Wednesday, August 3, 2011


गुजरात में ठाकरे को "स्टेट गेस्ट" का दर्जा

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) के मुखिया राज ठाकरे को स्टेट गेस्ट का दर्जा देने के कारण मुश्किलों में आ गए हैं। इस फैसले के बाद मोदी को कांग्रेस पार्टी की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक प्रोटोकॉल के तहत वे ठाकरे को राज्य अतिथि का दर्जा नहीं दे सकते। लेकिन उनके लिए मोदी ने नियमों को ताक पर रख दिया है। उधर, ठाकरे का कहना है कि गुजरात में मोदी द्वारा किए गए विकास से बेहद प्रभावित हैं। उल्लेखनीय है कि अपनी नौ दिवसीय गुजरात यात्रा के दौरान ठाकरे गुजरात सरकार के दस विभागों का प्रेजेंटेशन देखेंगे। वे नैनो कार प्लांट का भी दौरा करेंगे

यूपी में ‘आरक्षण’ का प्रचार नहीं कर पायेंगे अमिताभ बच्चन



लखनऊ। प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण पर यूपी सरकार ने भी अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। अमिताभ, सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और मनोज वाजपेयी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के विषय को लेकर महाराष्ट्र में तो विरोधी स्वर गूंज ही रहे थे अब यूपी में भी इसके प्रमोशन पर संकट मंडराने लगा है। अमिताभ बच्चन को लखनऊ में इस फिल्म को प्रमोशन की इजाजत देने से लखनऊ जिला प्रशासन ने इनकार कर दिया है।

गौरतलब है कि फिल्म आरक्षण इसी महीने की 12 तारीख को रिलीज होने जा रही है। आजकल फिल्म के सितारे अलग-अलग शहरों में जाकर फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी सिलसिले में अमिताभ बच्चन को गुरुवार को लखनऊ में आना था लेकिन लखनऊ जिला प्रशासन ने अमिताभ को फिल्म के प्रमोशन की इजाजत नहीं दी।

यूपी से पहले महाराष्ट्र में भी फिल्म के विरोध में स्वर सुनाई दिए थे। दलित नेताओं और संगठनों ने फिल्म रिलीज से पहले उन्हें दिखाने की मांग की थी। इन संगठनों ने ये भी धमकी दी है कि अगर फिल्म में दलितों का अपमान किया गया तो वे इसे सिनेमाघरों में नहीं चलने देंगे।

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जिसके सरगना ने सौ से ज्यादा हत्याएं की हैं। ये गैंग सुपारी लेकर हत्याएं करता था। और गैंग का जाल कई राज्यों में फैला है। ये 200 कत्ल करना चाहता था। पुलिस ने इनके पास से कई हथियार बरामद किए हैं। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
गाजियाबदा पुलिस ने जग्गू पहलवान नाम के एक गैंग सरगना को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक इस पर पचास हजार का इनाम था। ये दिल्ली एनसीआर ही नहीं देश का सबसे खूंखार कातिल है। ये सौ से ज्यादा लोगों का कत्ल कर चूका है। इसे इसके गैंग के साथ गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक जग्गू पहलवान 200 लोगों की हत्याएं करके कत्ल की डबल सेंचुरी बनाना चाहता था। लेकिन इससे पहले कि ये अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता ये पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक हरियाणा में 24 लोगों को मारने की सुपारी मिली थी। जिसमें से दो लोगों की हत्या ये कर चुका है। लेकिन अब ये 22 और लोगों की जान लेने की बात कह रहा है। इसके लिए इसे एक करोड़ बीस लाख की सुपारी मिली थी।
पुलिस के मुताबिक वो इसके पीछे सालों से पड़ी थी। लेकिन ये लगातार पुलिस की आखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। अब तक इसने बिल्डर, डॉक्टर, नेता समेत कई बड़े लोगों की हत्याएं की है। पुलिस ने इस शख्स को गाजियाबाद के लिंक रोड से पकड़ा है। पुलिस अब ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इसके कुल कितने शिकार हुए हैं और आखिर किन किन लोगों ने इसे कत्ल करने की सुपारी दी।




पुलिस के मुताबिक जग्गू ने सरकारी अधिकारियों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया था। हाल ही में जग्गू ने बिजली विभाग के एक बड़े अधिकारी की हत्या करने की कोशिश की थी।

Tuesday, August 2, 2011

उत्‍तर प्रदेश की मुखिया और बसपा सुप्रीमो मायावती के अचानक घर बदलने से राजनीतिक गलियारे में हलकान मचा हुआ है। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने इस पूरे मामले को एक नया ही मोड़ दिया है। इस संबंध में रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उन्‍होंने अपने जीवन काल में अबतक ऐसी महिला मुख्‍यमंत्री को नहीं देखा है जो खुद को इतना असुरक्षित मानती हो।

रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि मायावती को अपने ही तंत्र पर भरोसा नहीं है। उन्‍होंने कहा कि मायावती कब क्‍या करती है इस बात का अंदाजा तो उन्‍हें भी नहीं रहता। वह खुद को इतना असुरक्षित मानती है कि कभी इस घर तो कभी उस घर का चक्‍कर लगाती रहती है।

गौरतलब हो कि सूबे की मुखिया मायावती अचानक मुख्‍यमंत्री आवास छोड़कर पूर्व मुख्‍यमंत्री की हैसियत से मिले बंगले में रहने चली गई हैं। अचानक बंगले के बदलाव को लेकर कयासों के दौर शुरु हो गये हैं। सूत्रों की मानें तो अपनी सरकार के तमाम विवादों से निकालने और विपक्ष के हौसलों को पस्‍त करने के लिये मायावती को बड़ा दांव तैयार कर रही है। इसी वजह 5 कालीदास मार्ग स्थित अपना आवास छोड़कर 13 माल एवन्‍यू स्थित आवास आ गई हैं।

हॉट सीन करते वक्त नर्वस हो जाती हैं माही गिल


मुम्बई। अभिनेत्री माही गिल कहती हैं कि फिल्में जैसे-जैसे रियल होती जाती हैं उनमें एक-दूजे के प्रति लगाव या प्यार को भी गहराई से दिखाया जाने लगता है और इसमें अंतरंग दृश्य भी देने पड़ते हैं। वैसे अपनी पहली फिल्म 'देव डी' और आने वाली 'नॉट ए लव स्टोरी' में अंतरंग दृश्य दे चुकीं माही यह भी कहती हैं कि वह ऐसे दृश्य देते हुए असहज महसूस करती हैं।

माही ने इंटरव्यू में कहा, "मैं ऐसे दृश्य देते हुए अजीब महसूस करती हूं। यह आसान नहीं होता क्योंकि फिल्म निर्माण से जुड़े सभी सदस्य वहां मौजूद रहते हैं। वैसे मुझे लगता है कि यह किसी भी अन्य भावना की तरह है और लोग इसे समझते हैं। मैं जिस तरह की फिल्में कर रही हूं वे यथार्थवादी हैं और इसलिए इस तरह के दृश्य इन फिल्मों के हिस्सा हैं।"

हॉट सीन करते वक्त नर्वस हो जाती हूं: माही गिल

अंतरंग दृश्य देने के दौरान मन में उमड़ने वाले विचारों के सम्बंध में माही ने कहा, "आपके दिमाग में एक ही बात आती है और वह यह है कि आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। आपके दृश्य बनावटी या कृत्रिम नहीं लगने चाहिए।"

माही ने 2009 में अनुराग कश्यप की 'देव डी' से अभिनय की शुरुआत की थी। उन्होंने 'गुलाल' में भी अभिनय किया था जबकि 'दबंग' में उनकी छोटी सी भूमिका थी।

'नॉट ए लव स्टोरी' टेलीविजन कार्यकारी नीरज ग्रोवर की हत्या से प्रेरित है। ग्रोवर की पूर्व नौसेना अधिकारी जेरोम मैथ्यू ने हत्या कर दी थी। मैथ्यू ने अपनी मंगेतर मारिया सुसाइराज से ग्रोवर के कथित सम्बंधों के चलते उसकी हत्या की थी।

इस फिल्म में माही को दीपक डोबरियाल के साथ अंतरंग दृश्य देने पड़े। फिल्म का निर्देशन रामगोपाल वर्मा ने किया है। माही की आने वाली अन्य फिल्मों में 'पान सिंह तोमर', 'मिशैल' व 'बुड्ढ़ा इन ए ट्रैफिक जैम' शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश की सीएम मायावती सरकारी मुख्यमंत्री निवास को छोड़कर उस बंगले में शिफ्ट हो गई हैं जो उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से मिला था। मॉनसून सत्र से 72 घंटे पहले सीएम के इस कदम को हर कोई अपने नजरिये से देख रहा है।

सीएम के नए सरकारी आवास का पता अब 13, माल एवन्यू हो गया है। ऐसा नहीं है कि मायावती ने सरकारी आवास छोड़ दिया है। वह 5 कालीदास मार्ग यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिरक आवास पर लोगों से मिलने-जुलने के लिए आती-जाती रहेंगी।

मायावती के आवास बदलने को लेकर कयासों का दौरा शुरू हो गया है। उन्होंने ऐसी ही शिफ्टिंग साल 2003 में भी की थी और फिर 25 अगस्त 2003 को आंबेडर पार्क परिवर्तन रैली में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 13 मई 2007 को जबरदस्त बहुमत के साथ सत्ता हासिल करने के बाद यह पहला मौका है जब वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हो गई हैं।

कहा यह भी जा रहा है कि 13 का अंक मायावती के लिए शुभ है। ऐसे में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर मायावती के दिमाग में क्या चल रहा है। क्या 5 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में वह कुछ ऐसा कर सकती हैं जिसके बारे में किसी ने सोचा तक न हो। चर्चा है कि वह इस सत्र में बहुतम साबित करने के लिए वोटिंग करा सकती हैं या फिर विधानसभा भंग करने जैसे कदम भी उठा सकती हैं।

वैसे, सूबे में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। मुलायम सिंह जब सीएम थे तो वह भी विक्रमादित्य मार्ग स्थित कोठी से 5 कालीदास मार्ग के बंगले में लोगों से मिलने वहां जाया करते थे।
उत्तर प्रदेश की सीएम मायावती सरकारी मुख्यमंत्री निवास को छोड़कर उस बंगले में शिफ्ट हो गई हैं जो उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से मिला था। मॉनसून सत्र से 72 घंटे पहले सीएम के इस कदम को हर कोई अपने नजरिये से देख रहा है।

सीएम के नए सरकारी आवास का पता अब 13, माल एवन्यू हो गया है। ऐसा नहीं है कि मायावती ने सरकारी आवास छोड़ दिया है। वह 5 कालीदास मार्ग यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिरक आवास पर लोगों से मिलने-जुलने के लिए आती-जाती रहेंगी।

मायावती के आवास बदलने को लेकर कयासों का दौरा शुरू हो गया है। उन्होंने ऐसी ही शिफ्टिंग साल 2003 में भी की थी और फिर 25 अगस्त 2003 को आंबेडर पार्क परिवर्तन रैली में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 13 मई 2007 को जबरदस्त बहुमत के साथ सत्ता हासिल करने के बाद यह पहला मौका है जब वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हो गई हैं।

कहा यह भी जा रहा है कि 13 का अंक मायावती के लिए शुभ है। ऐसे में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर मायावती के दिमाग में क्या चल रहा है। क्या 5 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में वह कुछ ऐसा कर सकती हैं जिसके बारे में किसी ने सोचा तक न हो। चर्चा है कि वह इस सत्र में बहुतम साबित करने के लिए वोटिंग करा सकती हैं या फिर विधानसभा भंग करने जैसे कदम भी उठा सकती हैं।

वैसे, सूबे में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। मुलायम सिंह जब सीएम थे तो वह भी विक्रमादित्य मार्ग स्थित कोठी से 5 कालीदास मार्ग के बंगले में लोगों से मिलने वहां जाया करते थे।