूझान बढ जाता है। आपको उसका साथ अच्छा लगने लगता है। . दोनों को एक-दूसरे को समझने के लिए डेट पर जाना चाहिए। अपने साथी की केमिस्ट्री समझनी चाहिए। एक दूसरे से मिलने और बातें करने पर दोनों में बहुत सी बाते कॉमन सामने आती है। एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। शांति से बैठकर अपने साथी की बातों को घ्यान से सुने, उन्हें समझने की कोशिश करें। किशोरावस्था में इतनी समझ नहीं होती कि आपके लिए कौन और क्या सही है और क्या गलत। आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण मात्र। पहले अपने रिश्ते को समझें फिर कोई कदम उठाएं। यहां आपको कुछ सवाल दे रहे हैं जो यह निश्चित करेंगे कि आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण । क्या आपकी पार्टनर आपकी बातों को घ्यान से सुनते हैं जब आप कुछ कहते है ? क्या आप एक दूसरे के साथ समानता का व्यवहार करते है ?. क्या आप एक दूसरे के प्रति स्त्रेह जताते हैं . क्या आप पार्टनर के प्रति विश्वास और वफादारी रखते है ? बिना यह सोचे कि उसके दोस्त आपके या उसके बारे में क्या सोचते है ?क्या आप एक दूसरे से किया वादा निभाते है . क्या आप एक दूसरे की भावनाओं को समझते हैं, उनकी कद्र करते है ? . क्या आप एक दूसरे के साथ अपने को सहज और सुरक्षित महसूस करते हैं ? . क्या एक दूसरे से मिलने पर खुशी होती हैं ? क्या आप अपने साथी पर गर्व महसूस करते हैं ? क्या आपको अपने पार्टनर के दोस्तों से मिलने पर ईष्र्या होती हैं ? इन सभी सवालों के जवाब मे आपको आपके रिश्ते का आंकलन हो जायेगा कि आपके रिश्ते में प्यार भी है या सिर्फ किशोरावस्था का आकर्षण मात्र। यों बदले आकर्षण को प्यार में एक दूसरे से जब भी मिलें, मुस्कुराएं। अपने साथी पर विश्वास करें। . अच्छे और बुरे समय में अपने साथी के साथ रहे। उसका साथ न छोडें। . एक दूसरे से छोटी-छोटी बातों पर झगडा नहीं करें। . ऎसा कोई काम न करें जिससे आपके साथी को दु:ख पहुंचे।. एक दूसरे से किये वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश करे। एक दूसरे की छोटी-छोटी बातों का घ्यान रखें जैसे अगर आपका साथी बिमार हो तो उसने दवाई ली या नहीं/ खाना खाया या नहीं आदि। . अगर आपके साथी में कोई बुरी आदत है, तो आप प्यार से उसे छुडाने की कोशिश करें।एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। कभी-कभी बिना कहे भी चेहरे से अपने साथी की बातों को समझने की कोशिश करें कि वह आपसे क्या कहना चाहती है। इन उपायों को अपनाने से घीरे-घीरे एक दूसरे के दिल में प्यार बढेगा। और आप अपने आकर्षण को प्यार में बदल सकने में काफी हद तक सफल हो पाएंगे। इस javaab से graahak behad संतुष्ट हुआ